बीमारियों की जानकारी छुपाने पर स्वास्थ्य विभाग ने 28 निजी अस्पतालों को भेजे नोटिस
इंदौर में बीमारियों की जानकारी छुपाने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 28 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं। यह अस्पताल ओपीडी में इलाज करवाने वाले मरीजों की बीमारी से जुड़ी जानकारी इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफारमेशन पोर्टल (आईएचआईपी) पर अपलोड नहीं कर रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है।

बीमारियों की जानकारी छुपाने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 28 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं। यह अस्पताल ओपीडी में इलाज करवाने वाले मरीजों की बीमारी से जुड़ी जानकारी इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफारमेशन पोर्टल (आईएचआईपी) पर अपलोड नहीं कर रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने की आशंका रहती है।
मरीजों की पोर्टल पर जानकारी देना जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सभी शासकीय और निजी अस्पतालों को इलाज करवाने वाले मरीजों की जानकारी पोर्टल पर देना अनिवार्य है। इससे यह पता लगा सकता है कि किस बीमारी के कितने मरीज सामने आ रहे हैं, और किस इलाके में कौन-सी बीमारी तेजी से फैल रही है। इसके आधार पर विभाग समय रहते रोकथाम के उपाय कर सकता है। लेकिन निजी अस्पतालों ने इसमें लापरवाही बरती। इन्होंने पिछले कई दिनों से मरीजों की कोई रिपोर्टिंग नहीं की है।
शहर में फैल रही बीमारियां
बता दें कि वर्तमान में शहर में कोरोना के अलावा डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और अन्य संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग इसपर नियंत्रण के लिए कार्य भी कर रहा है। लेकिन निजी अस्पताल इसमे अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं।
शहर के कुछ अस्पतालों द्वारा बीमारियों की जानकारी आइएचआईपी पोर्टल पर अपलोड नहीं की जा रही थी। इस संबंध में अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए है। अस्पतालों से कहा है कि जानकारी अपलोड करें ताकि विभाग बीमारियों की मानिटरिंग कर सके। – डा. माधव हासानी, सीएमएचओ।
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर रिपोर्टर ने की आत्महत्या
प्रादेशिक न्यूज चैनल के रिपोर्टर की मौत के मामले में एक युवती का नाम सामने आया है। उस पर युवक को धमकाने और ब्लैकमेल करने का शक गहरा रहा है। पुलिस कॉल डिटेल निकाल कर जांच में जुट गई है। रिपोर्टर से उसकी प्रयागराज में दोस्ती हुई थी और शादी की चर्चा भी चल रही थी।
प्रादेशिक न्यूज चैनल के रिपोर्टर की मौत के मामले में एक युवती का नाम सामने आया है। उस पर युवक को धमकाने और ब्लैकमेल करने का शक गहरा रहा है। पुलिस कॉल डिटेल निकाल कर जांच में जुट गई है। रिपोर्टर से उसकी प्रयागराज में दोस्ती हुई थी और शादी की चर्चा भी चल रही थी। समर्थ सिटी (गांधीनगर) निवासी 35 वर्षीय विकास सोलंकी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह एक न्यूज चैनल में रिपोर्टिंग करता था।
युवती ने उस पर शादी का दबाव बनाया
पुलिस पति-पत्नी का विवाद बता रही थी। बुधवार को घटना में नया मोड़ आ गया। विकास के परिचितों ने दावा किया कि उसको लखनऊ में रहने वाली एक युवती धमका रही थी। उससे प्रयागराज कुंभ के दौरान विकास की दोस्ती हुई थी। दोनों चैटिंग और वीडियो कॉलिंग करते थे। युवती ने उस पर शादी का दबाव बनाया था। बैंक में नौकरी करने वाली यह युवती पति से अलग रहती है। विकास की पत्नी भी मायके रहने चली गई थी। टीआइ अनिल यादव के मुताबिक परिवार बयान देने की स्थिति में नहीं है। विकास के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। उसकी पत्नी भी बीमार हो गई है।
छात्रा की मौत में प्रेमी पर प्रकरण दर्ज
19 वर्षीय कमला थावरिया की मौत के मामले में आजाद नगर पुलिस ने उसके प्रेमी राहुल अजनार के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। कोहीनूर कॉलोनी में रहने वाली कमला ने 2 अगस्त को फांसी लगाई थी। वह फार्मा की छात्रा थी। पुलिस के अनुसार राहुल से छह साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अचानक उसने दूरी बना ली और कमला ने फांसी लगा ली।
49,262 पदों पर भर्ती करेगी सरकार, बैठक में कई अहम फैसले
बुधवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी। मध्य प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों के 49 हजार 262 नए पदों पर भर्ती करेगी। इनकी भर्ती में आउटसोर्स पर कार्य रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। डाइंग कैडर में 5650 पदों पर कार्यरत कर्मियों के सेवानिवृत्त या त्यागपत्र आदि के उपरांत ये पद भी समाप्त किए जाएंगे।
