मशहूर शायर मुनव्वर राना का देर रात हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह 71 साल के थे। उनका इलाज लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में चल रहा था। कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू होने से पहले ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ के मकसद से मिलिंद देवरा का इस्तीफा आज के लिए तय किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं होगा। ओडिशा के सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने पुरी स्थित प्रतिष्ठित जगन्नाथ मंदिर के चारों ओर 800 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित आयताकार परिक्रमा पथ को अगले कुछ दिन में जनता को समर्पित करने के बाद आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के लगभग 10,000 मंदिरों व विभिन्न पूजा स्थलों के जीर्णोद्धार का खाका तैयार कर पूरे प्रदेश का माहौल ‘जय जगन्नाथ’ मय करने की तैयारी कर ली है। बेल्जियम के पूर्व प्रधानमंत्री यवेस लेटरमे ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का स्थायी सदस्य बनाए जाने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा है कि इस तरह के कदम से परिषद की वैधता और प्रतिनिधित्व में बढ़ोतरी होगी। जलवायु संबंधी मामलों पर अमेरिका के विशेष दूत जॉन केरी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन से आगामी दिनों में इस्तीफा देने जा रहे हैं। उनके करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
मशहूर कवि मुनव्वर राणा का निधन, अंतिम संस्कार आज रायबरेली में
मशहूर कवि और शायर मुनव्वर राणा अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। मिली जानकारी के अनुसार, उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ है। वह 71 साल के थे। बताया जा रहा है कि उनका निधन पीजीआई लखनऊ में हुआ है।
स्मृति शेष मुनव्वर राना : ‘नेकियां गिनने की नौबत नहीं आएगी, मैंने जो मां पर लिखा, वही काफी होगा’
मुनव्वर राना ने एक मुशायरे में अपने कलामों के बारे में कहा था कि वह ग़ज़ल को कोठे से उठाकर माँ तक ले आए। माँ पर लिखी शायरी के लिए मुनव्वर राना को ख़ूब याद किया जाता है। आपके लिए पेश हैं मुनव्वर राना के लिए ख़ास अशआर जो उन्होंने मुशायरों में पढ़े…
आप को चेहरे से भी बीमार होना चाहिए
इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए
ज़िंदगी तू कब तलक दर-दर फिराएगी हमें
टूटा-फूटा ही सही घर-बार होना चाहिए
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर रहे एपी मिश्रा की नींद उड़ चुकी थी। कहते है कि बड़ा बेईमान निकला। कहता था कि जाने को हम पाकिस्तान चले जाते, पर ये दोस्त कहां मिलेंगे। पर अब देखो। कहते हैं कि ये बड़े लोग हैं जीने का हुनर जानते हैं….ये पंक्तियां हम कुछ दोस्त थे, जिन पर लिख डाली थीं। मुलाकात 2000 कुंभ में हुई थी। तब से शायद कोई एक दिन नहीं रहा, जब बात न होती हो। अभी कुछ दिन पहले वादा किया था कि मेरे चैंबर में आकर मुझे कुछ सुनाएगा। सब झूठ निकला।
इन बयानों की वजह से रहे चर्चा में
योगी दोबारा मुख्यमंत्री बने तो कर लूंगा पलायन : प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान-पलायन और जिन्ना को लेकर हो रही सियासत को बेमतलब करार देते हुए शायर मुनव्वर राना ने कहा, ‘वर्तमान सरकार पलायन-पलायन खेल रही है। उन्होंने योगी सरकार पर उन्हें और मुसलमानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार आ जाती है और योगी फिर से मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें यहां रहने की जरूरत नहीं है, मैं यहां से पलायन कर लूंगा।
जिन्ना और पाकिस्तानसे चुनाव का क्या लेना-देना : शायर मुनव्वर राना ने कहा कि जनता असल मुद्दों पर गौर करके वोट डालेगी। जिन्ना और पाकिस्तान से चुनाव का क्या लेना देना? उन्होंने कहा कि बार बार पाकिस्तान, तालिबान, अब्बाजान जैसी की बात करने का मतलब है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों पर आप शक करते हैं। उनके खिलाफ नफरत का माहौल बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एक शायर के दिल मे कौम का दर्द होता है। यही वजह है कि भाजपा सरकार ने हमें परेशान किया।
