दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। एयर क्वालिटी बेहद खराब स्थिति में है। दिल्ली में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। नोएडा में नर्सरी से नौवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों में 10 नवंबर तक की छुट्टी की गई है। हवाओं की रफ्तार बढ़ने से बुधवार से प्रदूषण में थोड़ी राहत मिल सकती है। इधर, सुप्रीम कोर्ट ने दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली 391 याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दी है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच बुधवार को मामले में दलीलों पर सुनवाई जारी रखेगी। वहीं, ICC विश्व कप में आज इंग्लैंड का मुकाबला नीदरलैंड से होगा। इंग्लैंड सात मैचों में महज एक जीत के साथ 10 टीमों की तालिका में आखिरी पायदान पर है जबकि नीदरलैंड नौवें स्थान पर।
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान तक कांग्रेस मे कपड़ा फाड़ प्रतियोगिता चल रही है। राजस्थान में एक नहीं कई कांग्रेस हैं। उन्होंने कहा है कि एक है अशोक गहलोत की कांग्रेस, दूसरी सचिन पायलट वाली कांग्रेस और तीसरी है बिना पायलट के परिवार वाली कांग्रेस। सीटों के बटवारें में किस तरीके से इनके सिर-फुट्व्वल हुआ सबने देखा।
IGI पर 30 तक विजिटर एंट्री नहीं, अलगाववादी धमकी के बाद सुरक्षा बढ़ी
इंदिरा गांधी इंटरनैशनल (IGI) एयरपोर्ट बिल्डिंग के अंदर विजिटर्स के आने पर 30 नवंबर तक रोक लगा दी गई है। सुरक्षा कारणों से यह रोक लगी है। बोर्डिंग के बाद भी यात्रियों की फिर से जांच होगी। सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन की धमकी के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है। त्योहारों के कारण इस समय एयरपोर्ट पर सगे-संबंधियों को छोड़ने आने वालों की संख्या भी बढ़ जाती है। कई लोग 100 रुपये का एंट्री टिकट लेकर IGI बिल्डिंग के अंदर तक छोड़ने आते हैं।
एफएमसीजी उद्योग में नौ% तक वृद्धि, नील्सनआईक्यू की रिपोर्ट- उच्च महंगाई का दबाव घटने से खपत में इजाफा
एनआईक्यू इंडिया के प्रबंध निदेशक सतीश पिल्लई ने कहा, एफएमसीजी उद्योग में पिछली तिमाही से मूल्य के लिहाज से वृद्धि कम हुई है। उपभोक्ताओं की खर्च करने की शक्ति बढ़ी है और यह विशेष रूप से ग्रामीण बाजारों में स्पष्ट है।देश में रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाले उद्योग ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में मात्रा के लिहाज से 8.6 फीसदी वृद्धि दर्ज की। महंगाई का दबाव कम होने से खपत बढ़ी, जिससे उद्योग को सहारा मिला।
विश्लेषण फर्म नील्सनआईक्यू (एनआईक्यू) की रिपोर्ट के मुताबिक, कीमतों में सुधार होने से एफएमसीजी उद्योग में सितंबर तिमाही में मूल्य के लिहाज से 9 फीसदी की वृद्धि रही। यह आंकड़ा पिछली तिमाहियों से कम है। महंगाई जब अपने रिकॉर्ड उच्चस्तर पर थी तो भी पिछली 5-6 तिमाहियों में एफएमसीजी उद्योग ने मूल्य के लिहाज से वृद्धि दर्ज की थी।
ग्रामीण बाजार में सुधार
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण बाजार में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, जहां पिछली कई तिमाहियों से खपत के मोर्चे पर मंदी देखने को मिल रही थी। शहरी बाजारों में वृद्धि दर स्थिर बनी हुई है। ग्रामीण बाजार में छोटे आकार के पैक की खपत अधिक है। शहरी बाजारों में औसत पैक आकार बेहतर हो गया है, जहां बड़े पैक को प्राथमिकता दी जा रही है।
उपभोक्ताओं में खर्च करने की शक्ति बढ़ी
एनआईक्यू इंडिया के प्रबंध निदेशक सतीश पिल्लई ने कहा, एफएमसीजी उद्योग में पिछली तिमाही से मूल्य के लिहाज से वृद्धि कम हुई है। उपभोक्ताओं की खर्च करने की शक्ति बढ़ी है और यह विशेष रूप से ग्रामीण बाजारों में स्पष्ट है। कुल मिलाकर, महंगाई कम होने, बेरोजगारी के आंकड़ों में हालिया गिरावट और एलपीजी की कीमतों में नरमी जैसे कारकों ने उपभोक्ताओं में खर्च करने की इच्छा बढ़ाई है।
