भोपाल | महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में यूथ कांग्रेस ने आज भोपाल में जंगी प्रदर्शन किया. सीएम हाउस का घेराव करने निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीसीसी दफ्तर के पास ही रोक दिया. उन पर बुरी तरह लाठियां भांजी गयीं और पानी की तेज बौछार छोड़ी गयी. कई कार्यकर्ता इसमें घायल हो गए. यहां तक कि उनके सिर से खून तक बहने लगा.
भोपाल. बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज भोपाल में हल्ला बोला. कार्यकर्ताओं ने पीसीसी दफ्तर से रैली की शक्ल में सीएम हाउस का घेराव करने के लिए मार्च निकाला. बड़ी संख्या में भोपाल में जुटे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शिवाजी नगर चौराहे पर बैरिकेट्ड लगा कर रोकने की कोशिश की.
कार्यकर्ता बेरीकेड पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे. पुलिस की बार-बार अपील के बाद भी वो पीछे नहीं हटे. कार्यकर्ताओं पर पहले वाटर कैनन से पानी छोड़ा गया. इसके बाद भी कार्यकर्ता बैरिकेड से पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया.विज्ञापन
पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास, प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, विधायक जयवर्धन सिंह, विधायक पीसी शर्मा समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए. बार-बार पुलिस के निर्देशों के बाद भी वापस लौट रहे कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए जमकर लाठीचार्ज किया गया. प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया.
cm हाउस की तरफ बढ़ रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की तेज बौछार छोड़ दी.इसमें कई कार्यकर्ता गिर पड़े और पुलिस वाले फंस गए.
प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा हम युवा हैं और युवाओं की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास जाना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज कर दिया. कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा हमारी नीयत साफ थी. विधानसभा में सरकार चर्चा से भागी. महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर हम सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. उसके जवाब में लाठीचार्ज किया जा रहा है.विज्ञापन
इससे पहले पीसीसी चीफ कमलनाथ ने यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा किसी नेता के पार्टी छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ता. युवा ही देश का निर्माण करेगा. संस्कृति के साथ तोड़फोड़ हो रही है. राष्ट्रवाद की बात करने वाली पार्टी मंदिर की बात करती है. कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल पर कोई उंगली नहीं उठा सकता है. आज का युवा खुद ज्ञान देने को तैयार है. प्रदेश की पहचान माफिया के तौर पर हो रही है जनता को समझाना होगा कि महंगाई बढ़ रही है.
कमलनाथ के उत्साहवर्धन के बाद कार्यकर्ता पीसीसी दफ्तर से मुख्यमंत्री निवास की तरफ बढ़े तो उनकी पुलिस के साथ खासी झूमा-झटकी हुई. उसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए बल का इस्तेमाल करते हुए लाठीचार्ज किया.
