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ताजा समाचार -2030 में चरम पर होगी तेल, गैस और कोयले की मांग,रूस और अमेरिका के बीच फिर से तनाव 

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गंभीर चक्रवात में बदला हामून, आज दोपहर तक बांग्लादेशी तट से टकराने की आशंका, मछुआरों को चेतावनी

ओडिशा में मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में जानने से रोक दिया गया है। वहीं, तमिलनाडु के रामेश्वरम के पंबन बंदरगाह पर ‘हमून’ के बारे में मछुआरों को चेतावनी देने के लिए ‘तूफान चेतावनी पिंजरा संख्या 2’ लगाया गया। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात हामून अब गंभीर चक्रवात में बदल गया है। यह धीरे-धीरे उत्तर-उत्तरपूर्व की तरफ बढ़ रहा है और बुधवार दोपहर तक इसके बांग्लादेश में खेपुपाड़ा और चटगांव के बीच तट से टकराने की आशंका है। ओडिशा और तमिलनाडु में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।  भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि भारत में इसका कोई बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आईएमडी ने कहा कि हामून उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था।

इससे पहले, यह पिछले छह घंटे तक 18 किमी की गति से उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा था। इसके बाद ही यह गंभीर चक्रवात में बदला। अभी यह और गंभीर रूप लेगा, उसके बाद इसकी गति कम होनी शुरू हो जाएगी और बुधवार को जब यह तट से टकराएगा तो उस समय इसकी स्थिति गंभीर दबाव के क्षेत्र जैसी होगी, जिसमें तेज हवाएं तो चलती हैं, लेकिन कोई बहुत ज्यादा नुकसान का खतरा नहीं रहता। अभी चक्रवात में 65-70 से लेकर 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।

ओडिशा में मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में जानने से रोक दिया गया है। वहीं, तमिलनाडु के रामेश्वरम के पंबन बंदरगाह पर ‘हमून’ के बारे में मछुआरों को चेतावनी देने के लिए ‘तूफान चेतावनी पिंजरा संख्या 2’ लगाया गया। आमतौर पर, चक्रवात के समय, चक्रवात चेतावनी ‘तूफान चेतावनी पिंजरे’ की संख्या 1 से 11 तक स्थापित की जाती है। पिंजरा संख्या 2 चक्रवात आने की चेतावनी देता है। इसमें मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह के साथ ही बंदरगाहों में मौजूद जहाजों को बाहर ले जाने के लिए भी कहा जाता है।

पारादीप से 230 किमी पूरब-दक्षिण
आईएमडी के मुताबिक, हमून शाम 5.30 बजे ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से 230 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, पश्चिम बंगाल के दीघा से 240 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और बांग्लादेश के खेपुपाड़ा से 280 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और चटगांव से 410 किमी दक्षिणपश्चिम में स्थित था। मौसम विभाग ने कहा कि जह चक्रवात समुद्र में गुजरेगा तब ओडिशा के तट से करीब 200 किलोमीटर दूर रहेगा, इससे राज्य में इसका कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भारी बारिश से पुथनार नहर टूटी
तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में भारी बारिश से पुथनार नहर में अचानक ज्यादा पानी आ गया। इसके चलते थकले के पास नहर टूट गई है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। जिला प्रशासन ने बाढ़ के पानी में 300 घरों के डूबने की खबरों का खंडन किया है। अधिकारियों ने कहा कि जानमाल के नुकसान को कोई खबर नहीं है।

कनाडा के ओंटारियो शहर में गोलीबारी, तीन बच्चों समेत पांच की मौत

पुलिस ने कहा कि ये लोग दो घरों में मृत पाए गए हैं। हम अपराध स्थल की आगे की जांच कर रहे हैं। दोनों घटनाओं का आपस में संबंध दिख रहा है। एक साथी की हिंसा में सभी की मौत हुई हो सकती है।

2028 तक दो अरब डॉलर का होगा डाटा साइंस शिक्षण बाजार, पांच साल में 57% बढ़ेंगी नौकरियां

