Site icon अग्नि आलोक

इंदौर डेवलपमेंट फाउंडेशन:नदियों के किनारे चिकित्सा हब बनाना होंगे

Share

मध्यप्रदेश अनेक नदियों का उद्गम स्थल है, बल्कि नदियों का मायका है।अधिकांश बांध भी मध्य प्रदेश की सीमाओं पर बने हुए हैं, मगर हम उसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। हम हमारी जमीन पर बने बांधों के बदले पड़ोसी राज्यों से जो हमारे पानी का लाभ ले रहे हैं, इसके बदले मुआवजा लेकर उस राशि का मध्य प्रदेश के विकास में उपयोग करें।

अर्थशास्त्री गणेश कावड़िया ने जाल सभागृह में डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा मध्य प्रदेश के विकास की संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित चर्चा में यह बात कही। कावडिया ने कहा कि प्रदेश में नदियों के किनारे प्राकृतिक स्वास्थ्य केंद्र तथा चिकित्सा के हब के रूप में विकसित कर, प्रदेश के विकास में उपयोग किया जा सकता है।

डेवलपमेंट फाउंडेशन की मीटिंग में शामिल प्रबुद्धजन।

जनसंख्या का सदुपयोग भी करना होगा

कावड़िया ने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाकर गांव में लोगों को रोजगार भी दिलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में हमारे पास अनेक संभावनाएं हैं, हमें हमारे जल, जंगल, जमीन के साथ जनसंख्या का सदुपयोग करना होगा। प्रदेश में गेहूं, दाल, मसाला सहित अनेक कृषि उत्पादों का उत्पादन तो होता है, किंतु हमारे पास समुचित रखने की जगह एवं कृषि मंडियां नहीं होने के कारण हम उसका बराबर लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अतः हमें मध्य प्रदेश के हरेक जिलों में कृषि मंडियों का जाल बिछाने की आवश्यकता है।

महिलाओं ने भी लिया हिस्सा।

इनकी भी थी सहभागिता

पूर्व राज्यपाल एसएस कोकजे ने मीटिंग की अध्यक्षता की। प्रारंभ में कार्यक्रम की जानकारी आलोक खरे ने प्रस्तुत की। अतिथि स्वागत श्याम पांडे, शफी शेख और प्राची परिहार ने किया। कार्यक्रम में कन्हैया आहूजा, रामेश्वर गुप्ता, राजेंद्र बिल्लौरे, अनवर खान, ओपी श्रीवास्तव, रंजना नाइक, सुमन ज्ञानी, अशोक मित्तल, अमित वर्मा, सुरेश मिंडा, ओपी जोशी आदि भी उपस्थित थे। संचालन मुकुंद कुलकर्णी ने किया। श्याम पांडे ने आभार माना।

Exit mobile version