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अपराधियों की धरपकड़ में इंदौर पुलिस नम्बर वन

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इंदौर। प्रदेश में धोखाधड़ी, हत्या, हत्या के प्रयास, अड़ीबाजी सहित अन्य अपराधों में लिप्त फरार अपराधियों की धरपकड़ वैसे तो प्रत्येक जिले में पुलिस द्वारा चलाई जाती है। कई मामलों में अपराधियों को पकड़ने के लिए इनाम भी घोषित किए जाते हैं। पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार ऐसे ही अपराधियों और बदमाशों की गिरफ्तारी के मामले में इंदौर पुलिस प्रदेश में पहले स्थान पर है।
इंदौर पुलिस द्वारा वर्ष 2020 एवं इस साल के मार्च तक की समयावधि में कुल सवा चार सौ आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया तथा पिछले साल 11717 पुलिसकर्मियों को इनाम मिला है। पुलिस विभाग में गुंडे बदमाशों की गिरफ्तारी पर डीजीपी को पचास हजार का इनाम घोषित करने का अधिकार है। वहीं आईजी को तीस हजार, डीआईजी को बीस हजार और एसपी को दस हजार रुपए  इनाम घोषित करने का अधिकार है। बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को इनाम देने के मामले में इंदौर के बाद दूसरे नंबर पर राजधानी भोपाल की पुलिस है। राजधानी भोपाल की पुलिस द्वारा उक्त समयावधि यानी वर्ष 2020 में 210 अपराधों में इनाम की घोषणा की गई। वहीं इस साल मार्च तक 40 अपराधों में इनाम की घोषणा की गई। खास बात है कि साठ प्रतिशत मामलों में अज्ञात बदमाशों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया। भोपाल में लगभग दस हजार बेहतर परफारमेंस वाले पुलिस कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि इस दौरान 250 मामलों में 500 फरार आरोपियों पर पच्चीस लाख का इनाम घोषित किया गया है।विभाग में दो तरह के इनाम की है व्यवस्था:  दरअसल पुलिस विभाग में इनाम की दो व्यवस्थाएं हैं। इसमें एक ओर जहां अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को नगद राशि बतौर इनाम में दी जाती है और यह उनके सर्विस रिकॉर्ड में भी दर्ज होता है। जिससे उन्हें पदोन्नति का लाभ मिलता है। वहीं दूसरी ओर गंभीर अपराधों में फरार गुंडे-बदमाशों की गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा होती है। बदमाशों की गिरफ्तारी पर यह राशि फरार बदमाशों का सुराग देने वाले मुखबिर को मिलती है।
इंदौर पुलिस ने पिछले साल 425 बदमाशों पर इनाम घोषित किया। यहां के करीब 11 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को इनाम दिया गया। वहीं राजधानी भोपाल की बात की जाए तो यहां जनवरी 2020 से मार्च 2021 तक पुलिस अफसरों द्वारा कुल 1285 मामलों में अच्छा काम करने वाले करीब दस हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को इनाम का ऐलान किया। इस हिसाब से इंदौर पुलिस ने इनाम घोषित करने में राजधानी भोपाल को भी पीछे छोड़ दिया है।
पदोन्नति में मिलता है इनाम का फायदा
उल्लेखनीय है कि पुलिसकर्मियों के अच्छे व्यवहार, ईमानदारी, काम के प्रति निष्ठा आदि के लिए अफसरों द्वारा इनाम दिया जाता है। इनाम का प्रतिवेदन थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाता है। इसमें उन्हें इनाम के आदेश किए जाते हैं। इनाम की राशि पचास रुपए भी हो सकती है। खास बात है कि पुलिसकर्मियों के सर्विस रिकॉर्ड में यह इनाम दर्ज किया जाता है। जो इन्हें आगे मिलने वाली पदोन्नति में फायदा पहुंचाता है।
अब भी फरार हैं 40% अपराधी
पिछले साल से लेकर इस साल के मार्च तक करीब पच्चीस लाख रुपए के नाम की घोषणा की गई। भोपाल पुलिस ने जिन 250 प्रकरणों में इनाम घोषित किया है उनमें करीब 60 फीसदी से अधिक आरोपी लूट, वाहन चोरी और नकबजनी के मामलों के हैं। इनके संबंध में पुलिस के पास जानकारी नहीं है। यह इनाम पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज एवं साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात बदमाशों पर घोषित किया है। वहीं इन मामलों में चालीस फीसदी आरोपी वे हैं जो हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, अड़ीबाजी सहित अन्य अपराध के मामलों में अब भी फरार हैं।

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