पहले भी इंदौर में आग और अन्य हादसों में कई जानें जा चुकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग घटनाओं में लोगों की मौत और कई के घायल होने के मामले सामने आए हैं। ऐसी ही कुछ चर्चित घटनाओं को बताती रिपोर्ट
शहर को पता नहीं कौनसा ग्रहण लग गया है कि लगातार हादसों की आग में झुलस रहा है। इनमें हंसते खेलते परिवार तबाह हो रहे हैं। बुधवार सुबह ग्रेटर ब्रजेश्वरी में घर में आग लगने से आठ लोगों की जिंदा जलने से हुई मौत ने फिर शहर को झकझोर दिया है। इस हादसे ने कुछ माह पूर्व विजयनगर क्षेत्र के महिंद्रा शोरूम सौम्या मोटर्स में हुए हृदय विदारक हादसे की याद ताजा कर दी। इससे पहले भी ऐसे कई हादसे हुए, जिसमें अनेक लोगों की मौत हो चुकी है। जरा सी असावधानी और लापरवाही मौतों का सबब बन रही है। यह घटना फिर इंदौर शहर को एक गहरा आघात और सबक दे दी गई है।
अक्टूबर 2025 में विजय नगर क्षेत्र में एबी रोड पर स्थित सौम्या मोटर्स के मालिक प्रवेश अग्रवाल की पेंट हाउस में लगी आग में दम घुटने से मौत हो गई थी। उनका परिवार पेंट हाउस में लगी आग में झुलस गया था। पेंट हाउस के गेट पर लगे स्मार्ट लॉक आग की वजह से समय पर खुल नहीं पाए। अग्रवाल ने अपनी बेटी और अन्य परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन दम घुटने से उनकी मौत हो गई थी।
स्वर्ण बाग कॉलोनी में सिरफिरे ने लगाई थी स्कूटी में आग
मई 2022 में विजय नगर क्षेत्र की स्वर्ण बाग कॉलोनी में एक इमारत के तलघर में एक सिरफिरे ने स्कूटी में आग लगा दी थी, इसे मकान में आग फैली और सात लोग जलकर मर गए थे। यह अग्निकांड हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर एक तरफा प्रेम में आगजनी का मामला था। इसी मकान में रहने वाली एक युवती से एक युवक प्यार करता था। युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी, इसी बात से युवक नाराज हो गया था। दोनों में विवाद के बाद उसने मल्टी में रहने वाली प्रेमिका युवती की स्कूटी में आग लगा दी, जो पूरी बिल्डिंग में फैल गई थी। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी युवती की स्कूटी में आग लगाता दिखा था। उससे गिरफ्तार किया गया था।
1960 में अहिल्यापुरा में लकड़ी के पीठों में लगी थी आग, 4 जिंदा जले थे
इंदौर में मार्च 1960 में अहिल्यापुरा स्थित लकड़ी के पीठों में लगी आग और चार लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। उस वक्त प्रत्यक्षदर्शी रहे तुषार कांत पुरोहित ने बताया कि यह आग इतनी भयावह थी कि जूना पीठा और आसपास के इलाकों के कई मकान खाली कराने पड़े थे। इसके बाद लकड़ी के पीठों को शहरी सीमा के बाहर धार रोड पर लाबरिया भेरू क्षेत्र में स्थानांतरित करवा दिया गया, हालांकि, अब लाबरिया भेरू क्षेत्र भी शहर के विकास और विस्तार के कारण शहर में आ गया है।
1985 में तेल डिपो के पास आग लगी थी
ठीक इसी तरह मार्च 1985 में नेहरू पार्क के समीप रेलवे लाइन के पास नगर के पेट्रोल डिपो के समीप भयावह आग लगी थी। इस आग के बाद तेल डिपो भी यहां से हटाकर देवास रोड पर मांगलिया में शिफ्ट कर दिया गया था।
कभी ट्रक रौंद रहा तो कभी दूषित पानी ले रहा जान
- सितंबर 2025 में एयरपोर्ट रोड से बड़ा गणपति तक शराबी ट्रक चालक ने अंधाधुंध ट्रक चलाकर कहर बरपाया था। उसने कई वाहनों और राहगीरों को कुचला था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 15 घायल हुए थे।
- सितंबर 2025 में ही नगर के व्यस्ततम इलाके रानीपुरा में पुराना तीन मंजिला मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी और 12 व्यक्ति घायल हो गए थे।
- दिसंबर 2025 में भागीरथपुरा में पेयजल में दूषित पानी पीने से अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है। इसने भी देश के सबसे स्वच्छा शहर के दामन पर दाग लगाया है।
- मार्च 2026 चोइथराम सब्जी मंडी के समीप चैंबर की सफाई के दौरान निगम के दो कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई।
- अप्रैल 2017 में इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में पटाखा दुकान में आग लगने से आठ लोग की मौत हो गई थी।

