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आयुर्वेद कॉलेज को निर्देश: योग की हो पढ़ाई…

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इंदौर। आधुनिक जीवनशैली हमारी दैनिक चर्या को प्रभावित कर रही है। इसके कारण हमें नए-नए रोग का सामना करना पड़ रहा है। इससे बचाव के लिए लगातार जनजागरूकता तो हो ही रही है, अब आयुर्वेद कॉलेज में योग को अलग विषय के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि इसकी पढ़ाई हो, साथ ही इसके लिए अलग से शिक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे।

केंद्रीय आयुष विभाग ने सभी आयुर्वेद कॉलेज को निर्देश दिए हैं कि योग को अलग से विषय बनाकर इसका विधित अध्ययन करवाएं। मध्यप्रदेश में सात शासकीय और 27 निजी आयुर्वेद कॉलेज संचालित हो रहे हैं। अब जल्द ही इन कॉलेजों में योग की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। इसके लिए बाकायदा योग शिक्षकों की नियुक्ति भी कॉलेज को करना होगी।

कोरोना काल के बाद से ही आयुर्वेद के प्रति आमजन का नजरिया और ज्यादा सकारात्मक हुआ है। युवा पीढ़ी में आयुर्वेद तथा योग का और ज्यादा प्रचार-प्रसार कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में इस कदम को सरकार पुरजोर प्रयास के साथ लागू कर रही है, ताकि हमारे देश में युवा और हर वर्ग के लोगों को आधुनिक बीमारियों से निजात मिल सके।

ब्लड प्रेशर और डायबिटीज पर अंकुश
आधुनिक जीवनशैली में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। हमारी नियमित दिनचर्या में बदलाव करने के साथ ही योग के माध्यम से इन्हें काफी हद तक दूर किया जा सकता है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मिले, इसी मंशा के साथ योग को अब आयुर्वेद की पढ़ाई में विशेष दर्जा दिया जा रहा है।

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