डिप्टी सीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई से 19 जुलाई तक विदेश यात्रा पर रहेंगे। सीएम दुबई और स्पेन की यात्रा पर जाएंगे। यात्रा के दौरान वे निवेशकों से मुलाकात कर राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देंगे। लुधियाना से करीब 15 हजार करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ है। इससे 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
35 लाख किसानों को सीधा फायदा
कैबिनेट ने कृषि सिंचाई जल कर में किसानों को बड़ी राहत देते हुए समझौता लाभ के तहत 35 लाख किसानों की 84.17 करोड़ रुपए की दंड राशि माफ करने का निर्णय लिया है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने जल कर की राशि नहीं भरी है या नहीं भर पाए हैंं। ऐसे किसानों की जल कर दंड राशि सरकार माफ करेगी। यह योजना मार्च 2026 तक लागू रहेगी। किसानों को केवल मूलधन देना होगा, लेकिन ब्याज पर लगाया गया दंड माफ किया जाएगा।
49,263 नवीन पदों की स्वीकृति
सरकार ने बिजली विभाग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 49,263 नवीन पदों की स्वीकृति दी है। बिजली वितरण कंपनियों में नए पद सृजित किए गए हैं। डिस्ट्रीब्यूशन की तीनों कंपनियों में मैन पावर की कमी को दूर किया जाएगा। लाडली बहना योजना के तहत 12 जुलाई को रक्षाबंधन के अवसर पर 1 करोड़ 27 लाख महिलाओं को 250 रुपये की राशि उनके खातों में अंतरित की जाएगी।
गुरु पूर्णिमा पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम
कैबिनेट ने निषादराज जयंती के अवसर पर विशेष घोषणाएं करने का निर्णय लिया है। वहीं 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डिप्टी सीएम ने बताया कि जबलपुर विश्वविद्यालय की तर्ज पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी कुलगुरु प्रणाली को अपनाया है। प्रदेश को CAMPA फंड के तहत 1478.38 करोड़ रुपए की राशि केंद्र से प्राप्त हुई है, जिसका उपयोग ग्रामीण और वन क्षेत्रों के विकास में किया जाएगा।
66 से ज्यादा नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों में पदों की स्वीकृति
धरती आवा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 66 से ज्यादा नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों में पदों की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए वर्ष 2025-26 तक 19.1 करोड़ रुपये की लागत का प्रावधान किया गया है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी रहेगी। प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत मूंग की खरीदी पर 3.51 लाख मीट्रिक टन को मंजूरी दी गई है, जबकि 8 लाख मीट्रिक टन के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
212 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व
शहरी विकास के तहत कैबिनेट को यह जानकारी दी गई कि बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के बाद दुर्घटनाओं में 51 प्रतिशत और मौतों में 17 प्रतिशत की कमी आई है। लेक व्यू का रिडेवलपमेंट प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है, जिस पर कार्य किया जाएगा। राजस्व वृद्धि के तहत भारतीय स्टाम्प अधिनियम में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य को 212 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों का विजन डॉक्युमेंट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी बजट में इन सुझावों के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों के 49 हजार 262 नए पदों पर भर्ती करेगी। इनकी भर्ती में आउटसोर्स पर कार्य रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस फैसले के बाद ऊर्जा विभाग के तहत विद्युत वितरण कंपनियों में नियमित पदों की संख्या बढ़कर 77 हजार 298 हो जाएगी। नियम-पदों के सृजन के चलते पूर्व स्वीकृत पदों में 17 हजार 620 अनुपयोगी पद समाप्त किए जाएंगे। इसके साथ ही डाइंग कैडर में 5650 पदों पर कार्यरत कर्मियों के सेवानिवृत्त या त्यागपत्र आदि के उपरांत ये पद भी समाप्त किए जाएंगे। इसके अलावा 35 लाख किसान कृषि सिंचाई राजस्व वसूली के 31 मार्च 2025 तक की कुल बकाया सिंचाई जलकर की मूल राशि 31 मार्च 2026 तक एक साथ जमा करते है तो 84.17 करोड़ रुपये ब्याज एवं पेनाल्टी माफ की जाएगी।
विद्युत कंपनियों की संरचना को 14 साल बाद स्वीकृति