खाद्य और गैर-खाद्य दोनों क्षेत्रों का योगदान
रिपोर्ट के मुताबिक, एफएमसीजी उद्योग में खपत बढ़ाने में खाद्य और गैर-खाद्य दोनों क्षेत्रों का योगदान है। इसमें भी खाद्य क्षेत्र का योगदान अधिक है। सितंबर तिमाही में खाद्य क्षेत्र की वृद्धि दर 8.7 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 8.5 फीसदी रही थी। गैर-खाद्य क्षेत्र की वृद्धि दर इस अवधि में 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 8.7 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह दर 5.4 फीसदी रही थी।
कौन बनेगा छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री, कांग्रेस-भाजपा दोनों में ही जारी है कयासबाजी का दौर
भाजपा की सत्ता में वापसी पर डॉ. रमन सिंह फिर कमान संभालेंगे या फिर चुनाव मैदान में उतरे केंद्रीय मंत्री और सांसदों में से किसी को मौका मिलेगा। कांग्रेस ने भी कयासों को जन्म दे दिया है कि सत्ता में बने रहने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही रहेंगे या नया चेहरा सामने आएगा।
भाजपा ने प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं दिया है। भाजपा की सत्ता में वापसी पर डॉ. रमन सिंह फिर कमान संभालेंगे या फिर चुनाव मैदान में उतरे केंद्रीय मंत्री और सांसदों में से किसी को मौका मिलेगा। कांग्रेस ने भी कयासों को जन्म दे दिया है कि सत्ता में बने रहने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही रहेंगे या नया चेहरा सामने आएगा। बालोद में शिक्षाकर्मी संतोष शर्मा मिले। वह भाजपा को जिता रहे हैं। वजह बताई, कांग्रेस पार्टी का बदला रुख।
‘भूपेश है तो भरोसा है’ की जगह ‘भरोसे की सरकार’ और ‘भरोसा बरकरार, फिर से कांग्रेस सरकार’ जैसे नारे आने लगे हैं। ऐसी पार्टी के साथ क्यों जाएं, जिसमें सब अनिश्चित नजर आए। संतोष का मानना है कि भाजपा आई तो बागडोर डॉ. रमन के हाथ ही होगी। किसान मानचंद पटेल कहते हैं, जिसने हमारा कर्ज माफ किया, हमें तो उसे देखना ही होगा। बघेल मुख्यमंत्री हैं तो वहीं बनेंगे।
कार्यकर्ताओं के कयास
पार्टी में भी नारा बदलने पर अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुछ कार्यकर्ता मानते हैं कि भितरघात को थामने के लिए यह बदलाव किया गया है। इससे सरकार विरोधी लहर भी थमेगी। वहीं सरगुजा में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, बिलासपुर में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत और बस्तर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के समर्थक अपने-अपने नेताओं के लिए उम्मीद भरी नजरों से देखने लगे हैं।
नाराजगी कम करने की कोशिश पर बढ़ सकता है भितरघात
वरिष्ठ पत्रकार शशांक शर्मा बताते हैं, कांग्रेस वादे पूरा करने में कामयाब नहीं रही। किसानों की कर्जमाफी को छोड़कर अन्य किसी वर्ग को कोई फायदा नहीं मिला। शराबबंदी का वादा किया पर अब ज्यादा बिकने लगी है। गांवों से शहरी क्षेत्रों का जुड़ाव अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ। जनता की नाराजगी को कम करने के लिए नए वादों के साथ पार्टी ने चुनावी नारा भी बदला है। हालांकि, इस बदलाव से खींचतान बढ़ सकती है।
भाजपा में आधा दर्जन चेहरे
भाजपा ने केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह सहित चार सांसदों को उतारा है। इनमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद अरुण साव, सांसद विजय बघेल, सांसद गोमती साय हैं। पूर्व सीएम रमन सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय भी मैदान में हैं। इन्हीं छह चेहरों में जनता मुख्यमंत्री पद के दावेदार की तलाश कर रही है।
धनतेरस से पहले 250 रुपये सस्ता हुआ सोना, चांदी 75 हजार से नीचे
