मॉनसून सत्र में संसद के भीतर हंगामा जारी है। लोकसभा में आज दिल्ली सर्विसेज बिल पर चर्चा हो सकती है। सरकार चर्चा के साथ ही वोटिंग भी कराना चाहती है। हालांकि, विपक्षी दलों के रुख को देखते हुए आज भी संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ सकती है। उधर, सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी। पांच जजों की संविधान बेंच रोज सुनवाई कर रही है। वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट आज ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में जिला अदालत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाएगा। निचली अदालत ने परिसर के ASI सर्वे का आदेश दिया था। इस बीच, परिसर में ‘हिंदू चिह्नों और प्रतीकों’ की सुरक्षा का अनुरोध करती याचिकाएं जिला अदालत और HC में दायर की गई हैं। बात मौसम की करें तो दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, 6 अगस्त तक बारिश का अनुमान है।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- दिल्ली में बाइक टैक्सी जैसे ओला, उबर और रैपिडो की सर्विस आगे बहाल होंगी या नहीं, इस पर दिल्ली हाईकोर्ट फैसला लेगा।
- भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा। टीम इंडिया अपना 200वां टी-20 मैच खेलेगी।
हरियाणा CM बोले- पुलिस सबकी सुरक्षा नहीं कर सकती; नलहरेश्वर मंदिर के बाहर फायरिंग का VIDEO सामने आया
31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा नलहरेश्वर मंदिर से शुरू हुई थी। दंगा भड़कने से मंदिर में 4 हजार लोग फंस गए थे।
हरियाणा के नूंह में धार्मिक यात्रा के दौरान हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जिन लोगों ने नुकसान किया है, उन्हीं से भरपाई कराई जाएगी। प्रदेश की आबादी 2.7 करोड़ है, हमारे पास 60 हजार जवान हैं, ऐसे में पुलिस हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकती।
इधर, भास्कर को नूंह के नलहरेश्वर मंदिर के बाहर फायरिंग का वीडियो मिला है, जो 31 जुलाई का है। इसमें दंगाई पहाड़ी से श्रद्धालुओं पर फायरिंग कर रहे हैं और पुलिस खुद को बचाती नजर आ रही है। इसी मंदिर से धार्मिक यात्रा शुरू हुई थी, जो 600 मीटर आगे ही पहुंची थी कि हिंसा भड़क उठी।
नूंह हिंसा में अब तक 6 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 2 होमगार्ड शामिल हैं। 26 FIR दर्ज हुई हैं और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तनाव को देखते हुए नूंह, फरीदाबाद और पलवल में 5 अगस्त तक इंटरनेट बैन है। हरियाणा में पुलिस की 30 कंपनियां और केंद्रीय सुरक्षा बलों की 20 कंपनियां तैनात हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से पैरामिलिट्री की 4 और कंपनियां मांगी हैं।
हरियाणा के नूंह (मेवात) में विश्व हिंदू परिषद की ब्रज मंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 2 होमगार्ड गुरसेवक और नीरज, नूंह के भादस गांव का शक्ति, पानीपत का अभिषेक, गुरुग्राम के इमाम और बादशाहपुर के प्रदीप शर्मा शामिल हैं।
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए 5 अगस्त की आधी रात तक नूंह, फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम में मानेसर, पटोदी व सोहना इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
नूंह में सोमवार को भड़की हिंसा के दो दिन बाद भी कर्फ्यू जारी है। गुरुग्राम, पलवल जिले में तनाव है। गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि छोटे-छोटे ग्रुप हिंसा फैलाने का काम कर रहे हैं।
नूंह की हिंसा के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली-NCR के 23 इलाकों में रैलियां करने का ऐलान किया। कई इलाकों में प्रदर्शन हुआ।
रैलियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। अदालत ने सुनवाई करते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि रैलियों के दौरान हेट स्पीच और हिंसा न होने दें। संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे लगाएं और उनके फुटेज सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस या पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करें।
इधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा- जिन लोगों ने नुकसान किया है, उन्हीं से भरपाई कराई जाएगी। हर व्यक्ति की सुरक्षा न पुलिस, न आर्मी और न समाज कर सकता है। सुरक्षा के लिए वातावरण बनाना पड़ता है। इसके लिए पीस कमेटी, एडमिनिस्ट्रेशन के लोग लगे हैं। पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है। दंगाइयों में भय बनाना पड़ता है।
नूंह में उपद्रव करने वाले दंगाईयों को कोर्ट में ले जाती पुलिस।
नूंह में 26 FIR दर्ज, 116 लोग गिरफ्तार
नूंह हिंसा में अब तक 26 FIR दर्ज हुई हैं और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुग्राम में 15 FIR दर्ज की गई हैं और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हरियाणा के DGP पीके अग्रवाल ने कहा कि मोनू मानेसर के वीडियो समेत हिंसा से जुड़े हर तथ्य की जांच होगी। इसके लिए SIT बना दी गई है और हर टीम को 7 से 8 केस जांच के लिए दिए जाएंगे।
पलवल में 9 केस दर्ज
पलवल जिले में पुलिस ने 9 केस दर्ज किए हैं। इनमें 6 नामजद हैं जबकि 250 अज्ञात आरोपी हैं। इन पर एक समुदाय के धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप है।
सुरक्षाबलों ने बुधवार सुबह गुरुग्राम के बादशाहपुर में फ्लैग मार्च किया।
गुरुग्राम में 4 गिरफ्तार, भड़काऊ पोस्ट पर एक पकड़ा
गुरुग्राम में मस्जिद पर हमले को लेकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक जिम ट्रेनर है। हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। वहीं भड़काऊ पोस्ट के केस में दिनेश भारती को सेक्टर 52 से गिरफ्तार किया गया है। उसने वीडियो जारी किया था।
नूंह में दोपहर बाद 3 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में छूट दी गई है।
पुलिस की 30 और सेंट्रल फोर्स की 20 कंपनियां तैनात
हरियाणा में पुलिस की 30 कंपनियां और केंद्रीय सुरक्षा बलों की 20 कंपनियों को तैनात किया गया है। सेंट्रल फोर्स की गुरुग्राम में 2 और नूंह में 14 कंपनियां लगाई गई हैं।
दिल्ली और राजस्थान के भरतपुर में भी अलर्ट जारी किया गया है। भरतपुर की 4 तहसीलों में इंटरनेट बंद किया गया है।
हिंसा के बाद गुरुग्राम के स्लम एरिया से लोग पलायन कर गए हैं। बुधवार को घरों के बाहर ताले लटके नजर आए।
हिंसा का असर: चार जिलों में इंटरनेट और स्कूल बंद, दो दिन की परीक्षाएं भी स्थगित
- 9 जिलों में धारा 144 लागू: नूंह, गुरुग्राम, पलवल, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत और महेंद्रगढ़ में धारा 144 लागू है।
- इंटरनेट: नूंह, गुरुग्राम के कुछ हिंसाग्रस्त इलाकों में, पलवल, फरीदाबाद जिले में इंटरनेट और SMS सेवाएं बुधवार को भी बंद रखी गई हैं।
- स्कूल: नूंह,फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम में बुधवार को स्कूल बंद हैं। हालांकि फरीदाबाद में स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया है।
- परीक्षाएं: हरियाणा बोर्ड ने 1, 2 अगस्त की 10वीं व डीएलएड की परीक्षाएं प्रदेशभर में स्थगित कर दी हैं।
- बसें: रेवाड़ी डिपो से गुरुग्राम के सोहना, UP के आगरा, मथुरा, अलीगढ़ की बसों का संचालन बंद कर दिया है।
- हिंसा में नुकसान: 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। प्रशासन हिंसा में संपत्ति के नुकसान का आकलन कर रहा है।
- पंचायत पर रोक: गुरुग्राम के मानेसर में होने वाली पंचायत पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। मानेसर के बाबा भीष्म दास मंदिर में शाम 4 बजे हिंदू संगठन की पंचायत होनी थी।
नूंह हिंसा में पानीपत के एक युवक की मौत हो गई थी। इसके विरोध में बुधवार को बाजार बंद रहे।
हिंसा पर किसने, क्या कहा
- हरियाणा के डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने कहा, ‘यात्रा के आयोजकों ने जिला प्रशासन को यात्रा के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी। इस वजह से ही हिंसा हुई।’
- विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा, ‘हिंसा के जिम्मेदार वे लोग हैं, जो इन दंगाइयों को भड़काते हैं। उनके भड़काने के कारण मोहर्रम और रामनवमी पर हमले होते हैं।’
