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नाइट लाइफ-नाइट कल्चर,ड्रग्स, पब, नशा-अश्लीलता-शराबखोरी, हुड़दंग पर अब खामोश नहीं इंदौर

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शहर के ज्वलंत विषय पर सुमित्रा महाजन ने की नई पहल

कांग्रेस की शोभा ओझा, अर्चना जायसवाल को फोन कर घर बुलाया

ताई के घर कांग्रेस नेत्रियों के साथ जनक पलटा, शरयु वाघमारे, डॉ. दिव्या गुप्ता जुटीं,बैठक में हुई चर्चा

दलीय राजनीति से ऊपर उठकर शहर हित में नई पहल

नहीं चाहिए ऐसी नाइट लाइफ-नाइट कल्चर…पूरे देश में शर्म से झुका इंदौर का सिर…नाइट लाइफ के नाम पर शहर में ये कैसी नंगाई…क्या किसी गैंग रेप या इससे वीभत्स घटना का इंतजार हो रहा है…? 

इन सब शीर्षकों के साथ कलम के जरिये सामाजिक सरोकारों से स्वयं को जोड़ते हुए संस्कारित इंदौर की चिंता की थी।

मामला नाइट लाइफ के नाम से 24 घंटे खोले गए शहर के उस हिस्से का था, जहां नंगाई-बेहयाई सर चढ़कर सड़क तक बोल रही है। जहां ड्रग्स, नशा, शराबखोरी और हुड़दंग-गुंडागर्दी को नाइट कल्चर नाम दिया का रहा है।

चलती कार से इज्जत बचाकर भागती लड़की या चार लड़कियों द्वारा बीच चौराहे पर एक लड़की की पिटाई जैसे शर्मसार करते नजारों ने इंदौर और औसत इंदौरियों को मर्मान्तक पीड़ा पहुंचाई। इसका उदाहरण बुधवार को सामने आया कि शहर को जबरिया महानगर बनाने की कोशिशें कितने गैर जरूरी और गैर जिम्मेदाराना तरीके से लागू की जा रही है।

शहर की 8 बार की सांसद और पूर्व लोकसभा स्पीकर ने इस बेतरतीब नाइट लाइफ और नाइट कल्चर के खिलाफ मैदान पकड़ लिया। उन्होंने शहरहित के इस मुद्दे पर एक नई पहल भी स्थापित की और इस ज्वलंत मुद्दे पर कांग्रेस की महिला नेताओं से भी संपर्क किया और उन्हें साथ लिया। सामाजिक क्षेत्र की महिलाओं को भी बुलावा भेजा। इस जलते मुद्दे पर बात करने की जाजम ताई ने अपने आवास पर बिछाई। पूर्व प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, अर्चना जायसवाल के अलावा समाजसेवा क्षेत्र से जनक पलटा, डॉ. दिव्या गुप्ता, श्री देवी अहिल्योत्सव समिति सचिव शरयु वाघमारे आदि इस जाजम पर जमा हुईं।

खुलासा फर्स्ट ने अपने आक्रोश के साथ शहर की उस स्त्री शक्ति का ही आह्वान किया था, जो राजनीतिक क्षेत्र में शहर का देश-प्रदेश प्रतीक बनी हुई हैं। अपेक्षा महिला नेतृत्व से की थी कि देवी अहिल्या और स्वर कोकिला लता जी की नगरी और महाजन, ओझा, जायसवाल, मालिनी, पेठनकर दीदी आदि के शहर में ये क्या हो रहा है? उसी महिला नेतृत्व ने एकजुट होकर इस नंगाई के खिलाफ ललकार लगाई और दो टूक शब्दों में साफ कर दिया कि शहर में ऐसी नाइट लाइफ और गंदा कल्चर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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 *नाइट लाइफ और नाइट कल्चर के* *खिलाफ मैदान में उतरी स्त्री शक्ति* 

 _हाथोहाथ पुलिस कमिश्नर से फोन पर_ _बात, लगे हाथ मुलाकात भी की_ 

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इंदौर। नाइट लाइफ-नाइट कल्चर के खिलाफ आठ बार की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन की अगुआई में उनके आवास पर पहली बैठक हुई। इसमें कांग्रेसी नेत्रियां, सामाजिक संस्थाओं की महिलाओं ने शिरकत करते हुए नाइट कल्चर के खिलाफ मोर्चा खोला। इस मौके पर पूर्व प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा, अर्चना जायसवाल, समाजसेवा क्षेत्र से जनक पलटा, भाजपा प्रवक्ता डॉ. दिव्या गुप्ता और श्री देवी अहिल्योत्सव समिति सचिव शरयु वाघमारे आदि मौजूद थीं। बैठक स्थल से ही पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात कर चिंता जाहिर की गई। इस सब घटनाओं से आहत अफसर भी इस समस्या के स्थायी निदान के चिंतन-मंथन में जुटे ही थे कि महाजन सहित सभी महिला नेताओं ने मुलाकात के लिए कहा कि जिसे स्वीकार कर लिया गया। सभी महिला नेता पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा से मिलने पहुंचीं, जहां अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया और राजेश हिंगणकर भी मौजूद थे। 

सभी ने परस्पर बैठकर इस समस्या पर गहराई से विचार-मंथन किया। नाइट लाइफ और नाइट कल्चर लागू करने से लेकर अब तक हुई घटनाओं पर विस्तार से बात हुई। अफसरों ने शहर के महिला नेतृत्व को आश्वस्त किया कि हम इस मसले पर एक ठोस एक्शन प्लान बना रहे हैं, जिस पर जल्द अमल शुरू होगा।

