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ताजा समाचार -मानव तस्करी भारत में भी एक बड़ी समस्या,यूपी में 35 सीटें लेने के लिए अड़ी कांग्रेस,पारदर्शी हुई टीवी, चलते-फिरते हवा से पानी बनाएगा वाटर क्यूब,नदियों में बढ़ती गाद से गहराता संकट

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि दुनिया आज भारत को स्थिरता के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देख रही है और वह एक ऐसे मित्र के रूप में उभरा है, जिसपर भरोसा किया जा सकता है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भारत में आयातित प्लास्टिक की गुणवत्ता जांच में हस्तक्षेप के अनुरोध वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किये जाने का विरोध किया है। भारत ने कहा है कि वह इजराइल और फलस्तीन के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है और पश्चिम एशिया संघर्ष की शुरुआत के बाद से उसका स्पष्ट संदेश तनाव बढ़ाने से रोकना रहा है ताकि मानवीय सहायता की निरंतर आपूर्ति की जा सके। उद्योगपति गौतम अडाणी ने बुधवार को गुजरात में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की। इसमें मुख्य रूप से एक हरित ऊर्जा पार्क का निर्माण शामिल है जो अंतरिक्ष से भी दिखाई देगा।

पर्यावरण: नदियों में बढ़ती गाद से गहराता संकट, जरूरी है इसका प्रबंधन

नदियों में बढ़ती गाद से सतलुज, गंगा और हिंडन जैसी नदियां सूख रही हैं। गाद का भली-भांति प्रबंधन न होने से ही मुश्किलें बढ़ रही हैं। 

पिछले महीने संपन्न सतलुज-यमुना जोड़ की बैठक में पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया कि उनके राज्य में सतलुज नदी अभी से सूख रही है। दिल्ली में यमुना हो या फिर गाजियाबाद-शामली में हिंडन, ये भी सिकुड़ रही हैं। दो महीने पहले बरसात में तबाही मचाने वाली बिहार के गोपालगंज जिले से गुजरने वाली घोघारी, धमई व स्याही नदियों ने भी सूखने के लिए गर्मी का इंतजार नहीं किया। विगत जुलाई में सी-गंगा यानी सेंटर फॉर गंगा रिवर बेसिन मैनेजमेंट ऐंड स्टडीज द्वारा जल शक्ति मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और झारखंड की 65 नदियां बढ़ती गाद से हांफ रही हैं।

हालांकि गाद नदियों के प्रवाह का नैसर्गिक उत्पाद है और देश के कई बड़े तीर्थ व प्राचीन शहर इसी गाद पर विकसित हुए हैं। पर नदी के साथ बहकर आई गाद को जब किनारों पर माकूल जगह नहीं मिलती, तो वह जलधारा के मार्ग में व्यवधान बन जाती है। गाद नदी के प्रवाह मार्ग में जमती रहती है और इससे नदियां उथली होती हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में ऐसी 36 नदियां हैं, जिनकी कोख में इतनी गाद है कि न केवल उनकी गति मंथर हुई है, बल्कि कुछ ने अपना मार्ग बदला और उनका पाट संकरा हो गया। रही-सही कसर अंधाधुंध बालू उत्खनन ने पूरी कर दी। नतीजतन इनमें से कई नदियों का अस्तित्व खतरे में है। प्रयागराज के फाफामऊ, दारागंज, संगम, छतनाग और लीलापुर के पास टापू बनते हैं। संगम के आसपास गंगा नदी में चार मिलीमीटर की दर से हर साल गाद जमा हो रही है।

गंगा की गहराई कम होने से उसकी धारा में भी परिवर्तन हो रहा है। आने वाले दिनों में गंगा की धारा और तेजी से परिवर्तित होगी, क्योंकि जब नदी की गहराई कम हो जाएगी, तो नदी का स्वाभाविक बहाव रुक जाएगा। ऐसे में बाढ़ का खतरा स्वाभाविक है। यह बात सरकारी रिकॉर्ड में है कि आज जहां पर संगम है, वहां यमुना की गहराई करीब 80 फीट है, लेकिन गंगा की गहराई इतनी कम है कि संगम के किनारे नदी में खड़े होकर कोई भी स्नान कर सकता है। पर यमुना की अधिक गहराई के चलते असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। तभी संगम पूरब की तरफ बढ़ रहा है और उसका झुकाव अकबर के किले तक खिसक चुका है, जबकि संगम कभी सरस्वती घाट के पास हुआ करता था।