- CM मनोहर लाल ने कहा, ‘उपद्रवियों ने न सिर्फ यात्रा, बल्कि पुलिस पर भी आक्रमण किया। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’
- गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, ‘जिस तरह पत्थर इकट्ठा करके, गोलियां चला के हिंसा हुई है, ये एकदम से नहीं हुई। गृह विभाग के पास घटना को लेकर इनपुट क्यों नहीं आया, यह भी जांच में आएगा।’
दिल्ली में मदर डेयरी के स्टोर पर टमाटर 259 रुपए किलो; सरकार ₹60 किलो बेच रही
टमाटर की कीमतें एक बार फिर 250 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई हैं। राजधानी दिल्ली में मदर डेयरी अपने रिटेल स्टोर पर टमाटर 259 रुपए प्रति किलो बेच रही है। सरकार ने दिल्ली सहित देश के अन्य शहरों में 14 जुलाई से सस्ते रेट में टमाटर बेचने शुरू किए थे। यहां फिलहाल ये 60 रुपए किलो में बेचे जा रहे है।
बिजनेस टुडे ने कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के हवाले से बताया है कि बुधवार को टमाटर की थोक कीमत 203 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। एशिया की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी के टमाटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 3 दिनों में टमाटर की आवक कम हो गई है। मंडी में इसकी आपूर्ति का केवल 15% ही पहुंचा है। इस वजह से कीमतें बढ़ी हैं।
आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने अपने स्टूडियो में फांसी लगाई; ₹250 करोड़ का कर्ज था
जाने-माने आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई ने अपने स्टूडियो में फांसी लगा ली। उन पर करीब 250 करोड़ रुपए का कर्ज था। कुछ समय पहले दैनिक भास्कर को उन्होंने ऑफ कैमरा बताया था कि बेटी की शादी के बाद उनकी मेडिकल प्रॉब्लम काफी बढ़ गई थी। उनके परिवार में दो बेटी और एक बेटा है। दोनों बेटियां अमेरिका में रहती हैं। बेटा पढ़ाई कर रहा है।
नितिन ने लगान, हम दिल दे चुके सनम, देवदास, जोधा अकबर और प्रेम रतन धन पायो जैसी फिल्मों के सेट डिजाइन किए थे। उन्हें चार बार बेस्ट आर्ट डायरेक्शन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। आखिरी बार उन्होंने फिल्म पानीपत के लिए काम किया था।
लाल डायरी में अशोक गहलोत के बेटे का जिक्र; बर्खास्त मंत्री गुढ़ा ने 3 पन्ने सार्वजनिक किए
राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने लाल डायरी के 3 पन्ने सार्वजनिक किए हैं। उनका दावा है कि CM गहलोत के करीबी और राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने इन पन्नों में CM के बेटे वैभव गहलोत और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव भवानी सामोता से लेन-देन का जिक्र किया है। गुढ़ा ने ये भी दावा किया कि डायरी में CM के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ की हैंडराइटिंग है।
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बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने राजस्थान में सियासी भूचाल लाने वाली लाल डायरी के कथित तौर पर तीन पन्ने सार्वजनिक कर दिए। गुढ़ा ने दावा किया है कि सीएम के करीबी और राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने इन पन्नों में सीएम के बेटे और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव भवानी सामोता सहित अन्य लोगों से लेन-देन का जिक्र किया है।
गुढ़ा ने कहा है कि मैं सरकार को नहीं, सरकार मुझे ब्लैकमेल कर रही है। बर्खास्त मंत्री ने दावा किया कि इस डायरी में मुख्यमंत्री के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ की ही हैंडराइटिंग है। डायरी के कुछ पन्ने मिसिंग हैं, लेकिन मेरे पास जो पन्ने हैं, वह मैं जारी करूंगा।
डायरी में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के लेन-देन की बातें कोड वर्ड में हैं और वैभव गहलोत सहित मुख्यमंत्री के सचिव को लेकर भी बातें लिखी गई हैं।
गुढ़ा ने जो पन्ने जारी किए, उनमें तीन पॉइंट लिखे हैं…
- वैभव जी और मेरी दोनों की RCA चुनाव खर्चे को लेकर चर्चा हुई कि भवानी सामोता किस तरह तय करके भी लोगों के पैसे नहीं दे रहा है….
