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*इंदौर का खजूरी बाजार छात्रों और किताब प्रेमियों के लिए जन्नत,सेकंड हैंड से लेकर रेयर बुक्स तक*

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अगर आप किताबों के शौकीन हैं और किताबों का खजाना ढूंढ रहे हैं या फिर आपको उपन्यास से लेकर विज्ञान और धार्मिक किताबों का अध्ययन करने का शौक है तो इंदौर का खजूरी बाजार आपके लिए सबसे उपयुक्त जगह हो सकती है. इसे मध्य प्रदेश की किताबों की खान भी कहा जाता है.इंदौर का खजूरी बाजार मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा किताबों का बाजार है, जहां नई और सेकंड हैंड किताबें 40% तक सस्ते दामों में मिलती हैं. यह जगह छात्रों और किताब प्रेमियों के लिए जन्नत है.

इंदौर के हृदय में, राजवाड़ा के पास स्थित खजूरी बाजार किसी सामान्य बाजार से कहीं अधिक है यह ज्ञान, साहित्य और शिक्षा का एक जीता-जागता केंद्र है. इसे मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा किताबों का बाजार माना जाता है, जो विद्यार्थियों, पाठकों और पुस्तक प्रेमियों के लिए एक वास्तविक ‘महाकुंभ’ है.

सेकंड हैंड किताबों का सबसे बड़ा मार्केट 
खजूरी बाजार न केवल नई किताबों के लिए बल्कि सेकंड हैंड किताबों के लिए ज्यादा उपयुक्त है, इसलिए यह विद्यार्थियों की पहली पसंद है.  यहां आपको इंजीनियरिंग से लेकर मेडिकल तक सभी पाठ्कीयक्रमों की सेकंड हैंड किताबें उपलब्ध हो जाती हैं. वह भी 40% कम दाम पर, उदाहरण के लिए  जो किताब हजार रुपए की है वह आपके यहां पर ₹600 में ही मिल जाएगी. मजे की बात यह है कि जो किताब अपने सेकंड हैंड खरीदी थी वही किताब आप वापस आकर उससे थोड़ी कम कीमत पर दुकानदार को बेच सकते हैं.

यहां नर्सरी से लेकर स्नातकोत्तर तक की पाठ्यपुस्तकें, इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी और लॉ जैसे सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की किताबें, तथा UPSC, PSC और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री आसानी से मिल जाती है. अगर आप यहां रविवार को आते हैं तो आपको साहित्य और उपन्यास कि वह किताबें जो बाजार में अब अनुपलब्ध हो गई हैं वब भी मिल जाएंगी. इस दिन कईं छोटे विक्रेता सड़कों पर चटाई बिछाकर किताबों की दुकान लगाते हैं, जो इस बाजार के पुराने और जीवंत स्वरूप को दर्शाता है. इसके अलावा यहां कॉपी, कार्ड और प्रिंटिंग का काम भी बड़े स्तर पर होता है.

ऑनलाइन की मार झेल रहा मार्केट 
खजूरी बुक संगठन निलेश जैन ने बताया कि ऑनलाइन किताबों की सेल की वजह से खजूरी मार्केट पर काफी असर पड़ा है, जहां पर लेकर दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी. वहां पर व्यापारी अब ग्राहकों का इंतजार करते हैं. आज सभी किताबें ऑनलाइन उपलब्ध हैं, इसलिए पाठक बाजार आना कम पसंद करते हैं. इस वजह से खजूरी मार्केट का व्यापार आधे से भी काम हो गया है. उन्होंने ग्राहकों से अपील की कि ऑनलाइन की बजाय वह दुकानों से किताबें खरीदें.

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