अग्नि आलोक

*7 जुलाई की ताजा खबर:अमेरिका संग ‘मिनी ट्रेड डील’ जल्द! दूसरे टेस्ट में भारत का परचम, आज व्हाइट हाउस में नेतन्याहू…,यूएई ने भारतीयों की कर दी बल्ले-बल्ले…,हिमाचल और US के टेक्सास में बाढ़; BRICS के मंच से पहलगाम हमले की निंदा; मुहर्रम पर MP-बिहार में तनाव*

Share

हिमाचल प्रदेश के मंडी और चंबा जिले में फिर बादल फटने से 50 बीघा जमीन और पांच पुल बह गए। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अलकनंदा ने रौद्र रूप ले लिया है। नदी किनारे स्थापित भगवान शिव की मूर्ति डूब गई है। दूसरी तरफ, अमेरिका के मध्य टेक्सास में अचानक आई बाढ़ से अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव दल को और भी शव मिले हैं। कई लोग अभी लापता हैं, जिनमें समर कैंप से लापता 11 लड़कियां भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिनों के ब्राजील दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के नेताओं ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इस दौरान ब्रिक्स नेताओं ने आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड को खारिज कर दिया। वहीं, सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वैश्विक दक्षिण के हाशिए पर पड़े देशों और 21वीं सदी की चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके। सम्मेलन के इतर पीएम मोदी ने कई अहम द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लिया।

हिमाचल प्रदेश के मंडी और चंबा जिले में फिर बादल फटने से 50 बीघा जमीन और पांच पुल बह गए। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अलकनंदा ने रौद्र रूप ले लिया है। नदी किनारे स्थापित भगवान शिव की मूर्ति डूब गई है। टनकपुर—लिपुलेख मार्ग पर भूस्खलन के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा भी कुछ देर बाधित रही। 

हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच चंबा, मंडी और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश हुई। हमीरपुर में एक महिला खड्ड में बह गई। देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। मंडी में शनिवार देर रात बादल फटने से तीन पैदल पुल और एक वाहन पुल बह गया।

चंबा के चुराह उपमंडल में रविवार सुबह करीब नौ बजे बादल फटने से कठवाड़ नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें एक पुल बहने से तीन पंचायतों का संपर्क चुराह उपमंडल से कट गया है। कांगड़ा में जवाली के लब-लुधियाड़-भरमाड़ मार्ग पर सिद्धपुरघाड़ में निर्मित पुल का एक छोर धंसने से सड़क बंद हो गई। ऊना के गगरेट औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी में जलभराव से फंसे 45 कर्मियों को किसी तरह निकाला गया।

परिवार बहा, 10 माह की बच्ची हुई अनाथ
मंडी जिले में बीते मंगलवार को बादल फटने से तलवारा गांव में पूरा परिवार बह गया, उसमें 10 माह की बच्ची नीतिका ही बची है। हिमाचल में बारिश, बाढ़ और बादल फटने से अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 से अधिक लापता हैं। कुल्लू में शनिवार को वाहन के फिसलकर खड्ड में गिरने से चार लोगों की जान चली गई और एक घायल हो गया। राज्य में रविवार को भी 243 सड़कें अवरुद्ध रहीं। बिजली के 244 ट्रांसफार्मर और 278 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित रहीं। 

टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख मार्ग बाधित
उत्तराखंड में टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख सड़क तवाघाट के पास भारी बोल्डर और मलबा आने से बंद हो गई। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रियों सहित स्थानीय लोग फंसे रहे। छह घंटे बाद बीआरओ ने सड़क खोलकर यातायात सुचारु किया। दारमा घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क छिरकिला डैम के पास बोल्डर आने से बंद हो गई। भारी बारिश से यमुनोत्री राजमार्ग 10 दिनों से बंद है। 

नदियां उफान पर
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते राजोरी में धरहाली व सकटोह नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। कटड़ा में शनिवार रात हिमकोटी मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से माता वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई थी, जिसे सुबह चालू किया गया। हालांकि, धुंध के कारण हेलिकॉप्टर सेवा आंशिक रूप से ही बहाल हो सकी।

दिल्ली-एनसीआर में बरसे मेघ
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में रविवार को कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी हल्की बारिश की संभावना जताई है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र और गोवा में रविवार को भारी बारिश हुई। 

हिमाचल व उत्तराखंड   में जारी रहेगी बारिश
हिमाचल के 10 जिलों में सोमवार को भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पांच जिलों  उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर, देहरादून और रुद्रप्रयाग में अगले पांच दिन भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। पश्चिम बंगाल के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके प्रभाव से 12 जुलाई तक ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में मूसलाधार बारिश की संभावना है। 

अमेरिका में बाढ़ का कहर, टेक्सास में 80 लोगों की मौत और 11 लड़कियां लापता
अमेरिका के मध्य टेक्सास में अचानक आई बाढ़ से अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव दल को और भी शव मिले हैं। कई लोग अभी लापता हैं, जिनमें समर कैंप से लापता 11 लड़कियां भी शामिल हैं। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। 

केर काउंटी के शेरिफ लैरी लीथा ने बताया कि बचाव दल को शनिवार दोपहर से 16 शव और मिले हैं, जिससे केर काउंटी में मरने वालों की कुल संख्या 68 पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि काउंटी में बाढ़ से मरने वालों में 40 वयस्क और 28 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब तक लापता सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज और बचाव कार्य जारी रहेगा। 

अभी कितने और लोग लापता, अधिकारियों ने नहीं बताया
बचाव दल को गिरे हुए हुए पेड़ों, पलटी हुई कारों और कीचड़ भरे मलबे के बीच से गुजरते हुए जीवित लोगों को ढूंढना पड़ रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह नहीं बताया है कि समर कैंप की 11 लड़कियों और एक ईसाई ग्रीष्मकालीन शिविर के परामर्शदाता के अलावा और कितने लोग लापता हैं। 

परिवारों को शिविर के आसपास देखने की नहीं दी अनुमति
रविवार (स्थानीय समयानुसार) सुबह, परिवारों को उस ग्रीष्मकालीन शिविर के आसपास देखने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, दूसरी ओर, बचाव दल ग्वाडालूप नदी किनारे पेड़ों और शाखाओं के बीच लोगों को तलाश कर रहे थे, तभी आसमान में एक नया तूफान गरजने लगा। एक महिला और एक किशोरी पानी में भीगे हुए गद्दों और कपड़ों के ढेर के पास बने केबिन में कुछ देर के लिए गईं और वहां एक-दूसरे से लिपटकर रो पड़ीं।