खबरों की दुनिया के लिए भले ही एक-दो दिन की सुर्खियों तक सिमट जाने वाली घटना औसत इंदौरी को कितना दुःखी करती है ये महाजन की अगुआई में हुई इस पहल से साफ हो जाता है। किसी को खबर ही नहीं कि ताई इस मुद्दे पर न केवल उद्वेलित हैं, बल्कि वे इस मसले को गैर दलीय मानते हुए सबको बुलाकर बात कर रही हैं। न केवल बात, बल्कि पुलिस प्रशासन के आला अफसरों से मुलाकात भी कर रही हैं।

मंत्री उषा ठाकुर के बाद पूर्व लोकसभा स्पीकर भी शहर की तासीर बिगाड़ रहे नाइट कल्चर के खिलाफ अब मैदान में आ गई है

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सुमित्रा महाजन : शहर एजुकेशन हब बना ये अच्छी बात है, लेकिन पढ़ाई-लिखाई के नाम पर शहर में जो हो रहा है, उसे भी तो हम सबको समझना होगा। ये शहर ड्रग्स, नशाखोरी की गिरफ्त में क्यों जाता जा रहा है? संवेदनशील मुख्यमंत्री ने ड्रग्स सहित तमाम तरह के नशे के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया हुआ है। फिर भी शहर में इस तरह के नजारे अब आम हो रहे हैं, जिससे इंदौर का सिर शर्म से झुक रहा है। हमने इस मसले को राजनीति का विषय नहीं माना है। ये शहर की तासीर से जुड़ा मामला है। यहां के संस्कार और पहचान का मुद्दा है। कांग्रेस की शोभा और अर्चना से भी बात कर उनको साथ लिया है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि हम स्वयं इसे लेकर एक बड़ा एक्शन प्लान बना रहे हैं। हमने उन्हें बताया है कि कामकाजी लोगों को खाने की समस्या दूर करने के लिए रात को खोला गया है, ना कि पीने-पिलाने के लिए। नाइट लाइफ पर कंट्रोल जरूरी है। बच्चे पढ़ने इंदौर आ रहे हैं, लेकिन वे यहां क्या कर रहे हैं, इस पर उनके पालकों को चिंता करना चाहिए। प्राइवेट हॉस्टल को भी नियम-कायदों की जरूरत है।

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शोभा ओझा : कॉलेज के हॉस्टल में आने-जाने के फिर भी नियम-कायदे हैं, लेकिन हजारों की संख्या में निजी हॉस्टल्स किसकी निगरानी में है? इन्हें काननू के दायरे में लाना होगा। हॉस्टलर्स लाइफ जी रहे लोगों को भी आइडेंटिटी के तहत लाना होगा। स्कूल-कॉलेजों के साथ हॉस्टल्स की जिम्मेदारी भी तय करना होगी। आईटी और कॉल सेंटर कंपनियों को भी परिचय पत्र जारी करना चाहिए, ताकि नाइट लाइफ का असली जरूरतमंद को मिले ना कि नशाखोरी करने वालों को। नाइट लाइफ का प्रयोग बढ़ते शहर की जरूरतों के मद्देनजर किया गया था, जिसका दुरुपयोग हर हाल में रोकना होगा। हम सब इस मामले में ताई के साथ हैं।

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अर्चना जायसवाल : कैसे इस शहर में ये ड्रग्स, शराब, नशा, अश्लीलता का कल्चर पैर जमा रहा है? कैसे ड्रग्स की सप्लायर चेन पनप रही है। इतने सारे पब, बार क्यों और कैसे खुलते जा रहे हैं और इनमें कैसे नियम-कायदों के पालन हो रहे हैं? बच्चे कैसे इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं? क्या कॉलेज, विश्वविद्यालय और स्कूलों की ये जिम्मेदारी नहीं? हमने इस समस्या को गैर दलीय माना है और ताई के नेतृव से इससे निपटेंगे।

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जनक पलटा : अब शहर की सामाजिक क्षेत्र में पैर पसार रही गंदगी को साफ करने का अभियान चलाना होगा। हमने पुलिस के आला अधिकारियों से बात की है और उन्हें कहा है कि इस काम में समाज की जहां जरूरत है, हम काम करने और मदद को तैयार हैं। आखिर हम मौन रहकर इंदौर के बुरे हाल कैसे देख सकते हैं। हमने साफ कह दिया है कि इंदौर को ऐसी नाइट लाइफ और कल्चर नहीं चाहिए। इसे बंद कीजिए।

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डॉ. दिव्या गुप्ता : शहर एजुकेशन व आईटी हब के रूप में देशभर में पहचान बना चुका है। हम इसे और ऊंचाई पर ले जाने के लिए संकल्पबद्ध है। हालिया घटना सबके लिए चिंता का विषय है और ये युवाओं की सोच में आए बदलाव से जुड़ा गंभीर विषय भी है। हम इस दिशा में जड़ तक जाकर काम करेंगे कि आखिर इस विकृति के पीछे कारण क्या है?

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शरयु वाघमारे : ये इंदौर की तासीर और संस्कार से जुड़ा मामला है, जिस पर ताई ने अभिनव पहल की है। शहर के मुद्दों पर राजनीति आड़े नहीं आना चहिए। राजनीतिक जुगलबंदी से शहर हित में कई काम और मिसाल कायम की है। आधी रात को शहर की सड़कों पर जो हो रहा है, उससे इंदौर का नाम पूरे देश में बदनाम हो रहा है।

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