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*दुनिया के सीरिया में प्रकृति ने दिखाया था अपना रौद्र रूप,आज ही के दिन भूकंप में चली गई 20000 लोगों की जान*

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1822 में सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 20,000 से अधिक लोगों की जान चली गई। भूकंप का केंद्र 140 किलोमीटर नीचे था, जिससे तुर्की के गाजियांटेप से लेकर सीरिया के अलेप्पो तक का क्षेत्र प्रभावित हुआ।

दुनिया के इतिहास में कई बार भूकंप ने शहरों को तबाह किया है। 10 अगस्त 1822 में सीरिया में एक ऐसा ही भयानक भूकंप आया था। इस भूकंप में 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इस भूकंप ने सीरिया में भारी तबाही मचाई थी। भूकंप का केंद्र जमीन से 140 किलोमीटर नीचे था। इस भूकंप से तुर्की के गाजियांटेप से लेकर सीरिया के अलेप्पो तक बड़ा इलाका प्रभावित हुआ था। भूकंप के बाद जमीन में दरारें पड़ गईं, नदियां रुक गईं और कई इमारतें नष्ट हो गईं। कई दिनों तक झटके आते रहे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सीरिया के आसपास के इलाकों में 5 अगस्त से ही भूकंप के झटके आने शुरू हो गए थे। लेकिन, 13 अगस्त तक कई बड़े झटके आए और हालात बहुत खराब हो गए। बताया जाता है कि जो आखिरी झटका था, वह लगभग 40 सेकंड तक चला था। इतना ही नहीं, इस दौरान 8 मिनट में लगभग 30 झटके आए, जिससे बहुत कुछ गिर गया। इसके बाद भी कई सालों तक हल्के झटके आते रहे। बताया जाता है कि भूकंप का केंद्र 140 किलोमीटर नीचे था, लेकिन इसका असर बहुत ज्यादा था।

भूकंप ने तुर्की में गाजियांटेप से अंतक्य तक और सीरिया में अलेप्पो से खान शेखुन तक फैले एक बड़े इलाके में भारी नुकसान पहुंचाया था। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में किलिस, गाजियांटेप, अरपलर, बर्क, केहरिज आदि शामिल हैं। इसके अलावा, दक्षिण में अरमानज, हरेम, डार्कुश, खान शिखुन, एर रिहा, इदलिब में भी कई इलाके प्रभावित हुए थे।

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