नई दिल्ली. कोरोना वायरस की दूसरी लहर में अब तक 594 डॉक्टर अपनी जान गंवा चुके हैं. इस बात की जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बुधवार को दी है. जारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान डॉक्टरों की मौत के मामले में राजधानी दिल्ली , बिहार और उत्तर प्रदेश शीर्ष तीन राज्य हैं. बीते साल चिकित्सकों की मौत का आंकड़ा 736 पर था.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा 107 डॉक्टर्स की मौत हुई है. जबकि, बिहार में यह आंकड़ा 96 और उत्तर प्रदेश में 67 पर है. इसके बाद राजस्थान में 43 और झारखंड में 39 डॉक्टर्स जान गंवा चुके हैं. देश के कम से कम 12 ऐसे राज्य हैं, जहां चिकित्सकों की मौत का आंकड़ा दहाई के अंक को पार कर गया है.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने जान गंवाने वाले डॉक्टर्स के परिवार के लिए एक फंड की शुरुआत की है. बताया जा रहा है कि कोविड शहीद फंड में करोड़ों रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है. देश में वैक्सीन कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही सबसे पहली प्राथमिकता स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई थी. केंद्र सरकार ने मृतक डॉक्टरों की परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया था. बिहार सरकार ने भी 4 लाख रुपये देने की घोषणा की थी.
| राज्य | मौत के आंकड़े |
| आंध्र प्रदेश | 32 |
| असम | 08 |
| छत्तीसगढ़ | 03 |
| दिल्ली | 107 |
| गुजरात | 31 |
| गोवा | 02 |
| हरियाणा | 03 |
| जम्मू-कश्मीर | 03 |
| झारखंड | 39 |
| कर्नाटक | 08 |
| केरल | 05 |
| मध्य प्रदेश | 16 |
| महाराष्ट्र | 17 |
| ओडिशा | 22 |
| मणिपुर | 05 |
| पुडुचेरी | 01 |
| पंजाब | 03 |
| राजस्थान | 43 |
| तमिलनाडु | 21 |
| तेलंगाना | 32 |
| त्रिपुरा | 02 |
| उत्तर प्रदेश | 67 |
| उत्तराखंड | 02 |
| पश्चिम बंगाल | 25 |
| बिहार | 96 |
| अज्ञात | 01 |
| कुल | 594 |
IMA ने बीती अप्रैल में केंद्रीय गृहमंत्री से डॉक्टर्स को मरीज के परिजनों की तरफ से की जा रही हिंसा से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी. संस्था की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के दौरान कहा गया था काम के दौरान हिंसा के चलते स्वास्थ्यकर्मियों के घायल होने की संभावना 4 गुना ज्यादा है. IMA ने महामारी में अस्पतालों को सुरक्षित जोन घोषित किए जान की मांग की थी. साथ ही अस्पतालों में पुलिस की उपस्थिति की भी बात कही गई थी.

