रतलाम. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी रविवार को अपने दौरे पर रतलाम पहुंचे, जहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. धाकड़ समाज के लोगों ने न केवल काले झंडे दिखाए बल्कि उनकी गाड़ी पर पथराव भी किया, जिससे वाहन का शीशा फूट गया. हालांकि जीतू पटवारी को कोई चोट नहीं लगी है. उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के साथ रतलाम में वोट चोरी को लेकर रोड शो किया. जानकारी के अनुसार, मामला मंदसौर की घटना से जुड़ा है. दरअसल, कुछ दिन पहले पटवारी ने एक बयान दिया था, जिसे धाकड़ समाज पर टिप्पणी के रूप में लिया गया. इसी बात से नाराज होकर धाकड़ समाज के लोगों ने रतलाम में उनका विरोध किया. पटवारी के बयान से नाराज समाजजनों ने जावरा में उनका पुतला जलाकर थाने में ज्ञापन सौंपते हुए FIR दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के काफिले को काले झंटे उस समय दिखाए घए, जब वो ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ आंदोलन में शामिल होने रतलाम आ रहे थे। इसी दौरान जिले के मांगरोल में धाकड़ समाज भी जीतू पटवारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। बताया जा रहा है कि, समाज की ओर से पहले ही आंदोलन की घोषणा कर दी गई थी। इसी बीच जीतू पटवारी का गुजर उसी क्षेत्र से हुआ तो दाकड़ समाज के प्रदर्शनकारियों ने अचानक से मार्ग घेर लिया और उन्हें काले झंजे दिखातेजमकर विरोद प्रदर्शन और नारेबाजी शुरु कर दी।

जैसे ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का काफिला स्टेशन रोड इलाके से गुजरा, बड़ी संख्या में लोग सड़क पर खड़े होकर काले झंडे लहराने लगे और नारेबाजी करने लगे. इसी भीड़ से किसी ने पथराव कर दिया, जिससे कार का शीशा टूट गया. हालांकि ड्राइवर ने तेजी से गाड़ी निकाल ली और पटवारी सुरक्षित स्थान पर पहुंचे. बाद में उन्होंने गाड़ी रोककर धाकड़ समाज के लोगों से मुलाकात की. इस दौरान पटवारी ने कहा, “हमने किसी भी समाज के खिलाफ कुछ नहीं कहा. हमारा बयान केवल बीजेपी नेता को लेकर था. धाकड़ समाज से हमारी रिश्तेदारी है, आपके लिए मैं गलत टिप्पणी नहीं कर सकता. अगर मेरे शब्दों से किसी को दुख हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं.”
पथराव से इनकार, लेकिन विरोध तो हुआ
घटना के बाद कांग्रेस नेता किसन सिंघाड़ ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. उनकी शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस की मानें तो पथराव की घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विरोध और हंगामे की बात स्वीकार की गई है. एडिशनल एसपी राकेश खाखा ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी. गौरतलब है कि जीतू पटवारी रतलाम जिले के सैलाना में आयोजित वोट अधिकारी यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे. यहां उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया भी मौजूद थे. लेकिन कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है. वहीं, कांग्रेस इसे बीजेपी की साजिश बता रही है तो दूसरी ओर धाकड़ समाज के प्रतिनिधि पटवारी के बयान पर अब भी नाराजगी जता रहे हैं.
बताया जा रहा है कि, वाहन को चारों और से घिरा देख जीतू पटवारी भी वाहन से उतर गए और लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच खबर है कि, भीड़ से किसी ने उनपर पत्थर से भी हमला किया, जिससे उनकी गाड़ी का कांच फूट गया। हालांकि, पटवारी ने अबतक इसपर कोई टिप्पणी नहीं की है।
कांग्रेसियों और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक
जीतू पटवारी के बयान से नाराज हुए धाकड़ समाज के लोगों ने उनके वाहन को चारों ओर से घेर लिया और काले झंडे दिखाए। मौके पर मौजूद स्थानीय कांग्रेस नेताओं से प्रदर्शनकारियों की जमकर बहस भी हुई। हलांकि, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक तरफ प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया तो वहीं दूसरी तरफ पटवारी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं को भी वाहन में बैठाकर मौके से रवाना किया।
बाल-बाल बचे पटवारी
पत्थर के हमले से बाल-बाल बचे जीतू पटवारी
बताया जा रहा है कि, समय रहते पत्थर की जद से हट जाने के कारण उन्हें तो चोट नहीं आई, पर पत्थर जीतू पटवारी के वाहन के शीशे पर जा लगा, जिससे शीशा टूट गया। गनीमत रही कि, कार के भीतर मौजूद अन्य किसी को भी पत्थर और कांच से कोई चोट नहीं आई। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थितियों को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया। फिलहाल, जीतू पटवारी आंदोलन में शामिल होने शहर के लिए रवाना हो गए हैं।
समाजजनों ने ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग
हीं, दूसरी तरफ धाकड़ समाज के लोगों ने जिले के जावरा के घंटाघर चौराहे पर भी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला जलाया। साथ ही, समाज के लोगों ने जावरा थाना प्रभारी को प्रकरण दर्ज करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा।वहीं, दूसरी तरफ धाकड़ समाज के लोगों ने जिले के जावरा के घंटाघर चौराहे पर भी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला जलाया। साथ ही, समाज के लोगों ने जावरा थाना प्रभारी को प्रकरण दर्ज करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा।