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पुराने औद्याेगिक क्षेत्र में बढ़ रहा प्रदूषण, इधर नया औद्याेगिक एरिया डेवलप करने की तैयारी

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देवास

शहर के पुराने औद्याेगिक क्षेत्र में प्रदूषण लेवल बढ़ा हुआ है। दूषित हवा का स्तर बढ़ने का कारण यहां फैक्टरियों की संख्या अधिक हाेने और प्लांटेशन उस हिसाब से नहीं हाेना है। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

स्थिति यह है कि यहां के ज्यादातर हिस्साें में लगे वर्षाें पुराने पेड़ सूख रहे हैं। कई पेड़ाें काे काट लिया गया है। सड़कें उखड़ रही हैं। धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मप्र शासन ने देवास में एक और नया औद्याेगिक क्षेत्र डेवलप करने की तैयार कर ली है। ऐसे में शहर में फैक्टरियों की संख्या ताे बढ़ेगी पर पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया ताे प्रदूषण और अधिक बढ़ेगा।

लगभग एक हजार हेक्टेयर में फैले इस औद्याेगिक क्षेत्र में स्थिति यह है कि ज्यादातर सड़कें उखड़ रही हैं। गड्‌ढे हाे रहे हैं। धूल उड़ती रहती है। कई फैक्टरियों की बाउंड्रीवाल के आसपास बड़े-बड़े वृक्ष लगे हुए थे। वे सूखने की स्थिति में आ गए हैं। कुछ हिस्साें में झाड़ियां और चैंबर खुले पड़े हुए हैं। बिजली के खंभे टेड़े हाे रहे हैं। हालात ताे यह है कि यहां की एक नई सड़क पर मुख्यमंत्री के स्वागत में 100 से अधिक पाैधे लगाए गए थे, वे भी देखरेख के अभाव में सूख गए हैं। जिम्मेदाराें की मानें ताे सड़कें उखड़ने और पेड़ सूखने के पीछे प्रमुख कारण अलग-अलग कार्याें के दाैरान लाइन बिछना है, जिसके तहत लाइन बिछाने के लिए खुदाई की गई, पर ठीक से उन्हें फिर भरा नहीं गया।

27 जनवरी काे आए थे सीएम, तब करके गए थे घाेषणा
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चाैहान 27 जनवरी काे देवास आए थे। इस दाैरान उन्हाेंने घाेषणा की थी कि नए उद्योग जिले में खोले जाएंगे और नवीन उद्योग स्थापना के के लिए जमीन की आवश्यकता होगी। वह जमीन किसानों से ली जाएगी तथा उस जमीन को विकसित कर उस जमीन का एक हिस्सा किसानों को दिया जाएगा। 2 हजार 67 करोड़ रुपए आगामी पांच वर्षों में उद्योग की स्थापना में खर्च किए जाएंगे।

एक्सपर्ट व्यू
प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के वरिष्ठ अधिकारी दिलीप केसरे के मुताबिक किसी इंडस्ट्रियल क्षेत्र में प्लांटेशन का बहुत बड़ा महत्व है। औद्याेगिक क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पेड़ पाैधे रहेंगे ताे प्रदूषण कंट्राेल में रहेगा। हवा शुद्ध रहेगी। जहां तक पीएम 10 का लेवल बढ़ने का मामला है ताे यह पुराने व्हीकल्स, फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं के कारण भी बढ़ता है।

औद्याेगिक क्षेत्र में 117 के ऊपर रहता है पीएम 10 का लेवल
शहर में ज्यादातर समय पीएम 10 का लेवल 100 से ज्यादा रहता है। औद्याेगिक क्षेत्र में यह लेवल 117 के ऊपर है। इसका स्तर बढ़ने से हवा दूषित हाे जाती है, जिससे बच्चाें, बुजुर्गाें के स्वास्थ्य काे खतरा बढ़ जाता है। दमा और अस्थमा के राेगियाें काे भी खतरा रहता है।

प्लांटेशन किया गया है आगे भी करने की याेजना है
इंडस्ट्रीज एसाेसिएशन के अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल बताते हैं कि औद्याेगिक क्षेत्र में एक बड़े हिस्से में प्लांटेशन किया गया है। भविष्य में भी बड़े स्तर पर प्लांटेशन करने की याेजना है। स्पाेर्ट्स पार्क एक बड़ा उदाहरण है।

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