जीवित बचे लोगों को खोजने की उम्मीद हो रही कम
हर बीतते घंटे के साथ, जीवित बचे लोगों को खोजने की उम्मीद धीरे-धीरे कम होती जा रही है। कुछ  परिवार और स्वयंसेवक, जिन्हें ऐसा न करने को कहा गया था, फिर भी खुद ही नदी के किनारों की खोज करने लगे। लोगों ने अब अधिकारियों से यह सवाल पूछना शुरू कर दिया है कि क्या इस बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त चेतावनी दी गई थी या नहीं, और क्या सरकार ने सही तैयारी की थी। 

36 घंटों में बचाए गए 850 से ज्यादा लोग
गौरतलब है कि शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद ग्वाडालूप नदी का पानी 26 फीट (लगभग 8 मीटर) ऊपर उठ गया, जिससे घर और वाहन बह गए। बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि रविवार को भी मध्य टेक्सास में बारिश जारी रही। साथ ही अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दी गई है। वहीं, बचाव दल हेलीकॉप्टर, नाव और ड्रोन के माध्यम से लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि पहले 36 घंटों में 850 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। 

बाढ़ से अब तक कहां कितने लोगों की गई जान

ब्रिक्स सम्मेलन से इतर कई अहम द्विपक्षीय बैठकें, पीएम और जयशंकर ने इन नेताओं से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिनों के ब्राजील दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन से इतर उन्होंने कई अहम द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लिया। पीएम मोदी के अलावा विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर भी ब्राजील के शहर रियो डी जेनेरियो में हैं। उन्होंने भी द्विपक्षीय बैठकें कीं।

BRICS के मंच पर सीओपी 33 की मेजबानी पर चर्चा,भारत की उम्मीदवारी का स्वागत
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने वर्ष 2028 में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसी सी) के 33वें सम्मेलन (सीओपी 33) की मेजबानी के लिए भारत की उम्मीदवारी का स्वागत किया है। रविवार को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस संबंध में एक संयुक्त घोषणापत्र भी जारी हुआ। इसमें सभी देशों ने पेरिस समझौते के उद्देश्य और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एकजुट रहने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

BRICS के मंच पर नेताओं ने एकतरफा टैरिफ पर जताई चिंता
ब्रिक्स समूह के नेताओं ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों के बढ़ने पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसे टैरिफ पर वाशिंगटन की नीति के अप्रत्यक्ष संदर्भ के रूप में देखा गया। ब्रिक्स ने दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में ध्रुवीकरण और विखंडन की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। इसमें कहा गया, हम कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र की स्थिति के बारे में अपनी गंभीर चिंता दोहराते हैं।

ईरानी विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात
ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी पहुंचे। ब्राजील दौरे पर आए ईरानी समकक्ष से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मुलाकात कर पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत की। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर तस्वीर साझा कर लिखा, ‘हमारी बातचीत हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।’

जयशंकर मैक्सिको के विदेश मंत्री से भी मिले
ब्राजील में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश मामलों के सचिव जुआन रामोन डे ला फ़ुएंते से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने “स्वास्थ्य, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष पर ध्यान केंद्रित करते हुए दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की दो टूक, पीएम मोदी ने कही यह बात
गौरतलब है कि दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मेजबान ब्राजील के अलावा रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हुए। इनके साथ-साथ नए सदस्य मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया के नेता भी रियो डी जेनेरियों पहुंचे। रविवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद की निंदा ‘सुविधाजनक’ तरीके से नहीं, ‘सैद्धांतिक’ रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने इसे वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में मानवता के लिए ‘सबसे गंभीर चुनौती’ बताया।

फिर दिखी भारत और रूस के रिश्तों की अहमियत, ब्राजील में लावारोव-जयशंकर की मुलाकात
ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील में मौजूद विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक की। रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग, रविवार को हुई इस मुलाकात के दौरान भारत और रूस के बीच रिश्ते को लेकर अहम बातें हुईं। बता दें कि इससे पहले दोनों नेताओं ने इसी वर्ष फरवरी में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति पर चर्चा की।

ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी। – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

BRICS: ’20वीं सदी के टाइपराइटर से नहीं चल सकता 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर’, वैश्विक संस्थाओं में सुधार पर PM मोदी 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वैश्विक दक्षिण के हाशिए पर पड़े देशों और 21वीं सदी की चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि वैश्विक दक्षिण अक्सर दोहरे मानकों का शिकार रहा है। 

वैश्विक दक्षिण को दिखावे के अलावा कुछ नहीं मिला’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक दक्षिण के सामने मौजूद प्रणालीगत असमानताओं और अक्षमताओं को रेखांकित किया और बताया कि इस क्षेत्र के हितों को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, वैश्विक दक्षिण अक्सर दोहरे मानकों का शिकार रहा है। चाहे विकास हो, संसाधनों का वितरण हो या सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों, वैश्विक दक्षिण के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई है। जलवायु वित्त, सतत विकास और तकनीकी की पहुंच जैसे मामलों में वैश्विक दक्षिण को केवल दिखावे के लिए कुछ ही मिला है।

‘वैश्विक संस्थाओं में दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 20वीं सदी में बने वैश्विक संस्थानों में दुनिया की दो-तिहाई आबादी का ठीक से प्रतिनिधित्व नहीं है। जिन देशों का वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है, उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान नहीं मिला है, जिससे इन संस्थाओं की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता प्रभावित हुई है।

‘वैश्विक संस्थाएं बिना नेटवर्क वाली मोबाइल की सिम जैसी’
उन्होंने कहा, बिना वैश्विक दक्षिण के ये संस्थाएं ऐसे हैं, जैसे मोबाइल जिसमें सिम तो है पर नेटवर्क नहीं। ये संस्थाएं 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने में असमर्थ हैं। चाहे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्ष हों, महामारी हो, आर्थिक संकट हो या साइबर और अंतरिक्ष के नए उभरते खतरे, इन संस्थाओं के पास समाधान नहीं हैं।

