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अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है जबलपुर की परियट नदी,बहता है गोबर!

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जबलपुर की परियट नदी की स्थिति खराब है. इसमें गोबर बह रहा है. खुद जानवर इसका पानी नहीं पीते, इंसान तो दूर की बात है. हालांकि, नदी का ये हाल बस कुछ ही दूर का है, बाकी नदी साफ है.

मध्य प्रदेश की संस्कारधानी में बहने वाली परियट नदी आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. कभी इसी नदी का पानी लोग पीते थे, नहाते थे, रोजमर्रा के काम करते थे, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि जानवर भी इसमें मुंह डालने से कतराते हैं. डेयरियों से निकलने वाला गोबर और अपशिष्ट नदी में बहाया जा रहा है, जिससे एक बड़ा हिस्सा ‘गोबर नदी’ में तब्दील हो चुका है.

हैरानी की बात ये है कि NGT से लेकर कई सामाजिक संगठनों के विरोध और शिकायतों के बावजूद तस्वीर नहीं बदली. नगर निगम और प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं. सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इसी नदी के एक हिस्से में पानी साफ नजर आता है, जबकि दूसरे हिस्से में गोबर ही गोबर बह रहा है. Local 18 की ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए एक नदी के दो रूप…

पानी में जानवर भी नहीं डालते मुंह
जब Local 18 की टीम परियट नदी के नजदीक पहुंची, तब गोबर की दुर्गंध के चलते खड़े रहना मुश्किल हो गया था. इसी दौरान इमलिया निवासी बुजुर्ग बिंदु बेन ने बताया, करीब 80 साल से वहां निवास कर रहे हैं. एक समय था, जब परियट नदी का इस्तेमाल पानी पीने से लेकर निस्तार के लिए किया जाता था. लोग नदी में नहाया करते थे, महिलाएं कपड़े भी धोती थीं. लेकिन, डेयरियां बन जाने के बाद परियट नदी की हालत खराब हो चुकी है. अब लोग नदी की तरफ देखना भी पसंद नहीं करते. इतना ही नहीं, जानवर भी नदी का पानी नहीं पीते. ये हालात इमलिया के रेलवे ट्रैक के बाद से ही देखने को मिलते हैं, जहां से डेयरियां शुरू होती हैं. करीब 1 km के हिस्से में गोबर ही गोबर है.

40 से 50 डेयरियां… परियट नदी बनी गोबर नदी
सागर बेन ने बताया, परियट नदी की स्थिति काफी खराब हो चुकी है. जब से होश संभाला हूं तब से ही नदी की स्थिति बदतर देख रहा हूं. पूरी नदी में गोबर ही गोबर है. नजदीक में 40 से 50 डेयरियां हैं, जिसका गोबर और अपशिष्ट नदी में मिलता है. इससे नदी का अस्तित्व समाप्त हो चुका है. घर में रहना भी दूभर हो चुका है. जहां गोबर की गंध घर तक आती है. इसकी शिकायत कई बार प्रशासन को की गई. लेकिन, किसी भी तरह की सुनवाई नहीं हुई. नगर निगम में शामिल होने के बाद भी स्थिति खराब है. अधिकारियों की सांठ-गांठ से डेयरी संचालकों पर कार्यवाही नहीं होती है.

नदी के दूसरी पार पानी साफ, नहा रहे थे बच्चे
जब टीम परियट नदी से रेलवे ट्रैक की तरफ महंगवा गांव की ओर आगे बढ़ी, तब पानी साफ दिखाई दिया. इतना ही नहीं, कुछ महिलाएं कपड़े भी धो रही थी. उन्होंने बताया, यहां हमेशा पानी साफ रहता है. ग्रामीण नहाते भी हैं. कपड़े भी धोते हैं. वहीं, संजय सिंह ने बताया इमलिया में काफी डेयरियां हैं, जिसके कारण पानी दूषित होता है, लेकिन इसके पहले पानी काफी साफ है. इसमें रेत से लेकर आपको कंकर भी देखने को मिल जाएंगे.

हिरन नदी के बाद नर्मदा में मिलती 
परियट नदी सीधे जाकर हिरन नदी में मिलती है. फिर हिरन नदी का पानी मध्य प्रदेश की लाइफ लाइन कही जाने वाली मां नर्मदा में मिलता है. बहरहाल अब देखना होगा, इस ओर नगर निगम क्या और कब कार्यवाही करता है?

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