मुंबई। गेमिंग कंपनी जूपी ने 170 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह उसकी कुल कर्मचारियों की संख्या का 30 प्रतिशत है। कंपनी ने यह कदम नए कानून के कारण उठाया है, जिसमें पैसा आधारित ऑनलाइन गेम पर रोक लगाई गई है। इस नई नीति के कारण कंपनी को अपने कामकाज में बदलाव करना पड़ा है।
क्या कहा कंपनी ने?
जूपी ने बयान में कहा कि यह छंटनी ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद की गई है। कंपनी ने यह भी कहा कि जब भी नई भर्तियां होंगी, निकाले गए कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर रखने में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि जूपी और कई अन्य मंचों को ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 के लागू होने के बाद अपने पैसा आधारित पेशकश बंद करने पड़े, क्योंकि इस विधेयक में पैसों का दांव लगाने वाले सभी खेलों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्या कहा कंपनी के फाउंडर ने?
जूपी के फाउंडर और सीईओ दिलशेर सिंह मल्ही ने कहा- यह हमारे लिए एक बहुत ही मुश्किल फैसला था, लेकिन नए नियमों के हिसाब से ढलने के लिए यह जरूरी था। उन्होंने कहा कि जो साथी हमें छोड़कर जा रहे हैं, वे जूपी की यात्रा का एक अहम हिस्सा रहे हैं और हम जूपी को आज यहां तक लाने में उनके योगदान के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। हम अपने साथियों को मदद दे रहे हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी और आत्मविश्वास के साथ अपनी अगली नौकरी की शुरुआत कर सकें।
ड्रीम11, तीन अन्य स्टार्टअप यूनिकॉर्न सूची से बाहर
इस बीच, ड्रीम11 और गेम्स24×7 सहित चार स्टार्टअप ने प्रतिष्ठित यूनिकॉर्न का दर्जा खो दिया है। यूनिकॉर्न सूची से बाहर होने वाले पैसा आधारित गेम (आरएमजी) से जुड़ी दो अन्य स्टार्टअप गेम्सक्राफ्ट (तीन करोड़ उपयोगकर्ता) और मोबाइल प्रीमियर लीग (नौ करोड़) हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रीम11 के 26 करोड़ उपयोगकर्ता हैं जबकि गेम्स24×7 के 12 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया यूनिकॉर्न एंड फ्यूचर यूनिकॉर्न रिपोर्ट 2025 में कहा गया है कि लोकप्रिय ‘जूपी’ और ‘विंजो गेम्स’ के मूल्यांकन भी इस कानून के कारण प्रभावित हुए हैं। हालांकि, ये दोनों यूनिकॉर्न नहीं थे। यूनिकॉर्न ऐसे स्टार्टअप होते हैं जिनका मूल्यांकन एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होता है।

