अग्नि आलोक

*ऐसे तो वीरान हो जाएंगे सीएम राइज स्कूल*

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इंदौर, । सांवेर विधानसभा में पांच किलोमीटर के दायरे में दो हायर सेकंडरी और दो सीएम राइज स्कूल हैं। बच्चों का टोटा पड़ गया है। शिक्षक और स्टाफ की कमी है।

हातोद तहसील के गांव पाल कांकरिया और सांवेर तहसील के गांव कछालिया में दो सीएम राइज स्कूल बनाए। गांववालों का कहना है कि एक स्कूल से दूसरा नजर आता है। दोनों स्कूल नेताओं को खुश करने के लिए कांकड़ के आसपास आमने-सामने बना दिए। कछालिया का सीएम राइज स्कूल करीब अड़तीस करोड़ रुपए से बना था। नए सत्र में स्कूल शुरू हुआ और बच्चे पढ़ने आने लगे थे, लेकिन शिक्षकों और स्टाफ की कमी के चलते पालकों ने बच्चों को निकाल लिया।

पाल कांकरिया का सीएम राइज स्कूल तीन साल से बन रहा है, अधूरा है। इस सत्र में चालू नहीं हुआ। सूत्रों ने बताया कि दोनों सीएम राइज स्कूल से तीन किमी की दूरी पर रतनखेड़ी और अजनोद में हायर सेकंड़री स्कूल पहले से हैं।

चुनाव में घोषणा और चली बस… लोकसभा-विधानसभा चुनाव के पहले

सीएम राइज स्कूल के बच्चों को लाने-ले-जाने के लिए मुफ्त बस चलाई थी। अब बंद है। इन स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का दावा-वादा किया था। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की विधानसभा है।

दो खड़ी… पांच गायब

कछालिया के पूर्व सरपंच रमेश पटेल ने कहा कि सात बसों में से दो स्कूल के सामने खड़ी हैं, पांच कहां है किसी को पता नहीं। बच्चे पैदल ही स्कूल आ रहे हैं।

दाखिले निकाल रहे पालक…

कछालिया प्रिंसीपल रितु जोशी ने कहा कि पांच सौ सत्तर से ज्यादा बच्चे पढ़ने आ रहे हैं। नया स्कूल बन रहा है, इस वजह से पुराने भवन में पढ़ाई हो रही है। बस बंद होने से कुछ पालकों ने दूरी की वजह से बच्चों को दाखिले निकला लिए। सात-आठ किलोमीटर दूर से बच्चे आते हैं। बस शुरू हो जाएगी तो बच्चों की संख्या ओर बढ़ जाएगी ।

 *बस बंद होने से ग्रामीण जन स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं बच्चों को*

इंदौर। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए सरकार ने कम राइस स्कूल खोले थे इंदौर के भी ग्रामीण अंचल में ऐसे ही स्कूल संचालित हैं इन स्कूलों का आकर्षण ग्रामीणों में पैदा करने के लिए विभिन्न सुविधाएं जुटाई गई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह सारी सुविधाएं बंद होती जा रही है। पहली मार स्कूल बसों पर पड़ी है ।

 सांवेर और देपालपुर तहसील के सीएम राईज स्कूल की बसे अब बंद कर दी गई है । जिससे ग्रामीणों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी आ रही है। कई ग्रामीणों ने तो कई कई दिनों से अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है तो कई ग्रामीण सीएम राईज  स्कूल से अपने बच्चों का नाम कटवाने का विचार कर रहे हैं ।

संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया और शैलेंद्र पटेल ने बताया कि सावेर और देपालपुर तहसील के सीएम राइज स्कूल की बसे बंद कर दी गई है । जिससे ग्रामीण क्षेत्र के पालकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।

पूर्व में सीएम‌ राइज स्कूल के बच्चों को लाने-ले-जाने के लिए मुफ्त बस चलाई थी। अब बंद है। इन स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का दावा-वादा किया था। सांवेर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की विधानसभा है।

कछालिया के ग्रामीणों ने बताया कि सात बसों में से दो स्कूल के सामने खड़ी हैं, पांच कहां है किसी को पता नहीं। बच्चे पैदल ही स्कूल आ रहे हैं।

 बस बंद होने से कुछ पालकों ने दूरी की वजह से बच्चों को दाखिले निकला लिए। सात-आठ किलोमीटर दूर से बच्चे आते हैं। 

किसान नेताओं ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि स्कूलों की बसें पुनः चालू की जाए, ताकि ग्रामीणों को अपने बच्चों को पढ़ाने में परेशानी का सामना न करना पड़े । यदि जल्द ही बसे चालू नहीं हुई तो संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन करने को बाध्य होगा ।

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