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इसका असर घरेलू बाजारों में भी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर दिखा और दिल्ली में सोना 250 रुपये टूट गया। धनतेरस से पहले घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में 250 रुपये की गिरावट आई है। चांदी भी सस्ती होकर 75,000 रुपये के नीचे आ गई है। दरअसल, वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में नरमी से मंगलवार को दिल्ली सराफा बाजार में सोना 250 रुपये सस्ता होकर 61,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ। चांदी भी 650 रुपये सस्ती होकर 74,550 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 61,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इसका असर घरेलू बाजारों में भी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर दिखा और दिल्ली में सोना 250 रुपये टूट गया। यह गिरावट कई कारोबारी सत्रों से जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोरी के साथ 1,970 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी भी गिरावट के साथ 22.75 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रही।
टमाटर के बाद प्याज ने बिगाड़ा बजट, अर्थशास्त्रियों का दावा- छह फीसदी के पार पहुंचेगी महंगाई
नोमुरा के अर्थशास्त्रियों सोनल वर्मा और ऑरोदीप नंदी ने कहा, अक्तूबर में सब्जी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। हमारा अनुमान है कि खुदरा महंगाई सितंबर के पांच फीसदी से बढ़कर अक्तूबर में 5.3 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी। टमाटर के बाद प्याज की लगातार बढ़ रहीं कीमतें खुदरा महंगाई को बढ़ाकर नवंबर और दिसंबर में छह फीसदी के ऊपर पहुंचा सकती हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि 13 नवंबर को आने वाले अक्तूबर के खुदरा महंगाई के आंकड़ों में प्याज का असर दिख सकता है। ऐसे में अक्तूबर में खुदरा महंगाई 5 फीसदी से ऊपर रह सकती है। चालू महीने के पहले हफ्ते में प्याज के दाम अक्तूबर के पहले हफ्ते की तुलना में 75 फीसदी बढ़ गए हैं।
नोमुरा के अर्थशास्त्रियों सोनल वर्मा और ऑरोदीप नंदी ने कहा, अक्तूबर में सब्जी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। हमारा अनुमान है कि खुदरा महंगाई सितंबर के पांच फीसदी से बढ़कर अक्तूबर में 5.3 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी। हालांकि, टमाटर की कीमतें में गिरावट से अक्तूबर में महंगाई पर नियंत्रण रहने की उम्मीद है। लेकिन आगे स्थिति खराब हो सकती है। नवंबर एवं दिसंबर में खुदरा महंगाई और तेजी से बढ़ेगी, लेकिन नए साल में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अक्तूबर-नवंबर में बढ़ते हैं दाम
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, सितंबर और अक्तूबर में मानसून से प्याज की फसल प्रभावित हुई है, लेकिन आपूर्ति में टमाटर के जैसी बहुत ज्यादा अड़चन नहीं है। मौसमी तौर पर, प्याज की कीमतें अक्तूबर और नवंबर में बढ़ती हैं और फिर दिसंबर या जनवरी में गिर जाती हैं। 28 अक्तूबर तक सरकार के पास 5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें से 1.70 लाख टन प्याज सस्ते भाव पर बेचने के लिए बाजार में छोड़ा गया है।
सब्जियों के दाम मासिक आधार पर मामूली बढ़े
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता का कहना है कि सब्जियों की कीमतों में मासिक आधार पर मामूली तेजी देखने को मिल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना आधार पर खाद्य कीमतों से पता चलता है कि अक्तूबर में प्याज की कीमतें मासिक आधार पर 10.9 फीसदी बढ़ी हैं। हालांकि, इस दौरान टमाटर की कीमतों में 9.3 फीसदी की गिरावट आई है। आलू के दाम मामूली घटे हैं। खुदरा महंगाई में प्याज का भार 0.64 फीसदी और टमाटर का 0.57 फीसदी है।
हर साल 40% तक बढ़ रही मुद्रास्फीति
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, खुदरा कीमतें सालाना आधार पर 30-40 फीसदी बढ़ रही हैं, इसलिए अक्तूबर में महंगाई दर में 0.19 से 0.24 फीसदी की वृद्धि दिख सकती है। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि जुलाई-अगस्त में 6 फीसदी से ऊपर रहने वाली महंगाई अब उस स्तर पर नहीं पहुंचेगी। उस समय यह आरबीआई के 6 फीसदी के संतोषजनक दायरे के बाहर थी।
