इंदौर
आज हम आपको ऐसी शख्सियत से मिलवाने जा रहे हैं, जिसने इंदौर की पहली एरियल फोटोग्राफी की थी। जी हां, हम बात कर रहे हैं कैप्टन ओमदत्त शर्मा की। इनके फोटो इंटरनेट पर वायरल हैं।
शौक बड़ी चीज़ है, न उम्र न वक़्त ही इसे थाम सका है। इसी शौक और जुनून में कई बेहतरीन किरदार इस दुनिया को दिए हैं, हमारे शहर इंदौर के शौकीन और जुनूनी लोगों की फेहरिस्त में आज एक ज़बरदस्त वाकया पेश है ।
आपने ड्रोन और एरियल फोटोग्राफी के बारे में खूब वीडियो देखे होंगे, आजकल ये बहुत ट्रेंड में हैं और इसने डिजिटल फोटोग्राफी के साथ मिलकर इसे आसान और बेहद प्रभावी बना दिया है, पर अगर यही बात आज से 60 साल पहले की हो जब न मोबाइल फोन थे, न डिजिटल कैमरा, न ही मेमोरी कार्ड्स और ड्रोन तो कल्पना में भी नहीं था|
MGM मेडिकल कॉलेज- फोटोग्राफी कर्टसी कैप्टन ओमदत्त शर्मा
…तब 1961 में इंदौर के उस समय के जाने माने वकील और शख्सियत कैप्टन ओमदत्त शर्मा ने अपने शौक को अंजाम दिया और इंदौर की पहली, जी हां पहली एरियल फोटोग्राफी को अंजाम दिया, ये फोटो ग्राफ्स बेहद पॉपुलर हैं और बहुत वायरल होते हैं |
लालबाग पैलेस– फोटोग्राफी क्रेडिट कैप्टन ओमदत्त शर्मा
नंदा नगर ESI हॉस्पिटल- फोटोग्राफी क्रेडिट्स कैप्टन ओमदत्त शर्मा
इंदौर की ऐतिहासिक बिल्डिंग्स के ये दस्तावेज़ अब धरोहर हो चुके हैं
कैप्टन ओमदत्त शर्मा पायलट बनकर इसे अपना पेशा बनाना चाहते थे, लेकिन एक इमरजेंसी लैंडिंग के वाकये ने घर परिवार का मानस बदला और फिर ये सिर्फ शौकिया तौर पर एमपी फ़्लाइंग क्लब में “पुष्पक” नामक 2 सीटर प्लेन में उड़ान भरने लगे, इनको 5 अलग-अलग प्लेन्स पर महारत हसिल थी, कैप्टन भोजवानी इनके चीफ इंस्ट्रक्टर थे |
नूतन विद्यालय , चिकमंगलूर चौराहा इंदौर- फोटोग्राफी क्रेडिट कैप्टन ओमदत्त शर्मा
तो इन फोटो ग्राफ्स की कहानी यूं है कि अप्रैल 1961 की गर्मियों के दिनों में सुबह 9.30 बजे या 10 बजे का वक़्त था, कैप्टन ओमदत्त शर्मा पुष्पक से उड़ान भरते हैं, अपनी सोलो फ्लाइट में, यानी कोई को-पाइलट साथ नहीं , साथ है तो सिर्फ शौक और 2 फुल्ली लोडेड कैमरे रोलिकोड, रोलिफ्लेक्स, जिनमें १२ फोटो ग्राफ्स खींचने की केपेसिटी ….
ऐसा था कृष्णपुरा पुल- फोटोग्राफी क्रेडिट कैप्टन ओमदत्त शर्मा
उड़ान शुरू, प्लेन एक ऊंचाई पर आया फिर शुरू हुई इंदौर की जानी पहचानी इमारतों, नदियों, राजबाड़ा, फूटी कोठी, शिकारगाह, एमवाय अस्पताल, रेसीडेंस, रीगल टाकिज, लालबाग पैलेस, माणिकबाग पैलेस, ट्रीटमेंट प्लांट, बीजासन, अन्नपूर्णा मंदिर की एरियल फोटोग्राफी..
एमवाय हॉस्पिटल का एरियल शूट- फोटोग्राफी क्रेडिट कैप्टन ओमदत्त शर्मा
मैन्युअल फोटोग्राफी– हवा में प्लेन उड़ाते हुए !
कोई ऑटोफोकस नहीं, पूरी तरह मैन्युअल फोटोग्राफी, तकनीक, विजन, एंगल और रोशनी का खेल वो भी हवा में । आज 86 वर्ष की उम्र में जिंदादिल कैप्टन ओमदत्त शर्मा बताते हैं कि मैंने 4 रोल, प्लेन उड़ाते हुए अकेले शूट किए और उसमें से लगभग 2 रोल काम के थे क्योंकि कई बार प्लेन की नोज़ , पंखे या विंग भी उसमें आ गए थे |
गांधी हॉल- फोटोग्राफी क्रेडिट कैप्टन ओमदत्त शर्मा
उन्हें पता था कि ये तस्वीरें आगे चलकर दुर्लभ होंगी तो उन्होंने इन्हें सहेज कर रखा और अपने पुत्र अमिताभ शर्मा जो खुद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के फोटोग्राफर हैं। उनसे तस्वीरों को स्कैन करवा कर डिजिटल रूप से सहेजा, जैसे ही ये फोटो ग्राफ्स सोशल मीडिया पर आए तो इंदौर ही नहीं पूरी दुनिया के इन्दोरियों ने इसे वायरल कर दिया |
ऐसी थी फूटी कोठी !- फोटोग्राफी क्रेडिट कैप्टन ओमदत्त शर्मा
राजबाड़ा का संपूर्ण फोटो– एरियल व्यू के साथ
एरियल व्यू फोटो संपूर्ण राजबाड़ा का- फोटोग्राफी कर्टसी कैप्टन ओमदत्त शर्मा
राजबाड़ा का फोटो तो इतना दुर्लभ है कि इसमें पूरा राजबाड़ा दिखाई दे रहा है, क्योंकि 84 दंगों के बाद इसमें आग लग गई थी और इसका बड़ा हिस्सा टूट कर खत्म हो गया था।
सरस्वती/ कान्हा के लबालब भरे होने सबूत, सुख निवास पैलेस, डेली कॉलेज, छोटा और बड़ा स्टेडियम और अन्नपूर्ण मंदिर का विशाल मैदान जहां लक्ष्यचंडी यज्ञ हो रहा था, भी इसमें कैद है।
सुन्दर सुखनिवास पैलेस- फोटोग्राफी क्रेडिट्स कैप्टन ओमदत्त शर्मा
MPEB के कूलिंग प्लांट्स- फोटोग्राफी क्रेडिट्स कैप्टन ओमदत्त शर्मा
इंदौर की अद्भुत चित्र विरासत और कैप्टन ओमदत्त शर्मा को सलाम । तो भिया, ये थी इंदौर की पहली एरियल फोटोग्राफी | है न अद्भुत! शौक बड़ी चीज़ है !
-समीर शर्मा, (9755012734)

