भोपाल। भिंड जिले के मेहगांव में एक परिवार की नाबालिग बेटी करीब दो महीने से लापता है। परिवार से जुड़े एक सदस्य बताते हैं कि उनकी बेटी को खोजने के लिए कई बार पुलिस से कहा लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने सीएम हेलपलाइन में शिकायत कर दी लेकिन वे बताते हैं कि पुलिस इससे नाराज़ हो गई और पीड़ित परिवार के लोगों को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगी। मामले को एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया और तमाम पुलिस अधिकारियों को इसे लेकर सवाल जवाब शुरु किये। इसके बाद लड़की के जल्द मिलने की उम्मीद जागी है। अब इस मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भी सवाल उठा रहे हैं।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक मप्र में भी लापता होने वाली महिलाओं और बच्चियों का मामला बेहद गंभीर है और पुलिस इसे लेकर कुछ खास सफल दिखाई नहीं देती। आंकड़े बताते हैं कि साल 2019 से 2021 के बीच पुलिस को 99119 महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी की शिकायत मिली और पुलिस इनमें से 49 प्रतिशत यानी 33274 महिलाओं का पता नहीं लगा सकी। अगर इनमें 2830 नाबालिग भी जोड़ दी जाएं तो यह संख्या 36104 हो जाएगी।
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक मप्र में भी लापता होने वाली महिलाओं और बच्चियों का मामला बेहद गंभीर है और पुलिस इसे लेकर कुछ खास सफल दिखाई नहीं देती। आंकड़े बताते हैं कि साल 2019 से 2021 के बीच पुलिस को 99119 महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी की शिकायत मिली और पुलिस इनमें से 49 प्रतिशत यानी 33274 महिलाओं का पता नहीं लगा सकी। अगर इनमें 2830 नाबालिग भी जोड़ दी जाएं तो यह संख्या 36104 हो जाएगी।
मेहगांव में जिस नाबालिग की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है वह भाजपा नेता पुनीत शर्मा के परिवार से बताई जाती है। बच्ची को न खोज पाने के लिए पुलिस के ढ़ीले रवैये पर उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई और रविवार को एक ट्वीट किया।
ऐसा नहीं है कि पुनीत शर्मा उर्फ पप्पन कोई छोटे मोटे नेता हों। ये सिंधिया सर्मथक हैं और पहले NSUI के नेता भी रहे हैं। साल 2020 में कमलनाथ सरकार जब गिराई गई थी तो ये ही थे जिन्हें विधायकों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुनीत शर्मा ही थे जो बैंगलोर पहुंचे कांग्रेस के जीतू पटवारी से हाथापाई करते दिखाई दिए थे। बताया जाता है कि शर्मा को भाजपा की सरकार बनाने के लिए खास जिम्मेदारी दी गई थी वे ही जहाज़ों का इंतज़ाम कर रहे थे और होटलों में विधायकों की व्यवस्था भी उन्हें ही करनी थी।
सरकार बनने के बाद भी पुनीत शर्मा की पूछ परख रही। उन्हें खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल बुलाकर सम्मानित किया। कांग्रेस की सरकार गिराने में उनका कितना बड़ी भूमिका रही होगी इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बंदूकधारी गार्ड भी दिए गए जो काफी समय तक उनके पास रहे।
ऐसे में पुनीत शर्मा की पहुंच और रसूख भी समझा जा सकता है और यह भी समझना मुश्किल नहीं कि उन्होंने कितनी बार अपने परिवार की बेटी के लिए स्थानीय पुलिस से बातचीत की होगी लेकिन फिर भी कोई रास्ता नहीं निकला।
इस समय सरकार के खास लोग ही सरकार से नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। पुनीत शर्मा ने अपने ट्वीट में सीधा आरोप लगाया है कि पुलिस रेत की नींद सोई हुई है। एक तरह से उन्होंने पुलिस को रेत खनन में लिप्त बताया है।
मैंने आठ बार पुलिस से बात की…
इस मामले को लेकर हमने पुनीत से बात की तो उन्होंने बताया कि वे करीब आठ बार पुलिस से बात कर चुके हैं लेकिन कोई असर नहीं हुआ है। पुनीत बताते हैं कि पुलिस इस मामले को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रही है और जब लड़की के परिजनों ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की तो पुलिस ने उन्हें धमकाया। शर्मा ने बताया कि ऐसा इकलौता केस नहीं है, मेहगांव में और भी लड़कियां इस तरह से गायब हैं।
मैं मीटिंग में हूं…
इस मामले में जब भिंड के एसपी मनीष खत्री का पक्ष जानने के लिए हमने उन्हें फोन किया तो विषय सुनने के बाद उन्होंने कहा कि वे एक मीटिंग में हैं और निकलकर फोन करते हैं। इसके अलावा चंबल रेंज के आईजी गिरीश कुमार सक्सेना से भी बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इन अधिकारियों से कोई प्रतिक्रिया मिलने पर इस खबर को अपडेट कर दिया जाएगा।
पुनीत शर्मा पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम शिवराज जैसे नेताओं की आंखों के तारा थे लेकिन अब उन्हें अपने परिवार की भी शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए सार्वजनिक तौर पर लिखना पड़ रहा है। ज़ाहिर है सरकार बनने के बाद कुछ ही दिनों तक पुनीत जैसे नेताओं को याद रखा गया उसके बाद वही हुआ जो नेता सर्मथकों के साथ करते हैं।
