नई दिल्ली. अगर आप भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. पीएम किसान (PM Kisan) योजना में कई ऐसे किसान शामिल हो गए हैं, जो इस योजना के नियम और शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं और इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. सरकार ने ऐसे अपात्र किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं. सरकार अब इन अपात्र किसानों से पूरे पैसे वसूल रही है.
अब पीएम किसान योजना से इन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया जाएगा. राज्य सरकारों ने गलत तरीके से किश्त उठाने वालों से पैसा वसूलने का काम भी शुरू कर दिया है. बता दें कि मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही PM Kisan योजना के तहत 1 साल में 3 किस्तों में किसानों को सरकार 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता करती है. हर 4 महीने में किसानों के अकाउंट में 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं.विज्ञापन
वापस करना होगा किस्त
अगर आपके घर में भी एक ही जमीन पर एक से अधिक परिवार के सदस्य पीएम किसान के तहत किस्त ले रहे हैं तो आपको 2000 रुपये की किश्त का पैसा वापस करना होगा. मान लीजिए अगर किसी परिवार में एक ही जमीन पर मां, पिता, पत्नी और बेटे पीएम किसान की किश्त पा रहे हैं तो उन्हें पैसा सरकार को वापिस लौटाना होगा. नियमों के तहत परिवार का एक ही सदस्य पीएम किसान के तहत किस्त पा सकता है. उन पर फ्रॉड का मामला दर्ज हो सकता है और ऐसे मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है.
फर्जीवाड़ा का है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी के मैनपुरी जिले में सरकार ने 9219 अपात्र किसानों को नोटिस जारी कर PM Kisanका पैसा जमा कराने के आदेश दिया है. इन मामलों में ज्यादातर फर्जीवाड़े में पति-पत्नी से लेकर मृतक किसान, गलत खाते में धनराशि फंड ट्रांसफर, गलत आधार, टैक्स देने वाले किसान, पेंशनधारक जैसे मामले शामिल है.
जानिए कहां जमा करें पैसे?
PM Kisanके तहत पैसे लेने वाले अपात्र किसानों को उप कृषि निदेशक कार्यालय में कैश में पैसा जमा कराना होगा. पैसा जमा करने पर उन्हें रसीद मिलेगी. पैसा देने के बाद किसान का डेटा भी पोर्टल से हटा दिया जाएगा. देश में 42 लाख से अधिक अपात्र लोगों ने गलत तरीके से पीएम किसान के तहत 2000 रुपये की किस्त के रूप में 2900 करोड़ रुपये का सरकार ले चुके हैं.असम में पीएम किसान योजना के अपात्र किसानों से 554 करोड़, उत्तर प्रदेश के अपात्र किसानों से 258 करोड़, बिहार के अपात्र किसानों से 425 करोड़ और पंजाब के अपात्र किसानों से 437 करोड़ रुपये वसूले जाएंगे.

