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*ईरान के‘बेस्ट डायरेक्टर’ जाफर पनाही को अपने देश में जेल*

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ईरान के प्रसिद्ध फिल्मकार और प्रतिष्ठित कान फिल्म समारोह में पाम डी’ओर जीत चुके जाफर पनाही को राज्य के खिलाफ “प्रचार गतिविधियों” में शामिल होने के आरोप में एक साल की जेल और यात्रा प्रतिबंध की सज़ा सुनाई गई है। 

ईरान की रिवॉल्यूशनरी कोर्ट ने पनाही को देश के खिलाफ “प्रचार गतिविधियों” के लिए उनकी गैरहाज़िरी में एक साल कैद की सज़ा सुनाई है।

इस सज़ा में दो साल का यात्रा प्रतिबंध और किसी भी राजनीतिक या सामाजिक समूह की सदस्यता पर रोक भी शामिल है। पनाही के वकील ने बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे।

सरकार की नीतियों के कटु आलोचक रहे 65 वर्षीय पनाही ने इस साल अपनी फिल्म ‘इट वाज़ जस्ट एन एक्सीडेंट’ के लिए कान का सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार पाम डी’ओर जीता था। कान में ये पुरस्कार जीतने वाले अब्बास किआरोस्तमी (1997 में ‘टेस्ट ऑफ़ चेरी’) के बाद पनाही दूसरे ऐसे ईरानी फिल्मकार हैं।

सत्ता-विरोधी रुख के कारण पनाही पर पहले भी फिल्ममेकिंग का प्रतिबंध और “राज्य के खिलाफ प्रचार” के आरोप लगे हैं।

पनाही 2022 और 2023 में अपने साथी फिल्मकार मोहम्मद रसूलोफ़ की कैद का विरोध करने के लिए सात महीने जेल में भी रहे थे।

हालांकि पनाही ऐसी कार्रवाइयां पहले भी झेल चुके हैं और उनसे बेपरवाह रहते हुए ‘दिस इज़ नॉट अ फ़िल्म, ‘नो बेयर्स’ और ‘टैक्सी तेहरान’ जैसी प्रशंसित फिल्में बनाई हैं, जिसके लिए उन्हें 2015 में बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन बेयर भी मिला था।

फिलहाल पनाही अमेरिका में हैं, जहां एक दिन पहले ही गॉथम अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ पटकथा, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर सहित तीन पुरस्कार जीते।

पुरस्कार स्वीकार करते समय उन्होंने कहा: “मैं इस पुरस्कार का सम्मान ईरान और दुनिया भर के इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स को समर्पित करना चाहता हूं, वे फिल्मकार जो चुपचाप, बिना समर्थन के, और कभी-कभी अपने पास का सब कुछ जोखिम में डालकर भी, केवल सत्य और मानवता में अपने विश्वास के साथ कैमरा चलाते रहते हैं।”

(साभार : न्यू दिल्ली फिल्म फाउंडेशन)

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