विकास-उर्मिला की लव स्टोरी का भयानक अंत, मौत से पहले कहा था- साथ रह नहीं सकते तो….मरने का किया है वादा
सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि घटना खुदकुशी की सामने आ रही है, लेकिन सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है।उन्नाव जिले में शादी तय होने से परेशान किशोरी और उसके शादीशुदा प्रेमी ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। दोनों के शव गांव से तीन किलोमीटर दूर गंगा नदी के किनारे, एक ही दुपट्टे के फंदे से लटके मिले। घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। एएसपी और सीओ ने जांच के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में हैंगिंग (फांसी) से मौत की पुष्टि हुई है।
शिक्षा मंत्री बोले, देश के पहले दोनों विदेशी विश्वविद्यालयों में एनईपी 2020 के अनुसार होगी पढ़ाई
केंद्रीय शिक्षा व कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर के साथ मंगलवार को गांधीनगर के गिफ्ट सिटी में निर्माणाधीन वॉलोन्गाॅन्ग और डीकिन विश्वविद्यालयों के आगामी कैंपस की साइट का दौरा किया।
शैक्षणिक सत्र 2024 से घर बैठे छात्रों को पहली बार दो विदेशी विश्वविद्यालयों में मॉस्टर्स की पढ़ाई का मौका मिलने जा रहा है। भारत में जुलाई सत्र से ऑस्ट्रेलिया के डीकिन और वॉलोन्गाॅन्ग विश्वविद्यालय अपना पहला बैच शुरू करेंगे। इसके लिए आवेदन जनवरी और मार्च से शुरू हो जाएंगे। खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 की सिफारिशों को समर्थन दिया है। इसी के तहत उनके दोनों विश्वविद्यालयों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों समेत एनईपी 2020 के अनुरूप भारतीय कैंपस में उच्चशिक्षा की पढ़ाई करवाने की बात दोहराई है।
तेलंगाना के मंत्री का PM को जवाब
हैदराबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तेलंगाना के मंत्री और BRS नेता के.टी. रामा राव ने कहा, ‘…अगर PM मोदी ओबीसी का भला चाहते हैं तो उन्हें जवाब देना चाहिए कि अभी तक उन्होंने ओबीसी कल्याण मंत्रालय क्यों नहीं शुरू किया? क्यों वह ओबीसी जाति जनगणना के खिलाफ हैं… लोग ऐसे ‘जुमलों’ पर भरोसा नहीं करेंगे… पिछली बार भाजपा ने 119 में से 1 सीट जीती थी, शायद इस बार उन्हें वह भी न मिले…’
हमारी गारंटियों पर कुछ नहीं बोल पा रहे भाजपाई: गहलोत
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘हम (कांग्रेस) नीतिगत रूप से आगे बढ़ रहे हैं ताकि हम जनता तक पहुंच सके और बता सकें कि हमारा काम 5 साल तक कैसा रहा… भाजपा के नेता यहां आकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और हमपर आरोप लगा रहे हैं लेकिन उनकी हिम्मत नहीं होती कि हमारी गारंटियों पर कुछ कहें… वे मुद्दा ही नहीं बना पा रहे हैं…’
हमास ने पांच बंधकों को मुक्त किया
यरूशलम: हमास ने पांच बंधकों को मुक्त कर दिया है। ऐसे में 200 से अधिक अन्य बंधकों के परिवार वालों के मन में भी उम्मीद की किरण जगी है। सात अक्टूबर को दक्षिण इजराइल पर चरमपंथियों ने हमले के बाद सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया था। हालांकि, बंधकों के परिजनों के मन में अब भी कई सवाल हैं। उनका कहना है कि बंधकों को रिहा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है और क्यों कुछ ही लोगों को रिहा किया जा रहा है? उनके मन में इस बात का भी डर है कि कहीं इजराइल की ओर से गाजा पट्टी पर की जा रही बमबारी उनके प्रियजनों के लिए खतरा न बन जाये। इजराइल ने 30 अक्टूबर को पहली बार एक बंधक को मुक्त कराये जाने की औपचारिक घोषणा की थी।
राजधानी में सम-विषम योजना लागू होने पर इस बार संशय, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करेगी दिल्ली सरकार
