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निजी स्वार्थों के चलते खादीवाला परिवार की साख लगी दांव पर पर

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*जालसाजी एवं भ्रष्टाचार का अड्डा बना गांधी भवन ट्रस्ट

इन्दौर।इन्दौर के पहले सांसद एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कन्हैयालाल खादीवाला द्वारा स्थापित गांधी भवन ट्रस्ट इन दिनों पारिवारिक विवादों के चलते सुर्खियों में हैं, गांधी जी के विचारों से प्रेरणा लेकर सेवा के उद्देश्य से गांधी भवन ट्रस्ट की स्थापना कन्हैयालाल खादीवाला द्वारा की गई थी,  गोविंद खादीवाला के प्रधानमंत्री रहते पूरी निष्ठा व ईमानदारी से ट्रस्ट कार्यरत रहा, लेकिन उनके निधन के बाद से ही संपत्ति को लेकर खादीवाला परिवार पर उंगलियां उठने लगी आज हालात यह है कि गांधी भवन के ट्रस्टी रहे लोग ही अन्य ट्रस्टियों पर जालसाजी व भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं स्वर्गीय कन्हैयालाल खादीवाला के बड़े सुपुत्र प्रहलाद राय खादीवाला द्वारा रीगल चौराहे पर स्थापित किए गए पेट्रोल पंप पर भी 6 महीने से अधिक समय से ताले लगे हुए वही चंद्रावतीगंज स्थित कस्तूरबा कन्या सेवा सदन भी विवादों के चलते बंद जैसी स्थिति में है तथा कई मामले न्यायालय में पंजीबद्ध होकर खादीवाला परिवार की साख को दांव पर लगा रहे हैं।

 इन्हीं विवादों के चलते हाल ही में गांधी भवन ट्रस्ट की ट्रस्टी श्रीमती नीलम पटेल ने थाना पंढरीनाथ में लिखित शिकायत पत्र देकर आशा खादीवाला, चेताली शर्मा, एवं शिल्पा शाह पर षडयंत्र पूर्वक तथा दस्तावेजों में कूटरचना कर फर्जी हस्ताक्षर कर अवैध रूप से 12 लाख 50 हजार रुपये निकाल कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, *इसमें यह बात भी सामने आई है कि गांधी भवन के ट्रस्टी एवं पूर्व मंत्री सुरेश सेठ के भी फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग किया गया है।

