ईरान ने आर्मेनिया के साथ मिलकर अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जंगेजुर प्लान को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, ट्रंप आर्मेनिया के जंगेजुर कॉरिडोर के जरिए ईरान को घेरने का प्लान बना रहे थे।
ईरान और आर्मेनिया ने मध्य पूर्व में बड़ा खेला कर दिया है। इन दोनों देशों ने एक ऐसा समझौता किया है, जिससे अमेरिका की रणनीति नाकाम हो गई है। दरअसल, ईरान और आर्मेनिया ने नॉर्डूज ब्रिज और फारस की खाड़ी-काला सागर लिंक सहित नई परिवहन परियोजनाओं पर सहमति जताई है। इससे ईरान को बिना जंगेजुर कॉरिडोर के काकेशस देशों में प्रवेश का रास्ता मिल जाएगा। हाल में ही अमेरिका ने आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के तहत जंगेजुर कॉरिडोर पर नियंत्रण हासिल किया है। इससे ईरान के लिए चिंता पैदा हो गई थी।

ईरान ने आर्मेनिया से किया नया समझौता
ईरान की सड़क एवं शहरी विकास मंत्री, फ़रज़ानेह सादेग ने परिवहन और पारगमन सहयोग को मज़बूत करने के उद्देश्य से आर्मेनिया के साथ नए समझौतों की घोषणा की है। इस समझौते के तहत नॉर्डूज में एक दूसरे पुल का निर्माण और फारस की खाड़ी को काला सागर से रेल नेटवर्क के जरिए जोड़ने की योजना को आगे बढ़ाना शामिल है। मंगलवार को सादेग ने कहा कि दोनों पक्ष मौजूदा नॉर्डूज क्रॉसिंग का विस्तार करने और दोनों देशों के बीच माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए एक अतिरिक्त पुल बनाने पर सहमत हुए हैं।
आर्मेनिया से व्यापार के लिए पैकेज देगा ईरान
उन्होंने बताया कि ईरान और आर्मेनिया अगले दो महीनों के भीतर सीमा टर्मिनलों का पुनर्गठन करने और ईरानी ट्रक चालकों की लागत कम करने के लिए एक व्यापक पारगमन पैकेज को अंतिम रूप देने की भी योजना बना रहे हैं। मंत्री ने फारस की खाड़ी को काला सागर से जोड़ने वाले एक रणनीतिक रेलवे गलियारे की स्थापना के लिए चल रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
आर्मेनिया से दोस्ती बढ़ा रहा ईरान
उन्होंने कहा, “रेल लाइन वर्तमान में जोल्फा तक फैली हुई है और नखचिवन होते हुए येरेवन तक इसे जारी रखने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति हो गई है। सादेघ ने माल ढुलाई, हवाई परिवहन और तकनीकी-इंजीनियरिंग सेवाओं में आपसी सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि ईरानी ठेकेदार आर्मेनिया में बुनियादी ढांचा परियोजना में मजबूती से काम कर रहे हैं।