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सी.एम.एस. अशर्फाबाद कैम्पस द्वारा आयोजित ‘इण्टरनेशनल इण्टरफेथ हार्मनी कान्फ्रेन्स’ का आयोजन

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भारतीय संस्कृति ‘विश्व बन्धुत्व’ को अपनाने का समय आ गया है
- देश-विदेश के विचारकों व विभिन्न धर्मावलम्बियों का मत
लखनऊ, । सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अशर्फाबाद कैम्पस द्वारा ऑनलाइन आयोजित दो दिवसीय ‘इण्टरनेशनल इण्टरफेथ हार्मनी कान्फ्रेन्स’ में अपने सारगर्भित विचार व्यक्त करते हुए देश-विदेश की प्रख्यात हस्तियों ने एक स्वर से कहा कि विश्व एकता व विश्व शांति के लक्ष्य हेतु भारतीय संस्कृति ‘विश्व बन्धुत्व’ की भावना को अपनाने का समय आ गया है। विदित हो कि इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में रूस, ब्राजील, अमेरिका, इजिप्ट, जर्मनी एवं भारत के प्रख्यात विचारक, दार्शनिक व विद्वजन प्रतिभाग कर रहे हैं। सम्मेलन के पहले दिन आज ब्राजील की सुश्री कार्मन बालहेस्टिरा, अमेरिका के डा. हाँग ताओ जी, इजिप्ट के न्यायमूर्ति आदेल ओमर शेरीफ आदि ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से सामाजिक एकता, धार्मिक एकता व धार्मिक समन्वय का अलख जगाया। इससे पहले, दीप प्रज्वलन, स्कूल प्रार्थना, सर्व-धर्म प्रार्थना एवं विश्व संसद के ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण से सम्मेलन का विधिवत शुभारम्भ हुआ।
	सम्मेलन में चर्चा की शुरूआत करते हुए इजिप्ट के डेप्युटी चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति आदेल ओमर शेरीफ ने कहाकि अन्तर-धार्मिक संवाद ही एकता व शान्ति व्यवस्था की कुंजी है। अमेरिका से डा. हाँग ताओ जी ने कहा कि धर्म इंसान को इंसान से जोड़ता है अमेरिकी शिक्षाविद् सुश्री दारा फेडमैन एवं सुश्री फियोना ड्विन्जर ने भी सारगर्भित विचार रखे।	इससे पहले, सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने देश-विदेश के विद्वजनों का हार्दिक स्वागत अभिनन्दन करते हुए कहा कि धर्म को जीवन से व शिक्षा से अलग नहीं किया जा सकता। अतः यह जरूरी है कि हम सभी के प्रति प्रेमभाव रखे। यही उद्देश्य लेकर अन्तर्राष्ट्रीय इन्टरफेथ सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 

	
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