एक सरपरस्त…
जानी मानी शायरा सबीना अदीब औरंगबाद एक मुशायरे में थीं। लगातार मोबाइल घनघनाए तो फोन उठाया और निधन की सूचना पाते ही कह उठीं, सरपरस्त चला गया। अंतरराष्ट्रीय मुशायरों में जब हम जाते तो लगता की एक अभिभावक, एक सरपरस्त हमारे साथ हैं।
गमजदा हम सब
गज़ले उदास, शहर ए तमन्ना उदास है तुम क्या गए, सारा ज़माना उदास है, कुछ इन शब्दों में मंजर भोपाली ने अपना गम बयां किया। कहते हें कि मेरा उनसे 35 साल पुराना रिश्ता था। आज उनके न रहने पर बहुत मायूस हूं। उनका लहज़ा सारे जमाने के शायरों से जुदा था। जिसने उनको दुनिया का बेहतरीन शायर बना दिया।
उनकी भरपाई नहीं
सर्वेश अस्थाना कहते हैं कि दूसरा मुनव्वर राना कोई नहीं हो सकता। उन्होंने जो लिख दिया, वो बस वे ही लिख सकते थे। उनके जाने की भरपाई नहीं हो सकती।
कुछ शेर जो अब यादों में…
तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो
तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है
आप को चेहरे से भी बीमार होना चाहिए
इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए
अपनी फजा से अपने जमानों से कट गया
पत्थर खुदा हुआ तो चट्टानों से कट गया
बदन चुरा के न चल ऐ कयामते गुजरां
किसी-किसी को तो हम आंख उठा के देखते हैं
झुक के मिलते हैं बुजुर्गों से हमारे बच्चे
फूल पर बाग की मिट्टी का असर होता है
कोई दुख हो, कभी कहना नहीं पड़ता उससे
वो जरूरत हो तलबगार से पहचानता है
एक क़िस्से की तरह वो तो मुझे भूल गया
इक कहानी की तरह वो है मगर याद मुझे
भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है
मोहब्बत करने वाला इस लिए बरबाद रहता है
हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं
अँधेरे और उजाले की कहानी सिर्फ़ इतनी है
जहाँ महबूब रहता है वहीं महताब रहता है
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई
मिट्टी में मिला दे कि जुदा हो नहीं सकता
अब इस से ज़यादा मैं तेरा हो नहीं सकता
वो बिछड़ कर भी कहाँ मुझ से जुदा होता है
रेत पर ओस से इक नाम लिखा होता है
देश में खेती की वजह से बढ़ रहा ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन, सरकार ने यूएनएफसीसीसी को रिपोर्ट सौंपी
देश में जितना भी ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन होता है, उसकी दूसरी सबसे बड़ी वजह कृषि है। हालांकि, 2016 से 2019 तक कुल उत्सर्जन में कृषि की हिस्सेदारी 14.4 से घटकर 13.4 फीसदी हो गई है फिर भी इस क्षेत्र से होने वाला उत्सर्जन 3.2 फीसदी बढ़ गया है। यह 421 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के समकक्ष तक पहुंच गया है।रिपोर्ट के अनुसार, खेतों में कृषि अवशेष जलाने को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में उत्सर्जन में वृद्धि देखी गई। पशुधन से मीथेन उत्सर्जन में 0.2 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई है। यह भी पशु आबादी में वृद्धि के कारण है, जिसमें क्रॉस ब्रीड मवेशियों की संख्या में 10 फीसदी की वृद्धि भी शामिल है।
कृषि के कारण कुल उत्सर्जन 4.5 फीसदी बढ़कर 2019 में 2,647 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड हो गया, जबकि 2016 में यह 2,531 मीट्रिक टन था। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) को सौंपे गए तीसरे नेशनल काम्युनिकेशन एंड इनिशियल एडप्टेशन कॉम्युनिकेशन में इसकी सूचना दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कृषि क्षेत्र से ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन का स्रोत पशुधन की वजह से होने वाले मीथेन से उत्पन्न होता है जो मवेशी, भेड़, बकरी और भैंस जैसे जानवरों में पाचन प्रक्रिया का एक प्राकृतिक हिस्सा है। इस क्षेत्र में अन्य प्रमुख ग्रीन हाउस गैस के स्रोत चावल की खेती और कृषि मिट्टी से उत्सर्जित नाइट्रस ऑक्साइड हैं। सामूहिक रूप से ये स्रोत कुल कृषि उत्सर्जन में 90% से अधिक का योगदान करते हैं। कृषि अवशेषों को जलाने से भी उत्सर्जन होता है।