इन दोनों ही प्रस्तावों पर बुधवार को मंत्रालय में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दी गई। बता दें कि 31 मार्च 2025 की स्थिति में कृषकों पर सिंचाई जलकर की अवशेष राशि 647 करोड़ 67 लाख रूपए बकाया है। इसमें मूल राशि 563 करोड़ 29 लाख रुपये एवं ब्याज राशि 84 करोड़ 17 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि विद्युत कंपनियों की संगठनात्मक संरचना को 14 साल बाद स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा उपरांत निर्णय लिए गए।
ऋण की गारंटी अब मध्य प्रदेश सरकार लेगी
मूंग खरीदी के लिए मार्कफेड लेगा 3500 करोड़ का ऋण, गारंटी लेगी सरकार मूंग खरीदी के लिए मार्कफेड 3500 करोड़ रुपये का ऋण लेगा। इस ऋण की गारंटी अब मध्य प्रदेश सरकार लेगी। सरकार द्वारा ऋण की गारंटी लेने से बैंक एक दो प्रतिशत कम ब्याज पर ऋण दे देगा। इतना ही नहीं, कई बार मार्कफेड, नाफेड से तय लक्ष्य से अधिक मूंग खरीद लेता है। जो मूंग बच जाती है, उसे बाजार में एमएसपी से दो से तीन हजार रुपये कम दाम पर बेचना पड़ता है, इससे मार्कफेड को भारी नुकसान होता है।
उड़द उत्पादक 19 हजार 500 किसानों का पंजीयन
इस स्थिति में अब इस नुकसान की भरपाई सरकार वहन करेगी और मार्कफेड को इसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। मूंग खरीदी के लिए पांच जुलाई 2025 तक 3.62 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं, उड़द उत्पादक 19 हजार 500 किसानों का पंजीयन किया गया है। भारत सरकार से 3.51 लाख मिट्रिक टन खरीदी की मंजूरी मिली है। कैबिनेट में तय किया गया कि 8.57 लाख मिट्रिक टन खरीदी की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
धरती आबा योजना में शुरू होंगे 66 नए आंगनबाड़ी केंद्र
महिला एवं बाल विकास विभाग धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह वाले क्षेत्रों में 66 नए आंगनबाड़ी केंद्र शुरू के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दी गई। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 66 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वं 66 सहायिका के अलावा पर्यवेक्षक के दो पद सृजन की स्वीकृति भी दी गई। इस पर 15.21 करोड़ रुपये व्यय होंगे। केंद्र सरकार 9.55 करोड़ एवं राज्य सरकार 5.66 करोड़ रुपये व्यय करेगी।
विद्युत उत्पादन इकाइयों को पांच से 10 प्रतिशत बिजली देने की अनिवार्यता समाप्त
ऊर्जा विभाग के अन्य प्रस्तावों को स्वीकृति देते हुए राज्य सरकार ने विद्युत उत्पादन इकाइयों के लिए कुल उत्पादन का पांच से 10 प्रतिशत वेरिएबल दर पर बिजली देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। एमपीपीएमसीएल द्वारा प्रदेश में दीर्घकालीन ताप विद्युत क्रय के लिए विद्युत क्रय अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार समस्त अनुबंधों के विकासकों से विद्युत क्रय अनुबंध अंतर्गत प्री-इस्टीमेटेड लिक्विडेटेड डेमेजेज (10 लाख रुपये प्रति मेगावाट) की राशि की वसूली की जाएगी। इस राशि के जमा होने के बाद ही विकासकों की जमा बैंक गारंटी तीन लाख रुपये प्रति मेगावाट वापस की जाएगी। साथ ही ऐसे विकासक, जो अपनी ऊर्जा उत्पादन का, शतप्रतिशत एमपीपीएमसीएल को उपलब्ध नहीं कराएंगे, उन पर अनुबंध अनुसार यथावत लागू होंगे।
इन प्रस्तावों को भी मिली कैबिनेट की स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कैंपा फंड से किए जाने वाले वन विभाग के विकास कार्यों के लिए कैंपा फंड के 1478.38 करोड़ रुपये उपयोग की स्वीकृति दी गई।
होटल अशोका लेक व्यू पीपीपी माडल पर बनाया जाएगा। निजी निवेशक के पक्ष में लीज पर पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क की प्रतिपूर्ति विभागीय बजट से की जाएगी।भारतीय स्टांप (मप्र संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी दी गई। इससे राज्य सरकार को 212 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
संचालनालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा के अंतर्गत तीन नए राजस्व संभागों नर्मदापुरम, चंबल एवं शहडोल में क्षेत्रीय कार्यालय स्थानीय निधि संपरीक्षा खोलने एवं चार नवगठित जिलों निवाडी, मैहर, मऊगंज एवं पांढुर्णा के लिए सम्मिलित रूप से कुल सात सहायक संचालक के पद के निर्माण की स्वीकृति दी है।
हड़ताल का असर, भोपाल में श्रमिक संगठनों का प्रदर्शन
देशभर में श्रमिकों और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एकजुट होकर हड़ताल का रास्ता अपनाया है। केंद्रीय श्रमिक संगठनों और स्वतंत्र यूनियनों की अपील पर बुलाई गई इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बैंक, डाक सेवा, परिवहन, कोयला, निर्माण, और अन्य क्षेत्रों के लाखों कर्मचारी भाग ले रहे हैं। हड़ताल का उद्देश्य केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध करना है जिन्हें श्रमिक संगठन ‘श्रमिक विरोधी’ और ‘जनविरोधी’ मानते हैं। प्रदर्शनकारियों की कुल 17 प्रमुख मांगें हैं, जिनमें न्यूनतम वेतन, स्थायी रोजगार, निजीकरण पर रोक, और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
