वर्ष 2025 भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए नई ऊंचाइयों को छूने वाला साल रहा। यह वह साल था जब सिलिकॉन वैली से ज्यादा चर्चा भारत के ‘नरीमन पॉइंट’ और ‘बेंगलुरु’ के टेक-कॉरिडोर की हुई। एक तरफ जहां रिलायंस और अदाणी समूह ने बुनियादी ढांचे और मीडिया के क्षेत्र में अपना दखल बढ़ाया, वहीं दूसरी तरफ 31 साल के एक भारतीय युवक ने गूगल जैसी महाशक्ति को अपनी एआई तकनीक से चुनौती दी। 2025 में मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी ने भारत में कारोबारी जगत को एक नया आयाम दिया। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अरविंद श्रीनिवास जैसे नए टेक-अरबपतियों का उदय हुआ और एलन मस्क ने ट्रिलियन डॉलर के नेटवर्थ की ओर कदम बढ़ाया। पढ़िए 2025 कारोबारी जगत के लिए कैसा रहा।

आइए इस विशेष रिपोर्ट में हम 2025 के उन बिजनेस लीडर्स का विश्लेषण करेंगे जिन्होंने न केवल अपनी संपत्ति बढ़ाई, बल्कि भविष्य की इबारत भी लिखी। 2025 में भारतीय उद्योग जगत की कहानी दो शब्दों में सिमटी रही। वह है समेकन और नवाचार
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- रिलायंस समूह ने मीडिया कारोबार में फैलाए पांव
ब्लूमबर्ग और हुरुन की 2025 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी ने एक बार फिर भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज अपने पास बरकरार रखा। उनकी कुल संपत्ति ₹9.55 लाख करोड़ के पार पहुँच गई ।
इस साल की सबसे बड़ी खबर रिलायंस की JioHotstar (वायकॉम18 और डिज्नी+ हॉटस्टार का विलय) का गठन थी। $8.5 बिलियन की इस डील ने भारत के मनोरंजन बाजार का नक्शा बदल दिया। अंबानी का अब न केवल तेल और टेलीकॉम क्षेत्र में दबदबा बल्कि मीडिया के क्षेत्र में भी कंपनी ने अपनी दावेदारी मजबूत की है। आकाश और ईशा अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस ने ग्रीन एनर्जी और रिटेल में आक्रामक विस्तार किया, जिससे रिलायंस के शेयरों में साल भर मजबूती बनी रही ।
- गौतम अदाणी के लिए 2025 ‘वापसी का साल’
अदाणी समूह के लिए हिंडनबर्ग के आरोपों के कारण अगर 2023-24 संकट का समय था, तो 2025 में उन्होंने वापसी सुनिश्चत की। भारतीय कारोबारियों में वे ₹8.14 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ वे दूसरे स्थान पर मजबूती से डटे रहे। अदाणी समूह ने गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के विकास में तेजी दिखाई। इसके साथ ही, उन्होंने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में भारत की सबसे बड़ी परियोजना की घोषणा की, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गेम-चेंजर साबित हुई । अंबुजा सीमेंट्स और ओरिएंट सीमेंट्स जैसी कंपनियों के विलय और अधिग्रहण (M&A) के जरिए उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत की । - नए सितारे: एआई से अरबपति बनने और क्विक कॉमर्स की रफ्तार
2025 सिर्फ पुराने दिग्गजों का नहीं था। इस साल भारत को अपना सबसे युवा अरबपति और क्विक कॉमर्स के नए नायक मिले। 31 वर्षीय अरविंद श्रीनिवास ने 2025 में इतिहास रच दिया। गूगल के सर्च इंजन को चुनौती देने वाले उनके स्टार्टअप ‘Perplexity AI’ का मूल्यांकन $18 बिलियन तक पहुंच गया। ₹21,190 करोड़ की संपत्ति के साथ वे हुरुन लिस्ट में भारत के सबसे युवा सेल्फ-मेड अरबपति बने। उनकी सफलता ने साबित कर दिया कि भारतीय अब केवल टेक-सपोर्ट नहीं, बल्कि डीप-टेक प्रोडक्ट्स के निर्माता हैं।
