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कमलनाथ के हिंदुत्व वाले 5 मास्टर स्ट्रोक फैसले, जिससे कांग्रेस हैरान

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मध्यप्रदेश की धरती इन दिनों ​’हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ बन गई है। बने भी क्यों नहीं? यहां पर अगले चार महीने में विधानसभा चुनाव जो होने हैं। राज्य में राजनीति में नित नए प्रयोग हो रहे हैं। ‘कथा पॉलिटिक्स’ का दौर चल पड़ा है। कथा पॉलिटिक्स में एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ कूद गए हैं। सियासी बाजी को पलटने के लिए कमलनाथ छिंदवाड़ा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा कहवा रहे हैं। इससे बीजेपी की चिंता बढ़ गई है तो कांग्रेस भी पशोपेश में है। इन सबसे बेफिक्र हनुमान भक्त कमलनाथ पूरी तरह तटस्थ और आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहे हैं। कमलनाथ पहली बार हिंदुत्व की राह पर नहीं चल रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने ऐसे पांच मास्टरस्ट्रोक फैसले लिए हैं, जिससे उनकी पार्टी अचरज में पड़ गई थी।

छिंदवाड़ा में करवा रहे हैं बागेश्वर सरकार की कथा

हिंदुत्व की राह पर चल रही बीजेपी को एमपी में कमलनाथ कड़ी चुनौती दे रहे हैं। बीजेपी के कुछ नेता कथित रूप से उन्हें हिंदू विरोधी बताते रहे हैं लेकिन कमलनाथ हिंदुत्व की राह पर चलकर उन्हें चुनौती दे रहे हैं। छिंदवाड़ा जिले के सिमरिया में होने जा रही कथा इसका प्रमाण है। दिलचस्प बात यह है कि इस कथा के ​कथाकार ख्याति प्राप्त बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं। वे 5 से 7 अगस्त तक ‘मारुति नंदन सेवा समिति’ के तत्वावधान में कथा सुनाएंगे। इसे लेकर सियासी गलियारों में जोरों की चर्चा है।

हनुमानजी की सबसे बड़ी प्रतिमा बनवाई

साल 2014 से पहले जब देश में कांग्रेस की सरकार थी और कमलनाथ केंद्रीय मंत्री थे। तत्कालीन सांसद कमलनाथ ने शहर से करीब 15 किमी दूर छिंदवाड़ा नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के सिमरिया में भव्य हनुमान प्रतिमा स्थापित करवाने की ठानी थी। वर्ष 2015 में यह प्रतिमा स्थापित हुई थी। 101 फीट के उंची हनुमान जी भव्य प्रतिमा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। कमल नाथ कांग्रेस के एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने हनुमान जी की इतनी बड़ी प्रतिमा स्थापित करवाई हो। इस प्रतिमा के बाद कई लोगों द्वारा कमल नाथ को ‘हनुमान भक्त’ की संज्ञा दी गई। समय-समय पर कमलनाथ खुद को और अपने बेटे​ नकुलनाथ को हनुमान भक्त बताते हैं।

भगवामय हुआ था कांग्रेस कार्यालय

अप्रैल महीने में ही भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भगवा रंग में रचा-बसा नजर आया था। कांग्रेस कमिटी के कार्यालय में पहली बार भगवा रंग के झंडे लगाए गए थे। कांग्रेस कार्यालय के बाहर का हिस्सा हो या अंदरूनी सजावट, हर जगह भगवा रंग दिखाई दे रहा था। कांग्रेस पुजारी प्रकोष्ठ का यह आयोजन हर जगह चर्चा का विषय बना था। इससे पार्टी के बड़े-बड़े दिग्गज नेता हैरान रह गए थे।

230 विधानसभा सीटों पर सुंदरकांड

प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर सुंदरकांड का पाठ कराने की योजना पर काम कर रही है। कुछ स्थानों में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा तो वहीं शिवपुराण का आयोजन भी किया जाएगा। चुनावी साल में कमलनाथ के सियासी दांव का बीजेपी के पास कोई जवाब नहीं होता है।

राम मंदिर में 11 चांदी की ईंटें भेजीं

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर की नींव रखी जानी थी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं की अलग राय थी। इन सबसे अलग हटकर कमलनाथ ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था। साथ ही उस दिन प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को जगमग किया गया था। कमलनाथ ने राम मंदिर निर्माण के लिए चांदी की 11 ईंटें भेजी थीं। साथ ही अपने आवास में हनुमान चालीसा का पाठ करवाया था। उनके इस कदम से विरोधियों से ज्यादा पार्टी के लोग हैरान थे।

45 लाख ब्राह्मण वोटर्स पर नजर

मध्यप्रदेश में करीब 45 लाख ब्राह्मण वोटर हैं। जो कुल वोट बैंक का करीब 10 फीसदी है। विंध्य, महाकौशल, चंबल की करीब 60 से अधिक सीटों पर यह वोटर निर्णायक भी हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने कंप्यूटर बाबा और मिर्ची बाबाओं का सहारा लिया था तो वहीं भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी महाकाल से लेकर ओंकारेश्वर तक गए थे। प्रियंका गांधी भी नर्मदा आरती में शामिल हुईं। इसके साथ ही वह आए दिन पार्टी दफ्तर में सुदंरकांड का आयोजन करवाते रहते हैं। इसे लेकर कांग्रेस के अंदर से ही आवाजह उठते रहती है।

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