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे। इसके बाद योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।प्रदूषण से निपटने के लिए 13-20 नवंबर के बीच लागू होने जा रही दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद संशय खड़ा हो गया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे। इसके बाद योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी। गोपाल राय ने अन्य राज्य सरकारों से भी अपील की है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करें।
इससे पहले तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार सम-विषम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार बैठक बुलाई। इसमें गोपाल राय के साथ परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत समेत परिवहन व पर्यावरण विभाग और ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद मीडिया से गोपाल राय ने कहा कि इसमें योजना लागू करने की विस्तृत रूपरेखा तैयार करनी थी, लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। अब सरकार पहले इसका सरकार अध्ययन करेगी। इसके बाद सम विषम योजना पर काम होगा। दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करेगी। अभी आदेश की काॅपी नहीं मिली है। सरकार इसका विस्तार से अध्ययन करेगी। इसके बाद सही फैसला लिया जाएगा।
पराली पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्प्णी का भी आकलन
पराली को लेकर पंजाब सरकार के लिए सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पंजाब की आप सरकार को लेकर है या किसी भी सरकार को लेकर है, इसका भी आकलन कर रहे हैं। जो भी होगा हम शीर्ष अदालत के आदेशों के अनुरूप काम करेंगे। सर्वोच्च अदालत के आदेश को हमारी सरकार और सभी सरकारों को लागू करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में पराली जलाने, पटाखे और प्रदूषण को लेकर टिप्पणी दी है। हमारी सरकार सुप्रीम आदेश को लागू करेगी। प्रदूषण की समस्या पूरे उत्तर भारत की समस्या है।
सम-विषम नियम पर उठाए सवाल
भाजपा के प्रदेश मंत्री हरीश खुराना ने केजरीवाल सरकार के सम-विषम नियम पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था न होने पर ऐसी योजना लागू होने पर जनता को दिक्कत होगी, क्योंकि दिल्ली में 13000 बसों की जरूरत है। जबकि 7000 बसें ही चल रही हैं। उन्होंने केजरीवाल सरकार की रेड लाइट ऑन, इंजन ऑफ योजना पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने इस अभियान पर 55 करोड़ रुपये लुटाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री से प्रदूषण कम होने के बारे में पूछा। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता प्रवीन शंकर कपूर व अजय सहरावत भी मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री को आइना दिखाया : भाजपा
राजधानी में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रदेश भाजपा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल को विजन लेस मुख्यमंत्री करार देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आइना दिखाने का काम किया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद केजरीवाल को सचेत होकर कार्य करने चाहिए, क्योंकि गत 15 दिनों से केजरीवाल और पर्यावरण मंत्री के साथ ही पूरी आम आदमी पार्टी दिल्ली में प्रदूषण के लिए हरियाणा पर दोष डाल रही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली व उत्तर भारत की प्रदूषण स्थिति पर संज्ञान लेकर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को बिना कोई बहाना बनाए तुरंत राज्य में पराली जलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान हरियाणा का कोई जिक्र नहीं आया। इससे स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी हरियाणा को राजनीतिक रूप से बदनाम करने का प्रयास कर रही थी।
दम घोंटते प्रदूषण से अभी निजात मुश्किल
