भोपाल. मध्य प्रदेश में अब कांग्रेस आदिवासी दांव खेल रही है. आदिवासियों के मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ) से मुलाकात की. कमलनाथ ने राज्यपाल के साथ अपनी बैठक में आदिवासियों के साथ हुई मौजूदा घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने सरकार पर आदिवासियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया. अब इस पर विधानसभा में उनकी सरकार को घेरने की तैयारी है.
वहीं, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि राज्यपाल को बताया गया कि सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित नहीं किया है. मेडिकल कॉलेजों में आदिवासी बैकलॉग पद को जनरल कैटेगरी से भर रहे हैं. खंडवा में आदिवासियों को बेघर कर दिया. कांग्रेस के नेताओं ने नेमावर की घटना की सीबीआई जांच की मांग की. साथ ही सरकार पर बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद नहीं करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई-बहनों पर अत्याचार हो रहा है.
मुलाकात के दौरान आदिवासियों के इन मुद्दों को उठाया
– नौ अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए. हमारी सरकार में इस दिन अवकाश घोषित किया गया था. साथ ही हर ब्लॉक में इस दिवस को मनाने के लिये राशि दी गई थी.
– कई जिलो में धारा 144 लगाकर इस दिवस को मनाने से रोकने का काम शिवराज सरकार में किया जा रहा है.
– मेडिकल कालेज में आदिवासी वर्ग के बैकलॉग के पद पर अन्य वर्ग के लोगों की भर्ती की जा रही है
– नेमावर हत्याकांड की सीबीआई जांच हो
– खंडवा सहित कई जिलो में आदिवासी वर्ग के मकान तोड़े जा रहे है. वनाधिकार क़ानून का उल्लंघन किया जा रहा है