‘बहु-ध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की जरूरत’
उन्होंने कहा, आज विश्व को एक नई बहु-ध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की आवश्यकता है। यह व्यापक सुधारों से शुरू होना चाहिए। सुधार केवल प्रतीकात्मक नहीं होने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव भी दिखना चाहिए। शासन के ढांचे, मतदान के अधिकारों और नेतृत्व के पदों में बदलाव होना चाहिए। वैश्विक दक्षिण के देशों की चुनौतियों को नीति निर्धारण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

‘वैश्विक संस्थाओं का हो आधुनिकीकरण’
प्रधानमंत्री ने कहा, एआई के युग में जहां तकनीकी हर हफ्ते अपडेट होती है, यह स्वीकार्य नहीं है कि एक वैश्विक संस्था 80 साल में एक बार भी अपडेट न हो। 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर 20वीं सदी के टाइपराइटर से नहीं चल सकता। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, विश्व व्यापार संगठन और बहुपक्षीय विकास बैंकों जैसे संस्थानों के आधुनिकीकरण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे समकालीन वास्तविकताओं और उभरती चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के विस्तार को सुधार का एक मॉडल बताया और इसमें इंडोनेशिया को शामिल किए जाने का स्वागत किया और इस समूह की बदलती भूमिका को स्वीकार किया।

जुलूस के समय उज्जैन में बवाल, 16 के खिलाफ केस दर्ज


मुहर्रम जुलूस के दौरान उज्जैन में अचानक हंगामा मच गया। खजूरवाड़ी मस्जिद के पास जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग की अवहेलना करते हुए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान एक प्रतीकात्मक घोड़े को बैरिकेड्स में घुसाने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

शहर में तनाव का माहौल
पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हुई झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि शहर में तनाव का माहौल भी पैदा कर दिया।

प्रतिबंधित मार्ग से जाना चाहते थे उन्मादी
उज्जैन में हर साल की तरह इस बार भी मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत इमामबाड़ों से हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। ताजिए, परचम, और प्रतीकात्मक घोड़े (बुर्राक) के साथ जुलूस शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रहा था। पुलिस प्रशासन ने जुलूस के लिए पहले से ही एक निर्धारित मार्ग तय किया था, और आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में जुलूस नहीं ले जाया जाए। हालांकि, कुछ लोग उसी रास्ते से जाने पर अड़े रहे।

पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा
जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एक घोड़ा बैरिकेड्स से टकरा गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को धक्का लगा। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने पहले मौखिक चेतावनी दी, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प में दो पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी पुलिस
उज्जैन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद सख्त रुख अपनाया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि जुलूस के आयोजकों सहित 16 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उज्जैन के अलावा बिहार में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान उपद्रव की खबर सामने आई। बिहार के कटिहार में हालात तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस-प्रशासन को इंटरनेट बंद कराना पड़ा। इसके अलावा दरभंगा में पुलिसकर्मी को चाकू मारे जाने की खबर आई। वैशाली में कुछ लोगों ने बस में आग लगा दी। जबकि मुजफ्फरपुर में विदेशी झंडा लहराने की खबर आई। 

मुहर्रम पर उपद्रव, कटिहार में इंटरनेट बंद; दरभंगा में दरोगा को चाकू मारा
बिहार में मुहर्रम के शोक पर निकले ताजिया जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ है। कहीं दो गुटों में हंगामा तो कहीं दूसरे देश का झंडा लहराना। कटिहार में तो तनाव इतना बढ़ गया कि इंटरनेट सेवाएं ठप करा दी गईं। दरभंगा में जुलूस के दौरान भीड़ ने बिहार पुलिस के एक दरोगा पर चाकू चला दिया। हाजीपुर में एक बस की ठोकर से जुलूस के दो लोग घायल हुए तो गाड़ी में आग लगा दी गई। नवादा में जुलूस के आठ लोग करंट में झुलस गए तो मुजफ्फरपुर में बाकायदा दूसरे देश का झंडा लहराते हुए लोगों को उकसाने का प्रयास किया गया।

कटिहार में इंटरनेट बंद, शांति की अपील
कटिहार में मुहर्रम के दौरान झड़प को देखते हुए गृह विभाग (विशेष शाखा) के निर्देश पर इंटरनेट, सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवा पर रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों को रोकने और शांति बहाल रखने में मदद करें। किसी भी तरह की बात पर उग्र न हों।

दरभंगा में दरोगा को मारा चाकू, गिरफ्तारी पर बवाल
मुहर्रम के जुलूस में दरभंगा पुलिस के एक दरोगा को जांघ में चाकू मार दिया गया है। जख्मी दारोगा को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। जख्मी दारोगा लहेरियासराय थाना में पदस्थापित अमित कुमार हैं। लहेरियासराय थाना की पुलिस ने त्वरित कार्यवाई करते हुए चाकू मारने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक खाजा सराय का निवासी है। इस गिरफ्तारी के विरोध में हंगामा होने लगा। स्थानीय लोगों दरभंगा बहेड़ी स्टेट हाइवे को जाम कर दिया। पुलिस बल के साथ सदर एसडीओ विकास कुमार और सदर डीएसपी राजीव कुमार मौके पर पहुंचे तो लोगों समझा कर सड़क पर आवागमन चालू कराया गया।

नवादा में ताजिया जुलूस में करंट से 8 युवक झुलसे
रविवार को मुहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस के दौरान नवादा में बड़ा हादसा हो गया। नेमदरगंज थाना क्षेत्र के दिरी गांव में 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से आठ युवक झुलस गए। सभी को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। जुलूस में शामिल एक झंडे के बिजली के तार में सटने से यह हादसा हुआ। झंडे में करंट दौड़ते ही कई युवक उसकी चपेट में आ गए। कुछ युवक मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। कुछ झुलसकर चीखने लगे। देखते ही देखते अफरातफरी मच गई। 

वैशाली में दो घायल हुए तो बस में आग लगा दी
वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड के बलिगांव थाना क्षेत्र के चिकनौटा में ताजिया जुलूस के दौरान एक बस की टक्कर से दो लोग घायल हो गए। इस घटना से गुस्साए लोगों ने बस में आग लगा दी, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। हालांकि, इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सड़क पर दोनों तरफ जाम लग गया, जिसे स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से खुलवाया गया। घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए समस्तीपुर भेजा गया है। 

