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इंदौर डबल मर्डर:राजीनामा के लिए बुलाया और चाकू से गोदा, 14 साल की उम्र में रखा था गुनाह की दुनिया में कदम

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इंदौर

बुधवार रात हुए डबल मर्डर मामले में अब तक पुलिस के हाथ आरोपी तो नहीं लगे हैं। लेकिन मृतक अर्पित को लेकर जो कुछ सामने आया है। वह बहुत ही चाैकाने वाला है। पुलिस की माने तो अर्पित ने 19 साल की उम्र में 17 अपराध किए थे। उस पर पुलिस ने जिलाबदर का प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर के समक्ष भी भेज दिया था। वहीं, मृतक गौरव के पिता पुलिस में हैं और वह यहां रहकर 12वीं के परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उस पर चार से पांच अपराध दर्ज थे। जिन पर हत्या का इल्जाम लगा है वे भी अपराधी हैं और एक दर्जन से ज्यादा अपराध कर चुके हैं। इसमें से एक उज्जैन का रहने वाला है, जो कि इंदौर में फरारी काट रहा था। इन्होंने राजीनामे के लिए कॉल कर अर्पित को बुलाया और चाकू से गोद दिया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

गौरव के पिता महिदपुर में पदस्थ हैं।

मृतक अर्पित पर 17 अपराध दर्ज
सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि 19 वर्षीय मृतक अर्पित 14-15 की उम्र से अपराध की दुनिया में कदम रख चुका था। इस पर करीब 17 अपराध हैं। इसमें 307 से लेकर 392 जैसे जुर्म उसने किए हैं। हीरानगर, विजयनगर, बाणगंगा क्षेत्र में इसने ज्यादातर वारदातें की हैं। इस पर बाइक चोरी, लूट, मारपीट, अड़ीबाजी जैसे अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा गौरव मिश्रा पर भी चार अपराध दर्ज हैं। इस पर चोरी, मारपीट जैसे अपराध हैं। करीब एक महीने पहले मृतक और संदिग्ध आरोपियों का विवाद हुआ था। संदिग्धों ने अर्पित को चाकू मारा था। मामले में इन्हें जेल हो गई थी। हाल ही में ये जेल से बाहर आए थे। संभवत: रात में इन्होंने पार्टी की और फिर वारदात को अंजाम दिया। ये सब साथी थे। आरोपियों पर भी दर्जनों अपराध दर्ज हैं। सबसे ज्यादा अपराध अर्पित के ही थे।

अर्पित के दोस्त राेहित ने बताया कि वह अब सुधरना चाहता था।

विजय नगर थाने पर डकैती का केस दर्ज हुआ था
पुलिस के अनुसार मृतक अर्पित विजय नगर थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर – 54 और 74 पर वारदातों को अंजाम देता था। यह यहां पर कई मोबाइल लूट, पर्स लूट की वारदात को अंजाम दे चुका था। 22 मई 2020 को विजय नगर पुलिस ने डकैती की योजना बनाते हुए अर्पित के अलावा उसके साथी पीयूष, विशाल, संदीप और गौरव को हिरासत में लिया था। यह एक गैंग बनाकर काम करते थे।

पुलिस ने अर्पित को लेकर जिलाबदर का प्रतिवेदन भेजा था
मृतक अर्पित के मामले में हीरानगर पुलिस ने 22 तारीख को उस पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे जिलाबदर करने के लिए प्रतिवेदन बनाकर सोमवार को ही कलेक्टर को भेजा था। इससे पहले ही अर्पित की हत्या हो गई। अर्पित के आपराधिक प्रवृत्ति के कारण ही उसके घरवाले उसे छोड़कर महाराष्ट्र शिफ्ट हो गए थे। आरोपी भूरा उज्जैन का रहने वाला है। भूरा नाम को लेकर पुलिस में असमंजस बना हुआ है। उज्जैन में भूरा नाम के तीन बदमाश हैं। तीनों का गौरव और अर्पित से लेना-देना था।

हत्या की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अर्पित के दोस्त अस्पताल पहुंच गए।