पुनीत शर्मा के इस ट्वीट को व्यापम घोटाले को उजागर करने वाले व्हिसिल ब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने रिट्वीट किया है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री शिवराज के लिए लिखा कि आपकी जोड़तोड़ की सरकार बनाने में सहयोगी रहे सिंधिया सर्मथक पुनीत शर्मा की तो सुनिए, उनकी बहन जो हमारी भी बहन है उसे तो खोजिए, मप्र की अन्य गुम बहनों को तो आप न खोजेंगें वह तो आपके लिए बस चुनाव जीतने का साधन है।
ऐसा नहीं है कि पुनीत शर्मा उर्फ पप्पन कोई छोटे मोटे नेता हों। ये सिंधिया सर्मथक हैं और पहले NSUI के नेता भी रहे हैं। साल 2020 में कमलनाथ सरकार जब गिराई गई थी तो ये ही थे जिन्हें विधायकों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुनीत शर्मा ही थे जो बैंगलोर पहुंचे कांग्रेस के जीतू पटवारी से हाथापाई करते दिखाई दिए थे। बताया जाता है कि शर्मा को भाजपा की सरकार बनाने के लिए खास जिम्मेदारी दी गई थी वे ही जहाज़ों का इंतज़ाम कर रहे थे और होटलों में विधायकों की व्यवस्था भी उन्हें ही करनी थी।
सरकार बनने के बाद भी पुनीत शर्मा की पूछ परख रही। उन्हें खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल बुलाकर सम्मानित किया। कांग्रेस की सरकार गिराने में उनका कितना बड़ी भूमिका रही होगी इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बंदूकधारी गार्ड भी दिए गए जो काफी समय तक उनके पास रहे।
ऐसे में पुनीत शर्मा की पहुंच और रसूख भी समझा जा सकता है और यह भी समझना मुश्किल नहीं कि उन्होंने कितनी बार अपने परिवार की बेटी के लिए स्थानीय पुलिस से बातचीत की होगी लेकिन फिर भी कोई रास्ता नहीं निकला।
इस समय सरकार के खास लोग ही सरकार से नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। पुनीत शर्मा ने अपने ट्वीट में सीधा आरोप लगाया है कि पुलिस रेत की नींद सोई हुई है। एक तरह से उन्होंने पुलिस को रेत खनन में लिप्त बताया है।
मैंने आठ बार पुलिस से बात की…
इस मामले को लेकर हमने पुनीत से बात की तो उन्होंने बताया कि वे करीब आठ बार पुलिस से बात कर चुके हैं लेकिन कोई असर नहीं हुआ है। पुनीत बताते हैं कि पुलिस इस मामले को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रही है और जब लड़की के परिजनों ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की तो पुलिस ने उन्हें धमकाया। शर्मा ने बताया कि ऐसा इकलौता केस नहीं है, मेहगांव में और भी लड़कियां इस तरह से गायब हैं।
मैं मीटिंग में हूं…
इस मामले में जब भिंड के एसपी मनीष खत्री का पक्ष जानने के लिए हमने उन्हें फोन किया तो विषय सुनने के बाद उन्होंने कहा कि वे एक मीटिंग में हैं और निकलकर फोन करते हैं। इसके अलावा चंबल रेंज के आईजी गिरीश कुमार सक्सेना से भी बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इन अधिकारियों से कोई प्रतिक्रिया मिलने पर इस खबर को अपडेट कर दिया जाएगा।
पुनीत शर्मा पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम शिवराज जैसे नेताओं की आंखों के तारा थे लेकिन अब उन्हें अपने परिवार की भी शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए सार्वजनिक तौर पर लिखना पड़ रहा है। ज़ाहिर है सरकार बनने के बाद कुछ ही दिनों तक पुनीत जैसे नेताओं को याद रखा गया उसके बाद वही हुआ जो नेता सर्मथकों के साथ करते हैं।
पुनीत शर्मा के इस ट्वीट को व्यापम घोटाले को उजागर करने वाले व्हिसिल ब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने रिट्वीट किया है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री शिवराज के लिए लिखा कि आपकी जोड़तोड़ की सरकार बनाने में सहयोगी रहे सिंधिया सर्मथक पुनीत शर्मा की तो सुनिए, उनकी बहन जो हमारी भी बहन है उसे तो खोजिए, मप्र की अन्य गुम बहनों को तो आप न खोजेंगें वह तो आपके लिए बस चुनाव जीतने का साधन है।
कांग्रेस से भाजपा के सर्मथक बने पुनीत शर्मा की यह नाराज़गी भाजपा के लिए परेशान करने वाली हो सकती है। शर्मा की यह नाराजगी बताती है कि लोग पार्टी के नेतृत्व में चल रही सरकार और उसके कामकाज से खुश नहीं हैं। उन्होंने पुलिस पर सीधा आरोप लगाया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह नाराजगी सरकार के लिए ठीक नहीं है। प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था को बताने वाली खबरें आए दिन आ रहीं हैं और विपक्षी दल कांग्रेस भी इसे लेकर लगातार सरकार की आलोचना करती है। यह ऐसे समय पर हो रहा है जब सीएम शिवराज महिलाओं के लिए लाडली बहना योजना के साथ भाई होने का और बेटियों के लिए मामा होने का दावा कर रहे हैं।
देशगावं से साभार

