इजराइल और अमेरिका के ईरान पर किए गए एक बड़े हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. लेकिन खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका या ईरान की तरफ से तुरंत कोई कमेंट नहीं आया है. इस्लामिक रिपब्लिक के दूसरे लीडर, जिनका कोई तय वारिस नहीं था, की हत्या से उसका भविष्य शक में पड़ जाएगा और ईरान की बदले की धमकी को देखते हुए लंबे संघर्ष की संभावना बढ़ जाएगी.
तेहरान. अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. इतना ही नहीं, शनिवार को हुए घातक हमले में खामेनेई के साथ ईरान के 10 टॉप लीडर्स के भी मारे जाने की खबर है. फॉक्स न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी इंटेलिजेंस का अनुमान है कि ईरान के सुप्रीम लीडर के साथ 5-10 टॉप लीडर भी मारे गए हैं.
हालांकि, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरानी लीडरशिप मारी गई, तो उन्होंने कहा, “हां, बहुत कुछ मारी गई है. लेकिन हम सब नहीं जानते, लेकिन बहुत कुछ मारी गई है. यह बहुत ताकतवर हमला था.” सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं.
कई मीडिया रिपोर्ट में खामेनेई के मारे जाने का दावा
द जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक, शनिवार शाम को सीनियर इज़राइली अधिकारियों को बताया गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई, तेहरान पर इज़राइली एयरस्ट्राइक में मारे गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीनियर इज़राइली अधिकारियों को यह भी बताया गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर की बॉडी एयर स्ट्राइक से बने मलबे के नीचे मिली है. रॉयटर्स ने भी एक सीनियर इजराइली अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई है और उनकी बॉडी मिल गई है.
खामेनेई के मारे जाने के संकेत
इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी शनिवार को कहा कि अली खामेनेई के मारे जाने के संकेत मिल रहे हैं. नेतन्याहू ने टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में कहा कि हमलों में खामेनेई के परिसर को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा, “इस बात के संकेत बढ़ रहे हैं कि खामेनेई की मौत हो गई है.”
ईरान ने अब तक नहीं किया कन्फर्म
हालांकि, ईरान ने खामेनेई की मौत के बारे में रिपोर्ट्स को कन्फर्म नहीं किया है. भारत में ईरान के प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, “सुप्रीम लीडर की सेहत अच्छी है और उन्हें अमेरिका या किसी और देश से कभी डर नहीं लगता… वह अपनी इज्ज़त और समझदारी से काम करते रहेंगे, और मुझे उम्मीद है कि हम यह जंग जीतेंगे.”