आजादी के बाद भी गढ़मुक्तेश्वर से कोलकाता तक जहाज चला करते थे। गाद के चलते बीते पांच दशक में वहां गंगा की धारा आठ किलोमीटर दूर खिसक गई है। बिजनौर के गंगा बैराज पर गाद की आठ मीटर मोटी परत है। आगरा व मथुरा में यमुना गाद से भर गई है। आजमगढ़ में घाघरा और तमसा के बीच गाद के कारण कई मीटर ऊंचे टापू बन गए हैं। घाघरा, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, चंद्रप्रभा, गरई, तमसा, वरुणा और असि नदियां गाद से बेहाल हैं।

बिहार में तो उथली हो रही नदियों में गंगा सहित 29 नदियों का दर्द है। जो नदियां तेज बहाव से आ रही हैं, उनके साथ आए मलबे से भूमि कटाव भी हो रहा है और कई जगह नदी के बीच टापू बन गए हैं। अकेले फरक्का से होकर गंगा नदी पर हर साल 73.6 करोड़ टन गाद आती है, जिसमें से 32.8 करोड़ टन गाद इस बैराज के प्रति प्रवाह में ठहर जाती है। झारखंड के साहिबगंज में गंगा अपने पारंपरिक घाट से पांच किलोमीटर दूर चली गई है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार द्वारा गठित चितले कमेटी ने साफ कहा था कि नदी में बढ़ती गाद का एकमात्र निराकरण यही है कि नदी के पानी को फैलने का पर्याप्त स्थान मिले, तटबंध और नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण न हो और अत्यधिक गाद वाली नदियों के संगम क्षेत्र से नियमित गाद निकालने का काम हो। पर ये सिफारिशें ठंडे बस्ते में बंद हो गईं।

यह दुर्भाग्य है कि विकास के नाम पर नदियों के कछार को सर्वाधिक हड़पा गया। भूमि के लालच में कछार और उसकी गाद लुप्त हो गई। गाद हर नदी का स्वाभाविक उत्पाद है, पर उसका भली-भांति प्रबंधन अनिवार्य है। गाद जैसे ही नदी के बीच जमती है, तो नदी का प्रवाह बदल जाता है। यदि गाद किनारे से बाहर नहीं फैली, तो नदी के मैदान का उपजाऊपन और ऊंचाई, दोनों घटने लग जाते हैं, जिससे बाढ़ का दुष्प्रभाव अधिक होता है।

सुप्रीम कोर्ट ने जताया संदेह, कहा- पंजाब के लोगों का ड्रग्स का लती होना गंभीर खतरा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब नशीले पदार्थों के खतरे की चपेट में है। कई ऐसे ड्रग माफिया की जड़ें राज्य में हैं जो सीमा पार से नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की संगठित तस्करी में लिप्त हैं। पीठ ने कहा, कुछ स्थानीय दवा उद्योग, राज्य पुलिस अधिकारी और कुछ धनी लोगों पर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का संदेह है।पीठ ने कहा, एनडीपीएस अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के मामले में अग्रिम जमानत देने के मापदंड में उदारता नहीं बरतनी चाहिए। पिछले दिनों दिए इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने पंजाब में ड्रग्स की लत पर बेहद अफसोस जताते हुए कहा है कि एक समय में पंजाब जीवंत हुआ करता था, लेकिन आज उस राज्य में लोग ड्रग्स के लती हो गए हैं, जो गंभीर खतरे की बात है। पीठ ने एनडीपीएस मामले के आरोपी परविंदर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा करते हुए ये टिप्पणियां कीं।

एनडीपीएस जैसे कानूनों में अग्रिम जमानत में उदारता ठीक नहीं
पीठ ने कहा, एनडीपीएस अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के मामले में अग्रिम जमानत देने के मापदंड में उदारता नहीं बरतनी चाहिए। पिछले दिनों दिए इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया। हालांकि, अदालत ने आरोपी को पूर्व में मिले अंतरिम संरक्षण को तीन सप्ताह तक जारी रहने का आदेश दिया था, जिससे कि वह विशेष अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सके। पीठ ने नोट किया कि आरोपी परविंदर के खिलाफ एनडीपीएस का एक और मामला दर्ज है।

