सा कोई थाना नहीं जहां हर साल 50 केस दर्ज न हों…सप्लाय चेन तोड़ेंगे
इंदौर। मिनी मुंबई के नाम से पहचान बनाने वाले इंदौर शहर में ड्रग्स का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। इसका प्रमाण है ऐसा कोई थाना नहीं है, जहां साल में 50 से अधिक ड्रग्स के केस दर्ज न हुए हों। पिछले साल शहर में नशा करने और बेचने वाले 2000 से अधिक लोग पकड़े गए थे।

कल शांति समिति की बैठक में एमआईसी सदस्य ने शहर में ड्रग्स का मामला उठाया था। इस पर नए पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने माना कि शहर में ड्रग्स का कारोबार बढ़ रहा है और उन्होंने इसकी सप्लाय चेन तोडऩे की बात कही है। शहर में सबसे अधिक गांजा धार-मनावर के अलावा देवास और खरगोन से शहर में पहुंच रहा है। वहीं काला गांजा आंध्रप्रदेश से पूरे देश में सप्लाई हो रहा है। इसके अलावा एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर प्रदेश की बॉर्डर से लगे राजस्थान के प्रतापगढ़ से उज्जैन होते हुए इंदौर पहुंच रही है। क्राइम ब्रांच ने इस साल ब्राउन शुगर के 43 केस बनाए हैं, जिनमें 73 आरोपियों से डेढ़ करोड़ की ब्राउन शुगर जब्त की गई है, जबकि 50 लाख की एमडी। वहीं धार-मनावर से गांजा लेकर आने वाले दो दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा है। क्राइम ब्रांच लगातार इन पर नजर रखे हुए है, ताकि सप्लाय चेन को तोड़ा जा सके।