भोपाल,
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज पूर्व अध्य़क्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने शिकायत की है कि जब वे सदन में बोलने के लिए खड़े होते हैं तो उनका माइक बंद होता है। उनकी इस शिकायत पर की सदस्य हंस दिए और स्पीकर गिरीश गौतम भी उन्हें जवाब से संतुष्ट नहीं कर सके। प्रजापति ने अपनी इस समस्या को लेकर अकेले ही सदन से बहिर्गमन कर दिया।
विधानसभा में बजट सत्र के पांचवें दिन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति ने आसंदी से अपने माइक की शिकायत की। उन्होंने कहा कि जब वे खड़े होते हैं उनका माइक बंद हो जाता है। साउंड सिस्टम में कोई न कोई गड़बड़़ी है जिससे वे दस मिनिट से दबाए हुए हैं लेकिन माइक चालू नहीं हो रहा है। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा जब खड़े होते हैं तो तुरंत ऑन हो जाता है। प्रजापति ने इस पर अपनी घोर आपत्ति जताई। इस पर स्पीकर गिरीश गौतम ने उन्हें यह आश्वस्त किया कि आप जो बटन दबाकर गए थे वही दबी है। उन्होंने उसे खोला नहीं है। इस जवाब पर प्रजापति ने कहा कि यह गलत है और सदन से अकेले ही बहिर्गमन कर दिया।
आदिवासी क्षेत्रों में बिजली समस्या पर भी बहिर्गमन
कांग्रेस ने एक बार झूमा सोलंकी के भीकनगांव क्षेत्र के ग्रामों में बिजली की समस्या को लेकर एक प्रश्न के जवाब में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमनसिंह तोमर विपक्ष को अपने जवाब से संतुष्ट नहीं कर सके। 175 गांवों में कब तक बिजली पहुंचाई जाएगी, यह समय सीमा विपक्ष के सदस्य चाहते थे लेकिन मंत्री ने जल्द ही बिजली पहुंचाने तक अपना जवाब सीमित रखा। इससे कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