डाटा साइंस के शिक्षण का कारोबार इस समय 20.42 करोड़ डॉलर है। अगले पांच साल तक इसमें 57.5 फीसदी की वार्षिक वृद्धि होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, डाटा साइंस की परिसर में पढ़ाई का बाजार 56.73 फीसदी की वार्षिक वृद्धि के साथ 2027 में 85.75 करोड़ डॉलर हो जाएगा। 

भारत में डाटा साइंस की पढ़ाई का बाजार 2028 तक सालाना 57.5 फीसदी बढ़कर 1.39 अरब डॉलर (11,569 करोड़ रुपये) का होने अनुमान है।  शिक्षा प्रौद्योगिकी मंच इमार्टिकस लर्निंग व हैदराबाद स्थित प्रौद्योगिकी पोर्टल एनालिटिक्स इनसाइट के संयुक्त अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

ध्ययन के मुताबिक, डाटा साइंस के शिक्षण का कारोबार इस समय 20.42 करोड़ डॉलर है। अगले पांच साल तक इसमें 57.5 फीसदी की वार्षिक वृद्धि होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, डाटा साइंस की परिसर में पढ़ाई का बाजार 56.73 फीसदी की वार्षिक वृद्धि के साथ 2027 में 85.75 करोड़ डॉलर हो जाएगा। इस दौरान ऑनलाइन शिक्षण बाजार 58.82 फीसदी बढ़कर  53.36 करोड़ डॉलर हो जाएगा। डाटा कारोबार से जुड़ी नौकरियां अगले पांच वर्षों में 57 फीसदी बढ़कर 3.3 लाख हो जाएंगी।

बायजू के सीएफओ अजय गोयल ने ऑडिट पूरा करने के बाद छोड़ा पद
बायजू के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अजय गोयल ने 2022-23 के लिए ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस्तीफा दे दिया है। वह वेदांता में वापस लौट जाएंगे। बायजू वित्त वर्ष 2022 के वित्तीय नतीजे घोषित करने के लिए लंबे समय से कुछ मंजूरी का इंतजार कर रही है। बायजू ने शेयर बाजार को बताया, कंपनी के अध्यक्ष (वित्त) नितिन गोलानी को सीएफओ के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

दुनियाभर में 2030 में चरम पर होगी तेल, गैस और कोयले की मांग, इस अवधि के बाद घटेगी खपत

आईईए ने बताया कि एसी के इस्तेमाल से 2050 तक भारत में बिजली की मांग 9 गुना बढ़ जाएगी। यह अफ्रीका की मौजूदा कुल खपत से कहीं ज्यादा होगी। आईईए के मुताबिक, भारत में अगले तीन दशक में दुनिया के किसी भी देश या क्षेत्र की तुलना में ऊर्जा मांग में वृद्धि सबसे अधिक होगी।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने मंगलवार को जारी वार्षिक वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक में कहा कि 2030 में जीवाश्म ईंधन यानी तेल, गैस व कोयले की मांग चरम पर होगी। इसके बाद मांग घटने लगेगी। ऊर्जा एजेंसी ने मांग घटने के पीछे तर्क दिया कि तब तक बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक कारें सड़कों पर आ चुकी होंगी। चीनी अर्थव्यवस्था और ज्यादा धीमी गति से बढ़ रही होगी एवं दुनियाभर में स्वच्छ ऊर्जा को अपनाया जाना बढ़ेगा। 

औद्योगिक देशों को परामर्श देने वाली अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की यह रिपोर्ट तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक के इस नजरिये के उलट है कि तेल क्षेत्र में खरबों डॉलर का नया निवेश किया जाना चाहिए। ओपेक ने इसी माह अपनी रिपोर्ट में 2030 से आगे जाकर मांग में और ज्यादा वृद्धि का अनुमान लगाया था। साथ ही कहा था कि तेल क्षेत्र की परियोजनाओं में नए निवेश रोकने का आह्वान गुमराह करने वाला है। इससे ऊर्जा अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

