इंदौर
होलकर स्टेडियम में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ एक दिवसीय क्रिकेट मैच जीरो वेस्ट वाला रहा। नगर निगम ने इसके लिए तैयारी की थी। स्टेडियम से एक दिन में तीन टन कचरा निकला। सूखे कचरे को 13 प्रकार से सेग्रीगेट कर रीसाइक्लिंग उद्योगों को बेचा जाएगा। गीले कचरे को मोबाइल कम्पोस्टिंग कर खाद में परिवर्तित किया। इसके लिए निगम ने स्टेडियम हाउस कीपिंग टीम को प्रशिक्षण दिया था। जीरो वेस्ट थीम को अमलीजामा पहनाने के लिए मैच के दौरान निगम का सफाई अमला स्टेडियम और उसके आसपास मौजूद रहा।स्टेडियम के अंदर चौके-छक्के के पोस्टर ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। प्लास्टिक के तिरंगे की जगह कपड़े के झंडे का उपयोग करने पर जोर दिया गया। स्टेडियम में ब्रांडिंग के लिए लगाए गए फ्लेक्स में मिश्रित कपड़े का उपयोग किया गया। इन फ्लेक्स से कपड़े के थैले बनाए जाएंगे। प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग सजावटी कार्यों में होगा।
ऑस्ट्रेलिया की जर्सी भी पहनकर आए
अधिकांश दर्शक भारत की नीली जर्सी पहने थे। मैच में रोहित शर्मा, विराट कोहली नहींं खेल रहे थे, लेकिन काफी दर्शक उनके नाम की जर्सी पहनकर पहुंचे। दर्शकों ने बैनर के जरिये बताया कि वे इन खिलाडि़यों को मिस कर रहे हैं। कुछ युवा ऑस्ट्रेलिया की जर्सी पहनकर आए।
दो बाल पर दो विकेट, जले मोबाइल के टॉर्च
ऑस्ट्रेलिया पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। प्रसिद्ध की लगातार दो गेंदों पर दो विकेट गिरे तो दर्शकों ने मोबाइल टॉर्च जलाकर खुशियां मनाईं। कुछ लोग स्टेडियम के आसपास की बिल्डिंगों की छतों पर मैच देखने के लिए जमा हुए थे। हवा में घूमकर मैच कवर करने वाले कैमरे को बचाने के लिए प्लास्टिक से ढंका गया।