- घर पर राजीव खन्ना और भवानी सामोता आए, आरसीए चुनाव का हिसाब किया…भवानी सामोता ने ज्यादातर लोगों से जो वादा किया है वो पूरा नहीं किया है…मैंने कहा यह ठीक नहीं है… आप इसे पूरा करो तो भवानी सामोता ने कहा कि मैं सीपी साहब की जानकारी में डालता हूं…फिर आपको 31 जनवरी तक बताता हूं…
- सीएम के पीएस को भी फोन किया और कहा कि आरसीए वाला हिसाब कर दो मुझे जरूरत है…उन्होंने कहा कि सीएम से बात कर बताऊंगा।
(भवानी सामोता पूर्व आरएएस और वर्तमान में आरसीए के सचिव हैं। दावा किया जाता है कि वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के करीबी हैं, वे सीपी जोशी के पीएस भी रहे हैं)
गुढ़ा द्वारा जारी की गई डायरी के पन्ने।
गुढ़ा का दावा है कि यह राइटिंग धर्मेंद्र राठौड़ की है।
गुढ़ा का दावा है कि यह डायरी वे धर्मेंद्र राठौड़ के घर से निकालकर लाए थे।
गुढ़ा ने कहा- रंधावा ने माफी का दबाव बनाया
- मुझे सरकार जेल में डाल देगी तो कोई और इस पर जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि इसमें धमेंद्र राठौड़ की हैंडराइटिंग है, मैं इस डायरी के पन्नों पर लगातार खुलासे करता रहूंगा, जेल गया तो मेरा विश्वस्त व्यक्ति आप तक इन पन्नों को पहुंचाता रहेगा।
- आज दिखाए गए पेजों पर आरसीए के करप्शन और लेनदेन का साफ उल्लेख है। मैं सरकार को नहीं बल्कि सरकार मुझे ब्लैकमेल कर रही है और रंधावा ने मुझ पर माफी मांगने के लिए दबाव भी बनाया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि मैं इस डायरी को विधानसभा में टेबल पर रखना चाह रहा था, जिससे सारे तथ्य आधिकारिक रूप से सामने आ जाएं।
- कांग्रेस है कहां, यहां तो गहलोत कांग्रेस है। सीएम की एक जेब में प्रभारी रंधावा हैं तो एक जेब में डोटासरा हैं, हाईकमान भी कमजोर है। अगर मुझे सरकार ने जेल में डाला तो सरकार के समाचार समाप्त हो जाएंगे, लोग कहेंगे वन्स अपॉन ए टाइम, देयर वॉज ए अशोक गहलोत (एक समय था जब अशोक गहलोत थे)।
- मुख्यमंत्री मेरे बेटे के जन्मदिन पर मेरे घर आए थे, तब 50–60 हजार लोगों के बीच बोल कर आए थे कि गुढ़ा नहीं होता, तो मैं मुख्यमंत्री नहीं होता, अचानक गुढ़ा में क्या खराबी हो गई? मैं रंधावा से पूछना चाहता हूं कि बहन-बेटियों की सुरक्षा की बात करके क्या गलत किया? किस बात की माफी मांगू मैं?
मैं भी रणनीति के तहत डायरी के पन्ने जारी करूंगा
गुढ़ा ने कहा- मेरे खिलाफ रोजाना नए मुकदमे हो रहे हैं। एक मुकदमा आज हो रहा है, एक मुकदमा 2 दिन बाद हो रहा है। जिस तरह से मेरे खिलाफ यह केस कर रहे हैं, मैं भी रणनीति के तहत स्टेप बाय स्टेप डायरी के पन्ने जारी करूंगा।
सरकार को ब्लैकमेल करने के सवाल पर गुढ़ा ने कहा- अगर 15 साल से मैं इनको ब्लैकमेल कर रहा हूं तो मैंने उनसे क्या-क्या ले लिया, यह बताते क्यों नहीं?
