प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में नवाचार तंत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित युग्म (YUGM) सम्मेलन का मंगलवार को शुभारंभ करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में होने वाला युग्म सम्मेलन अपनी तरह का पहला महत्वपूर्ण नीतिगत सम्मेलन है। इसमें सरकार, शैक्षणिक क्षेत्र, उद्योग जगत और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित दिग्गज शामिल होंगे। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्र भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। लेकिन, एक नए और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से मौसम का मिजाज बदलेगा और 1 मई से इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो प्रचंड गर्मी और लू से कुछ राहत दिलाएगा। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने सोमवार को श्रीनगर में 36 और डोडा व किश्तवाड़ में आतंकवादियों और उसके मददगारों के दर्जनों ठिकानों पर छापे मारे और तलाशी ली। पहलगाम हमले के बाद छह दिनों के भीतर सुरक्षा बलों ने आतंकियों और ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के 600 से अधिक ठिकानों की तलाशी ली है।
मोदी आज करेंगे युग्म की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में नवाचार तंत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित युग्म (YUGM) सम्मेलन का मंगलवार को शुभारंभ करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में होने वाला युग्म सम्मेलन अपनी तरह का पहला महत्वपूर्ण नीतिगत सम्मेलन है। इसमें सरकार, शैक्षणिक क्षेत्र, उद्योग जगत और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित दिग्गज शामिल होंगे।
लगभग 1,400 करोड़ रुपये की सहयोगी परियोजना
वाधवानी फाउंडेशन और सरकार के प्रतिष्ठानों के संयुक्त निवेश से लगभग 1,400 करोड़ रुपये की सहयोगी परियोजना द्वारा संचालित यह आयोजन भारत की नवाचार यात्रा में उल्लेखनीय भूमिका निभाएगा। पीएम मोदी के आत्मनिर्भर और नवप्रवर्तन आधारित भारत की भविष्य दृष्टि के अनुरूप सम्मेलन में नवाचार आधारित कई प्रमुख परियोजना पहल आरंभ की जाएंगी।
IIT कानपुर और बॉम्बे जैसी संस्थाओं में बनेंगे सुपरहब
इनमें आईआईटी कानपुर (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटेलिजेंट सिस्टम) और आईआईटी बॉम्बे (जैव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और चिकित्सा) में सुपरहब स्थापित करना शामिल हैं। अनुसंधान व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष शोध संस्थानों में वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क (डब्ल्यूआईएन) केंद्र और अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) के साथ साझेदारी भी होगी। ब्यूरो
ये हाेंगे मुख्य आकर्षण…
सम्मेलन में अधिकारियों, उद्योग जगत के शीर्ष दिग्गजों और शैक्षणिक क्षेत्र के प्रणेताओं की भागीदारी में उच्च स्तरीय गोलमेज बैठकें और पैनल परिचर्चाएं, अनुसंधान के इस्तेमाल पर संवाद सत्र होंगे। डीप टेक स्टार्टअप शोकेस में देशभर से अत्याधुनिक नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे। सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विशेष नेटवर्किंग (विशेष संपर्क) के मौके भी मिलेंगे।
उत्तर और पश्चिम भारत में भीषण गर्मी और लू, दो दिन बाद राहत की आस
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्र भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। लेकिन, एक नए और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से मौसम का मिजाज बदलेगा और 1 मई से इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो प्रचंड गर्मी और लू से कुछ राहत दिलाएगा। पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग स्थानों पर पहले से ही मौसम खराब है और इसके अभी खराब ही बने रहने का अनुमान है। इस दौरान गरज के साथ बारिश होगी, बिजली भी गिर सकती है और कहीं-कहीं 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
30 अप्रैल तक लू चलने की संभावना