कृषि अवशेष जलाने में कमी
रिपोर्ट के अनुसार, खेतों में कृषि अवशेष जलाने को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में उत्सर्जन में वृद्धि देखी गई। पशुधन से मीथेन उत्सर्जन में 0.2 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई है। यह भी पशु आबादी में वृद्धि के कारण है, जिसमें क्रॉस ब्रीड मवेशियों की संख्या में 10 फीसदी की वृद्धि भी शामिल है।
चावल से मीथेन उत्सर्जन में तीन फीसदी की वृद्धि
खेती का क्षेत्रफल बढ़ने से चावल से मीथेन उत्सर्जन 3 फीसदी बढ़ गया। 2016 में चावल का क्षेत्रफल 43.1 मिलियन हेक्टेयर था जो 2019 में 43.6 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया।
कोरोना की तरह ही टीबी-विन पर होगा पंजीयन, फिर ले सकेंगे टीका
टीबी मुक्त भारत के लिए देश में पहला वयस्क बीसीजी टीकाकरण शुरू हुआ। पहली खुराक गोवा के एक स्वास्थ्य केंद्र पर दी गई है। देश के सभी जिलों में वयस्क आबादी को टीबी संक्रमण से बचाने के लिए यह टीका दिया जाएगा और साथ में प्रतिकूल प्रभावों को लेकर अध्ययन भी किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय टीकाकरण में बीसीजी को शामिल किया जा सकता है।बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन टीका) टीकाकरण के लिए सरकार ने कोरोना टीकाकरण की तरह ही डिजिटल स्वरूप दिया है। टीबी-विन नामक वेबसाइट शुरू की है जहां मोबाइल नंबर के जरिये पंजीयन करने के बाद वयस्क आबादी टीकाकरण में हिस्सा ले सकती है।
बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन टीका) टीकाकरण के लिए सरकार ने कोरोना टीकाकरण की तरह ही डिजिटल स्वरूप दिया है। टीबी-विन नामक वेबसाइट शुरू की है जहां मोबाइल नंबर के जरिये पंजीयन करने के बाद वयस्क आबादी टीकाकरण में हिस्सा ले सकती है। टीकाकरण के लिए सबसे पहले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को प्राथमिकता दी गई है। इनके अलावा दूसरी बीमारियों से ग्रस्त मरीज और जो लोग टीबी संक्रमण से ठीक हुए हैं उन्हें भी खुराक सबसे पहले दी जाएगी।
18 वर्ष से अधिक उम्र वालों पर जांच
दक्षिण गोवा के जिला अस्पताल में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बताया कि अध्ययन 18 वर्ष से अधिक उम्र के कमजोर व्यक्तियों में बीसीजी टीका की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करेगा और परिणाम को अधिसूचित टीबी मामलों में बदलाव से मापा जाएगा। टीबी को लेकर अभी तक बच्चों में बीसीजी का टीका असरदार साबित हुआ है। वयस्क आबादी को लेकर परिणाम एक जैसे नहीं है। वयस्कों को टीबी से बचाने के लिए इसका इस्तेमाल करने से पहले एक अध्ययन किया जा रहा है, जिसके जरिये अलग-अलग जिलों में लोगों को खुराक देने के बाद कुछ समय तक उनकी निगरानी की जाएगी। साथ ही देखा जाएगा कि लोगों में टीबी के खिलाफ एंटीबॉडी यानी प्रतिरक्षा कितने समय तक मजबूत रहता है।
यूपी, हरियाणा सहित 23 राज्यों में परीक्षण
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित 23 राज्यों में बीसीजी का टीबी संक्रमण को लेकर परीक्षण होगा। यहां के जिलों को दो भागों में बांटा है। 50 फीसदी जिलों में लोगों को स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीका देंगे जबकि अन्य जिलों में प्लेसबो यानी टीका जैसा ही दिखने वाला तरल पदार्थ दिया जाएगा। अभी तक यह टीका छोटे बच्चों को टीबी संक्रमण से बचाने में दिया जाता है। ऐसे में वयस्क आबादी को फिर से टीका की खुराक देने के चलते इसे बीसीजी पुन: टीकाकरण परीक्षण नाम दिया है।
एक अध्ययन बूस्टर खुराक का भी होगा
चेन्नई स्थित आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरक्लोसिस की निदेशक सी पद्मप्रिया ने बताया कि जल्द ही बीसीजी टीका और टीबी संक्रमण को लेकर एक नया अध्ययन शुरू किया जाएगा, जिसमें छह से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चे और किशोरों को बीसीजी टीका की बूस्टर खुराक दी जाएग। इसमें यह देखा जाएगा कि यह खुराक टीबी संक्रमण को रोकने में कितनी सक्षम हो सकती है?