समस्तीपुर की ओर से आ रही महादेव बस यात्रियों को लेकर चिकनौटा के पास से गुजर रही थी, तभी सड़क पर ताजिया जुलूस निकल रहा था। बस चालक द्वारा लगातार हॉर्न बजाने के बावजूद जुलूस में शामिल लोग नहीं हटे और इसी क्रम में बस की टक्कर से दो व्यक्ति घायल हो गए। हादसे के बाद जुलूस में शामिल आक्रोशित लोगों ने बस में सवार लोगों को नीचे उतारकर बस में आग लगा दी। बस में सवार यात्री दूसरी गाड़ियों से अपने गंतव्य को रवाना हुए। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया, तब महुआ एसडीपीओ कुमारी दुर्गा शक्ति और स्थानीय थाना पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला। वैशाली पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने पुष्टि की कि ताजिया जुलूस के दौरान एक यात्री बस से दो लोगों को ठोकर लगी, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने बस में आग लगा दी। 

मुजफ्फरपुर में विदेशी झंडा लहराने का वीडियो वायरल
मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के तुर्की पश्चिम इलाके में मुहर्रम के मातम जुलूस-ताजिया के दौरान फिलिस्तीनी झंडा लहराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वायरल वीडियो में सैकड़ों की भीड़ के बीच एक फिलिस्तीनी झंडा लहराता हुआ दिख रहा है। इसके साथ ही एक भारतीय तिरंगा झंडा भी लहराया जा रहा था। कुछ देर तक यह विवादित झंडा लहराने के बाद जुलूस में शामिल युवक ने उसे तुरंत हटा लिया। इसी दौरान भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कई युवक अपने हाथों में तलवार और अन्य प्रतिबंधित सामग्री लिए हुए भी दिख रहे हैं। 

मीनापुर थाना प्रभारी संतोष कुमार ने पुष्टि की कि जुलूस के दौरान एक विवादित झंडा लहराने का वीडियो संज्ञान में आया है। उन्होंने पुष्टि की कि वायरल वीडियो में दिख रहा झंडा फिलिस्तीन देश का है, जिसे जुलूस में शामिल किसी युवक ने इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि यह घटना तुर्की पश्चिम की है और इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आईटी सेल को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। 

दरभंगा में जुलूस के दौरान अपनों में पथराव, ताजिया तोड़ डाला

दरभंगा जिले के केवटी थाना क्षेत्र के खिरमा गांव में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक ही समुदाय के दो गुटों में ज़बरदस्त झड़प हो गई। इस दौरान दोनों तरफ से पथराव किया गया और उपद्रवियों ने जुलूस में ले जाए जा रहे ताजिया को भी तोड़ डाला। इस घटना में दोनों पक्षों के लगभग एक दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। खिरमा बाजार से गुजर रहे दो अलग-अलग गांव के जुलूसों में शामिल अखाड़े के लोगों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते पथराव और मारपीट में बदल गई। दोनों तरफ से हुए इस हिंसक संघर्ष में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मारपीट और पथराव की इस घटना में दोनों तरफ के ताजिया को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र लोगों को समझा-बुझाकर शांत करवाया। एसएसपी ने बताया कि अब मामला पूरी तरह से शांत है और आगे इसकी जांच की जाएगी।

मुहर्रम पर तलवारबाजी का वीडियो वायरल
नगर पंचायत बभनान में मुहर्रम पर एक समुदाय विशेष द्वारा तलवारबाजी करने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इस वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है कि गौर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बभनान में मुहर्रम के अवसर पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जुलूस के दौरान सार्वजनिक स्थान पर तलवारें लहराई गईं। यह न केवल कानून व्यवस्था का उल्लंघन है बल्कि इसमें आम नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है गौर थाना को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है कि गौर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत बभनान में मुहर्रम के अवसर पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जुलूस के दौरान सार्वजनिक स्थान पर तलवारें लहराई गईं। यह न केवल कानून व्यवस्था का उल्लंघन है बल्कि इसमें आम नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है गौर थाना को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। 

सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराना कानूनन चाहे वह किसी पर या धार्मिक अवसर हो इस तरह की गतिविधियां में लिप्त पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। किसी समुदाय की धार्मिक भावना का सम्मान करते हुए कानून व्यवस्था को भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। 

इसके अलावा एक दूसरी घटना में बभनान के चूड़ा मंडी में स्थित शिव मंदिर के समीय जुलूस के दौरान बंटे जा रहे आपत्तिजनक खाद्य पदार्थ भी रखने  की चर्चा है । इस संबंध में सीओ हर्रैया संजय सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी है। पहचान करके उसमें दोषियों के खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मंदिर के समीप रखे गए आपत्तिजनक खाद्य पदार्थ के बारे में कहा कि कैमरों को खंगाला जाएगा यदि ऐसी किसी बात की पुष्टि हुई तो आरोपित की विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। 

आरएसएस की बैठक में धर्मांतरण और जनसांख्यिकीय असंतुलन पर हुई चर्चा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक रविवार को संपन्न हुई। बैठक में धर्मांतरण और जनसंख्या वृद्धि में अंतर के कारण जनसांख्यिकीय असंतुलन समेत कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। 

बैठक में मुख्य ध्यान आरएसएस के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठन के कामकाज पर रहा। सूत्रों के मुताबिक, संगठन ने देश के सामने मौजूद विभिन्न आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया। 

दो अक्तूबर को आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष होंगे पूरे
आरएसएस की स्थापना विजयदशमी के दिन हुई थी। इस साल दो अक्तूबर को आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इस उपलक्ष्य में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में शुक्रवार को नई दिल्ली में बैठक आयोजित की गई। तीन दिन तक चली यह बैठक रविवार को आरएसएस प्रमुख भागवत के संबोधन के साथ संपन्न हुई। बैठक में आरएसएस के सभी संयुक्त महासचिव, विभिन्न विभागों के प्रमुख और 32 सहयोगी संगठनों के राष्ट्रीय संगठनात्मक सचिव शामिल हुए। बैठक में देशभर से 200 से अधिक प्रांत प्रचारक, सह-प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक, सह-क्षेत्र प्रचारक शामिल हुए।

हिंदू मंदिरों पर हुए हमलों को लेकर जताई चिंता 
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कनाडा और अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हुए हाल के हमलों और बांग्लादेश में हिंदुओं तथा अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा को लेकर चिंता जताई गई। इसके अलावा, देश में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही यह भी चर्चा की गई कि कैसे कुछ लोग भाषा, जाति या क्षेत्र के नाम पर समाज में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर चिंता जताते हुए सामाजिक सद्भाव और एकता को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में प्रतिनिधियों ने मणिपुर की स्थिति पर भी चर्चा की, जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष हुआ।