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 30 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर में भी 29 और 30 अप्रैल को प्रचंड गर्मी महसूस की जाएगी और लू चलेगी। 29 अप्रैल को गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र भी लू की चपेट में रहेंगे। 2 मई तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है। 30 अप्रैल तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, 29 अप्रैल को केरल और माहे, 30 अप्रैल और 01 मई को सौराष्ट्र और कच्छ और 29 अप्रैल से 01 मई के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में गर्म और आर्द्र मौसम बने रहने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी राहत
आईएमडी के अनुसार, 2 मई से उत्तर पश्चिम भारत में एक ताजा और सक्रिय पश्चिम विक्षोभ के प्रभावित करने की संभावना है। इसके चलते 30 अप्रैल से 4 मई के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान, गरज और बिजली के साथ बारिश हो सकती है। 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल तक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में एक मई को और राजस्थान में 1 और 2 मई को धूल भरी आंधी आने की भी संभावना है।
हिमाचल : ऊना में तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
हिमाचल के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित मंडी, सिरमौर और सोलन के कई क्षेत्रों में लू चल रही है। प्रदेश के 14 स्थानों में अधिकतम पारा 30 डिग्री से अधिक पहुंच गया है। मंगलवार और बुधवार को भी प्रदेश के मध्य पर्वतीय और मैदानी जिलों में गर्मी सताएगी। 29 और 30 अप्रैल को प्रदेश के इन क्षेत्रों में लू का यलो अलर्ट जारी हुआ है। सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह 2023 के 41.0 और 2024 के 40.0 के बाद उच्चतम तापमान है। वर्ष 2022 में पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। राज्य के कई भागों में एक से चार मई तक बारिश का पूर्वानुमान है। तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम विभाग की लोगों को सलाह: तेज धूप में घर से बाहर न निकलें, खूब पानी पीएं
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग की तरफ से लोगों के लिए परामर्श जारी किया गया है। लोगों से तेज धूप में घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। अगर किसी जरूरी कार्य के कारण जाना पड़े तो पानी की बोतल व छाते का प्रयोग करने ही सलाह दी है।
- हीट स्ट्रोक के लक्षण…
- सीधी धूप से अचानक चक्कर खाकर गिर जाना, बेहोश हो जाना, पीड़ित में काफी देर तक बेहोशी छाए रहना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। हीट स्ट्रोक में शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है। इससे बचने के लिए तेज धूप से बचें, पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। ठंडे स्थान पर रहे।
- हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर मरीज को लेकर तुरंत नजदीक के अस्पताल में पहुंचें।
600 से अधिक ठिकानों की तलाशी, डोडा-श्रीनगर और किश्तवाड़ में एक साथ छापे
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने सोमवार को श्रीनगर में 36 और डोडा व किश्तवाड़ में आतंकवादियों और उसके मददगारों के दर्जनों ठिकानों पर छापे मारे और तलाशी ली। पहलगाम हमले के बाद छह दिनों के भीतर सुरक्षा बलों ने आतंकियों और ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के 600 से अधिक ठिकानों की तलाशी ली है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों, आतंकी संगठनों और उनके सहयोगियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में यह कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की निगरानी में की गई। श्रीनगर शहर में जिन 36 जगहों की तलाशी ली गई, उनमें से ज्यादातर आतंकवादियों और उनके मददगारों के थे। आतंकवाद रोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने सैकड़ों संदिग्धों से पूछताछ भी की है। पहलगाम के बायसरन के मैदान में 22 अप्रैल के हमले बाद से नौ आतंकियों और ओजीडब्ल्यू के घरों को भी जमींदोज किया जा चुका है।
पुलिस ने विशेष ऑपरेशन ग्रुप और अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ सोमवार सुबह डोडा के 13 आतंकियों के घरों में छापे मारे। तलाशी के दौरान कई घरों से संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। किश्तवाड़ जिले में भी तलाशी ली गई। सभी के आतंकी समूहों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से सक्रिय दहशतगर्दों से जुड़े होने का संदेह है। प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य हथियार, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त करने और राष्ट्र की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी षड्यंत्रकारी या आतंकी गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य संग्रह और खुफिया जानकारी जुटाना है।
सुरक्षा रणनीति में बड़े बदलाव की जरूरत
पहलगाम हमले में केंद्र की ओर से सुरक्षा चूक स्वीकार करने के बाद रणनीति में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है। रक्षा विशेषज्ञ ने कई मुद्दों पर ध्यान दिलाया है।
- रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर विजय सागर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त तैनाती न होना प्रशासनिक लापरवाही है। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर तालमेल के साथ काम करना होगा और खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा।
- सेवानिवृत्त कर्नल सुशील पठानिया कहते हैं कि पुलिस को अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करनी होगी। 1990 के दशक में जम्मू संभाग से आतंकवाद खत्म करने में सेना की भूमिका अहम थी। सेना की भूमिका को और बढ़ाना होगा। आतंकी नेटवर्क से जुड़े अपराधियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करनी होगी। सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देने वालों की गोपनीयता बनानी होगी।
सुरक्षाबलों ने हमलावरों की चार बार की घेराबंदी
पहलगाम में पर्यटकों पर हमला करने वालों की तलाश में सुरक्षाबलों ने घाटी की चौकसी बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह में सुरक्षाबलों ने चार बार इन आतंकियों की घेराबंदी की। एक बार उनके साथ गोलीबारी भी हुई और आतंकी डर कर भाग निकले।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से मिली जानकारी, खुफिया सूचनाओं व तलाशी अभियानों के जरिये आतंकियों का पता लगाया गया। एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि घने जंगलों का फायदा उठाते हुए आतंकी बच रहे हैं, पर ऐसा बहुत दिन तक नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक, सबसे पहले अनंतनाग के पहलगाम तहसील के हापत नार गांव के पास जंगलों में दहशतगर्दों को देखा गया। फिर इनके कुलगाम के जंगलों में होने का इनपुट मिला। मौके पर सुरक्षाबलों ने इन्हें चारों ओर से घेरा। गोलीबारी भी हुई, लेकिन आतंकी भाग निकले। इसके बाद आतंकियों को त्राल रिज और कोकेरनाग में देखा गया था।
बर्फ कम होने का मिल रहा फायदा
आतंकियों को इस बार किश्तवाड़ में कम बर्फ पड़ने का फायदा हो रहा है। बर्फ नहीं होने के कारण उन्हें पहाड़ी के रास्ते दूसरी ओर से जम्मू की तरफ घने जंगलों में भागने का मौका मिल रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि हमारा मानना है कि वे अभी भी दक्षिण कश्मीर में हैं। इनके अभी भी इसी इलाके में छिपे होने की सूचना है। सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी बढ़ा दी है और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
मडुई में दिखे तीन संदिग्ध, सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरा
बिलावर नगर कमेटी के वार्ड चार स्थित मोहल्ला मडुई से सटे भीनी नाले के पास तीन नकाबपोश संदिग्ध व्यक्तियों के दिखने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ महिलाएं भीनी नाले में कपड़े धोने गई थीं। शाम करीब 4 बजे जब वे वापस लौट रही थीं, तो उन्होंने काले कपड़े पहने तीन मास्कधारी व्यक्तियों को नाले के पास से गुजरते देखा। महिलाओं ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर तलाशी शुरू कर दी। यह अभियान शाम 4:30 से रात 8 बजे तक चला, लेकिन संदिग्धों का कोई सुराग नहीं मिला। यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। तीन दिन पहले ही मडून पंचायत के प्लेई क्षेत्र में भी तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए थे। उस समय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो दिन तक तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