आईईए की राय है कि तमाम देशों की मौजूदा सरकारी नीतियों को देखते हुए इस दशक में जीवाश्म ईंधन की खपत चरम पर पहुंचने के आसार दिख रहे हैं। आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, दुनियाभर में स्वच्छ ऊर्जा को अपनाया जा रहा है। अब यह सवाल ही नहीं रहा कि ऐसा होगा या नहीं, बल्कि बात सिर्फ इतनी है कि यह कितनी जल्दी होगा।

भारत में एसी के लिए बिजली की मांग अफ्रीका की कुल खपत से होगी अधिक
आईईए ने बताया कि एसी के इस्तेमाल से 2050 तक भारत में बिजली की मांग 9 गुना बढ़ जाएगी। यह अफ्रीका की मौजूदा कुल खपत से कहीं ज्यादा होगी। आईईए के मुताबिक, भारत में अगले तीन दशक में दुनिया के किसी भी देश या क्षेत्र की तुलना में ऊर्जा मांग में वृद्धि सबसे अधिक होगी। मौजूदा नीतिगत परिदृश्यों को आधार मानें तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति 2022 में 42 एक्साजूल (ईजे) से बढ़कर 2030 में 53.7 ईजे और 2050 में 73 ईजे हो जाने का अनुमान है। इसी तरह, तेल की मांग 2022 में 52 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) से बढ़कर 2030 में 68 लाख बीपीडी और 2050 में 78 लाख बीपीडी होने का अनुमान है।

स्पेस कूलिंग की जरूरत बढ़ी
भारत में बिजली की मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि कई बार तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के भी पार चला जाता है। आज लगभग 10 प्रतिशत बिजली की मांग स्पेस कूलिंग जरूरतों की वजह से आती है।

तीन वर्षों में लोगों ने ब्याज के रूप में बचाए दो लाख करोड़, पढ़ें बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज लागत 2021-22 के 9.02 लाख करोड़ के मुकाबले 2022-23 में 9.35 लाख करोड़ पहुंच गई। यह 2020 में रेपो दर कम होने से पहले के 10.16 लाख करोड़ से कम है। 2023-24 में अब तक ब्याज लागत 9.91 लाख करोड़ रुपये है। 

कोरोना की वजह से भले ही अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा, लेकिन 2020 से 2022 तक यानी तीन साल में लोगों ने कर्ज पर ब्याज के रूप में 1.75 लाख करोड़ रुपये बचाए। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना के कारण आरबीआई ने रेपो दर में 2.5 फीसदी की कटौती की थी। इससे ब्याज दरें कई दशकों के निचले स्तर पर आ गईं थीं। हालांकि, ब्याज दरें बढ़ने से इस साल कर्ज पर 33,000 करोड़ ज्यादा ब्याज चुकाए हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज लागत 2021-22 के 9.02 लाख करोड़ के मुकाबले 2022-23 में 9.35 लाख करोड़ पहुंच गई। यह 2020 में रेपो दर कम होने से पहले के 10.16 लाख करोड़ से कम है। 2023-24 में अब तक ब्याज लागत 9.91 लाख करोड़ रुपये है।

अब भी होगा 25,000 करोड़ रुपये का फायदा
वित्त वर्ष 2024 में अपरिवर्तित वेटेज एवरेज लेंडिंग रेट की धारणा के आधार पर ब्याज लागत 9.91 लाख करोड़ तक बढ़ जाएगी। यह वित्त वर्ष 2020 से 25,000 करोड़ कम है। इससे पता चलता है कि रेपो दर बढ़ने के बाद भी ब्याज लागत कोरोना पूर्व स्तर पर नहीं पहुंची है।