गुढा ने 24 जुलाई को सदन में लहराई थी डायरी
राजेंद्र गुढ़ा ने मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद सदन में लाल डायरी लहराकर हलचल मचा दी थी। 24 जुलाई को गुढ़ा लाल डायरी लेकर स्पीकर के सामने चले गए थे। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल की टेबल पर जाकर उनका माइक नीचे कर दिया था। इस दौरान कांग्रेस विधायकों से उनकी धक्का-मुक्की हुई थी। इस घटना पर गुढ़ा को पूरे सेशन के लिए सदन से सस्पेंड कर दिया गया था। गुढ़ा के साथ बीजेपी विधायक मदन दिलावर को भी सस्पेंड किया गया था।
इसके बाद 27 जुलाई को सीकर में हुई सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस डायरी पर चुटकी लेते हुए कहा था कि ये लाल डायरी चुनावों में कांग्रेस का डिब्बा गोल कर देगी।
BCCI मीडिया राइट्स की रेस में गूगल-अमेजन; ₹6 हजार करोड़ में 5 साल की डील संभव
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए गूगल और अमेजन को टारगेट कर रहा है। BCCI ने राइट्स के लिए 15 लाख रुपए के टेंडर डॉक्यूमेंट जारी किए हैं। भारत में अगले 5 साल तक होने वाले मैचों के राइट्स करीब 6 हजार करोड़ रुपए में बिक सकते हैं।
भारत में 2023 से 2027 तक तीनों फॉर्मेट के 102 इंटरनेशनल और घरेलू मैच होने हैं। जब कोई संस्था किसी खास समय के लिए टीवी या डिजिटल माध्यम पर किसी कार्यक्रम को दिखाने की अनुमति किसी कंपनी को देती है तो एक रकम तय करती है। जिसे मीडिया राइट्स कहते हैं।
15 लाख में खरीदने होंगे टेंडर डॉक्यूमेंट
BCCI ने मीडिया राइट्स के टेंडर डॉक्यूमेंट की कीमत 15 लाख रुपए रखी है। डॉक्यूमेंट में टेंडर प्रोसेस, एलिजिबिलिटी डिटेल, राइट्स और बाकी डिटेल्स दी गई हैं। भारतीय कंपनियों को डॉक्यूमेंट खरीदने के लिए टैक्स मिलाकर करीब 17.70 लाख रुपए देने होंगे। वहीं विदेशी कंपनियों को टैक्स के बाद भी करीब 15.16 लाख रुपए ही देने होंगे। ये कीमत नॉन-रिफंडेबल होगी, यानी डॉक्यूमेंट्स खरीदने के बाद अगर कंपनियों ने बोली नहीं लगाई, तब भी उनके पैसे रिफंड नहीं होंगे।
डॉक्यूमेंट्स 25 अगस्त तक खरीदे जा सकेंगे। BCCI ने बताया, ‘टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदने वाली कंपनियां ही बोली लगाने की हकदार होंगी। इनमें भी कंपनियां अगर BCCI की एलिजिबिलिटी पॉलिसी को पार नहीं कर सकीं तो भी वे बोली नहीं लगा सकेंगी।’
BCCI ने गूगल-अमेजन से बात करने के बाद टेंडर रिलीज किया
टेंडर डॉक्यूमेंट रिलीज करने से पहले BCCI ने इंटरनेट सर्च इंजन गूगल की मालिक अल्फाबेट इंक और अमेजन डॉट कॉम इंक से ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर संपर्क किया। उनसे संपर्क करने के बाद BCCI ने टेंडर रिलीज कर दिया।
6 हजार करोड़ रुपए की हो सकती है डील
BCCI के ब्रॉडकास्ट राइट्स एडवर्टाइजर अर्न्स्ट एंड यंग (E&T) कंपनी के अधिकारियों ने बताया, ‘भारत में 2023 से 2027 तक 102 इंटरनेशनल मैचों के राइट्स 750 मिलियन डॉलर (करीब 6,200 करोड़) में बिक सकते हैं। 5 साल पहले भी राइट्स लगभग इतनी ही कीमत में बिके थे। IPL मैचों के राइट्स खरीदने के लिए कंपनियों ने बहुत ज्यादा इंटरेस्ट दिखाया था, E&T को उम्मीद है कि इंटरनेशनल राइट्स के लिए भी बहुत सी कंपनियां बोली लगाएंगी।’
ई-नीलामी होने की संभावना
इस बार भी ई-नीलामी होने की संभावना है। BCCI ने पिछले साल IPL मीडिया राइट्स के लिए भी ई-नीलामी ही कराई थी। 2018 में BCCI राइट्स के लिए ऑफलाइन ऑक्शन हुए थे। इसमें स्टार इंडिया ने बाजी मारी थी।
वेस्टइंडीज के मैनेजमेंट पर हार्दिक बोले- बेसिक सुविधाएं तो देते; खिलाड़ियों की नींद पूरी नहीं हुई
टीम इंडिया के स्टैंड-इन कैप्टन हार्दिक पंड्या ने वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के मैनेजमेंट पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ‘हम लग्जरी नहीं मांग रहे, लेकिन बेसिक सुविधाएं तो मिलनी ही चाहिए।’ कई सीनियर खिलाड़ियों ने भी BCCI से शिकायत की कि वनडे सीरीज से पहले फ्लाइट 4 घंटे लेट हुई थी। जिस कारण मैच से पहले खिलाड़ियों की नींद पूरी नहीं हो सकी।