*गांधी भवन ट्रस्ट की ट्रस्टी नीलम पटेल ने थाना प्रभारी पंढरीनाथ को दी गई शिकायत में कहा कि उनके सहित आशा खादीवाला, चेताली शर्मा एवं शिल्पा शाह सहित 11 ट्रस्टी हैं, आशा खादीवाला ट्रस्ट की ओर से बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पीवाय रोड़ इंदौर के खाता नंबर 53042 771 120 का संचालन ट्रस्ट के बही खाते, मिनिट्स बुक एवं ट्रस्ट के सभी फिक्स डिपाजिट रसीद, ट्रस्ट की संपत्ति के दस्तावेजों की व्यवस्था अब तक संभालती आ रही हैं। शिकायतकर्ता नीलम पटेल ने कहा कि उन्होंने अनेक बार ट्रस्टी होने के नाते बही खाते का निरीक्षण करने के लिए दस्तावेजों की प्रतिलिपि आशा खादीवाला से मांगी लेकिन आशा खादीवाला हमेशा टालती रही। आशा खादीवाल को यह जानकारी है कि जिला न्यायालय इंदौर ने ट्रस्ट के बीच हुए समझौते 2 अप्रैल 2012 अनुसार पारित आदेश दिनांक 3 मई 2012 के पालन में ट्रस्ट के खातों का संचालन सिर्फ आशा खादीवाला एवं राजेंद्र खादीवाला के संयुक्त हस्ताक्षर से ही किया जाना था, अन्य किसी भी व्यक्ति द्वारा नहीं।नीलम पटेल ने कहा कि मुझे जानकारी प्राप्त हुई है, की ट्रस्टियों के बीच हुए समझौते एवं न्यायालय के आदेश के विरुद्ध आशा खादीवाला ने अपनी बेटी आरोपी चैताली शर्मा तथा आरोपी शिल्पा शाह के साथ षड्यंत्र रच कर और राजेंद्र खादीवाला के हस्ताक्षर के बिना ही ट्रस्ट के उपरोक्त खाते का अवैध रूप से संचालन किया है, तथा अवैध रूप से अपने रिश्तेदार एवं मित्र मनीष पुरोहित, निकिता शर्मा, प्रिया शाह, बलवीर सिंह, पीयूष और वल्लभ के नाम से लगभग 12 लाख 50 हजार रुपए निजी उपयोग के लिए नगद निकाल लिया है।गांधी भवन ट्रस्ट की ट्रस्टी नीलम पटेल ने थाना पंढरीनाथ में दी गई शिकायत में कहा है कि ट्रस्ट के खाते से निकालने के लिए तीनों आरोपी ने अन्य ट्रस्टी राहुल खादीवाला, रूबी खादीवाला, स्व. सुरेश सेठ एवं अर्पिता कुचेरिया के फर्जी हस्ताक्षर द्वारा मिनिट्स की कूटरचना की है, ट्रस्ट के रुपयों का गबन गबन करने के लिए अन्य फर्जी व्यक्तियों को ट्रस्ट के ट्रस्टी बताते हुए जिनका नाम पंजीयक, लोक न्यास इंदौर के रिकार्ड में ट्रस्टी के रूप में उल्लेखित नहीं हैं, उनके हस्ताक्षर से उपरोक्त खाते का अवैध संचालन किया है, जबकि राशि के खाते से निकालने के लिए अभी कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया है।आरोपी आशा खादीवाला, शिल्पा शाह और चैताली शर्मा ने गांधी भवन सार्वजनिक ट्रस्ट इंदौर की अनेक एफडी भी बिना अनुमति तुड़वाकर निजी उपयोग में ले ली है। आरोपी आशा खादीवाला, शिल्पा शाह और चैताली शर्मा ने सार्वजनिक ट्रस्ट की राशि का अवैध रूप से निजी उपयोग कर ट्रस्ट के साथ और ट्रस्ट के हितधारी व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी की है और अपने अवैध कार्य को छुपाने के लिए इन तीनों ने ट्रस्ट के बही खातों में, मिनिट्स बुक की कूटरचना की है और इसलिए उन बही-खातों को पंजीयक, लोक न्यास, इंदौर के कार्यालय में भी निम्नानुसार जमा नहीं किया है।श्रीमती पटेल ने कहा कि कभी भी उक्त राशि अपने बैंक खाते से निकालने का निर्णय नहीं लिया और ना ही राजेंद्र खादीवाला ने अपने जीवन काल में उपरोक्त चेकों पर कभी हस्ताक्षर किए थे, आरोपी आशा खादीवाला, शिल्पा शाह और चेताली शर्मा ने गांधी भवन सार्वजनिक ट्रस्ट इंदौर के खाते से और कूटरचित हस्ताक्षर और दस्तावेजों का उपयोग कर ट्रस्ट के लगभग 12 लाख 50 हजार रुपये निजि उपयोग में लेकर सार्वजनिक ट्रस्ट को आर्थिक हानि पहुंचाई है।आरोपियों ने प्रतिज्ञा 2 आजीवन सृष्टि नीलम पटेल और रूबी खादीवाला को प्रस्तुत से निकालने के लिए ट्रस्ट के पूर्व बस्ती स्वर्गीय सुरक्षित और राजेंद्र खादीवाला के हस्ताक्षर ओं की कूट रचना कर राष्ट्र की फर्जी मिनट से बुक दिनांक 5 फरवरी 2018 एवं 8 जनवरी 2018 को तैयार की है। शिकायतकर्ता नीलम पटेल ने थाना पंढरीनाथ में की गई शिकायत के साथ स्व. सुरेश सेठ का मेडिकल रिकॉर्ड, 2 अप्रैल 2012 को हुए समझौते, माननीय न्यायालय, इंदौर के आदेश की पत्रिका, पंजियक लोक न्यास इंदौर का अभिलेख, ट्रस्ट के बैंक खाते का विवरण, मिनट्स बुक, एफडी की कापी एवं सिग्नेचर वेरीफिकेशन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की है।: उक्त शिल्पा शाह के शपथपत्र पर उनकी पहचान उनके पति महेश शाह जी ने की है,,,

