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*केरल निकाय चुनाव: कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF का जलवा*

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इस सप्ताह की शुरुआत में दो चरणों में हुएकेरल निकाय चुनाव के शुरुआती मतगणना रुझानों और परिणामों से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रति जनमत में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत मिला हैकेरल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को एक बड़ी राहत मिली है क्योंकि शनिवार को केरल के स्थानीय निकाय चुनाव में विपक्षी गठबंधन निर्णायक जीत की ओर बढ़त बनाता दिख रहा है और मतदाताओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लुभाने का एलडीएफ का आखिरी प्रयास विफल रहा।

राज्य में इस सप्ताह की शुरुआत में दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनाव के शुरुआती मतगणना रुझानों और परिणामों से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रति जनमत में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत मिला है। यूडीएफ ने पिछले दो लोकसभा चुनाव में राज्य में भारी जीत हासिल की थी।

मौजूदा रुझानों से संकेत मिलता है कि चुनाव परिणाम के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को आगामी राज्य विधानसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।

स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा से ठीक पहले वामपंथी सरकार ने चुनाव के मद्देनजर सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पेंशन में वृद्धि, आशा कार्यकर्ताओं के लिए उच्च मानदेय और एक नयी महिला सुरक्षा योजना सहित कई अन्य वित्तीय पैकेज की घोषणा की थी।

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) द्वारा जारी रुझानों के अनुसार, यूडीएफ कोल्लम, त्रिशूर और कोच्चि – तीन नगर निगमों पर एलडीएफ से नियंत्रण छीनने और कन्नूर निगम को बरकरार रखने की दिशा में अग्रसर दिख रहा था।

खास बात यह है कि कोल्लम और त्रिशूर नगर निगमों पर वाम मोर्चे का क्रमशः 25 और 10 वर्षों तक कब्जा रहा है।

कोझिकोड नगर निगम में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जिसमें वामपंथी मोर्चा आगे है।

वामपंथी दलों को तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भी बड़ा झटका लगा, जिस पर उनका 45 वर्षों से कब्जा था। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने भारी बढ़त हासिल कर ली है, हालांकि एलडीएफ और यूडीएफ के एक साथ आने पर एनडीए के लिए यह कर पाना असंभव प्रतीत हो रहा था।

रुझानों और परिणामों से संकेत मिलता है कि शबरिमला स्वर्ण चोरी का मुद्दा विपक्ष के पक्ष में काम आया, जिसे यूडीएफ ने वाम मोर्चे के खिलाफ एक राजनीतिक अभियान के रूप में उठाया था।

यह रुझानों से भी स्पष्ट है क्योंकि पलक्कड़ नगरपालिका के अंतर्गत कुन्नथुरमेडु उत्तर वार्ड में मामकुटाथिल द्वारा समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।

पलक्कड़ नगरपालिका में एनडीए, यूडीएफ से मामूली अंतर से आगे दिख रहा है।

प्रारंभिक परिणामों में राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम सहित कई वामपंथी गढ़ों में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है।

मतगणना 244 केंद्रों और 14 जिलाधिकारी कार्यालयों में जारी है।

तिरुवनंतपुरम, पलक्कड़ और वडाकारा सहित कुछ मतगणना केंद्रों पर बूथ एजेंट और उम्मीदवारों को प्रवेश देने को लेकर कुछ समस्याएं सामने आईं।

स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों से केरल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतक दलों और गठबंधनों के प्रचार अभियान की दिशा तय होगी।

चुने गए पंचायत सदस्यों और नगर पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे होगा। वहीं, निगम पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 21 दिसंबर को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा।

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