जमानत देते वक्त अत्यधिक सतर्कता बरतें अदालतें
पीठ ने कहा, अदालतों को जमानत देते समय अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए, विशेष रूप से बार-बार अपराध करने वाले के मामले में। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता पर लगे आरोपों से प्रतीत होता है कि वह ड्रग तस्कर है और इसकी पूरी आशंका है कि एक बार जमानत मिलने पर वह उसी अवैध व्यापार में लौट आए। ऐसी स्थिति में वह अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है।

हाईकोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद गया सुप्रीम कोर्ट
अक्तूबर, 2022 में परविंदर समेत तीन लोगों के कब्जे से 20 ग्राम हेरोइन मिली थी। परविंदर मौके से फरार हो गया था, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में परविंदर ने विशेष अदालत के समक्ष अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जो खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां उसे अंतरिम संरक्षण प्रदान कर दिया गाया था।

मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को जानकारी दी गई अंतरिम राहत की अवधि के दौरान उसके खिलाफ एनडीपीएस का एक अन्य मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

यूपी में 35 सीटें लेने के लिए अड़ी कांग्रेस, अखिलेश दे चुके हैं आठ से दस सीटें देने का संकेत

इंडिया गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 35 से ज्यादा सीटों पर दावा कर रही है। पहले दौर की बातचीत में सीटों पर फैसला नहीं हो सका है। अब 12 जनवरी को दोबारा बैठक होगी। इसमें सीटों के मुद्दे पर फिर से चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों को तीन श्रेणी में बांट कर ब्यौरा तैयार किया है। पहली प्राथमिकता श्रेणी में 35 सीटें रखी हैं। जबकि दूसरी प्राथमिकता वाली 25 और तीसरी प्राथमिकता की 20 सीटें हैं। इन सभी सीटों पर संभावित उम्मीदवारों, वोटबैंक की स्थिति, सियासी समीकरण आदि का ब्यौरा लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। उत्तर प्रदेश के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अविनाथ पांडेय सहित उत्तर प्रदेश के अन्य राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में शीर्ष नेतृत्व के साथ भी सीटों पर मंथन हो चुका है। मंगलवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो रामगोपाल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दे पर चर्चा की गई। 

सूत्रों का कहना है कि इस दौरान सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस ने पहली प्राथमिकता वाली सभी 35 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की मंशा जाहिर की है। 

सूत्रों का कहना है कि इस दौरान सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस ने पहली प्राथमिकता वाली सभी 35 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की मंशा जाहिर की है। कांग्रेस की ख्वाहिश है कि उसे पहली प्राथमिकता की सभी सीटें नहीं दी जाती है तो दूसरी प्राथमिकता वाली कुछ सीटें देकर भरपाई की जाए। अब अगली बैठक 12 जनवरी को है। उम्मीद है कि इसमें सीटों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा होगी। इस बैठक में सहयोगी दलों की सीटें पर भी चर्चा होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि हर मुद्दे पर बातचीत हो रही है। 12 की बैठक के बाद सीटें तय होंगी। हालांकि वह सीटों की संख्या पर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

पहली प्राथमिकता वाली सीटें
रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, अलीगढ़, फतेहपुर सीकरी, खीरी, उन्नाव, फर्रुखाबाद, कानपुर, झांसी, फूलपुर, कैसरगंज, महराजगंज, घोसी, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, लालगंज, संत कबीर नगर, बाराबंकी, बांदा, मिश्रिख, बरेली, प्रतापगढ़, जालौन आदि शामिल हैं।

पिछले तीन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन
2009- कांग्रेस 69 सीटों पर चुनाव लड़ी और 21 जीती। इस चुनाव में सपा 75 पर लड़कर 23 और बसपा 69 पर लड़ी और 20 सीटें जीतीं।
2014- कांग्रेस 67 पर लड़कर सिर्फ दो सीट जीती। सपा 75 में पांच और बसपा 80 पर लड़ी और एक भी सीट नहीं जीत पाई।
2019- सपा- बसपा का गठबंधन था। कांग्रेस 67 पर लड़ी और सिर्फ रायबरेली जीत पाई। सपा 37 पर लड़ी और पांच जीती, जबकि बसपा 38 पर लड़ी और 10 जीती। रामपुर और आजमगढ़ हारने के बाद सपा के सिर्फ तीन सांसद हैं।

