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एंटीलिया केस में बड़ा मोड़:ठाणे के कारोबारी का शव मिला, एंटीलिया के पास मिली स्कॉर्पियो उसी के पास थी; पुलिस ने खुदकुशी बताया

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मुंबई

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर संदिग्ध कार मिलने के केस में बड़ा मोड़ आ गया है। पुलिस को शुक्रवार को कलवा क्रीक पर एक शव मिला है। यह उस शख्स का है, जिसके पास एंटीलिया के बाहर संदिग्ध हालात में मिली स्कॉर्पियो थी। अधिकारियों ने बताया कि मरने वाले का नाम मनसुख हीरन है। वह ठाणे के व्यापारी थे और क्लासिक मोटर्स की फ्रेंचाइजी चलाते थे। ठाणे के DCP ने बताया कि उन्होंने कलवा ब्रिज से कूदकर खुदकुशी की है।

पहले मनसुख को स्कॉर्पियो का मालिक बताया जा रहा था। बाद में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने स्थिति साफ की। उन्होंने विधानसभा में बताया कि कार के मालिक का नाम सैम है। उन्होंने इसके इंटीरियर के मेंटेनेंस के लिए मनसुख हिरेन को दिया था। सैम ने इसके लिए पेमेंट नहीं किया तो हिरेन ने कार अपने पास रख ली थी।

क्राइम ब्रांच के अधिकारी और मनसुख पर फडणवीस ने उठाया सवाल
मनसुख की लाश मिलने से करीब एक घंटे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ये मुद्दा विधानसभा में उठाया। फडणवीस ने कहा कि जब एंटीलिया के बाहर गाड़ी मिली तो वहां जो अधिकारी सबसे पहले पहुंचा, वो सचिन वझे थे। मुंबई क्राइम ब्रांच के बाकी अधिकारी सचिन वझे के बाद पहुंचे थे।

गाड़ी के मालिक के नंबर की CDR निकाली गई तो पिछले साल 5 जून और 15 जुलाई को सचिन वझे से बातचीत की बात सामने आई। ये दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। अब गाड़ी मालिक कह रहा है कि गाड़ी चोरी हो गई थी और सचिन वझे का पहले वहां पहुंचना संयोग भी हो सकता है, लेकिन सवाल खड़े करता है।

सचिन वझे ने कहा- मनसुख को पहले से जानता था
देवेंद्र फड़नवीस के सवाल उठाने पर पुलिस अफसर सचिन वझे ने कहा कि मैं मनसुख हिरेन को जानता था। कई बार उनसे मिला था। मनसुख ने ठाणे और मुंबई पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ पुलिस अफसर और जर्नलिस्ट उन्हें परेशान कर रहे हैं। मैं उनसे कार चोरी होने के बाद या पहले नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर संदिग्ध कार मिलने पर मैं वहां पहुंचने वाला पहला शख्स नहीं था। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर गामदेवी सबसे पहले मौके पर पहुंचीं। तब परिवहन विभाग के 2 अधिकारी पहुंचे। उस डिपार्टमेंट के DCP ने इसके बाद एंटीलिया के स्टाफ से संपर्क किया था।

गृह मंत्री देशमुख ने कहा-NIA जांच नहीं होगी
फडणवीस के आरोप पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि मनसुख की बॉडी पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। इसलिए इस केस को NIA को नहीं सौंपा जाएगा। मुंबई पुलिस सक्षम है और हमें उसकी क्षमता पर विश्वास करना चाहिए। गृह मंत्री के जवाब को लीपापोती करार देते हुए फडणवीस ने कहा कि वे इस केस से जुड़े सारे सबूत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपेंगे।

पहले भी विवादों में रहे हैं क्राइम ब्रांच के अफसर सचिन वझे
मुंबई में ख्वाजा यूनुस की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सचिन वझे ने साल 2008 में इस्तीफा दे दिया था। वझे को यूनुस की मौत के मामले में साल 2004 में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद वे सस्पेंड कर दिए गए थे। वझे पर यूनुस की हिरासत में मौत से जुड़े तथ्य छिपाने का आरोप था।

हालांकि, उद्धव सरकार बनने के बाद वझे को करीब 12 साल बाद 7 जून 2020 को फिर बहाल कर दिया गया। उन्हें मुंबई पुलिस के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) का हेड बनाया गया। साल 1990 बैच के पुलिस अधिकारी वझे अपने कार्यकाल के दौरान लगभग 63 मुठभेड़ का हिस्सा रहे। सचिन वझे वही शख्स हैं, जिन्होंने अर्नब गोस्वामी को उनके घर से अरेस्ट किया था।

अंबानी के घर के बाहर मिली थी विस्फोटकों से लदी SUV
मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया से करीब 200 मीटर दूर एक संदिग्ध SUV से जिलेटिन की 20 छड़ें मिलीं थीं। SUV पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। CCTV फुटेज की जांच में सामने आया कि एंटीलिया के बाहर कार 24 फरवरी की रात करीब 1 बजे पार्क की गई थी। इससे पहले ये कार 12:30 बजे रात को हाजी अली जंक्शन पहुंची थी और यहां करीब 10 मिनट तक खड़ी रही। बरामद कार मुंबई के विक्रोली इलाके से चुराई गई थी। इसका चेसिस नंबर बिगाड़ दिया गया है, लेकिन पुलिस ने कार के असली मालिक की पहचान कर ली थी।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक, तब मनसुख हिरेन ने बताया था कि 17 फरवरी की शाम को वे ठाणे से घर जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी बंद हो गई। उन्हें जल्दी थी, इसलिए गाड़ी ऐरोली ब्रिज के पास सड़क के किनारे खड़ी कर दी। अगले दिन वे कार लेने गए तो वह नहीं मिली। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से भी की थी।

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