*अपने बकाया भुगतान के लिए 4 साल से भटक रहे हैं किसान मंडी निधि से भुगतान की मांग कर रहे हैं किसान। मुख्यमंत्री सुन रहे हैं न* *अधिकारी*
*इंदौर।जी-20 सम्मेलन के नाम पर सरकार ऐसा प्रचार कर रही है कि* *किसानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार बहुत बड़े काम कर रही है*। *लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।*
*संयुक्त किसान मोर्चा इंदौर के नेता रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि इंदौर मंडी के डिफाल्टर व्यापारी मंडी में करोड़ों रुपए गेहूं खरीद कर फरार हो गए हैं और पिछले 4 साल से वह किसान अपने भुगतान के लिए भटक रहे हैं।इंदौर कलेक्टर ने भी दो मर्तबा मंडी बोर्ड को किसानों के बकाया भुगतान मंडी निधि करने के लिए आदेश भेजा,लेकिन कृषि मंत्री कमल पटेल सहित प्रदेश के कई मंत्रियों विधायक और मुख्यमंत्री तक ही इंदौर जिले के किसानो ने संयुक्त किसान मोर्चा के माध्यम से अपने बकाया भुगतान की मांग की लेकिन आज तक उसको लेकर कोई कार्यवाही नहीं हुई है इसी तरह से आवारा पशुओं ,नील गाय के कारण ही किसानों की करोड़ों की फसल बर्बाद हो रही है, प्याज भावांतर की राशि सोयाबीन बोनस गेहूं बोनस की राशि साथी ,ब्याज माफी घोषणा के बाद आदेश जारी नहीं हुए हैं। नकली बीज का बोल बाला है इन सब स्थितियों के होते हुए भी सरकार कह रही है कि वह किसान हितेषी है और विदेश से आए जी 20 सम्मेलन के प्रतिनिधियों को बताना चाहती है कि वह किसानों और खेती के लिए बहुत काम कर रही है किसान नेताओं ने कहां है कि यदि सरकार किसान हितेषी है तो उन्हें किसानों की तमाम समस्याओं का समाधान करना चाहिए बजाय प्रचार पर करोड़ों रुपए खर्च करने के*