टीम इंडिया ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती है। हार्दिक ने भारत के लिए दूसरे और तीसरे मैच में कप्तानी की। हार्दिक ने कहा- त्रिनिदाद एक अच्छा ग्राउंड है। अगली बार अगर हम वेस्टइंडीज आए तो चीजें सुधारी जा सकती हैं। ट्रैवलिंग पर वेस्टइंडीज बोर्ड को थोड़ा ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
PM मोदी ब्रिक्स समिट के लिए साउथ अफ्रीका नहीं जाएंगे; वर्चुअली हिस्सा ले सकते हैं
तस्वीर 2018 की है, जब ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष 10वीं एनुअल समिट में शामिल होने साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुंचे थे।
साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 22 से 24 अगस्त के बीच होने वाली 15वीं ब्रिक्स समिट में PM मोदी के शामिल होने पर संशय बरकरार है। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक- मोदी इस मीटिंग में वर्चुअली शिरकत कर सकते हैं। भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन और सा. अफ्रीका BRICS के मेंबर हैं।
दुनिया की कुल GDP में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 31.5% के करीब है। दरअसल, चीन और रूस ब्रिक्स में कुछ और देशों को शामिल करना चाहते हैं, लेकिन इस मामले पर भारत की कुछ शर्तें हैं। पाकिस्तान के साथ-साथ सऊदी अरब, ईरान समेत 19 देशों ने ब्रिक्स का सदस्य बनने की इच्छा जाहिर की है।
5 महीने में कूनो में 9वें चीते की मौत; मादा चीते को 10 दिन से तलाश रही थी टीम
कूनो नेशनल पार्क में बाड़े में रखे गए 14 चीते (7 नर, 6 मादा और 1 शावक) स्वस्थ हैं। एक चीता अभी बाड़े के बाहर है।
MP के कूनो नेशनल पार्क में एक मादा चीते की मौत हुई है। इसकी वजह पता नहीं चल पाई है। मादा चीता खुले जंगल में घूम रही थी। हेल्थ चेकअप के लिए पिछले 10 दिनों से उसकी तलाश की जा रही थी। ये बीते 5 महीने में 9वें चीते की मौत है। इनमें तीन शावक भी शामिल हैं, जिनका जन्म कूनो में ही हुआ था। इस साल 26 मार्च को कूनो में पहले चीते की मौत हुई थी।
देश में 70 साल बाद सितंबर 2022 में चीतों की वापसी हुई। साउथ अफ्रीका और नामीबिया से कुल 20 चीते भारत लाए गए। एक मादा चीता ने चार शावकों जन्म दिया था। ऐसे में उनकी संख्या बढ़कर 24 हो गई। जिनमें से अब केवल 15 चीते ही बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट भी चीतों की मौत पर नाराजगी जाहिर कर चुका है और इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने का आदेश दे चुका है।
MP के कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता धात्री (टिबलिसी) की मौत हो गई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक असीम श्रीवास्तव ने कहा- धात्री सुबह मृत पाई गई। मौत की वजह पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
26 मार्च से अब तक 9 चीतों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन शावक भी शामिल हैं, जिनका जन्म कूनो में हुआ था।
इसके पहले कूनो प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी कर कहा, ‘कूनो नेशनल पार्क में बाड़े में रखे गए 14 चीते (7 नर, 6 मादा और 1 शावक) स्वस्थ हैं। कूनो और नामीबिया के वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स लगातार उनका हेल्थ चेकअप कर रहे हैं।
इनके अलावा खुले जंगल में घूम रहीं दो मादा चीता पर निगरानी रखी जा रही है और उनको बाड़े में लाने के प्रयास जारी हैं। इन दोनों में से एक मादा चीता टिबलिसी आज सुबह मृत पाई गई।
टिबलिसी को 10 दिन से तलाश रही थी टीम
टिबलिसी कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में घूम रही थी। उसे हेल्थ चेकअप के लिए लाया जाना था, पिछले 10 दिनों से वन विभाग की टीम उसे तलाश रही थी।
मादा चीता टिबलिसी को 27 नवंबर को बड़े बाड़े में रिलीज किया था।