राजधानी में स्मॉग की चादर के कारण लोगों का दम घुटने लगा है। आंखों में जलन के साथ-साथ ही लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है। मंगलवार को मौसमी दशाओं के अनुकूल होने से मामूली सुधार के बावजूद लगातार आठवें दिन हालात बिगड़े रहे। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा 457 वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जबकि 395 अंकों के साथ दिल्ली दूसरे नंबर पर रही। पूर्वानुमान है कि अगले छह दिनों में दिल्ली की आबोहवा बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में प्रमुख सतही हवाएं दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पूर्व दिशाओं से 8-4 किमी प्रतिघंटे की गति से चलीं। दिन में धूप खिली और रात के तापमान में करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़त हुई। हवा के दिशा में आए बदलाव व अनुकूल हुए मौसम के बाद भी प्रदूषण में मामूली सुधार दर्ज किया गया। सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 421 था, जो मंगलवार को घटकर 395 हो गया। बुधवार को एक बार फिर हवा की दिशा में बदलाव की आशंका है। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है।
अनुमान है कि मंगलवार को मुख्य सतही हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 4-12 किमी प्रति घंटे से चल सकती है। दोपहर या शाम तक आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, जबकि सुबह धुंध या हल्का कोहरा छा सकता है जो प्रदूषक तत्व के फैलाव में बाधा बनेगा। दिल्ली में 10 नवंबर तक वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।
आधी दिल्ली में एक्यूआई 400 के पार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक मंगलवार शाम को दिल्ली के आधे से अधिक केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर 400 पार दर्ज किया गया। बोर्ड 34 केंद्रों से प्रदूषण डाटा एकत्रित करता है। इनमें से आनंद विहार में सबसे ज्यादा 448 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं शादीपुर, डीटीयू, आरके पुरम, पंजाबी बाग, मथुरा रोड, आईजीआई एयरपोर्ट, नेहरू नगर, द्वारका सेक्टर 8, पटपडगंज, डॉ. करण सिंह शूटिंग रेंज, जहांगीरपुरी, रोहिणी, विवेक विहार, नरेला, ओखला, मुडंका, आनंद विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा।
दिल्ली में 10 नवंबर को बूंदाबांदी के आसार
दिल्ली में 10 नवंबर को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 13 नवंबर तक सुबह धुंध छाई रह सकती है। साथ ही, कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
सम-विषम योजना पर बढ़ी तकरार
बढ़ते प्रदूषण के बीच सम-विषम योजना को लेकर उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच तकरार बढ़ गई है। दोनों ने एक-दूसरे पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उपराज्यपाल कार्यालय का कहना है कि दिल्ली में प्रभावी होने वाली योजनाओं में सम-विषम नहीं था। जबकि दिल्ली सरकार का कहना है कि अधिकारी इस योजना को लेकर एलजी को गलत जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं।
इस बारे में एलजी कार्यालय का कहना है कि योजना को लेकर सरकार ने झूठ बोलकर लोगों को गुमराह किया है। इस बारे में कोई निर्णय ही नहीं लिया गया। यह केवल लोगों व अदालतों का ध्यान भटकाने की एक कोशिश है। फाइल में स्पष्ट है कि इसे लागू करने के निर्णय को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अनुमोदित नहीं किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने सम-विषम योजना को स्थगित रखने के फैसले को अपनी मंजूरी दे दी। गोपाल राय और मुख्यमंत्री ने सम-विषम के अलावा अन्य सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