61,000 करोड़ का लाभ
मार्च, 2020 से अप्रैल, 2022 में बकाया कर्जों पर ब्याज दर में 1.33 फीसदी गिरावट आई। फरवरी, 2020 तक बकाया क्रेडिट को आधार माना जाए तो यह 101.05 लाख करोड़ रुपये है। इस दौरान कुछ लोन चुकाए जा चुके होंगे और नए लोन का मूल्य संबंधित नए वेटेज एवरेज लेंडिंग रेट के बराबर किया जा सकता है। नीतिगत दर में ढील दिए जाने के साथ वित्त वर्ष 2021 में ब्याज लागत घटकर 9.55 लाख करोड़ रह गई। इस प्रकार वित्त वर्ष 2021 में ब्याज के बोझ में कमी से 61,000 करोड़ का लाभ हुआ।

2025 तक एक करोड़ छात्रों को इंटर्नशिप, इंजीनियरिंग-आर्किटेक्चर सहित अन्य कोर्सेज के छात्रों को लाभ

प्रधानमंत्री का मानना है कि किताबी पढ़ाई के साथ कौशल विकास और फिर कैंपस से डिग्री लेकर निकलने से पहले इंटर्नशिप के माध्यम से ट्रेनिंग होनी चाहिए। इंटर्नशिप योजना के माध्यम से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास में दक्ष करना है।

देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें डिग्री लेने से पहले प्रोफेशनल और काम की ट्रेनिंग भी मिलेगी। स्नातक डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई के साथ ही घर बैठे उनकी पसंद के क्षेत्रों में इंटर्नशिप का मौका भी मिल रहा है।

नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2025 तक एक करोड़ छात्राें को इंटर्नशिप करवाई जाएगी। इसमें इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, मैनेजमेंट, नर्सिंग, फार्मेसी, आर्ट्स से लेकर अन्य पाठ्यक्रमों के छात्रों को लाभ मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर एआईसीटीई इंटर्नशिप पोर्टल को नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल में तब्दील कर दिया है।

प्रधानमंत्री का मानना है कि किताबी पढ़ाई के साथ कौशल विकास और फिर कैंपस से डिग्री लेकर निकलने से पहले इंटर्नशिप के माध्यम से ट्रेनिंग होनी चाहिए। इंटर्नशिप योजना के माध्यम से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास में दक्ष करना है। इंटर्नशिप योजना का मकसद उच्च शिक्षा के छात्रों को डिग्री लेने के साथ भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार करना है। किताबी ज्ञान से वह विषयों को तो समझ लेते हैं पर इंटर्नशिप में प्रैक्टिकल नॉलेज मिलेगी। इससे छात्रों और कंपनी दोनों को लाभ होगा।  इसमें छात्रों को सरकारी विभागों, 40 लाख छात्रों को एमएसएमई, 10 लाख छात्रों को स्टार्टअप, 15 लाख छात्रों को मल्टीनेशनल, रिसर्च व एनजीओ में इंटर्नशिप करवाई जाएगी। इससे पहले एआईसीटीई इंटर्नशिप पोर्टल पर पिछले दो साल में 29 लाख छात्रों को इंटर्नशिप करवाई जा चुकी है, जबकि इस पोर्टल पर अभी तक दो करोड़ से अधिक छात्र, करीब 10721 विश्वविद्यालय व कॉलेज और 72000 से अधिक कंपनियां पंजीकृत हो चुकी हैं।

पंजीकरण संग पूरा प्रोफाइल करना होता है अपलोड
पोर्टल पर छात्र और कंपनी दोनों को पंजीकरण के साथ अपना पूरा प्रोफाइल अपलोड करना होता है। इसमें छात्र को अपने कोर्स, कौशल विकास के साथ भाषा और मनपसंद कोर्स की भी जानकारी देनी होती है। वहीं, कंपनियां अपने विज्ञापन अपलोड करती हैं। छात्र के पंजीकरण करने के बाद प्रोफाइल में दी गई सभी जानकारियों को उनका कॉलेज क्राॅस चेक करता है। इसके आधार पर कंपनियां छात्र का स्वयं चयन करती हुईं कॉल करती हैं।