कुंभ मेले की सफलता की सराहना की 
सूत्रों ने बताया कि बैठक में प्रयागराज में हाल ही में आयोजित हुए कुंभ मेले और सनातन आध्यात्मिक मूल्यों के इर्द-गिर्द हिंदुओं को एकजुट करने में इसके योगदान पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कुंभ मेले की सफलता की सराहना की और जमीनी स्तर पर अपने अनुभव साझा किए। 

ऑपरेशन सिंदूर पर भी की गई चर्चा 
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कुछ डिलिटल सामग्री के भारतीय पारिवारिक मूल्यों पर बुरा असर डालने पर चिंता जताई गई। साथ ही इस मुद्दे को हल करने के तरीकों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने अनुभव और आरएसएस कार्यकर्ताओं की भूमिका को साझा किया। 

संगठनात्मक कार्यों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई
वार्षिक बैठक में देश में आरएसएस के संगठनात्मक कार्यों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, संगठन के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलनों से लेकर घर-घर संपर्क अभियान शुरू करने तक कई कार्यक्रम आयोजित करने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। 

 संत बोले- शिवकुमार ऊंचे पद के काबिल; डीके मौन
कर्नाटक सरकार के शिर्ष नेतृत्व में बदलाव की अटकलों ने राज्यभर की सियासत को गर्म कर रखा है। ऐसे में अब रंभपुरी मठ के मुख्य संत राजादेशिकेंद्र शिवाचार्य ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को ऊंचा पद देने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की 2023 विधानसभा चुनाव में जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को इससे ऊंचा पद मिलना चाहिए था। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में शिवकुमार को बड़ा पद मिलेगा।

बता दें कि मठ के संत ने यह बात कनकपुरा तालुक के सिद्धेश्वरस्वामी पहाड़ियों पर बने नए सीढ़ियों के उद्घाटन कार्यक्रम में कही। उन्होंने शिवकुमार की संगठनात्मक क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई।

सत्ता साझा करने की बात पर दिया जोर
साथ ही शिवाचार्य ने कहा कि अगर चुनाव से पहले सत्ता साझा करने को लेकर कोई समझौता हुआ था, तो उसे निभाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार को केपीसीसी अध्यक्ष पद से हटाना बिना वादा पूरा किए उचित नहीं है।

डिप्टी सीएम शिवकुमार ने दी प्रतिक्रिया
हालांकि रंभपुरी मठ के मुख्य संत राजादेशिकेंद्र शिवाचार्य के बयान पर शिवकुमार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे जनता और संतों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान का होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर कुछ भी न बोलने को कहा है। तो हम पार्टी के फैसले के साथ हैं। साथ ही जब उनसे संभावित सत्ता साझा समझौते के बारे में पूछा गया, तो शिवकुमार ने कहा कि यह मेरे और पार्टी के बीच का मामला है, इसे सार्वजनिक क्यों करूं? हम सभी मिलकर काम कर रहे हैं।

शिर्ष नेतृत्व में बदलाव की चर्चा क्यों?
गौरतलब है कि मई 2023 के चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। अंततः कांग्रेस ने समझौते के तहत शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया। उस वक्त ऐसी खबरें आई थीं कि ढाई साल बाद सीएम पद शिवकुमार को सौंपा जाएगा, लेकिन पार्टी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ईरान से वापस लौटे मछुआरों का स्वागत करते तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन 

तमिलनाडु: ईरान में फंसे मछुआरे चेन्नई लौटे, स्वागत में पहुंचे नागेंद्रन
संघर्ष प्रभावित ईरान में फंसे तमिलनाडु के 15 मछुआरों का एक समूह सुरक्षित चेन्नई लौट आया है। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्र ने उनका चेन्नई हवाई अड्डे पर स्वागत किया। इस दौरान अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में नागेंद्रन ने कहा कि हमारा और विजय का एक साझा लक्ष्य है- द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) को सत्ता से हटाना।

मछुआरों की सुरक्षित वापसी के मौके पर नैनार नागेंद्रन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जब उन्हें मछुआरों की हालत के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत विदेश मंत्री से संपर्क किया। मछुआरों के लिए आपातकाल में खाने-पीने की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि और भी मछुआरे दूसरे द्वीपों में फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने की कोशिशें चल रही हैं। 

हमारा और विजय का साझा लक्ष्य- DMK सत्ता में न रहे
अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय ने हाल ही में बयान दिया था कि वह किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। उनके इस बयाने के बारे में पत्रकारों ने जब नागेंद्र ने सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘हमारे और विजय के बीच साझा लक्ष्य यह है कि डीएमके सत्ता में न रहे। इसी सोच के आधार पर मैंने एकता का सुझाव दिया था।’

भाजपा-एआईडीएमके के साथ आने से डीएमके नेता चिंतित
राज्य भाजपा अध्यक्ष नागेंद्रन ने आगे कहा कि अब जब भाजपा और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIDMK) एनडीए गठबंधन के तहत फिर से एक हुए हैं, तो डीएमके नेता स्पष्ट रूप से चिंतित हैं। यही कारण है कि वे यह कहानी फैला रहे हैं कि हम ‘बी-टीम’ हैं। नागेंद्रन ने कहा कि डीएमके नेताओं ने पहले टीवीके प्रमुख विजय और एमएनएम प्रमुख कमल हासन के बारे में भी यही कहा था। उन्होंने कहा कि अब कमल खुद डीएमके के साथ हैं, यहां तक कि उनके बैनर तले सांसद भी हैं। 

डील या NO डील… 48 घंटों में प‍िक्‍चर हो जाएगी साफ

भारत और अमेरिका के बीच एक ‘मिनी ट्रेड डील’ पर अगले 24 से 48 घंटों में अंतिम फैसला होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों के व्यापार संबंधों में नई रफ्तार आने की उम्मीद है। 9 जुलाई की समय-सीमा से पहले यह समझौता महत्वपूर्ण है, जिसके बाद भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ छूट खत्म हो रही है।