गोपाल राय चाहते थे कि कार्यान्वयन पर निर्णय विशेषज्ञों की सलाह के बाद लिया जाए। बाद में फाइल को उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए उपराज्यपाल सचिवालय भेजा गया। उपराज्यपाल सचिवालय ने इस योजना को लेकर सरकार की बयान पर एक पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा। इसमें कहा गया कि ग्रैप को लागू करवाने की शक्ति उपराज्यपाल के पास है। प्रदूषण को लेकर सख्ती की फाइल अक्टूबर से मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल कार्यालय में घूमती रही।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने फाइल पर लिखा कि सीएम दिल्ली से बाहर हैं और इस संबंध में प्रस्ताव तीन नवंबर को मुख्यमंत्री को दिखाए गए हैं और उन्होंने प्रस्ताव को मंजूरी दी है। चार नवंबर को इस संबंध में फाइल एलजी हाउस भेजी गई, जबकि सख्ती को लेकर आदेश के बारे में सार्वजनिक घोषणाएं पहले ही कर दी गईं और आदेश अगले दिन जारी हुआ। फाइल से स्पष्ट है कि इस योजना को लागू करने के लिए कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। एलजी ने सरकार के इस रवैये पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं- सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा
निर्मला सीतारमण ने गुजरात के वापी में जीएसटी सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुविधा केंद्रों से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जीएसटी पंजीकरण कराने में आने वाली असुविधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी और मुद्दों को हल करने में आसानी होगी।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि वित्त मंत्रालय का ध्यान न केवल जीएसटी संग्रह बढ़ाने पर, बल्कि सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को इसके दायरे में लाने पर भी है। गुजरात में जीएसटी सुविधा केंद्र खोले जाने के अवसर पर आयोजित एक समारोह में सीतारमण ने कहा, जीएसटी सुविधा केंद्रों से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जीएसटी पंजीकरण कराने में आने वाली असुविधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी और मुद्दों को हल करने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा, हर महीने देश का जीएसटी संग्रह बढ़ रहा है। जीएसटी ने कई वस्तुओं पर पहले की तुलना में कर का बोझ कम किया है। व्यापारियों को पता है कि अब उन्हें पहले की तरह दोहरा कर नहीं देना होता है। इस वजह से जीएसटी संग्रह बढ़ रहा है। लेकिन अभी भी कई प्रतिष्ठान इसके दायरे से बाहर हैं और वे औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं। उन्हें अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जीएसटी के दायरे में आना चाहिए। हम टैक्स के रूप में छोटा सा हिस्सा ही लेते हैं और अर्थव्यवस्था का औपचारीकरण तभी हो सकता है, जब प्रत्येक व्यक्ति कर के दायरे में हो।
काबुल में मिनी बस में विस्फोट में सात लोगों की मौत, 20 घायल
इस्लामाबाद: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शिया बहुल इलाके में एक मिनी बस में हुए विस्फोट में कम से कम सात लोग मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कुछ दिन पहले भी इस क्षेत्र में विस्फोट हुआ था।पुलिस प्रवक्ता खालिद जादरान ने बताया कि विस्फोट शहर के पश्चिमी हिस्से दश्ती बारची इलाके में हुआ। जादरान ने कहा कि विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। किसी ने अभी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े संगठनों ने अतीत में इस क्षेत्र में शिया स्कूलों, अस्पतालों और मस्जिदों को निशाना बनाया है। अक्टूबर के अंत में, आतंकवादी समूह ने दश्ती बारची में हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए थे और लगभग सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से इस्लामिक स्टेट लगातार हमले कर रहा है।
इंदौर, मध्य प्रदेश: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने राऊ चौराहे पर ‘रथ सभा’ की।
इस धनतेरस सोना खरीद डाला तो लाइफ झिंगालाला! रॉकेट होने वाली हैं कीमतें, देखिए क्या कह रही ब्रोकरेज फर्म