                                                              

            जालसाजी के आरोप से घिरी शिल्पा शाह ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा मेरे हस्ताक्षर नहीं*


पिछले कुछ माह से पारिवारिक विवाद से घिरे खादीवाला परिवार का मामला न्यायालय तक पहुंच चुका है इसी के चलते गांधी भवन ट्रस्ट की एक ट्रस्टी नीलम पटेल ने खादीवाला परिवार की बहू आशा खादीवाला सहित उनकी पुत्री चेताली शर्मा तथा एक अन्य ट्रस्टी शिल्पा शाह पर फर्जी हस्ताक्षर कर ट्रस्ट की राशि में गबन, जालसाजी व भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था, इनमें से एक आरोपी शिल्पा शाह ने न्यायालय में शपथ पत्र देखकर कहा कि जिन दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप मुझ पर लगाया गया है उन दस्तावेजों पर मैंने किसी भी प्रकार का दस्तखत नहीं किए हैं ऐसी स्थिति में अब खादीवाला परिवार की बहू आशा खादीवाला के इस मामले में गंभीर रूप से फंसने के आसार नजर आ रहे हैं।गौरतलब है कि संग्राम संग्राम सेनानी एवं इंदौर के पहले सांसद कन्हैयालाल खादीवाला द्वारा गठित गांधी भवन ट्रस्ट की चल-अचल सम्पत्ति को लेकर खादीवाला परिवार इन दिनों सुर्खियों में ही नहीं है, बल्कि पारिवारिक विवाद के चलते स्व. खादीवाला की साख भी दांव पर लगी हुई है।गांधी भवन ट्रस्ट का केस पूर्व में ट्रस्टियों को लेकर पब्लिक रजिस्ट्रार मल्हारगंज SDM के यहाँ विचाराधीन था, इसमें  04 मार्च 2021 के आदेश के खिलाफ ट्रस्ट की श्रीमती आशा खादीवाला, उनकी पुत्री चैताली शर्मा ओर एक अन्य श्रीमती शिल्पा शाह निवासी रानी सती ने माननीय जिला न्यायालय में  जिला मुख्य न्यायाधीश श्री दिनेश पालीवाल की कोर्ट में एक दीवानी वाद क्रमांक — 527 A/2021 पंजिबद्ध कराया, जिसकी पेशी कल दिनांक 22–07–2021 नियत थी, इस प्रकरण में ट्रस्ट की अहम ट्रस्टी श्रीमती शिल्पा शाह स्वयं उपस्थित होकर अपने अभिभाषक के माध्यम से एक आवेदक-पत्र  अन्तर्गत आदेश 1 नियम 10 सह पठित धारा 151 व्यवहार प्रक्रिया संहिता में दिया जिसमें शिल्पा शाह ने आवेदन ओर शपथ पत्र के माध्यम से न्यायालय के संज्ञान में बताया है कि उनके द्वारा उक्त न्यायालय में जो वाद प्रस्तुत किया है उसमें वह वादी क्रमांक 3 है ऐसा वाद (वाद क्र.527 A/2021) है ,,,,लेकिन शिल्पा शाह ने शपथ पत्र और आवेदन प्रस्तुत किया कि उन्होंने कोई भी वाद उक्त न्यायालय में प्रस्तुत किया, और न ही उनके द्वारा उक्त वाद में कोई भी शपथ पत्र दिया, ओर उन्होंने कभी   भी कोई भी ट्रस्ट से सम्बंधित किसी भी बैठक में हिस्सा लिया और वह पिछले कई वर्षों से कभी भी गांधी भवन के किसी भी prosseding में साइन करे,, उक्त वाद में जो भी दस्तावेज प्रस्तुत किये है  उसमें किसी भी दस्तावेज पर उनके फर्जी  हस्ताक्षर (साइन) किए गए  है,,,,तथा वह इस वाद के माध्यम से कोई भी प्रकरण नही चलाना चाहती है,,,,,,उक्त प्रकरण में उन्होंने शपथपत्र के माध्यम से न्यायालय को अपना पक्ष रखा है।

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