कमलनाथ ने ट्वीट कर प्रदेश सरकार को घेरा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कूनो में हो रहीं चीतों की मौत को लेकर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, ‘कूनो में लगातार हो रही चीतों की मौत के बाद भी सरकार इस बात पर अड़ी है कि वह चीतों की शिफ्टिंग नहीं करेगी। बेगुनाह वन्य प्राणियों को राजहठ की भेंट चढ़ाना निंदनीय है।’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- राजस्थान शिफ्ट करने पर विचार करना चाहिए
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट कूनो में चीतों की मौत पर चिंता जता चुका है। कोर्ट ने 20 जुलाई को केंद्र सरकार से कहा था, ‘राजनीति से ऊपर उठकर कूनो से कुछ चीतों को राजस्थान शिफ्ट करने पर विचार करना चाहिए। क्यों नहीं आप राजस्थान में कोई अच्छी जगह ढूंढते? सिर्फ इसलिए कि राजस्थान में विपक्षी दल (कांग्रेस) की सरकार है, इसका मतलब यह नहीं कि आप इस प्रस्ताव पर विचार न करें।’
कोर्ट ने कहा था- अफ्रीका और नामीबिया से जितने चीते लाए गए थे, उनमें से 40 फीसदी की मौत हो चुकी है। इन्हें भारत लाए हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ। मौतों का यह आंकड़ा अच्छी बात नहीं है। केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी कोर्ट में पेश हुए थे।
कब-कब हुई कूनो में चीतों की मौत…
26 मार्च 2023: किडनी इन्फेक्शन से साशा की मौत
नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इन्फेक्शन से मौत हो गई थी। वन विभाग के मुताबिक 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें गड़बड़ी पाई गई थी। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई थी।
27 मार्च 2023 को नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया था। इसके साथ ही कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 23 हो गई थी।
23 अप्रैल 2023: नर चीता उदय की हार्ट अटैक से गई जान
साउथ अफ्रीका से लाए गए चीते उदय की मौत हो गई थी। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने कहा था कि हार्ट में खून का बहाव रुकने के कारण उदय की मौत हुई। यह भी एक प्रकार का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनों में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई थी।
9 मई 2023: मादा चीता दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत
दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरैक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनों में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई।
23 मई 2023: ज्वाला के एक शावक की मौत
मादा चीते ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई थी।
25 मई 2023: ज्वाला के दो और शावकों की मौत
पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य शावकों को विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो की मौत हो गई। ज्यादा तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात सामने आई। ज्वाला के इकलौते बचे शावक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीता बचे थे।
11 जुलाई 2023: नर चीता तेजस की जान गई
चीते तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई। तेजस की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में 17 चीते बचे थे।
14 जुलाई 2023: मेल चीता सूरज ने दम तोड़ा
अफ्रीका से लाए गए मेल चीता सूरज का शव 14 जुलाई की सुबह मिला। जानकारी के अनुसार तेजस और सूरज के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस संघर्ष में सूरज भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूरज की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में 16 चीते बचे थे।
एक मादा शावक समेत 14 चीते बाड़े में, एक बाहर
कूनो नेशनल पार्क में अब 15 चीते बचे हैं। इनमें 7 नर, 6 मादा और 1 मादा शावक बाड़े में है और स्वस्थ है। एक मादा चीता अभी खुले जंगल में घूम रही है।
चीतों की मौत का सिलसिला क्यों नहीं थम रहा?