AB PM-JAY: केंद्र सरकार की इस योजना ने बनाया रिकॉर्ड, आयुष्मान कार्ड का आंकड़ा 30 करोड़ पार
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) ने 30 करोड़ आयुष्मान कार्ड का आंकड़ा पार कर लिया है। रविवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा कार्यान्वित की जा रही प्रमुख योजना का लक्ष्य 12 करोड़ लाभार्थी परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये प्रति परिवार का स्वास्थ्य कवर प्रदान करना है।
एबी पीएम-जेएवाई के तहत आयुष्मान कार्ड निर्माण सबसे बुनियादी गतिविधि है। यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं कि योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड हो। लगातार प्रयासों के फलस्वरूप यह योजना 30 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाने की उपलब्धि तक पहुंच गयी है।
भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के इरादे से 15 नवंबर, 2023 को शुरू की गई विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान दी जाने वाली ऑन-स्पॉट सेवाओं में आयुष्मान कार्ड निर्माण शामिल है। इस अभियान से जमीनी स्तर पर कार्ड निर्माण में तेजी लाने में काफी मदद मिली है। यात्रा के दौरान 2.43 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।
आयुष्मान एप ने बनाया काम आसान
हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए, एनएचए ने आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए ‘आयुष्मान एप’ लॉन्च किया है। एप में स्व-सत्यापन की एक अनूठी सुविधा है। चार सरल चरणों में यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को एंड्रॉइड मोबाइल फोन का उपयोग करके आयुष्मान कार्ड बनाने में सक्षम बनाती है। इसके अलावा, कोई भी व्यक्ति लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनाने में मदद कर सकता है। इस प्रकार, आयुष्मान एप जनभागीदारी को सक्षम बनाता है।
आज आयुष्मान कार्ड समता, अधिकार और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है। यह गरीब और वंचित परिवार को आश्वासन देता है कि उन्हें बीमारी के दोहरे बोझ और इलाज के दौरान होने वाले विनाशकारी व्यय के दुर्बल प्रभाव से बचाया जाएगा। इसके अलावा, आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई ने 79,157 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 6.2 करोड़ अस्पताल प्रवेशों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
गांधी परिवार को साधे रखना चाहते हैं नीतीश
बीते शनिवार को हुई विपक्षी गठबंधन इंडिया की वर्चुअल बैठक में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने प्रस्ताव से सभी को चौंका दिया। इस बैठक में उन्होंने खुद संयोजक बनने के बदले इसके लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का नाम सुझाया। इससे पहले उन्होंने गठबंधन के अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव रखा। वह भी तब जब गठबंधन के दूसरे दलों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस पद पर बैठाने के मामले में पहले सहमति बन चुकी है।
जदयू सूत्रों के मुताबिक नीतीश ने पहले ही खुद संयोजक नहीं बनने के फैसले से कांग्रेस समेत कुछ दूसरे दलों के नेताओं को अवगत करा दिया था। चूंकि गठबंधन का एक अध्यक्ष भी होगा, ऐसे में नीतीश गठबंधन में नंबर दो की भूमिका नहीं चाहते थे। इसके अलावा नीतीश का मानना है कि गठबंधन में शामिल दलों और नेताओं में राहुल गांधी की ही राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक पहचान है, इसलिए उन्होंने खरगे की जगह अध्यक्ष पद के लिए राहुल का नाम प्रस्तावित किया था।
इसलिए सुझाया लालू का नाम
