इंदौर
गलत नाला टैपिंग के गंभीर परिणाम शहर भुगत रहा है। 48 घंटे बाद भी 50 से ज्यादा कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। गुरुवार रातभर भी लोग घरों से पानी उलीचते रहे। अनूपनगर, गोयलनगर, साईंनाथ कॉलोनी, तिलकनगर सहित कई कॉलोनियों में ड्रेनेज का पानी ओवरफ्लो होकर आ रहा है। कुलकर्णी भट्टा में कान्ह के किनारे जा रही नागार्जुन की सालों पुरानी प्राइमरी लाइन में ही नाला टैपिंग कर सीवरेज का पानी छोड़ा गया था।
निगम ने दो पाइप जोड़ने के लिए छोटा पाइप लगाया था, नतीजा यह रहा कि पाइप पानी के प्रेशर से फूट गया और सारा गंदा पानी आसपास के 25-30 घरों में भर गया। सबसे ज्यादा समस्या शंकर कुम्हार के बगीचे में आई। यहां चैंबरों के ढक्कन पानी के तेज बहाव से निकल गए और घरों में घुस गया। लाहिया कॉलोनी, कबीटखेड़ी रोड, निरंजनपुर के रविदास मोहल्ला, गुजराती पलाई धर्मशाला में भी पानी भर गया।
चंद्रभागा रोड भी डूबा, पिछले साल ही स्टॉर्म लाइन डाली थी
चंद्रभागा रोड के पास में ही सरस्वती नदी है। यहां स्टॉर्म वाटर लाइन डाली गई थी। यहां शुक्रवार को भी रोड पर पानी भरा रहा। सिकंदराबाद में भी घरों में पानी भर गया। पूर्व पार्षद अनवर दस्तक ने बताया रात में ही नाला टैपिंग फोड़ना पड़ी। मेघदूतनगर में भी जगह-जगह पानी भर गया।
47 मिनट में आधा इंच से ज्यादा बारिश, पारा औसत से ज्यादा
शुक्रवार को भी शहर में बारिश हुई। रीगल तिराहा से पलासिया, विजय नगर क्षेत्र तक 47 मिनट में 17 मिलीमीटर यानी आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा होकर 31 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। औसत कोटा पूरा करने के लिए अभी 15 इंच पानी की दरकार है।

