नोएडा
सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील रेनू सिन्हा की लाश रविवार को उनके घर के बाथरूम में मिली थी। पुलिस ने सोमवार तड़के हत्या के आरोप में उनके पति नितिन सिन्हा को घर के स्टोर रूम से अरेस्ट कर लिया। हत्या के बाद वह करीब 16 घंटे तक स्टोर रूम में छिपा रहा।
नितिन से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पत्नी की हत्या के बाद एक ब्रोकर उसके घर आता है। नितिन उससे कोठी बचने के लिए 55 लाख रुपए की टोकन मनी लेता है। यही नहीं, फर्स्ट फ्लोर भी दिखाता है। नितिन इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस में रिटायर्ड हुआ था। 4.5 करोड़ रुपए में कोठी बेचकर नितिन की लंदन भागने की प्लानिंग थी। हालांकि, वह इससे पहले भी पुलिस गिरफ्त में आ गया।
रेनू सिन्हा नोएडा के सेक्टर-30 में डी-40 कोठी में नितिन नाथ के साथ रहती थीं। पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 8 बजे दोनों (रेनू-नितिन) एक साथ चाय पीते हैं। इसी दौरान नितिन रेनू को मकान बेचने के बारे में बताता है। वह कहता है कि इस मकान का सौदा हो गया है। दोपहर में ब्रोकर मकान को देखने और टोकन मनी देने आएगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता है। बात झगड़े तक पहुंच जाती है। इसके बाद रेनू अपने बेडरूम में चली जाती हैं।
पहले मारपीट की, फिर तकिए से मुंह दबाया
रेनू सिन्हा का शव रविवार को बाथरूम में मिला था। नाक से खून निकल रहा था।
यहीं नितिन पहले रेनू के साथ मारपीट करता है। फिर तकिए से उनका मुंह दबा देता है। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए बाथरूम तक ले जाता है। यहां वह रेनू का गला दबा देता है। फिर धक्का दे देता है। धक्का देने के बाद रेनू का सिर बाथरूम में लगी टाइल्स से टकरा जाता है। जिससे वो बेहोश होकर गिर जाती हैं। उनकी नाक से खून बहने लगता है।
दोपहर में करीब एक से 2 बजे के बीच घर देखने के लिए ब्रोकर आता है। आरोपी नितिन ब्रोकर को घर का फर्स्ट फ्लोर और ग्राउंड फ्लोर का ड्राइंग रूम दिखाया जाता है। दोनों की ड्राइंग रूम में बैठकर बातचीत होती है।
नितिन ब्रोकर से टोकन मनी के रूप में 55 लाख रुपए लेता है। फिर ब्रोकर घर से चला जाता है। इसके बाद नितिन दोबारा बाथरूम में जाता है। वहां रेनू को हिलाकर देखता है। मगर, कोई मूवमेंट नहीं होता है। रेनू की मौत के बाद वह खुद को बचाने के लिए स्टोर रूम में छिप जाता है।
रेनू के भाई ने पुलिस को सूचना
रविवार शाम को 4 से 5 बजे के बीच पुलिस को रेनू के भाई अजय ने सूचना दी कि 2 दिन से रेनू उनका फोन नहीं उठा रही हैं। अब उनके जीजा नितिन का फोन भी बंद आ रहा है। इसके बाद ACP, DCP फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फिर दो दरवाजा तोड़कर ग्राउंड फ्लोर के बेडरूम में गए।
यहां बाथरूम में रेनू की लाश मिली, फिर पुलिस छानबीन शुरू करती है। इस दौरान पुलिस को घर के डॉक्यूमेंट और अन्य दस्तावेज मिलते हैं।
सेक्टर-30 स्थित कोठी। जिसको लेकर दोनों के बीच हुआ विवाद।
सुबह 3 बजे आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस बार-बार नितिन के फोन की लोकेशन लेती है। ये लोकेशन डी-40 की ही मिलती है। पुलिस को शक होता है कि नितिन यहीं कहीं छिपा हो सकता है। सर्च अभियान चलाया जाता है। इसके बाद पुलिस नितिन को फर्स्ट फ्लोर पर एक स्टोर रूम से पकड़ती है।
स्टोर रूम के दो दरवाजे हैं। दोनों अंदर से बंद थे। एक पर ताला लगा था। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर जाती है। वहां नितिन मिलता है। पूछताछ में नितिन ने बताया कि अगर मैं नहीं पकड़ा जाता, तो अपने वकील के साथ हाजिर होता या फिर मैं लंदन भाग जाता। मेरा जन्म भी ब्रिटेन में हुआ था।
सेक्टर-30 के D-40 में इसी कोठी में महिला अपने पति के साथ रहती थी।
3 महीने पहले तय हुआ था सौदा
नितिन ने बताया कि रेनू घर को बेचना नहीं चाहती थी। मकान की स्थिति काफी जर्जर थी। मैं इसे बेचकर सेक्टर-26 में मकान लेना चाहता था। 3 महीने पहले उसने ब्रोकर से संपर्क किया और मकान बेचने के लिए क्लाइंट को ढूंढने के लिए कहा। उसने मकान का सौदा कर दिया। लेकिन, ये बात रेनू को नहीं बताई। रविवार को जब ये बात रेनू को बताई, तो कहासुनी हो गई।
यह हत्यारोपी नितिन की फाइल फोटो है।
रेनू के भाई अजय कुमार ने बताया कि रेनू को 2012 में ब्लड कैंसर हुआ था। डायग्नोसिस के बाद अपोलो अस्पताल में उनका इलाज शुरू हुआ। 11 साल बाद अगस्त में उनको कैंसर से निजात मिली। हालांकि, कभी-कभार कार्डियक समस्या के चलते उनकी नाक से खून निकल आता था। नितिन उनकी बहन को प्रताड़ित करता था।
अजय कुमार ने बताया कि वारदात के दिन मैंने नितिन को फोन किया। नितिन से बहन से बात करवाने के लिए कहा, तो उसने बताया कि वह किसी काम से लोधी रोड पर है। जैसे ही घर पहुंचेगा, रेनू से बात करवा देगा। इसके कुछ ही देर बाद नितिन का फोन भी बंद आने लगा। इससे मुझे शक हुआ और मैंने फोन करके पुलिस को सूचना दी।