खुद संयोजक बनने से इंकार करने के बाद नीतीश ने इस पद के लिए लालू प्रसाद का नाम आगे बढ़ाया। दरअसल बिहार में राजद लंबे समय से नीतीश को राष्ट्रीय भूमिका में लाना चाहता है, जिससे वर्तमान डिप्टी सीएम तेजस्वी को सरकार के नेतृत्व का अवसर मिले। इसके उलट नीतीश अपनी कुर्सी की कीमत पर कोई पद स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं। यही कारण है कि उन्होंने इस पद के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का नाम आगे कर दिया।
लोकसभा चुनाव के बाद की संभावनाओं पर निगाहें
दरअसल नीतीश की निगाहें लोकसभा चुनाव के बाद की संभावनाओं पर है। उन्हें पता है कि इस बार कांग्रेस बमुश्किल 250-275 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जाहिर तौर पर इस स्थिति में अगर विपक्ष की सरकार बनने की स्थिति पैदा हुई तो कांग्रेस के लिए अपनी पार्टी का पीएम बनाना संभव नहीं होगा। ऐसे में कांग्रेस सहयोगी दलों को अपनी पसंद के नेता का नाम सुझाएगी। इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर नीतीश कांग्रेस और खासतौर पर गांधी परिवार को साधे रखना चाहते हैं। इसी रणनीति के तहत उन्होंने खरगे का नाम तय होने के बावजूद अध्यक्ष पद के लिए राहुल का नाम आगे बढ़ाया।
राहुल ने अध्यक्ष पद लेने से इन्कार कर खरगे का नाम आगे बढ़ाया
बैठक में जिस तरह नीतीश ने संयोजक बनने से इन्कार किया, उसी तरह राहुल गांधी ने भी अध्यक्ष बनने से इन्कार करते हुए एक बार फिर से इस पद के लिए खरगे का नाम आगे किया। राहुल ने इसके लिए अपनी भारत जोड़ो यात्रा और जमीनी स्तर पर काम करने का हवाला दिया। एनसीपी सूत्रों का कहना है कि इस महीने के अंत में गठबंधन के नेताओं की आमने सामने की बैठक से पहले संयोजक पद के लिए आम सहमति बनाई जाएगी और इसी बैठक में दोनों पदों की जिम्मेदारी तय करने की घोषणा की जाएगी।
सीट बंटवारा अब भी पहेली.
हालांकि गठबंधन की लगातार बैठकें हो रही हैं, मगर सीट बंटवारा अभी भी पहेली बना हुआ है। सीट बंटवारे पर असमंजस और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के कारण ही शनिवार की बैठक से ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे दूर रहे। ममता चाहती हैं कि कांग्रेस उसे असम और त्रिपुरा में हिस्सेदारी दे। सपा का मानना है कि यूपी में कांग्रेस अंदरखाने बसपा के संपर्क में है।
अल्पेश से शुरू हुआ सिलसिला देवड़ा तक पहुंचा, युवा चेहरों में सचिन पायलट ही कांग्रेस के पास
टीम राहुल के लिए साल 2022 सबसे अशुभ साबित हुआ। इस साल पंजाब में सुनील जाखड़, गुजरात में हार्दिक पटेल और उत्तर प्रदेश में आरपीएन सिंह ने कांग्रेस से किनारा किया। इसी साल पार्टी के तीन वरिष्ठ दिग्गजों कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद और अश्विनी कुमार ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई सियासी पारी शुरू की।
महाराष्ट्र कांग्रेस के युवा और दिग्गज नेता मिलिंद देवड़ा ने रविवार को कांग्रेस से किनारा कर लिया। टीम राहुल के सदस्य देवड़ा ने ठीक उसी दिन पार्टी को अलविदा कहा, जब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत कर रहे थे। दरअसल, बीते लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस में टीम राहुल धीरे-धीरे बिखरती जा रही है।
बीते चार साल में इस टीम के आठ युवा चेहरों ने कांग्रेस की जगह नया सियासी ठिकाना तलाशा है। देवड़ा ने ऐसे समय में पार्टी छोड़ी है जब चंद महीने बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। टीम राहुल में बिखराव का यह सिलसिला बीते लोकसभा चुनाव के तत्काल बाद तब शुरू हुआ जब गुजरात में अल्पेश ठाकोर ने भाजपा को अपना नया ठिकाना बनाया। ठाकोर टीम राहुल के अहम सदस्य थे। इसके अगले साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने न सिर्फ कांग्रेस से किनारा किया, बल्कि उनकी बगावत ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की बलि ले ली। सिंधिया टीम राहुल के सबसे अहम सदस्यों में से एक थे।
साल 2022 में लगे सबसे अधिक झटके