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज को लगता है कि सोने की कीमतें आने वाले समय में 63,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच जाएंगीं। अगर आपने 2019 की दिवाली के दौरान सोने में निवेश किया होता, तो इस दिवाली तक आपको 60 फीसदी का रिटर्न मिलता।
उत्तर प्रदेश: अयोध्या में ‘राम की पैड़ी’ पर लाइट और लेजर शो
: स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद शिमला में ही दिवाली मनाएंगे सीएम सुखविंद्र सुक्खू
सीएम सुक्खू इन दिनों पैंक्रियाज में संक्रमण के बाद एम्स नई दिल्ली में उपचाराधीन हैं। उनके पेट में यह संक्रमण अब ठीक हो चुका है। इसी हफ्ते वह एम्स से कभी भी डिस्चार्ज हो सकते हैं।
भालू के हमले में व्यक्ति घायल, मंडी रेफर
चौहारघाटी की मढ़ पंचायत के खबाण गांव में 33 वर्षीय व्यक्ति को भालू ने अचानक हमला कर दिया है। भालू के हमले में व्यक्ति बुरी तरह से जख्मी हो गया है।
आरोपियों ने कबूल की जेई सिविल पेपर लीक की बात, 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजे
पोस्ट कोड 970 जेई सिविल पेपर लीक मामले में नामजद चार आरोपियों का पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो गया।
आईआईटी मंडी का शोध: अब सर्जरी के बाद संक्रमण, सूजन की समस्या होगी बेदह कम
आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित जयसवाल के नेतृत्व में किया गया। अब सर्जरी के बाद संक्रमण, सूजन होने और ऐसी स्थिति में दोबारा अस्पताल में जाने की आशंका 95.5 प्रतिशत कम रह जाएगी। इसके लिए आईआईटी मंडी ने नवीन एंटी बैक्टीरियल कोटिंग तैयार की है। यह चिकित्सीय प्रत्यारोपण के बाद सुरक्षा को नया आयाम देगी। प्रत्यारोपण या सर्जरी के दौरान संक्रमण का जोखिम रहता है। अब इस समस्या को हल करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शोधकर्ताओं ने अभिनव शोध किया है।
इसको आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित जयसवाल के नेतृत्व में किया गया। इसमें इम्प्लांट कोटिंग के रूप में नवीन चीनी-लेपित नैनोशीट का उपयोग करके इम्प्लांट से जुड़े संक्रमणों को रोकने के लिए एक सरल समाधान खोजा गया है। सर्जरी के बाद संक्रमण, सूजन के कारण बनते हैं, उनको परखने के बाद शोध टीम ने क्वाटरनेरी पुलुलन फंक्शनलाइज्ड एमओएस2 (एमसीपी) ग्लाइकोशीट्स का उपयोग करते हुए इम्प्लांट के लिए एक जैव-संगत, गैर-लीचिंग और संपर्क-आधारित जीवाणुरोधी कोटिंग तैयार की है।
इन एमसीपी ग्लाइकोशीट्स को एक सीधी इलेक्ट्रोस्टेटिक इंटरेक्शन प्रक्रिया से पॉलीडोपामाइन-संशोधित स्टेनलेस स्टील और पॉलीविनाइल फ्लोराइड सब्सट्रेट्स की सतहों पर निर्बाध रूप से लागू किया गया है। इस नवीन विकसित एमसीपी कोटिंग ने उत्कृष्ट जीवाणुरोधी प्रभावकारिता प्रदर्शित की है इसके माध्यम से 99.5 प्रतिशत से अधिक एस्केरिशिया कोलाइ और स्टैफिलोकोकस ऑरियस बैक्टीरिया को प्रभावी ढंग से नष्ट कर दिया गया। इस शोध के नतीजों को जर्नल ऑफ मैटेरियल्स केमिस्ट्री बी में प्रकाशित किया गया है।
सर्जरी की सतह से 30 दिनों तक स्थिर रहने की क्षमता
आईआईटी मंडी के बायो साइंसेज और बायो इंजीनियरिंग स्कूल के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित जैसवाल ने बताया विकसित कोटिंग अद्वितीय संयोजन है। इसमें क्वटरनाइज्ड पुल्लुलन और एमओ एस2 नैनोशीट्स का मिश्रण रहता है, जोकि संक्रमणों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा देता है। जबकि सरल और स्थिर कोटिंग प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि इम्प्लांट सतहों से कोई लीकेज न हो। यह समाधान चूहों के मॉडल में इन विट्रो और विवो में मानव कोशिकाओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित साबित हुआ है।
केंद्र ने हिमाचल को जारी किए 200 करोड़, अब बन सकेंगी लंबित सड़कें
हिमाचल प्रदेश में चरण-2 के तहत सड़कों का निर्माण कार्य लंबे समय से लटका हुआ था। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक कई सड़कें ऐसी थीं, जहां लोगों की निजी जमीन आड़े आ रही थी।

