कर्नाटक में जन आंदोलन महा मैत्री अभियान के तहत कर्नाटक सरकार द्वारा लागू 3 किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 3 स्थानों से यात्रा निकाली गई। एक कानून भूमि सुधारों का निषेध करता है ,दूसरा कानून मंडी व्यवस्था को नष्ट करता है और तीसरा किसानों की पशुओं सम्बन्धी व्यवस्थाओं को ध्वस्त करता है। यात्राओं का समापन बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में हुआ।

कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एच एन नागा मोहनदास, कार्यक्रम आयोजक प्रो. हीरेमठ, कार्यक्रम संयोजक रामें गौड़ा, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के कर्नाटक संयोजक वाया रेड्डी, श्रमिक नेता माइकल फर्नांडीज, कर्नाटक रैयत संघ के नेता नागेंद्र सहित अनेक जन संगठनों के कार्यकर्ता एवं नेता शामिल हुए।
समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि जिस तरह का आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में 380 दिन तक किया गया था, उसी तरह से अहिंसा, सत्याग्रह, सेवा, दृढ़ संकल्प आधारित आंदोलन किसान ,किसानी और गांव की व्यवस्था को सम्पूर्ण तौर पर नष्ट करने के लिए बनाए गए कानूनों को रद्द कराने की जरूरत है।
दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए किसान आंदोलन को और व्यापक बनाने की जरूरत होगी। उल्लेखनीय है कि यात्रा के दौरान प्रशांत भूषण जी ने किसानों को संबोधित किया ।