टीम राहुल के लिए साल 2022 सबसे अशुभ साबित हुआ। इस साल पंजाब में सुनील जाखड़, गुजरात में हार्दिक पटेल और उत्तर प्रदेश में आरपीएन सिंह ने कांग्रेस से किनारा किया। इसी साल पार्टी के तीन वरिष्ठ दिग्गजों कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद और अश्विनी कुमार ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई सियासी पारी शुरू की। इसी चार साल के दौरान टीम राहुल के अहम सदस्य जितिन प्रसाद और अनिल एंटनी ने भी पार्टी से दूरी बनाई।
भाजपा बनी टीम राहुल की पसंदीदा जगह
बीते चार साल में टीम राहुल के जिन आठ सदस्यों ने कांग्रेस से किनारा किया, उनमें से सात ने भाजपा में तो एक ने शिवसेना शिंदे गुट के साथ नई सियासी पारी का आगाज किया। टीम राहुल के सदस्य रहे हार्दिक, जाखड़, आरपीएन सिंह, ज्योतिरादित्य, जितिन प्रसाद, अल्पेश और अनिल एंटनी अब भाजपा में हैं। इसके अलावा देवड़ा के शिवसेना शिंदे गुट को चुना।
पाकिस्तान में कमर तोड़ महंगाई: लाहौर में 400 रुपये दर्जन मिल रहे अंडे, प्याज 250 पार, एक किग्रा चिकन 615 में
पाकिस्तान में रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। लाहौर में 400 पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) प्रति दर्जन अंडे मिल रहे, जबकि प्याज 250 रुपये किलो। एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रशासन सरकारी दर को लागू करने में विफल रहा है।रिपोर्ट में विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान का आर्थिक विकास अमीर वर्ग तक ही सीमित है। इसके चलते पाकिस्तान आर्थिक संकट के मद्देनजर अपने साथी देशों से बहुत पिछड़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार सरकार की ओर से निर्धारित दर 175 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले प्याज 230 से 250 पीकेआर प्रति किलो के बीच बेचा जा रहा है। चिकन भी 615 रुपये प्रति किलोे बिक रहा। वित्तीय वर्ष 2023-24 में पिछले साल नवंबर के अंत तक कुल कर्ज बढ़कर 63,399 लाख करोड़ पीकेआर हो गया है। इसमें घरेलू कर्ज में 40.956 लाख करोड़ और अंतरराष्ट्रीय कर्ज में 22.434 लाख करोड़ पीकेआर शामिल है। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट और कार्यवाहक सरकार के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान का कुल कर्ज 12.430 लाख करोड़ पीकेआर था।
पाकिस्तान का आर्थिक विकास अमीरों तक ही
रिपोर्ट में विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान का आर्थिक विकास अमीर वर्ग तक ही सीमित है। इसके चलते पाकिस्तान आर्थिक संकट के मद्देनजर अपने साथी देशों से बहुत पिछड़ गया है।
जमाखोरी और मुनाफाखोरी बढ़ रही
पिछले महीने वित्त, राजस्व और आर्थिक मामलों के कार्यवाहक संघीय मंत्री शमशाद अख्तर की अध्यक्षता में आर्थिक समन्वय समिति (ईसीसी) की बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय मूल्य निगरानी समिति (एनपीएमसी) को मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने के उपायों के लिए प्रांतीय सरकारों के साथ नियमित समन्वय जारी रखने का निर्देश दिया था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
पाक का आर्थिक मॉडल अप्रभावी
पाकिस्तान के लिए विश्व बैंक के कंट्री निदेशक नेजी बेन्हासिन ने कहा कि पाकिस्तान का आर्थिक मॉडल अप्रभावी हो गया है और गरीबी फिर से बढ़ने लगी है। बेन्हासिन ने कहा कि पाकिस्तान में आर्थिक विकास टिकाऊ नहीं है।
मध्यप्रदेश में 22 जनवरी को ड्राय डे रहेगा
मध्यप्रदेश में 22 जनवरी को ड्राय डे रहेगा। इसके आदेश सीएम मोहन यादव ने दिए हैं। इस दिन पूरे प्रदेश भर की वाइन शॉप बंद रहेंगी। साथ ही कई जिलों में कलश यात्रा, रामलीला, प्रभातफेरी निकाली जाएगी। 22 जनवरी को मंदिरों समेत घरों पर दीप जलाए जाएंगे।
