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IPL ऑक्शन ……मॉरिस अब तक के सबसे महंगे प्लेयर, राजस्थान ने 16.25 करोड़ में खरीदा; 46 गुना ज्यादा कीमत पर बिके गौतम ने रिकॉर्ड बनाया

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चेन्नई

साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ऑक्शन के अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 16.25 करोड़ रुपए में खरीदा। उन्होंने युवराज का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्हें 2015 के सीजन के लिए दिल्ली ने 16 करोड़ रुपए में खरीदा था।

यह ऑक्शन चेन्नई में चल रहा है। अब तक 14वें सीजन के लिए 27 खिलाड़ियों की नीलामी हो चुकी है। इनमें से 11 विदेशी हैं और 16 भारतीय हैं। कुल 61 स्लॉट खाली थे। इसके लिए 292 प्लेयर्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था।

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मैक्सवेल के महंगे बिकने की वजह

अब तक इन प्लेयर्स की नीलामी हुई…

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13 राउंड के बाद तेज रफ्तार से होगी नीलामी
ऑक्शन के शुरुआती 2 राउंड में 14 बड़े खिलाड़ियों (मार्की प्लेयर्स) के बाद बल्लेबाजों, ऑलराउंडर्स, विकेटकीपर्स और बॉलर्स पर बोली लगी। सभी 292 में से सिर्फ 10 खिलाड़ियों को 2 करोड़ रुपए की बेस प्राइज के स्लॉट में थे। 13 राउंड और 87 प्लेयर्स के बाद नीलामी तेज रफ्तार से होगी।

2 करोड़ रुपए बेस प्राइज वाले मार्क वुड ने नाम वापस लिया
नीलामी से थोड़ी देर पहले ही इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने नाम वापस ले लिया। 2019 में CSK ने उन्हें रिलीज किया था। उनकी बेस प्राइज 2 करोड़ रुपए थी। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन के मुताबिक, वुड ने परिवार के साथ वक्त बिताने के लिए यह फैसला लिया। फिलहाल, वे भारत के खिलाफ आखिरी 2 टेस्ट खेलेंगे। इसके बाद वे भारत के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज भी खेलेंगे।सीरीज के पहले दो टेस्ट में उन्हें आराम दिया गया था।

एक टीम में मैक्सिमम 25 और मिनिमम 18 खिलाड़ी होंगे
सभी फ्रेंचाइजी अपनी टीम में मैक्सिमम 25 और मिनिमम 18 खिलाड़ी रख सकती हैं। किसी भी टीम में ज्यादा से ज्यादा 8 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं। नीलामी शुरू होने से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास सबसे कम 14 खिलाड़ी और सनराइजर्स हैदराबाद के पास सबसे ज्यादा 22 खिलाड़ी थे।

खिलाड़ी खरीदने के लिए पंजाब के पर्स में सबसे ज्यादा रुपए
IPL के इस सीजन में फ्रेंचाइजी का सैलरी पर्स (बजट) पिछले सीजन की तरह 85 करोड़ ही रहा। यानी कोरोना की वजह से इस बार सैलरी बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि 2019 में यह बजट 80 करोड़ और 2018 में 66 करोड़ रुपए था। इस बार पंजाब के पास खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सबसे ज्यादा 53.20 करोड़ रुपए थे। नियमों के तहत टीम का न्यूनतम खर्च 60 करोड़ होना चाहिए यानी सैलरी कैप वैल्यू का 75%।

क्या राइट टू मैच कार्ड (RTM कार्ड) का इस्तेमाल होगा?
राइट टू मैच कार्ड सिर्फ मेगा ऑक्शन के लिए है। ऐसे में इस मिनी ऑक्शन में इसका इस्तेमाल नहीं हुआ। राइट टू मैच कार्ड यानी इसके जरिए फ्रेंचाइजी अपने पुराने खिलाड़ी को नीलामी में वापस हासिल कर सकती है। इसके लिए उन्हें नीलामी में खिलाड़ी पर लगी सबसे ज्यादा बोली के बराबर की कीमत चुकानी होती है। ज्यादा से ज्यादा 5 खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी इसके जरिए (RTM कार्ड) रिटेन कर सकती हैं।

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