‘रामायण एशिया एंड बियॉन्ड’ कार्यक्रम में शामिल हुए तरणजीत सिंह संधू, थाईलैंड के राजदूत ने कही यह बात

22 जनवरी को राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने वाला है। इसे लेकर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के हिंदुओं में उत्साह है। इस बीच बुधवार को अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू वाशिंगटन डीसी स्थित यूएस कैपिटल हिल में आयोेजित रामायण एशिया एंड बियॉन्ड कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में थाईलैंड के राजदूत तनी संग्रत भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक उत्कृष्ट अवसर है कि मैं यहां आया और रामायण की संस्कृति को साझा कर सका। 

थाईलैंड के राजदूत भी हुए शामिल
कार्यक्रम में थाईलैंड के राजदूत तनी संग्रत भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक उत्कृष्ट अवसर है कि मैं यहां आया और रामायण की संस्कृति को साझा कर सका। कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी थानेदार ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम है। हर भारतीय को इस पर गर्व करना चाहिए। मैंने मंदिर की तस्वीरें देखी हैं। मंदिर शानदार है।

राम मंदिर की खुशी में अमेरिका में कार-बाइक रैली
पिछले महीने ही अमेरिका के वॉशिंगटन में आगामी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का जश्न मनाया गया था। इस दौरान, वॉशिंगटन के हिंदू रहवासियों ने अयोध्या-वे स्ट्रीट में स्थित श्री अंजनेय मंदिर में एक कार और बाइक रैली का आयोजन किया। रैली के दौरान कारों और बाइकों से भगवा ध्वज फहराए गए। 

अमेरिका में भी पांच दीपक जलाने की योजना
बता दें, अमेरिका में रहने वाले हिंदू नागरिक राम मंदिर के उद्घाटन का जश्न मनाने के लिए घरों में पांच दीये जलाने की योजना बना रहे हैं। अमेरिका में मंदिर की खुशी में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अलग-अलग शहरों में कार रैलियां निकाली जाएंगी। राममंदिर के उद्घाटन की लाइव स्क्रीनिंग की जाएगी। सामुदायिक सभाएं और वॉच पार्टियां भी आयोजित होंगी।

समारोह का सीधा प्रसारण होगा
विश्व हिंदू परिषद ऑफ अमेरिका (वीएचपीए) अधिकारी अमिताभ मित्तल ने कहना है कि अयोध्या में दशकों बाद राम मंदिर का उद्घाटन हो रहा है। इसलिए हम अमेरिका में भी इस ऐतिहासिक दिन का जश्न मनाएंगे। समारोह में एक हजार से अधिक मंदिरों और व्यक्तियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। लोगों की सुविधा के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। भारतीय तो अद्भुत दिन का लाभ ले सकते हैं, चूंकि वे करीब हैं। लेकिन हम बहुत दूर हैं, इसलिए ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने के लिए हम अमेरिका में भी कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। समारोह का सीधा प्रसारण किया जाएगा। हमने अमेरिका में रहने वाले हिंदूओं से आह्वान किया है कि वे प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जश्न मनाने के लिए घर में कम से कम पांच दीये जलाएं। अमेरिका के लोगों में तो राम मंदिर के लिए काफी उत्साह है। हिंदू समुदाय बड़ी संख्या में अयोध्या जाना चाहता है।

 मानव तस्करी 24 फीसदी बढ़ी, तेलंगाना-महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा हर दिन औसतन छह मामले हो रहे दर्ज

मानव तस्करी भारत में भी एक बड़ी समस्या है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, देश में हर दिन औसतन छह मामले दर्ज हो रहे हैं। सबसे ज्यादा तस्करी जबरन मजदूरी और यौन शोषण/वेश्यावृत्ति के लिए की जा रही। आंकड़ों के मुताबिक, तीन सालों  (2020 से 2022) में इस कुकृत्य में 24 फीसदी का इजाफा हुआ है।2020 में जहां 1,714 मामले दर्ज हुए थे, तो  2022 में ये बढ़कर 2,250 हो गए। चिंता वाली बात यह है कि16 फीसदी मामलों में पुलिस आरोपपत्र ही दाखिल नहीं कर पाती। करीब 80 फीसदी मामलों में आरोपी कोर्ट से बरी हो जाते हैं। 