अयोध्या में 22 जनवरी को श्री राम मंदिर में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। इसको लेकर देशभर में उत्सव की तैयारी की जा रही है। राजधानी भोपाल में अलग-अलग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में हिंदू उत्सव समिति धर्म ध्वजा यात्रा आयोजित कर रही है। यह यात्रा भवानी चौक सोमवारा से प्रारंभ होकर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से निकलेगी। यात्रा में बैंडबाजों के साथ आतिशबाजी भी होगी।
धर्मध्वजा यात्रा भवानी चौक सोमवार से दोपहर में प्रारंभ होगी। जो लखेरापुरा चौक, लोहा बाजार, छोटे भैया कॉर्नर, घोड़ा नक्कास, हमीदिया रोड से तलैया स्थित राम मंदिर पहुंचेगी। जहां भगवान श्री राम की पूजा कर धर्मध्वजा को समर्पित किया जाएगा। वहीं, गायत्री मंदिर भोपाल में 2400 दीप जलाकर आरती की जाएगी।
22 जनवरी को घोषित हो सकती है छुट्टी
प्रदेश सरकार अयोध्या में भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा के दिन अवकाश घोषित कर सकती है। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रदेश की पंचायतों में एक सप्ताह तक राम कथा सप्ताह मनाया जाएगा। प्रदेश में 21 फरवरी तक कई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मंदिरों में स्वच्छता अभियान संचालित किया जाएगा।
विजयवर्गीय जिस विभाग के मंत्री, उस विभाग से आईडीसीए ने मांगी मैदान के लिए जमीन
इंदौर संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष पद छोड़कर मंंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय को अध्यक्ष बनाया है। एसोसिएशन की बैठक में विजयवर्गीय ने पद छोड़ने की वजह भी बताई।
उन्होंने सदस्यों को कहा कि संभागीय एसोसिएशन का खुद का अपना एक भी मैदान नहीं है। एसोसिएशन ने इंदौर में नगर निगम से मैदान के लिए जमीन की मांग की है।
विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री है। इंदौर सहित प्रदेश के सारे नगर निगम उस विभाग के अधीन आते है। मैं ही मैदान के लिए जमीन मांगू और मैं ही जमीन आवंटित करूं। यह तकनीकी रुप से ठीक नहीं है।
मैदान के लिए जमीन मिलते ही मैं फिर आईडीसीए अध्यक्ष की जिम्मेदारी ले सकता हुं, हालांकि बाद में सदस्यों ने विजयवर्गीय को एसोसिएशन का संरक्षक बनाया। आपको बता दे कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद विजयवर्गीय ने दिल्ली जाकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया और अब आईडीसीए अध्यक्ष पद भी छोड़ दिया है।
टिकट कटने से दुखी थे विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय को संगठन ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के पद के बावजूद इंदौर की एक नंबर सीट से टिकट दे दिया था,जबकि उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय भी विधायक होने के नाते तीन नंबर विधानसभा सीट से फिर दावेदार थे, लेकिन परिवारवाद के मापदंड के आधार पर आकाश को टिकट नहीं दिया।
बेटे का टिकट कटने से विजयवर्गीय दुखी थे और वे एक दो बार मंचों से खुद चुनाव नहीं लड़ने की बात भी कर चुके है। अब उन्होंने आकाश को आईडीसीए का अध्यक्ष बनवाकर उनके लिए क्रिकेट की राजनीति की राह आसान की है। आकाश फिलहाल विजयवर्गीय का विधानसभा क्षेत्र भी देख रहे है।
निजी कंपनी में जॉब करने वाली NRI महिला से दुष्कर्म, सीईओ के खिलाफ मामला दर्ज
दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत एनआरआई महिला से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के लिए कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।पुलिस के मुताबिक, घटना नई दिल्ली जिले के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित पांच सितारा एक होटल में 14 सितंबर 2023 को हुई। पुलिस ने बताया कि भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक ने शनिवार रात को शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ चाणक्यपुरी थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वह कंपनी में सहायक महाप्रबंधक के रूप में काम करती थी, जिसमें आरोपी सीईओ के पद पर था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी उसके एक रिश्तेदार का परिचित था और उसने ही पीड़िता को नौकरी दिलाने में मदद की थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे के तहत 16 जनवरी को केरल पहुंचेंगे