दोस्त ने बताई पूरी कहानी…
दोस्त राेहित यादव ने बताया कि अर्पित पिता गोपाल खटे की कुछ पुरानी रंजिश थी। आरोपी काफी लंबे समय से मारने के लिए खोज रहे थे। 25 फरवरी को मेरे घर पर सुंदरकांड का पाठ था। क्षेत्र में रहने वाले निखिल खालसे, मंगेश अकोलकर, राहुल उर्फ मोगली वास्कले, उदय सेंगर, सूरज ठाकुर उर्फ भूरा ने आकर विवाद किया था। उन्होंने हमारे साथ मारपीट की थी। इसकी रिपोर्ट अर्पित ने की थी। इसी रंजिश में उन्होंने 16 मार्च को फिर से हमारे साथ मारपीट की थी। मेरे आंख के ऊपर डंडा लगा था। मृतक अर्पित को भी इन्होंने पीटा था।

राेहित के अनुसार क्षेत्र के ही विष्णु नामक युवक ने रात में अर्पित को पुराने मामले में राजीनामे के लिए कॉल किया था। वह अपने करोल बाग वाले घर से नीचे आया था अर्पित को खाना देने गौरव गया हुआ था। इसलिए दोनों साथ थे। जैसे ही दोनों नीचे आए आरोपियों ने राजीनामा करने को कहा, अर्पित ने मना किया तो उन्होंने घेरकर इन पर हमला कर दिया। हमले के बाद विष्णु सहित सभी आरोपी फरार हैं। इसमें विष्णु पुताई का काम करता है। एक नाम कृष्णा का भी है, जो कि राजनीतिक दखल रखता है। निखिल हथियार सप्लाई का काम करता है।

रोहित का कहना है कि अर्पित पर कई अपराध दर्ज हैं, लेकिन वह अब सुधरना चाह रहा था। उसके परिवार वाले महाराष्ट्र में रहते हैं। वह यहां पर अकेले ही रहता था और एक चॉकलेट कंपनी में काम करता था। पहले यह मरीमाता स्थिति मौसी के घर पर रहता था, फिर अलग हो गया था। राेहित ने बताया कि यह एक गैैंगवार जैसी ही पूरी स्थिति है। दूसरा गैंग अर्पित पर लंबे समय से राजीनामे को लेकर दबाव बना रहे थे। राहुल वस्लेकर (मोगली) इंदौर का लिस्टेड बदमाश है। वहीं सूरज ठाकुर (भूरा) उज्जैन से इंदौर फरारी काटने सुखलिया पानी की टंकी के पास अपने साथियों के साथ रह रहा था। इन्होंने साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया गया है। राेहित ने बताया कि अर्पित का एक भाई और एक बहन हैं।

12वीं की तैयारी कर रहा था गौरव
मृतक गौरव मिश्रा के पिता राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि मैं महिदपुर 15वीं बटालियन में पदस्थ हूं। रात 2 बजे मुझे बेटे की मौत की सूचना मिली है। मेरा बेटा गौरव 18वें साल में चल रहा था। 26 जून को उसका जन्मदिन आने वाला था। वह 12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके साथ एक और युवक की हत्या की गई है। हत्या क्यों और किसने की, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसा पता चला है कि अर्पित का किसी से विवाद था। इसमें से तीन लोगों को संदिग्ध मानकर थाने पर बिठाया है। गौरव का एक छोटा भाई और है।

यह है पूरा मामला
ASP शशिकांत कनकने के अनुसार घटना बुधवार देर रात की है। बाणगंगा थाना क्षेत्र के करोल बाग स्थित कालिंदी गोल्ड काॅलोनी के मेन रोड पर दो युवकों की रक्तरंजित लाश पड़ी थी। इनकी पहचान अर्पित खटे निवासी लवकुश विहार और गौरव मिश्रा निवासी गौरी नगर के रूप में हुई है। गौरव के पिता महिदपुर में सशस्त्र बल में पदस्थ हैं। वहीं, अर्पित का परिवार मूलत: महाराष्ट्र में रहता है। आरोपियों ने गौरव मिश्रा पर चाकुओं से 10 से 15 वार किए थे। वहीं, जान बचाकर भागे अर्पित की लाश 200 मीटर दूर मिली थी। उस पर 10-15 वार किए गए थे।

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