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UP में भाजपा ने लड़की से लड़ने के लिए लड़कियों को ही आगे किया, मुलायम की बहू, स्वामी की बेटी को सपा के खिलाफ उतारा

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लखनऊ

उत्तर-प्रदेश में लॉ एंड आर्डर और महिला सुरक्षा, हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में भी पार्टियों के एजेंडा इससे अछूते नहीं है। अब सत्ता में रही भाजपा लोगों को मजबूत महिला चेहरों की मदद से ये भरोसा दिलाना चाहती हैं कि उन्होंने 2017 में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने का वादा किया था। उसे पूरा भी किया है।
यूपी के हर घर तक ये संदेश पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा समेत पॉलिटिकल पार्टियों की घेराबंदी का जवाब देने के लिए भाजपा ने मृगांका सिंह, रिया शाक्य, अंजुला माहौर, प्रियंका सिंह रावत, अर्चना मिश्रा, अदिति सिंह, अपर्णा यादव, संघमित्रा मौर्य और प्रियंका मौर्य को आगे किया है।
आइए आपको बताते हैं कि भाजपा की महिला ब्रिगेड में इन चेहरों को किन-किन जिम्मेदारियों से नवाजा गया है…

मुलायम की बहू, स्वामी की बेटी को सपा के खिलाफ उतारा

प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हू’ कैंपेन के खिलाफ भाजपा ने अपर्णा यादव, अदिति सिंह, संघमित्रा मौर्य और प्रियंका मौर्य को कमान सौंपी है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव और भाजपा छोड़ सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और सांसद संघमित्रा मौर्य समाजवादी पार्टी की घेराबंदी करेंगी। उनकी व्यूह रचना को समझने और तोड़ने का काम करेंगी। वहीं कोशिश होगी कि संदेश ये दिया जाए कि इन पार्टियों में ही महिला चेहरे सुरक्षित नहीं हैं।

पोस्टर गर्ल प्रियंका और अदिति देंगी कांग्रेस के दावों का जवाब
साथ ही प्रियंका गांधी के महिलाओं के लिए 40% टिकट में आरक्षण और ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ अभियान की हवा निकालने के लिए इस कैंपेन की पोस्टर गर्ल रही प्रियंका मौर्य और कांग्रेस की विधायक रही अदिति सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। अदिति पहले भी कांग्रेस के खिलाफ मुखर रही है, लेकिन प्रियंका मौर्य के लिए ये बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि उन्होंने हाल में भाजपा ज्वाइन की है।
सरकार ने महिलाओं के लिए क्या किया, ये बता रही प्रियंका और अर्चना

प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से 16वीं लोकसभा के लिये चुनी गई सबसे कम उम्र की सांसद थीं। अब वह पार्टी में सगंठन में महामंत्री हैं। पार्टी में महिलाओं को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी निभा रही हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर प्रियंका रावत की भूमिका महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के साथ ही उनके लिए बनाई गई सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी है।

यह काम प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा भी कर रही है। भाजपा की प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा भी डोर-टू-डोर कैंपेन चला कर सरकार की योजनाओं की जानकारी महिलाओं को दे रही है। इस दौरान घर की महिलाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को बताने के साथ ही योगी सरकार में महिलाओं की प्राथमिकताओं की जानकारी भी दी जा रही है।

25 महिला चेहरे, मतलब भाजपा का महिला सशक्तीकरण

पहले, दूसरे और तीसरे फेज के चुनाव के लिए 25 महिलाओं को टिकट दिया है। पहली सूची में 10 और दूसरी में 15 महिला प्रत्याशी हैं। कुछ तो पहले भी विधायक रहीं हैं। मंत्री भी बनी हैं। पूर्व मंत्री अर्चना पांडेय और निलिमा कटियार के अलावा पार्टी ने कैराना से हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह और बिधूना से विधायक रहे विनय शाक्य की बेटी रिया शाक्य को चुनावी समर में उतारा है।

बिधूना से भाजपा विधायक रहें विनय शाक्य पार्टी छोड़ सपा में शामिल हो चुके है। पार्टी ने अब बिधूना से ही उनकी बेटी रिया को मैदान में उतारकर सपा को जवाब दिया है। इतना ही नही पार्टी ने प्रदेश मंत्री अंजुला माहौर को भी चुनावी संग्राम में उतारा है। हाथरस की सुरक्षित सीट से भाजपा ने अंजुला माहौर को प्रत्याशी बनाया कर भी पार्टी ने महिला सशक्तिकरण का संदेश देने की कोशिश की है।

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