भारत और अमेरिका के बीच एक ‘मिनी ट्रेड डील’ पर अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अंतिम फैसला होने की संभावना है। न्‍यूज चैनल सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से रविवार को यह जानकारी दी है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब 9 जुलाई की महत्वपूर्ण डेडलाइन बेहद करीब है। इसके बाद भारतीय सामानों पर अमेरिका की ओर से टैरिफ में दी गई छूट की मियाद खत्‍म हो रही है। इस ‘मिनी डील’ के तहत औसत टैरिफ लगभग 10% रहने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में एक नई रफ्तार आने की संभावना है।

यह ‘मिनी डील’ विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बड़े और व्यापक व्यापार समझौते की नींव रखेगी। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, अभी केवल इस छोटे समझौते पर बातचीत पूरी हुई है। 9 जुलाई के बाद ही एक बड़े और ज्‍यादा व्यापक समझौते पर बातचीत शुरू होगी। यह रणनीति दर्शाती है कि दोनों देश पहले छोटे, हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्यों पर फोकस कर रहे हैं ताकि विश्वास बनाया जा सके। अधिक जटिल मुद्दों पर बाद में बातचीत होगी। इस दृष्टिकोण से व्यापार संबंधों को चरणबद्ध तरीके से सुधारने में मदद मिल सकती है।

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस समझौते पर अंतिम फैसला बहुत जल्द हो सकता है। चैनल ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि बड़े व्यापार समझौते पर बातचीत 9 जुलाई के बाद शुरू होगी। अभी सिर्फ छोटे समझौते पर सहमति बनी है। चैनल के अनुसार, इस छोटे समझौते के तहत औसत शुल्क 10% रहने की संभावना है।

कई वजहों से यह घटनाक्रम अहम है। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में व्यापार संबंधी मुद्दों पर गहन चर्चाएं चली हैं। 9 जुलाई की समय-सीमा के बाद भारतीय निर्यात पर 26% की अस्थायी अमेरिकी टैरिफ की रोक समाप्त हो रही है।

डील न हो पाने पर टैर‍िफ की वापसी

इसका मतलब है कि अगर कोई डील नहीं होती तो यह शुल्क फिर से लागू हो सकता है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता। इस ‘मिनी डील’ का उद्देश्य संभव है कि उस तात्कालिक खतरे को टालना और भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना है।

हालांकि, रिपोर्ट में ‘मिनी ट्रेड डील’ के तहत किन विशिष्ट उत्पादों या क्षेत्रों को कवर किया जाएगा, इसका ब्‍योरा नहीं दिया गया है। लेकिन, 10% का औसत टैरिफ बताता है कि यह दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती कदम होगा। यह भी उम्मीद की जा रही है कि डील उन प्रमुख अड़चनों को दूर करने में मदद करेगी जो अब तक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौतों में बाधा बन रही हैं।

2. ब्रिक्स समिट के साझा बयान में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा

ब्रिक्स देशों ने एक संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों की आलोचना की और सीमा पार आतंकवाद, टेरर फाइनेंसिंग, और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने की कड़ी भर्त्सना की।

ब्रिक्स समिट के साझा बयान में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा तो की ही गई है, इसके साथ ये भी साफ़ कहा कि इस तरह की घटना को किसी तरह जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। जारी बयान में कहा गया है कि आतंक की घटना को हम सदस्य देश आपराधिक और किसी तरह ठीक ना ठहराए जाने वाला नाजायज कृत्यमानते हैं। चाहे ऐसा करने के पीछे कोई भी वजह हो, इसे कभी भी अंजाम दिया जाए या फिर कहीं भी की गई हो और फिर चाहे किसी ने भी क्यों ना की हो।

पहलगाम आतंकी हमले की निंदा

ब्रिक्स के साझा बयान में कहा गया कि ऐसे में 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी भर्त्सना करते हैं। इसमें आतंकियों का क्रॉस बॉर्डर मूवमेंट, टेरर फाइनेंसिंग और उन्हें सुरक्षित पनाह दिया जाना भी शामिल है।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की बात

बयान आगे कहता है कि आतंकवाद को किसी धर्म, नागरिकता, या जातीय गुटों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। जो आतंकी कार्रवाई को अंजाम देते हैं और उन्हें समर्थन देते हैं, उन्हें जिम्मेदार ठहराए जाना जरूरी है और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत उन्हें न्याय के कठघरे तक लाना ही होगा। बयान जीरो टॉलरेंस की बात करते हुए आगे कहता है कि आतंकवाद को लेकर ब्रिक्स देश जीरो टॉलरेंस को मानते हैं और साथ ही ये भी मानते हैं कि आतंकवाद से टक्कर लेने के लिए दोहरे मापदंड ना अपनाए जाएं।

ये बयान कहता है कि ये देशों की जिम्मेदारी है कि वो आतंकवाद से लोहा लें और आतंकवाद के ग्लोबल स्तर पर हो रहे प्रयासों के तहत अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और खासतौर से यूएन के चार्टर का पालन किया जाए। जिसमें कई अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन और प्रोटोकॉल शामिल हैं। मानवाधिकार से लेकर शरणार्थियों को लेकर कानून भी इस पर लागू होते हैं।

सदस्य देशों ने कहा कि वो ब्रिक्स के काउंटर टेरेरिज्म ग्रुप और पांच सबग्रुप का स्वागत करते हैं। ब्रिक्स देश काउंटर टेरेरिज्म में सहयोग को और गहरा करने के लिए सहमत हैं। ऐसे में यूएन में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को लेकर एक विस्तृत कन्वेंशन होना चाहिए। वहीं यूएन की ओर से लिस्टेड आतंकी और आतंकी संगठनों पर भी एक्शन की मांग करते हैं।

 शुभमन सेना के आगे झुकी दुनिया, सबने जमकर की तारीफ

बर्मिंघम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने इंग्लैंड को 336 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। आकाश दीप ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में कुल 10 विकेट झटके।

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले को अपने नाम कर लिया है। एजबेस्टन के मैदान पर चौथी पारी में इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 608 रनों का लक्ष्य था। बेन स्टोक्स की पूरी टीम दूसरे सत्र में ही 271 रन पर सिमट गई और भारत ने 336 रन से मैच जीत लिया। आकाश दीप ने दूसरी पारी में छह विकेट और मैच में कुल 10 विकेट लिए। रनों के आधार भारत की इंग्लैंड के खिलाफ यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ अब दोनों टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर आ गई हैं।

