इंदौर
प्रेस कॉम्प्लेक्स के पीछे अयोध्यापुरी के पास 150 करोड़ मूल्य की जमीन पर शुक्रवार को प्राधिकरण ने कब्जा ले लिया। यह जमीन ट्रस्ट को शैक्षणिक व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दी गई थी। इसका व्यावसायिक उपयोग होने पर जमीन की लीज निरस्त की जा चुकी थी। पिछले दिनों आईडीए की बोर्ड बैठक में इस जमीन पर आईडीए द्वारा फिर से कब्जा लिए जाने पर सहमति बन गई थी।
आईडीए की स्कीम 77 में शामिल ग्राम खजरानी के खसरा नम्बर 388/2/1, 388/2/2 और 388/2/3 की 1.684 हेक्टेयर जमीन (2 लाख स्क्वेयर फीट) का अनुबंध शैक्षणिक और स्वास्थ्य उपयोग के लिए हुआ था। इसका उल्लंघन होने पर आईडीए ने भूलीबाई हीरालाल टांक सार्वजनिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट को 9 जुलाई की सुबह 10.30 बजे कब्जा देने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद आईडीए की टीम यहां पहुंची और अपने कब्जे वाला बोर्ड गाड़ दिया।
सीईओ विवेक श्रोत्रिय ने बताया 13 अगस्त 1976 को नगर सुधार न्यास की योजना का प्रकाशन हुआ और फिर 1977 में सुधार न्यास की जगह इंदौर विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई। अनुबंध की प्रमुख शर्त थी कि वर्तमान और भविष्य के ट्रस्ट के पदाधिकारियों और उत्तराधिकारियों को जमीन का उपयोग शैक्षणिक व स्वास्थ्य के लिए ही किया जाएगा। बाद में कीमतें बढ़ गईं और इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग शुरू हो गया। आईडीए बोर्ड ने इकरारनामे को निरस्त कर प्राधिकरण को कब्जे लेने के निर्देश दिए थे।

