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*बड़ी-बड़ी दाढ़ी, गंदे कपड़े… शख्स को देखते ही कुर्सी छोड़ खड़े हो गए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा* 

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इंदौर. इंदौर के आईएएस अधिकारी और कलेक्टर शिवम वर्मा इन दिनों अपनी संवेदनशीलता और मानवीय सोच के कारण चर्चा में हैं. उनकी एक सराहनीय पहल सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच खूब तारीफ बटोर रही है. यह मामला एक दिव्यांग व्यक्ति की परेशानी से जुड़ा हुआ था.

जनसुनवाई के दिन दिव्यांग सुनील आहूजा अपनी व्हीलचेयर पर बैठकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे. उनकी हालत काफी खराब थी—गंदे कपड़े, बड़ी दाढ़ी, उलझे बाल और धूल से भरा चेहरा. उनके शरीर से बदबू भी आ रही थी, जिसके कारण जनसुनवाई में मौजूद लोग उनसे दूर खड़े थे. कोई भी उनके पास जाने की इच्छा नहीं दिखा रहा था.

इसी दौरान उन्होंने ने यह दृश्य देखा. वे तुरंत अपनी कुर्सी से उठे और सीधे सुनील के पास पहुँचे. उन्होंने मौजूद लोगों से कहा कि दिव्यांग व्यक्ति हमारे समाज का हिस्सा हैं और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनील की “पहचान” पहले वापस दिलाई जाए, फिर उनकी समस्या सुनी जाएगी.आदेश मिलते ही अधिकारी सुनील को ले गए. करीब एक घंटे बाद जब वे वापस लौटे तो उनकी पूरी शक्ल-सूरत बदल चुकी थी.

साफ कपड़े, दाढ़ी और बाल ठीक तरह से कटे हुए—अब वे एक पढ़े-लिखे सम्मानित व्यक्ति की तरह दिखाई दे रहे थे. खुद सुनील भी दर्पण में अपनी यह बदली हुई छवि देखकर भावुक हो गए और उनकी आँखों में आँसू आ गए. उन्होंने कहा कि वे खुद को पहचान नहीं पा रहे हैं.

इसके बाद उन्होंने तुरंत मध्यप्रदेश सरकार की दिव्यांग योजना के अंतर्गत उनका नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करवा दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में दिव्यांग लोगों को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाए. सरकार चाहती है कि उनका जीवन और भविष्य दोनों बेहतर बने. यह घटना लोगों के लिए संवेदनशीलता और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है.

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