क्रिकेट के दिग्गजों ने बधाई दी

भारतीय टीम की जीत के बाद पूर्व कप्तान विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘एजबेस्टन में भारत की शानदार जीत। निडरता से खेले और इंग्लैंड को लगातार परेशान किया। शुभमन ने बल्ले और फील्डिंग में शानदार प्रदर्शन किया और सभी ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सिराज और आकाश ने इस पिच पर जिस तरह की गेंदबाजी की, उसके लिए स्पेशल मेंशन जरूरी है।’

विराट कोहली के अलावा भारतीय क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गजों ने भी टीम इंडिया को बधाई दी। सचिन तेंदुलकर ने मोहम्मद सिराज की कैच की सराहना की और उन्हें जोंटी का उपनाम दिया। भारत को एजबेस्टन के मैदान पर अभी तक टेस्ट में जीत नहीं मिली थी। 1967 में भारत ने यहां पहला टेस्ट मैच खेला था। 2022 में तो इंग्लैंड ने चौथी पारी में 378 रन चेज कर दिए थे। लेकिन इस बार भारत ने इंग्लैंड को सिर्फ हराया नहीं बल्कि विदेश में रनों से अपनी सबसे बड़ी जीत भी हासिल कर ली।

ट्रंप गाजा में सीजफायर करा देंगे… इजरायली पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा में सीजफायर का रास्ता जरूर निकालेंगे। नेतन्याहू ने रविवार को वॉशिंगटन के लिए उड़ान भरने से पहले ये भरोसा जताया है। 

 इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा में सीजफायर का रास्ता जरूर निकालेंगे। नेतन्याहू ने रविवार को वॉशिंगटन के लिए उड़ान भरने से पहले ये भरोसा जताया है। नेतन्याहू सोमवार को वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात हमास से इजरायली बंधकों को छुड़ाने और गाजा में युद्ध रोकने के लिए समझौते तक पहुंचने में मदद करेगी।

अमेरिका के लिए उड़ान भरने से पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘मेरा मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चर्चा निश्चित रूप से गाजा में सीजफायर पर आगे बढ़ाने में मदद करेगी। हम गाजा से अपने बंधकों की वापसी सुनिश्चित करने और इजरायल के लिए हमास के खतरे को दूर करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम इसके लिए सभी कदम उठाएंगे।’

कतर में इजरायल का डेलीगेशन

इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से बेंजामिन नेतन्याहू का यह वॉशिंगटन का तीसरी दौरा है। नेतन्याहू का यह अमेरिकी दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब उन पर गाजा में युद्धविराम करने का दबाव है। नेतन्याहू पर अपने देश और पश्चिम के अलावा डोनाल्ड ट्रंप भी सीजफायर करने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

इजरायल ने रविवार को अपना एक प्रतिनिधिमंडल भी गाजा में युद्धविराम पर चर्चा के लिए कतर भेजा है। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कतर में युद्धविराम समझौते पर बातचीत के लिए गए वार्ताकारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इजरायल की शर्तों के तहत समझौता हासिल करें। बताया गया है कि हम हमास से क्या चाहते हैं।

गाजा में 57 हजार मौतें

गाजा पट्टी में अक्टूबर 2023 से लगातार चल रहे इजरायली हमलों में कम से कम 57,418 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इस साल की शुरुआत में हुए सीजफायर के बाद 18 मार्च को इजरायल ने फिर से गाजा पर हमले शुरू किए थे। मार्च से अब तक यानी चार महीने में ही 6,860 लोगों की जान गाजा में गई है और 24 हजार घायल हुए हैं।

इजरायल के हमलों की वजह से गाजा में भारी तबाही हुई है। गाजा की ज्यादातर आबादी कैंपों में रहने को मजबूर है और यहां अकाल जैसे हालात हैं। ऐसे में दुनियाभर से इजरायल पर गाजा में हमले रोकने का दबाव डाला जा रहा है। इजरायल के समर्थक पश्चिमी देश और अमेरिका भी गाजा में युद्ध रोके जाने पर जोर दे रहे हैं।

‘निरहुआ’ की ठाकरे बंधुओं को चुनौती- मुझे महाराष्ट्र से निकालकर दिखाएं

मराठी भाषा को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं की ओर से सड़क पर मारपीट करने के बाद भोजपुरी अभिनेता और गायक दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) को खुली चुनौती दी है। इस पर मनसे नेता यशस्वी किलेदार ने पलटवार किया है।

मराठी भाषा को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं की ओर से सड़क पर मारपीट करने के बाद भोजपुरी अभिनेता और गायक दिनेश लाल यादव निरहुआ ने ठाकरे बंधुओं ( उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) को खुली चुनौती दी है। निरहुआ ने कहा है कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे उन्हें भोजपुरी बोलने के कारण महाराष्ट्र से बाहर निकालकर दिखाएं। इस पर पलटवार करते हुए मनसे के एक नेता ने यादव को महाराष्ट्र आकर चुनौती स्वीकार करने की बात कही है। यादव ने यह बयान भाषाओं के आधार पर लोगों में दरार पैदा करने के प्रयासों के विरोध में दिया है। उनका कहना है कि भारत की खूबसूरती उसकी भाषाओं में है और इसे नष्ट नहीं करना चाहिए।

‘निरहुआ’ ने क्या कहा?
दिनेश लाल यादव को निरहुआ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने ठाकरे बंधुओं को ललकारा है। उन्होंने कहा कि वे मराठी नहीं बोलते, सिर्फ भोजपुरी बोलते हैं और महाराष्ट्र में ही रहेंगे। उन्होंने सवाल किया कि गरीब लोगों को क्यों निकाला जा रहा है। उन्होंने ठाकरे बंधुओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें मुंबई से बाहर निकाल कर दिखाएं। यादव ने भाषा के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की सुंदरता उसकी अलग-अलग भाषाओं में है। अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग प्यार से रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोग इस खूबसूरती को खत्म करना चाहते हैं?