सरकारी, निजी के साथ अब पीएसयू भी शामिल
पोर्टल के माध्यम से छात्रों को सरकारी, निजी के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) में भी इंटर्नशिप का मौका मिल रहा है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इंटर्नशिप और कैंपस प्लेसमेंट पॉलिसी में बदलाव करके पीएसयू को भी शामिल किया है। इंटर्नशिप पॉलिसी में भी बदलाव किया गया है। इससे पहले छात्रों के पास मल्टीनेशनल कंपनी में ही इंटर्नशिप का विकल्प होता था, लेकिन अब छात्रों को डिग्री से पहले, दूसरे से तीसरे वर्ष ही इन पीएसयू में स्टाइपेंड संग इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। छात्रों को घर बैठे देश के सभी राज्यों और शहरों में इंटर्नशिप और रोजगार की जानकारी मिल सकेगी। यहां पर खादी इंडिया, सिसको, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, सोशल जस्टिस इंपावरमेंट नशा मुक्त भारत अभियान, टयूलिप, एनसीडीसी, एयरोस्पेस,अर्बन वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई और कॉरपोरेट आदि भी शामिल हैं।

राज्य, शहर व वेतन छात्र खुद करेंगे पसंद
नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल पर इंटर्नशिप से लेकर प्लेसमेंट की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। यहां 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के नाम सहित सूची अपलोड की गई है। छात्रों को यूपी, उत्तराखंड, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गोवा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार, तमिलनाडूृ, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात ,राजस्थान आदि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में अपनी पसंद के आधार पर इंटर्नशिप का विकल्प मिलेगा। छात्र अपनी पसंद के आधार पर अब राज्य, शहर का विकल्प चुनेंगे तो उनके सामने क्षेत्र से लेकर वेतन और समय अवधि की भी जानकारी मिल जाएगी।

राजनाथ सिंह की चीन सीमा पर हुंकार, कहा- देश में ही बनेंगे सभी प्रमुख हथियार

रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों की वीरता और प्रतिबद्धता की वजह से भी भारत का कद अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ा है और वह सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है। रक्षा मंत्री ने तवांग युद्ध स्मारक का भी दौरा किया, जहां उन्होंने 1962 के युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

बच्चों को फेसबुक-इंस्टा पर लाइक्स की लत लगा रही मेटा, अमेरिका के 33 राज्यों ने कोर्ट में घसीटा

न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने कहा, मेटा ने बच्चों की पीड़ा से मुनाफा कमाया है। इस कोशिश में कंपनी ने खतरों के प्रति जनता को गुमराह किया। इस मामले में नौ और अटॉर्नी जनरल मुकदमा दाखिल करने वाले हैं, जिससे ऐसे राज्यों की कुल संख्या 42 हो जाएगी। 

भिवंडी के बॉयलर में विस्फोट होने से लगी आग, आग बुझाने में जुटे दमकल कर्मी

महाराष्ट्र के भिवंडी में बॉयलर में आग लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि बुधवार तड़के बॉयलर में विस्फोट हुआ, जिस वजह से आग लगी है। दमकल आग बुझाने की कोशिश कर रहा है। जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा।
 

नजफगढ़ में एम्स की सुविधाएं मिलने से मरीजों को होगा लाभ, स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन आज

अब तक यह केंद्र मातृ एवं शिशु केंद्र के तौर पर सेवाएं मिलने के साथ कुछ विभागों की ओपीडी चल रही हैं। एम्स के इस रेफरल अस्पताल का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया करेंगे। 

पुरुषों से कम वेतन और लैंगिक हिंसा के खिलाफ हड़ताल पर पीएम, स्कूल-परिवहन और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