2020 में जहां 1,714 मामले दर्ज हुए थे, तो  2022 में ये बढ़कर 2,250 हो गए। चिंता वाली बात यह है कि16 फीसदी मामलों में पुलिस आरोपपत्र ही दाखिल नहीं कर पाती। करीब 80 फीसदी मामलों में आरोपी कोर्ट से बरी हो जाते हैं। तेलंगाना और महाराष्ट्र में तस्करी की सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं। इसके चलते भारत दुनिया में टीयर-2 श्रेणी में आता है। टीयर-2 श्रेणी उन देशों के लिए है, जहां सरकारें मानव तस्करी को रोकने के लिए न्यूनतम मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं कर पाती हैं।

ये कृत्य इस श्रेणी में
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, किसी व्यक्ति को डराकर, बलपूर्वक तरीके से काम लेना, यहां-वहां ले जाना या बंधक बनाकर रखने जैसे कृत्य मानव तस्करी की श्रेणी में आते हैं। मानव तस्करी के प्रति लोगों को जागरूक और पीड़ितों की मदद करने के लिए राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस मनाया जाता है।

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मानव तस्कर 40.5 फीसदी पुरुषों और 59.5 फीसदी महिलाओं को निशाना बनाते हैं। पिछले तीन साल में तस्करी के शिकार हुए 16,585 पीड़ितों में से 10,453 महिलाएं, रहीं। 2021 में तो 62 फीसदी महिलाएं और 38 फीसदी पुरुष मानव तस्कर के शिकार हुए।

इस तरह बढ़े मामले
मानव तस्करी के सबसे ज्यादा मामले तेलंगाना और महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में जहां तेलंगाना और महाराष्ट्र दोनों में इसके 184-184 मामले दर्ज किए गए, वहीं 2021 में तेलंगाना में इसके 347 और महाराष्ट्र में 320 मामले सामने आए। वर्ष 2022 में तेलंगाना में जहां इसके मामले बढ़े, वहीं महाराष्ट्र में कुछ गिरावट आई। इस वर्ष तेलंगाना में 391 और महाराष्ट्र में 295 मामले मानव तस्करी के दर्ज किए गए।

चांदी के राम दरबार और श्रीराम मंदिर मॉडल की मांग बढ़ी

अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर लोगों में उत्साह, कर रहे हैं खरीदारी

अयोध्या में 22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। गोरक्षनगरी में भी इसके लिए लोगों में खूब उत्साह है। लोग अपने-अपने तरीके से इस उत्सव को मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। सराफा बाजार में भी इसका असर दिखने लगा है। श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए सराफा बाजार चांदी से बने श्रीराम मंदिर और राम दरबार के मॉडल लेकर आया है। लोगों की मांग के अनुसार अलग-अलग वजन के मंदिर और राम दरबार के मॉडल तैयार भी किए जा रहे हैं।
सहालग खत्म होने के बाद अचानक राम मंदिर के सोने-चांदी के मॉडलों की बिक्री बढ़ गई है। बड़ी संख्या में लोग घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में इन्हें स्थापित करने के लिए खरीद रहे हैं। सराफा कारोबारियों का मानना है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी तक शहर में लगभग पांच से सात करोड़ रुपये के राम मंदिर के मॉडलों और राम दरबार की बिक्री हो सकती है।
सराफा बाजार में इन दिनों राम मंदिर के मॉडल खरीदने की धूम है। तमाम ग्राहक अपनी पसंद के आकार, वजन और नक्काशी वाले राम मंदिर के मॉडल का आर्डर दे रहे हैं। हिंदी बाजार के श्री श्याम ज्वेर्ल्स के निदेशक मनीष राज बर्नवाल ने बताया कि अभी 800 ग्राम से लेकर डेढ़ किलो तक के श्रीराम मंदिर के मॉडलों की मांग अधिक है।
चांदी पर बेहद महीने नक्काशी के साथ उकेर कर इसे तैयार किया जा रहा है। 22 तारीख के दिन फिलहाल पांच लोगों की बुकिंग पहले से ही है। नंदा नगर की नयनतारा सिंह ने बताया कि रविवार को श्रीराम मंदिर मॉडल की बुकिंग का आर्डर दे आई हूं। 22 जनवरी के दिन इसे खरीदकर घर में स्थापित करने की तैयारी है।
0-श्रीराम लॉकेट, कड़े और ध्वजा की भी बढ़ी मांग
सराफा व्यापारी अनूप अग्निहोत्री ने बताया कि श्रीराम ध्वजा, श्रीराम अंगवस्त्र सहित श्रीराम के चित्र वाली माला, लॉकेट की भी काफी ज्यादा संख्या में मांग है। चाभी के छल्ले, सोने-चांदी के राम दरबार के चित्र और कड़े आदि की भी काफी मांग हो रही है।