मनसे नेता का जोरदार पलटवार
मनसे नेता यशस्वी किलेदार ने यादव को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यादव उत्तर प्रदेश में बैठकर बयानबाजी न करें। बल्कि महाराष्ट्र आकर दिखाएं। किलेदार ने चेतावनी दी कि मनसे कार्यकर्ता उन्हें वहीं जवाब देंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी मराठी लोगों की एकता से डरती है और इसलिए ऐसे लोगों को बढ़ावा दे रही है। किलेदार ने कहा कि यादव को अपनी चुनौती का परिणाम पता चल जाएगा। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि मनसे कार्यकर्ता उनके गालों पर तमाचा मारेंगे।

आजमगढ़ चुनाव में हार गए थे दिनेश लाल यादव
दिनेश लाल यादव ने 2024 में समाजवादी पार्टी (सपा) के धर्मेंद्र यादव के खिलाफ आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। (इनपुट भाषा)

बिहार चुनाव: 8 करोड़ वोटरों की लिस्ट 25 दिन में कैसे तैयार होगी? अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग-BJP को घेरा

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट की जल्दबाजी में तैयारी पर संदेह जताया और भाजपा पर PDA की धमक से चिंतित होने की बात कही।

 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय भाजपा के इशारे पर फैसले ले रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। अखिलेश यादव ने बिहार की विपक्षी पार्टियों की उस आशंका को सही ठहराया, जिसमें कहा गया है कि वोटर लिस्ट में भेदभाव किया जा सकता है।

सपा मुखिया ने सवाल उठाया कि आठ करोड़ वोटरों की लिस्ट केवल 20 से 25 दिन में कैसे तैयार की जा रही है? यह प्रक्रिया छह महीने पहले क्यों नहीं शुरू की गई? उन्होंने इसे भाजपा की सोची-समझी रणनीति बताया और कहा कि चुनाव आयोग की यह जल्दबाजी और पक्षपातपूर्ण रवैया चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।

यूपी बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी साधा निशाना

सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में बदलाव पर भी तंज कसा और कहा कि संगठन बदलने से जनता की नाराजगी खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की धमक से ही भाजपा में चिंता का माहौल है। इसी कारण पार्टी तय नहीं कर पा रही है कि उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष कौन बनेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग सीसीटीवी से घबराते हैं, क्योंकि हर बार उनकी चोरी पकड़ी जाती है। यह बयान सीधे तौर पर भाजपा की पारदर्शिता और कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।

मेडिकल कॉलेजों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने यूपी में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जितने भी मेडिकल कॉलेज हैं, किसी में भी मानक के अनुसार प्रोफेसर और टेक्नीशियन मौजूद नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में स्वास्थ्य क्षेत्र की भारी उपेक्षा हुई है।

यूएई ने भारतीयों की कर दी बल्ले-बल्ले… गोल्डन वीजा के तहत लाइफटाइम रेजीडेंसी देने का ऐलान

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारतीयों के लिए नोमिनेशन बेस गोल्डन वीजा योजना शुरू की है। गोल्डन वीजा हासिल करने के लिए एक लाख दिरहम यानी 23.3 लाख भारतीय रुपए की फीस एकमुश्त जमा करनी होगी। ये फीस देकर भारतीय नागरिक बिना संपत्ति या व्यवसाय में निवेश (बिना ट्रेड लाइसेंस या संपत्ति खरीद) के यूएई में लाइफटाइम रेजीडेंसी (आजीवन निवास) हासिल कर सकते हैं। यूएई में निवास चाहने वालों की बड़ी तादाद रही है। ऐसे में ये फैसला भारतीयों के लिए एक राहत लेकर आई है।

भारतीयों के लिए अबतक दुबई का गोल्डन वीजा पाने का एक तरीका यह था कि संपत्ति में निवेश किया जाए। इसके लिए कम से कम 4.66 करोड़ रुपए की बड़ी राशि का निवेश करना होता था। यूएई की इस वीजा नीति के तहत भारतीय 23.30 लाख रुपए का शुल्क देकर आजीवन यूएई के गोल्डन वीजा का लाभ उठा सकेंगे।

तीन महीने में 5 हजार को फायदा

यूएई सरकार की यह वीजा योजना पारंपरिक निवेश-आधारित मॉडल में महत्वपूर्ण बदलाव है। इसका उद्देश्य संस्कृति, व्यापार, विज्ञान और वित्त जैसे क्षेत्रों में योगदान करने वाले पेशेवरों को आकर्षित करना है। इसके तहत पहले तीन महीनों में 5,000 से अधिक भारतीय आवेदकों को गोल्डन वीजा मिलने की उम्मीद है।

इस वीजा परीक्षण के पहले फेज के लिए भारत और बांग्लादेश को चुना गया है। भारत में नामांकन-आधारित गोल्डन वीजा की शुरुआती परख के लिए रायद ग्रुप कंसल्टेंसी को चुना गया है। रायद ग्रुप के हेड रायद कमाल अयूब ने कहा है कि यह भारतीयों के लिए यूएई का गोल्डन वीजा पाने का सुनहरा अवसर है।

कैस मिलेगा गोल्डन वीजा

रायद कमाल ने कहा, ‘कोई आवेदक इस गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करेगा तो हम सबसे पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच करेंगे, जिसमें धन शोधन निरोधक और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के साथ-साथ उसका सोशल मीडिया भी शामिल होगा। पृष्ठभूमि जांच से यह भी पता चलेगा कि आवेदक कैसे संस्कृति, वित्त, व्यापार, विज्ञान, स्टार्ट अप, पेशेवर सेवाएं से यूएई के बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों को लाभ पहुंचा सकता है।

वीजा के आवेदन करने की प्रक्रिया में कई जांच शामिल हैं। इनमें एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग जांच, आपराधिक पृष्ठभूमि सत्यापन और सोशल मीडिया स्क्रीनिंग शामिल हैं। यूएई सरकार के अधिकारियों के पास अंतिम नामांकन का अधिकार है। कमाल ने बताया है कि नामांकन श्रेणी के अंतर्गत यूएई गोल्डन वीजा के इच्छुक आवेदक दुबई गए बिना अपने देश से इसकी मंजूरी हासिल कर सकते हैं।

क्या मिलेगा इस वीजा से लाभ

यूएई सरकार की यह पहल 2022 की व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के बाद भारत के साथ यूएई के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को दिखाती है। कार्यक्रम को बाद के चरणों में चीन सहित अन्य सीईपीए भागीदार देशों में विस्तारित करने की उम्मीद है।

गोल्डन वीजा हासिल करने वाले को इससे कई लाभ मिलेंगे। वे अपने परिवार के सदस्यों को यूएई ला सकते हैं। वे कर्मचारियों को नियुक्त कर सकते हैं और यूएई में व्यवसाय या पेशेवर गतिविधियों में भी भाग ले सकते हैं।

Exit mobile version