केरल और लक्षद्वीप में अपने दौरे के दो हफ्ते बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर दो दिवसीय दौरे के तहत 16 जनवरी को केरल आयेंगे । भाजपा की प्रदेश इकाई ने इसकी जानकारी दी। भाजपा की केरल इकाई के अनुसार, मोदी 16 जनवरी को कोच्चि पहुंचने वाले हैं और उस दिन वह शहर में एक रोड शो करेंगे। प्रदेश भाजपा के मुताबिक, अगले दिन 17 जनवरी को वह अभिनेता-सह-राजनेता सुरेश गोपी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए त्रिशूर जिले के गुरुवयूर जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री कोच्चि लौटेंगे जहां वह ‘शक्ति केंद्रों’ के लगभग 6,000 प्रभारियों की एक पार्टी बैठक में भाग लेंगे। शक्ति केंद्र के तहत दो-तीन बूथ स्तरीय क्षेत्र शामिल हैं। राज्य भाजपा इकाई ने कहा कि मोदी केंद्र सरकार की परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे और फिर शाम तक दिल्ली लौट जाएंगे।
10 जनवरी 2024 को काजीरंगा टाइगर रिजर्व के 3 प्रभागों में फैले 115 जल निकायों में एक साथ पक्षी गणना आयोजित की गई थी। जनगणना में 84,839 पक्षियों की उपस्थिति का पता चला जो पिछली गिनती से 27% अधिक है (66,776 in 2021-22)। यह काजीरंगा को निवासी और शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति के मामले में देश के शीर्ष 5 में रखता हैः पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
एमपी में पतंग से कटी सांसों की ‘डोर’, धार में मासूम की दर्दनाक मौत;
धार/छिंदवाड़ा : मध्य प्रदेश के धार में प्रतिबंधित चायना डोर से गला कटने से एक सात साल के मासूम की मौत हो गई। घटना रविवार शाम की है। बच्चा अपने पिता के साथ बाइक से बाजार जा रहा था। वहीं, छिंदवाड़ा जिले में चाइनीज मांझे से तीन लोगों के गले कट गए। तीनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
दरअसल, धार के हटवाड़ा चौक में अपने पिता के साथ बाइक से जा रहे 7 साल के मासूम कनिष्क चौहान की चायना डोर से गला कटने से मौत हो गई। घटना के वक्त मासूम अपने पिता के साथ बाइक पर बैठकर बाजार जा रहा था तभी उसके गले का हिस्सा मांझे की चपेट में आ गया। उसके गले से खून निकलने लगा और वह जमीन पर गिर गया। गंभीर अवस्था में परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चाइनीज मांझे से तीन लोगों के गले कटे
छिंदवाड़ा शहर में खुलेआम मौत का चाइनीज मांजा बेचा जा रहा है जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। रविवार को अलग-अलग हादसे में तीन लोगों के गले में चीनी मांजा फंस गया, जिसके कारण वे लहूलुहान हो गए।
पहला हादसा: पहला हादसा पटपडा मार्ग पर हुआ जहां एक बाइक में सवार मोंटू सूर्यवंशी, सौरभ तिरगाम बाइक से मानकादेही की तरफ जा रहे थे, तभी अचानक चाइनीज मांझा मोंटू सूर्यवंशी के गले में फंस गया, जैसे-तैसे उन्होंने इसे हटाने की कोशिश की तो उनके पीछे बैठा सौरभ तिरगाम भी इस मांझे की जद में आ गया और जख्मी हो गया। तत्काल स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है मोंटू सूर्यवंशी को गहरी चोट आई है।
दूसरा हादसा: सोनाखार निवासी हरिप्रसाद धुर्वे शाम के वक्त छिंदवाड़ा से अपने घर सोना खार की तरफ लौट रहे थे, तभी सिवनी रोड के पास अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया, वह कुछ समझ पाते इससे पहले ही बाइक समेत है नीचे गिर गए। उनका गला बुरी तरह से जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