स्थानीय लोगों ने भीनी नाले में पुलिस चौकियां स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह इलाका आतंकियों के लिए पुराना रूट रहा है, जिसका इस्तेमाल वे कठुआ और डोडा जिलों की पहाड़ियों तक पहुंचने के लिए करते आए हैं। संदिग्धों के दिखने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। शाम ढलते ही दुकानें बंद हो गईं और लोग अपने घरों में दुबक गए। रात 8 बजे तक पूरा क्षेत्र सुनसान नजर आया।
हालांकि, स्थानीय निवासियों को सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा है। जीवन शर्मा, जोगिंदर कुमार और संजय शर्मा जैसे लोगों ने कहा, हमें अपनी सुरक्षा एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। ये संदिग्ध जल्द ही पकड़े जाएंगे। पाकिस्तान के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
पुंछ में पाकिस्तानी सेना ने की गोलीबारी, भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब
पाकिस्तानी सेना की तरफ से पिछले पांच दिनों से लगातार नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की जा रही है। इसका भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब दे रही है।
अब पाकिस्तानी सेना ने पुंछ में रविवार देर रात से सोमवार तड़के के बीच भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की। इसका भारतीय सेना ने भी जोरदार तरीके से जवाब दिया। इस बीच पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर के कुपवाड़ा में भी भारतीय सेना पर गोलीबारी की।
वैभव की रॉयल पारी, राजस्थान ने टी20 में सबसे तेजी से चेज किया 200+ रन का लक्ष्य
वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार शतकीय पारी के दम पर राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को आठ विकेट से हरा दिया। सोमवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए आईपीएल के 47वें मैच में गुजरात ने शुभमन गिल और जोस बटलर के अर्धशतकों की मदद से 20 ओवर में चार विकेट खोकर 209 रन बनाए। जवाब में राजस्थान ने 15.5 में दो विकेट खोकर 212 रन बनाए और 25 गेंदों के शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसी के साथ राजस्थान ने प्लेऑफ की अपनी उम्मीदों को भी बरकरार रखा है। राजस्थान ने इस मुकाबले को जीतने के साथ-साथ बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने टी20 में सबसे तेजी से हासिल किया 200+ का लक्ष्य हासिल कर लिया।

अंक तालिका में बदलाव
राजस्थान अंक तालिका में एक स्थान की छलांग लगाकर आठवें पायदान पर आ गई। उनके खाते में छह अंक हो गए और नेट रन रेट -0.349 का हो गया है। वहीं, गुजरात एक स्थान खिसक कर तीसरे स्थान पर पहुंच गई। वहीं, मुंबई को गुजरात की हार से तगड़ा फायदा हुआ है। हार्दिक पांड्या की अगुआई वाली टीम अंक तालिका में बेहतर नेट रन रेट के साथ दूसरे पायदान पर पहुंच गई। वहीं, आरसीबी 14 अंकों के साथ शीर्ष पर है
यशस्वी के साथ की राजस्थान के सबसे बड़ी साझेदारी
गुजरात ने राजस्थान के सामने जीत के लिए 210 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन वैभव और यशस्वी जायसवाल ने राजस्थान को तेज शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 166 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी को प्रसिद्ध कृष्णा ने वैभव को आउट कर तोड़ा। यह राजस्थान के लिए किसी भी विकेट के लिए की गई सबसे बड़ी साझेदारी है। वैभव और यशस्वी ने इस मामले में जोस बटलर और देवदत्त पडिक्कल को पीछे छोड़ा जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 2022 में 155 रनों की साझेदारी की थी।
आईपीएल 2025 में एक पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज
वैभव ने गुजरात के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए 11 छक्के लगाए जो आईपीएल 2025 में किसी बल्लेबाज का एक पारी में सर्वाधिक छक्के हैं। वैभव ने इस मामले में सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा को पीछे छोड़ा जिन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ 10 छक्के लगाए थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर हैं जिन्होंने गुजरात के खिलाफ नौ छक्के लगाए थे।
आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज
वैभव की उम्र 14 साल 32 दिन है, लेकिन उन्होंने यूसुफ पठान का 15 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बन गए हैं। 2010 में यूसुफ पठान ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 35 गेंदों पर शतक लगाया था और वह इस टूर्नामेंट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय थे। उनका यह रिकॉर्ड अब 2025 में टूटा है। यानी वैभव का जब जन्म भी नहीं हुआ था, उस वक्त यूसुफ ने यह कारनामा किया था और अब बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने अपनी उम्र से भी ज्यादा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ओवरऑल आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है जिन्होंने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 30 गेंदों पर शतक लगाया था।
टी20 क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज
वैभव टी20 क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं। उन्होंने 14 साल 32 दिन की उम्र में यह कारनामा किया। वैभव ने महाराष्ट्र के विजय जोल का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 18 साल 118 दिन की उम्र में टी20 में शतक लगाया था। विजय ने 2013 में टी20 में शतक लगाया था। वैभव ने गुजरात के खिलाफ 17 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और फिर शतक पूरा करने के लिए अगले 18 गेंद लिए। वैभव शतकीय पारी खेलकर आउट हुए। उन्होंने महज 38 गेंदों में 265.78 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 101 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से सात चौके और 11 छक्के निकले।
वैभव के शतक के बाद यशस्वी जायसवाल ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 31 गेंदों में इस सत्र का पांचवां और करियर का 14वां अर्धशतक पूरा किया। वह 40 गेंदों में 70 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, रियान पराग 32* रन बनाए। उनके अलावा नीतीश राणा ने चार रन बनाए। वहीं, गुजरात के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान ने एक-एक विकेट हासिल किया।
गुजरात की पारी
इससे पहले, शुभमन गिल और जोस बटलर की अर्धशतकीय साझेदारियों के दम पर गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स के सामने 210 रन का लक्ष्य रखा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात ने 20 ओवर में चार विकेट खोकर 209 रन बनाए। सवाई मानसिंह स्टेडियम पर खेले गए मुकाबले में किसी टीम के द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा टोटल है। उनके लिए कप्तान गिल ने सर्वाधिक 84 रन बनाए। वहीं, गुजरात के लिए महीश तीक्षणा ने दो जबकि जोफ्रा आर्चर और संदीप शर्मा को एक-एक विकेट मिला।
साई सुदर्शन और शुभमन गिल ने गुजरात को शानदार शुरुआत दिलाई थी। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 62 गेंदों में 93 रन की साझेदारी हुई। महीश तीक्षणा ने सुदर्शन को अपना शिकार बनाया। वह 30 गेंदों में 39 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद गिल को जोस बटलर का साथ मिला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 38 गेंदों में 74 रन जोड़े। कप्तान गिल 50 गेंदों में 84 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 29 गेंदों में सत्र का चौथा अर्धशतक जड़ा। यह उनके आईपीएल करियर का 24वां पचासा भी है। उन्हें भी तीक्षणा ने ही अपना शिकार बनाया।
वायुसेना के नए उप प्रमुख बनेंगे तिवारी, तीनों सेनाओं को मिलेगा CISC
IAF: वायुसेना के नए उप प्रमुख बनेंगे तिवारी, तीनों सेनाओं को मिलेगा CISC
एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी भारतीय वायुसेना के नए उप प्रमुख का पद संभालेंगे। वह एक मई को मौजूदा एयर मार्शल एसपी धारकर की जगह लेंगे। धारकर 30 अप्रैल को सेवानिवृत हो रहे हैं। वह बल में 40 से अधिक वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं। एयर मार्शल तिवारी वर्तमान में गांधीनगर में दक्षिण पश्चिमी वायु कमान की कमान संभाल रहे हैं। उनके स्थान पर वर्तमान प्रशिक्षण कमान प्रमुख आएंगे।