लोकगायिका शारदा सिन्हा बोलीं : मिथिला ने जमाई की तरह जिया है राम को…उनसे वहीं की नारी कुटवा सकती है धान

हमारे अलावा किसकी हिमाकत है जो रामजी से धान कुटवा दे। यह सौभाग्य तो केवल मिथिला की नारी को ही मिला है। मैं भी मिथिला की नारी हूं और भगवान राम को हमने जमाई की तरह जिया है। यहां की हर बेटी सियाजी हैं। रामजी तो मिथिला के पाहुन (दामाद) हैं तो अवध में वह दशरथ नंदन श्रीराम हैं। यह कहते हुए लोकगायिका शारदा सिन्हा के की आवाज में मिथिलांचल के भाव और उल्लास को आसानी से महसूस किया जा सकता है।

शारदा सिन्हा अमर उजाला से बातचीत के दौरान मिथिला और अवध के राम के सवाल पर मुस्कुराते हुए कहती हैं कि अवध तो रामजी का जन्मस्थान और कर्मस्थान है। मिथिला उनकी ससुराल है। ससुराल में उनके रूप और कोमलता का वर्णन मिलता है। शरीर सौष्ठव का वर्णन मिलता है। मिथिला में बहुत जांच परख कर विवाह किया जाता है। विवाह के दौरान एक रस्म है, जिसे ओठंगर बोलते हैं। रामजी जब विवाह करने के लिए पहुंचे तो मिथिला की नारियां कहती हैं कि होंगे आप नृपकुल के, उससे हम नहीं समझेंगे। हम समझेंगे ओखरी मूसल से कि आप धान कूट पाएंगे कि नहीं। आप होंगे अपने अवध के राजा, आपको यहां कूटना पड़ेगा धान। यह साहस केवल मिथिला की नारी ही कर सकती है, जहां उनका ससुराल है। वरना किसकी हिमाकत है जो रामजी से धान कुटवा दे। 

वह गुनगुनाती हैं आजु धनवा कुटाउ चारू बरवा से, आजु धनवा कुटाउ, बरवा से चारो बरवा से, बनि ठनि बर एला अवधवा से, जे रघुकुल के वीर कहावथि, बाधु सखि कांचि डोरवा से, ई बहिया के नृप कुल बालक, बुझब ओखली मुसरवा से…आजु धनवा कुटाउ चारू बरवा से…।

रामजी के हठ और प्रण को समझे युवा शक्ति
त्रेतायुग के राम और कलियुग के राम के सवाल पर शारदा सिन्हा कहती हैं कि राम कभी नहीं बदले। राम वही थे, वही हैं और रहेंगे। राम के चरित्र को युवा शक्ति चरितार्थ करने लगे तो देश में सच्चा बदलाव आएगा। हम जिस विकास की बात कर रहे हैं, वह युवा शक्ति के जरिये ही आएगा। युवा शक्ति को बहुत जरूरत है कि वह रामजी के हठ और प्रण को समझे। सियाजी के ममत्व को समझें। तभी हम सच में जगदगुरु हो सकेंगे।

रामभद्राचार्य जी कहते हैं समधन कैसी हैं आप
शारदा सिन्हा पिछले साल का वाकया याद करते हुए कहती हैं कि बक्सर में कार्यक्रम के दौरान रामभद्राचार्य जी से मुलाकात हुई। उन्होंने आशीर्वाद दिया और कहा कि एक तो सुनूंगा ही। मैंने भी कहा, मैं मिथिला की नारी हूं, आप अवध के हैं तो मैं तो सुनाऊंगी ही। मैंने गाली गाई रामजी से पूछे जनकपुर के नारी बता दे, बबुआ लोगवा देत काहें गारी…। 