भोपाल में प्रदर्शन, सेवाओं पर असर
राजधानी भोपाल में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। विभिन्न संगठनों से जुड़े श्रमिक सुबह 10:30 बजे डाक भवन के पास स्थित इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने एकत्र होंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे एकजुट होकर रैली निकालेंगे और सभा करेंगे। इस दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की जाएगी। हड़ताल की वजह से भोपाल में बैंकिंग और डाक सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है। अन्य कई सार्वजनिक सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, रेलवे यूनियनों ने इस हड़ताल में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है, लेकिन वे आंदोलन को नैतिक समर्थन दे रही हैं।
राखियों की धूम, 5 रुपये से 1200 तक मिल रही खास वैरायटी
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन इस वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को देखते हुए इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में राखियों का होलसेल बाजार सज गया है। यहां की दुकानों में विभिन्न डिजाइनों की राखियों की भरमार है और खरीददारों की भीड़ भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में यही रौनक शहर के प्रमुख बाजारों, गलियों और चौराहों पर भी देखने को मिलेगी। इंदौर हमेशा से प्रदेशभर में राखियों की आपूर्ति का केंद्र रहा है, ऐसे में यहां का बाजार पूरे राज्य के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इंदौर में राखियों का होलसेल बाजार रानीपुरा में शुरू हो गया है। 9 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन को लेकर बाजार में रौनक बढ़ गई है। यहां से न केवल प्रदेश भर में, बल्कि अन्य राज्यों में भी राखियां भेजी जाती हैं।
इंदौर से प्रदेश और बाहर तक जाती हैं राखियां
रानीपुरा के व्यापारी राजेश जोशी ने बताया कि इंदौर न केवल स्थानीय जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और उससे बाहर के राज्यों में भी राखियों की आपूर्ति करता है। शहर में महीनों पहले से राखियों का निर्माण शुरू हो जाता है। हालांकि, बीते दो से तीन वर्षों में राखी के दामों में विशेष अंतर नहीं आया है, लेकिन बाजार में प्रतिस्पर्धा अब गुजरात से भी होने लगी है। इस वर्ष भी बाजार में डायमंड, स्टोन, फैंसी डोरी, और बच्चों के पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर्स वाली राखियों के साथ ही थीम बेस्ड राखियों की विविध रेंज उपलब्ध है। अन्य व्यापारियों ने बताया कि रक्षाबंधन से दो-तीन दिन पहले स्थानीय बाजारों में खरीददारी का माहौल चरम पर रहेगा।
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देशभर से आती हैं वैरायटी राखियां, कीमत पर असर
रानीपुरा इंदौर का सबसे बड़ा राखी कारोबार केंद्र है। यहां केवल इंदौर में बनी राखियां नहीं बल्कि कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, राजकोट और अहमदाबाद से भी राखियां मंगाई जाती हैं। इन राखियों की कीमत उनके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और पैकिंग की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इस साल बाजार में 5 रुपये से लेकर 1200 रुपये प्रति दर्जन तक की राखियां उपलब्ध हैं। हालांकि रानीपुरा एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों के अनुसार, कुछ पुराने ग्राहक अब इंदौर के बजाय सीधे अहमदाबाद से खरीदारी करने लगे हैं, जिससे इंदौर के होलसेल बाजार पर असर पड़ा है।
कच्चे माल से इंदौर में ही बनती हैं राखियां
इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में राखियों का निर्माण एक घरेलू उद्योग के रूप में चलता है। रक्षाबंधन से करीब दो महीने पहले ही बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार कच्चा माल लेकर राखियों को बनाना और पैक करना शुरू कर देते हैं। इन राखियों के निर्माण के लिए राजकोट और दिल्ली से बड़ी मात्रा में कच्चा माल मंगवाया जाता है। इंदौर के कई घरों में महिलाएं इस कार्य में संलग्न हैं और अब यह काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इससे न केवल स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलता है, बल्कि इंदौर की राखियां पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान भी बनाए रखती हैं।