साउथ अफ्रीका की एक स्टडी में 293 चीतों की मौत को डॉक्यूमेंट किया गया है। इसमें चीतों की मौत की दर बताई गई है। इसमें बताया गया है कि…
- शिविर में रखने की वजह से 6.5% चीतों की मौत हुई।
- एक जगह से दूसरी जगह ले जाने यानी रिलोकेशन में 7.5% चीतों की मौत होती है।
- ट्रैकिंग डिवाइस की वजह से 0.7% चीतों की जान गई।
इन तीन वजहों से 15% चीतों की मौत होती है। यानी हर 7 में से एक चीते की मौत देखभाल और रखरखाव के लिए किए गए बाकी इंतजामों की वजह से होती है। इस स्टडी में चीते की मौत का सबसे बड़ा कारण (53.2%) शिकार होना है। इसके लिए शेर, तेंदुआ, लकड़बग्घे और सियार को मुख्य जिम्मेदार बताया गया।
स्टडी में बताया गया कि इनके अलावा वार्थोग, बबून, सांप, हाथी, मगरमच्छ, गिद्ध, जेबरा और यहां तक कि शुतुरमुर्ग सहित कई अन्य वन्यजीवों ने भी चीतों को मारा है।
चीतों की लगातार हो रही मौत के बाद कूनो प्रबंधन ने खुले जंगल में घूम रहे चीतों को बड़े बाड़े में शिफ्ट किया था। इनके गले से रेडियो कॉलर आईडी हटा दी गई है।
एनटीसीए ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मौतें परेशान करने वाली, लेकिन चिंताजनक नहीं
कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की मौत को केंद्र सरकार ने परेशान करने वाला माना है, लेकिन यह भी कहा है कि ये चिंताजनक नहीं है।
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में दिए गए संयुक्त हलफनामे में यह कहा। हलफनामे में चीतों की मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया है।
हलफनामे में कहा गया है, ‘कूनो में लाए गए चीतों का लगातार मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। यहां अब तक 8 चीतों (5 वयस्क और 3 शावक) में से किसी की भी मौत शिकार, जहर देने, एक्सीडेंट होने या करंट लगने जैसे अप्राकृतिक कारणों से नहीं हुई है।
भारत की जलवायु में चीतों के जीवित रहने की दर करीब 50 फीसदी ही है। शावकों में ये दर मात्र 10 प्रतिशत है। वेटरनरी केयर, लगातार निगरानी और मैनेजमेंट समेत चीतों के व्यवहार से संबंधित खास पहलुओं पर स्पेशलिस्ट की सलाह को ध्यान में रखते हुए उनकी देखरेख की जा रही है।’
पीएम मोदी ने पिछले साल अपने जन्मदिन पर छोड़े थे चीते
17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में रिलीज किया था। इस साल 18 फरवरी को साउथ अफ्रीका से 12 और चीतों को कूनो में छोड़ा गया था। यानी कुल 20 चीते लाए गए थे। इनमें से अब तक 9 चीतों की मौत हो चुकी है।
खाद्य तेलों का आयात रेकॉर्ड पर
तेल डीलरों का अनुमान है कि जुलाई में भारत का खाद्य तेल आयात बढ़कर रेकॉर्ड 1.76 मिलियन मीट्रिक टन हो गया, क्योंकि काला सागर से आपूर्ति पर अनिश्चितता को देखते हुए रिफाइनर्स ने आगामी त्योहारों के लिए स्टॉक तैयार कर लिया है। उसका कहना है कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए रिफाइनर्स पहले से ही पूरी तरह तैयार रहना चाहते हैं, जबकि आगे यूक्रेन से सूरजमुखी तेल के आयात में अनिश्चितता का माहौल रहेगा। पाम तेल का वैश्विक बाजार भाव नरम पड़ने से भारतीय आयातकों को इसका आयात बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिला।
दिल्ली सेवा अध्यादेश के स्थान पर लाए गए विधेयक पर सरकार से कोई समझौता नहीं होगा : शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक और राज्यसभा सदस्य शरद पवार ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सेवा अध्यादेश के स्थान पर लाए गए विधेयक पर सरकार के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।केंद्र सरकार ने मंगलवार को विपक्षी सदस्यों के जोरदार विरोध के बीच दिल्ली सेवा अध्यादेश के स्थान पर लोकसभा में विधेयक पेश किया था। विपक्षी दलों ने इस विधेयक को ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करार दिया है।संसद में भाजपा को घेरने की रणनीति बनाने के लिए विपक्षी दलों की बैठक के दौरान पवार ने कहा कि दिल्ली सेवा अध्यादेश के स्थान पर लाए गए विधेयक पर सरकार के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस ने चुनाव वाले राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए स्क्रीनिंग समितियों की नियुक्ति की।
कांग्रेस ने चुनाव वाले राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए स्क्रीनिंग समितियों की नियुक्ति की। गौरव गोगोई को राजस्थान की समिति का अध्यक्ष, जितेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश की समिति का अध्यक्ष, अजय माकन को छत्तीसगढ़ की समिति का अध्यक्ष और के मुरलीधरन को तेलंगाना की समिति का अध्यक्ष बनाया गया।