इसके अलावा, तीनों सेनाओं के एकीकृत रक्षा स्टाफ को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के अध्यक्ष के रूप में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित कार्यभार संभालेंगे। वह लेफ्टिनेंट जनरल जेपी मैथ्यू के स्थान पर नए सीआईएससी के रूप में पद संभालेंगे। मैथ्यू 30 अप्रैल को सेवानिवृत हो रहे हैं। बता दें कि सीआईएससी तीनों सेनाओं के बीच समन्वय के लिए जिम्मेदार है। साथ ही तीनों सेनाओं के मामलों के प्रबंधन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ टीम का हिस्सा है।
सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख बनेंगे लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा
इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सेक्टरों में चीन और पाकिस्तान सीमा पर संचालन के लिए जिम्मेदार भारतीय सेना की उत्तरी कमान को लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के रूप में नया प्रमुख मिलेगा। शर्मा वर्तमान में सेना मुख्यालय में उप सेना प्रमुख (रणनीति) हैं। इसके अलावा उन्होंने सैन्य संचालन महानिदेशक के रूप में भी काम किया है। शर्मा वर्तमान लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचेंद्र कुमार की जगह लेंगे। कुमार भी 30 अप्रैल को सेवानिवृत हो रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने हाल ही में पहलगाम हमले के बाद शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ श्रीनगर की यात्रा की थी।
अमेरिकी अखबार का दावा- सेना प्रमुख मुनीर ने कराया पहलगाम हमला
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने विशेषज्ञों और राजनयिकों के हवाले से यह दावा किया है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत जल्द ही पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। इस अखबार का दावा है कि भारत पाकिस्तान पर जवाबी हमला करने के लिए आधार तैयार कर रहा है।
पीएम मोदी दुनिया के कई नेताओं से बात कर चुके हैं
अखबार के अनुसार, हमले के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के दर्जन भर से ज्यादा नेताओं से बात कर यह बता चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने भी 100 से अधिक मिशनों के राजनयिकों को इस संबंध में जानकारी दी है। भारत ने साफ कहा है कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ है।
सेना प्रमुख पाकिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं
माना भी जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल असीम मुनीर के आदेश पर आतंकियों ने हमला किया, क्योंकि वह पाकिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं। दावा किया जा रहा है कि भारत ने विभिन्न राजनयिकों को आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की कुछ खुफिया जानकारियां दी हैं। इनमें अपराधियों के चेहरे की पहचान करने वाले डेटा शामिल हैं, जिनके बारे में भारत का कहना है कि वे पाकिस्तान से जुड़े हैं।
भारत को सफाई देने की जरूरत नहीं
अमेरिकी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में इस वक्त जब कई संघर्षों की वजह से अराजकता फैली हुई है, तब भारत को अपनी कार्रवाई को जायज ठहराने के लिए कोई सफाई देने की जरूरत भी महसूस नहीं हो रही। बता दें कि पश्चिम एशिया में करीब 18 महीने से इस्राइल और हमास के बीच हिंसक संघर्ष हो रहा है। इसमें अब तक 50 हजार से अधिक लोग हताहत हो चुके हैं। रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुई लड़ाई को अब तीन साल से भी अधिक वक्त बीत चुका है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि अब तक 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और निकट भविष्य में संघर्ष थमने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
आतंकी हमले के बाद आई रिपोर्ट को लेकर आलोचना में घिरा न्यूयॉर्क टाइम्स
इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट को लेकर चर्चा में रहा था। बीते हफ्ते जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर जारी एक रिपोर्ट में अखबार ने बर्बर आतंकी वारदात को ‘उग्रवादी’ हमला बताया था। अखबार के इस रुख पर अमेरिकी कांग्रेस की विदेश मामलों की समिति ने न्यूयॉर्क टाइम्स को लताड़ भी लगाई थी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी खबर में हमलावरों के लिए उग्रवादी (मिलिटेंट्स) लिखा था। अमेरिकी संसदीय समिति ने इस शब्द को सरासर गलत बताया और कहा, अरे न्यूयॉर्क टाइम्स पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ है।
J&K विधानसभा से एकजुटता का संदेश: दहशतगर्दी के लिए जगह नहीं…
जम्मू-कश्मीर ने विधानसभा के विशेष सत्र में आतंकवाद के खिलाफ ध्वनिमत से पहली बार प्रस्ताव पारित कर पूरी दुनिया को दहशतगर्दी के लिए कोई जगह नहीं होने का संदेश दिया। पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार की ओर से लिए गए कूटनीतिक फैसलों का समर्थन किया गया।
सदन ने हमले की निंदा के साथ दो मिनट का मौन रख 26 पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी। पर्यटकों को बचाने के लिए जान की कुर्बानी देने वाले आदिल हुसैन शाह की बहादुरी को भी याद किया। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, बर्बर व अमानवीय हमले से गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 26 साल में पहली बार बिना किसी आह्वान के लोग खुद बाहर आए। इस बदलाव को हमें कायम रखना होगा। आतंकवाद के खिलाफ सत्ता और विपक्ष एक मंच पर दिखा।
एकता पर बल…
प्रस्ताव में सभी राजनीतिक दलों, धार्मिक- सामुदायिक नेताओं, युवा संगठनों, नागरिक समूहों से हिंसा को पीछे छोड़कर शांति, सांविधानिक मूल्यों को कायम रखने और एकता पर बल दिया गया।
सांविधानिक मूल्यों पर हमला
प्रस्ताव में कहा है, सदन जघन्य, कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा करता है। ऐसे आतंकी कृत्य कश्मीरियत व संविधान में निहित मूल्यों, एकता, शांति-सद्भाव की भावना पर हमला हैं, जो जम्मू-कश्मीर व हमारे देश की विशेषता रही है।
- सदन पीड़ितों व उनके परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्हें अपूरणीय क्षति हुई है। इस दुख की घड़ी में उनका साथ देने का सामूहिक संकल्प लेते हैं।
- सदन केंद्र की ओर से सुरक्षा पर लिए गए कूटनीतिक फैसलों का समर्थन करता है।
- सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेशाें की सरकार से अपील है कि वे कश्मीरी छात्रों, व्यापारियों व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
सीएम उमर बोले-लाशों पर सियासत नहीं करूंगा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह मौका जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग का नहीं है। मैं 26 लोगों की लाशों पर कोई सियासत नहीं करूंगा। मेरी सियासत इतनी सस्ती नहीं है। यह वक्त पहलगाम के आतंकी हमले की कड़ी निंदा और मृतकों के परिजनों के प्रति हमदर्दी जताने का है।
विधानसभा के विशेष सत्र में उमर ने कहा, लोगों का भारी आक्रोश संकेत है कि राज्य से आतंकवाद का जल्द सफाया हो सकता है। बंदूक से आतंकवाद खत्म नहीं किया जा सकता। यह तभी खत्म होगा, जब लोग साथ होंगे। अब लगने लगा है कि लोग साथ जुड़ रहे हैं। हमारी तरफ से कोई गलत कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। यह एक मौके की शुरूआत है। 21 साल बाद कश्मीरियत, देश की एकता, शांति व सद्भावना पर सीधा हमला है। उमर ने कहा, राज्य ने पहले भी अमरनाथ यात्रा, कश्मीरी पंडितों पर हमले देखे हैं, पर 21 साल से ऐसा हमला नहीं हुआ। यह आज की कहानी नहीं है। बदकिस्मती से ऐसे हालात पैदा हुए हैं। अब लग रहा अगला हमला कहां होगा।
मेरे पास माफी के लिए शब्द नहीं
उमर ने कहा, राज्य में सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनी हुई सरकार के पास नहीं है। पर बतौर पर्यटन मंत्री मैंने पर्यटकों को बुलावा दिया था। अब मैं इनके घरवालों से किन शब्दों में माफी मांगूं। उनकी सुरक्षित घर वापसी मेरी जिम्मेदारी थी, पर मैं निभा नहीं पाया। मेरे पास माफी के लिए शब्द नहीं हैं।
उमर बोले, मैं उन बच्चों से क्या कहूं जिन्होंने अपने पिता को खून में लिपटे देखा। या उस नेवी अफसर की विधवा को, जिसकी कुछ दिन पहले ही शादी हुई थी। उन्होंने कहा, कुछ लोग पहली बार कश्मीर घूमने आए थे।