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‘लेबर कोड से मज़दूरों के हितों पर कुठाराघात’ – सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)

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सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का स्पष्ट मत है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे लेबर कोड देश के करोड़ों मज़दूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। ये कोड मज़दूरों द्वारा दशकों के संघर्ष से अर्जित अधिकारों—जैसे स्थायी रोज़गार, न्यूनतम मज़दूरी, सामाजिक सुरक्षा, यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाज़ी—को कमजोर करते हैं।

नए लेबर कोड के तहत ठेका प्रथा को बढ़ावा देकर स्थायी रोजगार की अवधारणा को समाप्त किया जा रहा है। कार्यघंटों में लचीलापन के नाम पर श्रम शोषण को वैधता दी जा रही है। औद्योगिक विवादों के समाधान में मज़दूरों की आवाज़ को हाशिये पर डालकर नियोक्ताओं को अनुचित बढ़त दी जा रही है। इसके साथ ही निरीक्षण व्यवस्था को कमजोर कर श्रम कानूनों के पालन को औपचारिकता मात्र बनाया जा रहा है।

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का मानना है कि ये लेबर कोड “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” के नाम पर “ईज़ ऑफ एक्सप्लॉइटेशन” को बढ़ावा देते हैं और संविधान में निहित सामाजिक न्याय की भावना के विरुद्ध हैं। सरकार का यह कदम असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों, प्रवासी श्रमिकों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

पार्टी मांग करती है कि सरकार लेबर कोड्स को तत्काल वापस ले, सभी मज़दूर संगठनों से व्यापक परामर्श करे और श्रमिकों के हितों की रक्षा करने वाले मज़बूत श्रम कानून सुनिश्चित करे। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) देशभर में मज़दूरों के साथ मिलकर इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

बसंत हेतमसरिया
राष्ट्रीय प्रवक्ता
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)
मो. 9934443337

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