पीएम की अपील पर शबरी जोहेली बटिया किया रिकॉर्ड
पीएम मोदी की अपील पर शारदा सिन्हा ने भी अपनी आवाज में गीत रिकॉर्ड किया है। वह भोजपुरी में गुनगुनाती हैं, अपना रामजी के शबरी जोहेली बटिया, हे जोहेली बटिया, अपना रामजी के शबरी जोहेली बटिया, लामी लामी केसिया शबरी झाड़ी के बहारे हो रामा, एहि बाट अइहें रघुनंदन रसिया। कहती हैं, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने का निमंत्रण तो मिला है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ पाने का दुख मन में है। बहुत मन था कि जब पूजा हो रही हो तब मैं गाती।

गिरमिटिया भी साथ ले गए रामायण : शारदा सिन्हा कहती हैं कि लोक और लोकगीतों में राम बसे हुए हैं। भोजपुरी पट्टी में तो राम व रामायण को लोगों ने जिया है। रामचरित्र को आत्मसात किया है। यहां तक कि देश के बाहर जो गिरमिटिया गए, वे भी अपने साथ रामायण ले गए। वह गुनगुनाती हैं…तोरे भाल के चंदनवा राम हिया बस गेल…। इतने सलोने हैं राम।

पारदर्शी हुई टीवी, चलते-फिरते हवा से पानी बनाएगा वाटर क्यूब

दुनिया में साल का सबसे बड़ा टेक इवेंट कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (सीईएस) 2024 मंगलवार को अमेरिकी शहर लास वेगास शुरू हुआ। 12 जनवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दुनियाभर की 4,000 से ज्यादा कंपनियां नए तकनीकी उत्पाद और प्रोटोटाइप पेश कर रही हैं।

 सीईएस के पहले दो दिन टीवी और ईवी के नाम रहे। दुनियाभर की कंपनियों ने टीवी स्क्रीन और इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े उत्पादों और नवोन्मेषी मॉडलों को पेश किया। इनके अलावा भी कई दिलचस्प उत्पाद पेश किए। जानिए ऐसे ही 6 उत्पादों के बारे में।अमेरिकी कंपनी जेनेसिस सिस्टम ने मंगलवार को पहले दिन सीईएस में वाटर क्यूब पेश किया। एक बड़े माइक्रोवेब ओवन जैसा दिखने वाला यह उपकरण हवा से पानी बनाता है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया में दूर-दराज के इलाकों में पानी के संकट से निपटने के लिहाज से अहम साबित होगा।

माइक्रोवेब ओवन जैसा वाटर क्यूब
अमेरिकी कंपनी जेनेसिस सिस्टम ने मंगलवार को पहले दिन सीईएस में वाटर क्यूब पेश किया। एक बड़े माइक्रोवेब ओवन जैसा दिखने वाला यह उपकरण हवा से पानी बनाता है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया में दूर-दराज के इलाकों में पानी के संकट से निपटने के लिहाज से अहम साबित होगा। एक छोटे आकार के वाटर क्यूब से 24 घंटे में 450 लीटर पानी बनाया जा सकता है। हालांकि, यह 40% से ज्यादा आर्द्रता व 15 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान में ही कारगर है।

होंडा ने पेश किए दो इलेक्ट्रिक कार कॉन्सेप्ट
जापानी कार निर्माता कंपनी होंडा ने सीईएस 2024 में होंडा 0 सीरीज के तहत इलेक्ट्रिक कार के दो कॉन्सेप्ट पेश किए हैं। कंपनी ने इन्हें सैलून और स्पेस हब नाम दिया है। होंडा 0 सीरीज की पहली इलेक्ट्रिक कार 2026 में लॉन्च करेगी। इसके साथ ही होंडा का दावा है कि 2040 तक सभी नई कारें इलेक्ट्रिक होंगी। हालांकि, होंडा ने कार के स्पेसिफिकेशन जारी नहीं किए हैं। लेकिन, होंडा ने अपना दृष्टिकोण पेश करते हुए कहा कि ये कारें पतली, हल्की और बुद्धिमान होंगी।

कूलीफाई से चलते-फिरते मिलेगी ठंडी हवा
मोबाइल के कवर बनाने के लिए मशहूर कंपनी टोरस ने कूलीफाई नाम का पर्सनल नेक फैन पेश किया है। संगीत और घूमने फिरने के शौकीन लोगों के लिए यह बहुत काम आ सकता है। नेकफोन की तरह गर्दन पर लगे कूलीफाई से गानों के साथ ही ठंडी हवा भी मिलती है। टोरस के मुताबिक इसमें कई छोटे-छोटे ब्लोअर तेजी से हवा निकलते हैं।