कैवल्य वोहरा और आदित पलिचा ने 2025 में क्विक कॉमर्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। $7 बिलियन के मूल्यांकन और $450 मिलियन की नई फंडिंग के साथ, जेप्टो ने 2026 में अपने आईपीओ के लिए मंच तैयार कर लिया है। उन्होंने साबित किया कि 10 मिनट की डिलीवरी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक आदत बन चुकी है। एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नाडर ने भारत की शीर्ष 3 अमीर शख्सियतों में जगह बनाई और देश की सबसे अमीर महिला टेक-लीडर बनीं। एआई और क्लाउड सेवाओं में एचसीएल की वृद्धि ने उनकी संपत्ति में भारी इजाफा किया ।
वैश्विक स्तर पर, 2025 पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नाम रहा। जिसने भी एआई के लिए चिप्स बनाए या इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया, उसकी तिजोरी भर गई। आइए तीन बड़ी उपलब्धियों पर एक नजर डालें।
- एलन मस्क: राजनीति और व्यापार का अनूठा संगम
एलन मस्क के लिए 2025 एक अभूतपूर्व वर्ष रहा। उनकी संपत्ति लगभग $754 बिलियन तक पहुंच गई, जो कई देशों की जीडीपी से भी अधिक है। टेस्ला के शेयरधारकों द्वारा $1 ट्रिलियन के पे-पैकेज को मंजूरी और स्पेसएक्स (SpaceX) की स्टारशिप उड़ानों की सफलता ने मस्क को दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यवसायी बना दिया। स्पेसएक्स का मूल्यांकन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के बाद मस्क को ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) का जिम्मा मिला। हालांकि उनका यह कार्यकाल संक्षिप्त रहा, लेकिन इसने मस्क को अमेरिकी नीतियों पर प्रभाव डालने की अपार शक्ति दी । - लैरी एलिसन और लैरी पेज: डेटा के नए बादशाह
ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन 2025 के ‘डार्क हॉर्स’ साबित हुए। क्लाउड और एआई डेटा सेंटर्स की मांग के कारण उनकी संपत्ति $100 बिलियन से अधिक बढ़ी और सितंबर में उन्होंने कुछ समय के लिए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति होने का गौरव भी हासिल किया। गूगल के संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन की संपत्ति में भी भारी उछाल आया। गूगल के एआई मॉडल ‘जेमिनी’ (Gemini) की सफलता ने अल्फाबेट के शेयरों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया । - मार्क जुकरबर्ग: मेटावर्स से एआई तक
मार्क जुकरबर्ग ने 2025 में मेटा (Meta) की शानदार वापसी कराई। ‘Llama’ एआई मॉडल को ओपन-सोर्स करना और ‘रे-बैन मेटा’ स्मार्ट ग्लासेस की बिक्री में उछाल ने निवेशकों का भरोसा फिर से जीत लिया। जुकरबर्ग ने साबित किया कि वे सोशल मीडिया के साथ-साथ भविष्य की हार्डवेयर तकनीक के भी खिलाड़ी हैं ।
2026 की ओर एक नजर
2025 ने साफ कर दिया है कि आने वाला दौर ‘डेटा’ और ‘ऊर्जा’ का है। भारत में जहां अंबानी और अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर मार्केट को अपनी ग्रोथ का जरिया बनाया, वहीं वैश्विक स्तर पर एआई ने मस्क और एलिसन की नेटवर्थ में मजबूत इजाफा किया। नए साल में भारत में जेप्टो, स्विगी और अन्य टेक कंपनियों के आईपीओ बाजार में गर्मी लाएंगे। हालांकि, अब केवल एआई की बातें काफी नहीं हैं, बल्कि कंपनियों को उससे मुनाफा कमाकर दिखाना होगा। भारत का रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य कॉरपोरेट निवेश का केंद्र बिंदु बना रहेगा।