पीएम कैटरीन ने उम्मीद जताई कि उनके मंत्रिमंडल की अन्य महिलाएं भी ऐसा ही करेंगी। हड़ताल का आह्वान करने वाली आइसलैंड की ट्रेड यूनियनों ने महिलाओं से कहा कि वे घरेलू कामों समेत भुगतान और अवैतनिक दोनों तरह के काम न करें। यहां के 90 फीसदी कर्मचारी इन यूनियनों का हिस्सा हैं। 

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम वेतन मिलने और लिंग आधारित हिंसा खत्म करने के लिए आइसलैंड की प्रधानमंत्री कैटरीन जैकब्सडॉटिर अन्य महिला कर्मियों के साथ खुद हड़ताल पर चली गईं। इस अनोखी हड़ताल से देशभर में स्कूल बंद हो गए, सार्वजनिक परिवहन में देरी हुई, अस्पतालों में कर्मियों की कमी हो गई। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए टीवी और रेडियो प्रसारणों में कमी की गई है।

पीएम कैटरीन ने उम्मीद जताई कि उनके मंत्रिमंडल की अन्य महिलाएं भी ऐसा ही करेंगी। हड़ताल का आह्वान करने वाली आइसलैंड की ट्रेड यूनियनों ने महिलाओं से कहा कि वे घरेलू कामों समेत भुगतान और अवैतनिक दोनों तरह के काम न करें। यहां के 90 फीसदी कर्मचारी इन यूनियनों का हिस्सा हैं। इससे पहले आइसलैंड में बड़ी हड़ताल 24 अक्तूबर, 1975 को हुई थी। उस समय भी 90 फीसदी महिला कर्मचारी कार्यस्थल पर भेदभाव के विरोध में सड़क पर उतरी थीं। 

लैंगिक समानता में 14 साल से शीर्ष पर है आइसलैंड
3.80 लाख की आबादी वाला आइसलैंड 14 वर्षों से लैंगिक समानता में शीर्ष पर है। विश्व आर्थिक मंच के अनुसार वेतन समेत अन्य कारकों में अन्य किसी देश ने पूर्ण समानता हासिल नहीं की है। बावजूद इसके वेतन में असमानता को लेकर नाराजगी है।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

नौलखा में दो कारों के टकराईं, आठ लोगों की आईं मामूली चोटें

किरतपुर-नागचला फोरलेन पर नौलखा में मंगलवार को दो कारों की आमने-सामने से टक्कर हो गई। हादसे में दोनों कारों में सवार आठ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। 

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड की भिड़ंत, कई मार्गों में बदलाव

लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए यातायात पुलिस ने स्टेडियम के पास के कुछ मार्गों को वाहन चालकों के लिए प्रतिबंधित किया है। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को मैच के दौरान वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। 

शिक्षा मंत्रालय का सभी राज्यों से आग्रह, कहा-पौष्टिक और बच्चों की पसंद के आधार को दें प्राथमिकता

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखा गया है। इसमें पीएम पोषण योजना में बच्चों की पसंद, स्थानीय, मौसमी हरी पत्तेदार, फलीदार, सहजन आदि सब्जियां शामिल करेंगे।  

Russia: सीमा पर दिखे दो अमेरिकी बमवर्षक, रूसी सेना ने किया लड़ाकू विमानों को तैनात

रूस और अमेरिका के बीच फिर से तनाव की स्थिती पैदा होती दिखाई दे रही है। यहां रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि रूस की उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं के पास पहुंचे दो अमेरिकी बमवर्षकों और एक ड्रोन को रोकने के लिए अपने लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया।

मंत्रालय के अनुसार, दो अमेरिकी बी-1बी रणनीतिक बमवर्षक बाल्टिक सागर की सीमा के पास पहुंचे और एक ग्लोबल हॉक ड्रोन काला सागर की सीमा के पास पहुंचा। 

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस ने अपने एक Su-37 विमानों को तैनात किया, जिसके चलते अमेरिकी बमवर्षक और ड्रोन रूसी सीमा से दूर चले गए। हाल के सप्ताहों में रूस द्वारा नियमित रूप से इसी तरह की मुठभेड़ों की सूचना दी गई है।

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