अब हाइड्रोजन ईकोसिस्टम
कोरियाई ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई ने बुधवार को लास वेगास में हाइड्रोजन ईकोसिस्टम बनाने की योजना पेश करते हुए बताया कि आने वाले दिनों में हुंडई हाइड्रोजन दहन इंजन और फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी की मदद से हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को आम बनाएगी। इसके साथ ही हुंडई ने एक सिटी पॉड सिस्टम भी पेश किया, जो शहरी क्षेत्रों में आखिरी छोर तक लोगों की आवाजाही को सुगम बनाएगा। हुंडई का कहना है कि यह सिर्फ वाहन बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हाइड्रोजन के उत्पादन से लेकर वितरण तक के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

एलजी-सैमसंग ने टीवी देखने को बनाया रोमांचकारी
साउथ कोरियन कंपनी एलजी और सैमसंग ने सीईएस में पारदर्शी स्मार्ट टीवी पेश किए हैं। एलजी का दावा है कि ये टीवी इस साल के आखिर तक पूरी दुनिया के ग्राहकों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। यह जीरो कनेक्ट बॉक्स के साथ आता, जिसमें वायरलेस तकनीक से डिस्प्ले पैनल पर वीडियो और ऑडियो ट्रांसमिट होता है। वहीं, सैमसंग ने अपने टीवी को माइक्रो एलईडी पावर्ड ट्रांसपेरेंट टीवी नाम दिया है। हालांकि, यह व्यावसायिक तौर पर ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं है।

एक्स पेंग ने पेश की उड़ने वाली कार
चीनी कार कंपनी एक्सपेंग ने एयरोएचटी नाम से फ्लाइंग कार पेश की है। 2025 से इस कार का व्यावसायिक उत्पादन शुरू होगा। इसके लिए कंपनी इस साल की तीसरी तिमाही से ऑर्डर बुक करेगी। दावा है कि यह कार इलेक्ट्रिक होगी। इसके अलावा पायलटेड एयरक्राफ्ट वर्टिकल टेकऑफ-लैंडिंग और कम ऊंचाई वाली जगहों पर उड़ान में सक्षम होगी।

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे लालकृष्ण आडवाणी

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसकी पुष्टि कर दी है। हालांकि आलोक कुमार ने यह भी बताया कि ज्यादा उम्र होने की वजह से आडवाणी मंदिर से जुड़े सभी कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाएंगे लेकिन 22 जनवरी को वह उपस्थित रहेंगे।

दिल्ली में जलती अंगीठी से निकली जहरीली गैस ने ली दंपति की जान

दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में जलती हुई अंगीठी से कथित रूप से निकली जहरीली गैस से दम घुटने से एक दंपति की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी।उसने बताया कि मानव और नेहा का दो माह का बच्चा इस घटना में बाल-बाल बच गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने बताया कि दंपति के पड़ोसी ने सुबह साढ़े नौ बजे इस घटना के बारे में द्वारका सेक्टर 23 थाने को सूचना दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार फोन करने वाले ने पुलिस को बताया कि उन लोगों को एक बच्चे के रोने-चिल्लाने की आवाज सुनायी दी जिसके बाद उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। अधिकारी के मुताबिक तब पड़ोसी खिड़की तोड़कर मकान के अंदर दाखिल हुए और उन्होंने दोनों पति-पत्नी को बेहोश पाया। वे उन्हें इंदिरा गांधी अस्पताल ले गये जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मानव और नेहा मजदूरी करते थे। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच से यह सामने आया कि बंद कमरे में रखी कोयले की अंगीठी से निकलने वाली जहरीली गैस से दम घुटने से दोनों की जान चली गयी।

शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले पर क्या बोले कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ?

शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में फैसला सुनाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, “स्पीकर को इस मामले पर कुछ सप्ताह पहले ही निर्णय ले लेना चाहिए था, लेकिन राजनीतिक विचार-विमर्श के कारण निर्णय में देरी हुई… भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस अवसर का उपयोग महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए करेगा… यह भाजपा के लिए यह तय करने का समय है कि उनके लोकसभा अभियान का नेतृत्व कौन करेगा… कानूनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 16 विधायकों द्वारा संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन किया गया है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए…”

दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले पर सुनवाई के लिए AAP सांसद संजय सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट लाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन और प्रदर्शनी केंद्र में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 में भाग लिया।

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