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 इल्लेय राजा  ऐसे आईएएस हैं जो अलग ही मिट्टी से बने हैं…..

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राजेश उषा शर्मा, इंदौर*।

एक इल्लेय राजा  साउथ फिल्मों के धुरंधर संगीतकार है जिन्होंने काफी   अद्भुत और हिट संगीत देकर कई फिल्मों को सुपरहिट बनाया है,,, इनका  नाम ही काफी है,,, एक और साउथ के ही इल्लेय राजा  ऐसे आईएएस हैं जो अलग ही मिट्टी से बने हैं,,,, बेहद कड़क, सख्त, अनुशासनप्रिय तथा ईमानदार अफसर की श्रेणी में शुमार है,,, सादगी से जरूर नाता है लेकिन कार्य और जिम्मेदारी के प्रति उतने ही खास और जुदा शैली से भी नाता रखते है,,,अपनी खास कार्य शैली के लिए  विशेष रूप से जाने जाते हैं,,,

भिंड ,रीवा,जबलपुर के बाद  इन्दौर  की कमान उन्हे शिवराज ने काफी सोच समझकर और आगामी चुनाव को मद्देनजर रखते हुए मंथन के बाद सौपी गई है,,,  

डॉ राजा ने वेटरनिटी की पढाई के बाद आयएएस की परीक्षा में  चयनित हुए,, भिंड में तो उनके तबादले के बाद लोग उनके समर्थन में सड़कों पर ही  उतर आए थे वहां उनके द्वारा किये गए नवाचार को आज तक याद किया जाता है और मिसाल भी दी जाती है,,, अतिक्रमण हटाने में और यातायात सुगम में इनकी विशेष रुचि रहती है और वे बेहद  सक्रिय भी रहते है,,, ये अचानक अपने क्षेत्र में भ्रमण करते रहते है चाहे वो इनका कार्यलय हो, अस्पताल हो, कोई भी सरकारी विभाग हो, थाने हो और कार्य के प्रति ये लापरवाही  बिलकुल भी बर्दाश्त नही करते और तुरंत कार्यवाई करते है,,,, साथ ही ईमानदार और निष्ठावान स्टाफ या अधिकारी की पीठ भी थपथपाते है,,, कुल मिलाकर इनका अंदाज कार्य का जरा हटकर ही है,,,,

बेशक पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह ने भी कुछ अपवाद को छोड़ दे तो  जमकर उल्लेखनीय और बेहतरीन जनकार्य किए हैं और शहर को कई सोगतें भी दी हैं ,,, लेकिन कमिश्ननर हरि  मिश्र और मनीष सिंह की हिट जोड़ी टूट गई ,,,दो परियां इस शहर में  इन दोनों अधिकारियों की शानदार, असरदार और जोरदार रही,,,

नवागत कलेक्टर बेशक मंझे हुए अफसर है,,,, शहर की आबो  – हवा से भले वाकिब न हों लेकिन इनके जैसे अधिकारी  पूर्ण होम – वर्क कर ही नए शहर का चार्ज लेते है,,,, साउथ इंडियन अधिकारी वैसे भी काफी स्किल्ड और बुद्धिमान होते है और बहुत दूर की बड़ी सोच भी रखते है,,,,

मेट्रो प्रोजेक्ट का प्रभावी  मैनेजमेंट, अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को भी गति प्रदान करना, ढीली कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना, अतिक्रमण और यातायात को आधुनिक और सुगम बनाना इनके मुख्य उद्देश्य होंगे और यकीनन डॉ राजा अपने उद्देश्य में शत  – प्रतिशत कामयाब और सफल  भी होंगे और इस  अहिल्या नगरी को अपने अनुभवों तथा अपनी विशिष्ठ शैली से  नए आयाम देंगे और इसे निश्चित गौराविंत भी करेंगे,,,, 

मां अहिल्या की नगरी में सुस्वागतम और अभिनंदन और  हार्दिक शुभकामनाएं,,,,,

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