उत्तरकाशी की सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए ऑपरेशन जारी है,दिवाली के दिन उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में फंसे 41 श्रमिकों को अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। रेस्क्यू का आज 11वां दिन है। आज ऑगर मशीन से कुल 45 मीटर की ड्रिलिंग पूरी कर ली गई है। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में फिर एक बार सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ सामने आई है। आंतकवादियों से मुठभेड़ में दो जवान शहीद हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें एक अधिकारी शामिल हैं।
देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं
23 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। इस दिन चतुर्मास का समापन होता है और भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। इसके बाद देवउठनी एकादशी से सभी तरह के शुभ और मांगलिक शुरू हो जाते हैं।23 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। इस दिन चातुर्मास का समापन होता है और भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। इसके बाद देवउठनी एकादशी से सभी तरह के शुभ और मांगलिक शुरू हो जाते हैं। देवउठनी एकादशी पर सुबह से ही घर की साफ-सफाई की जाती है, फिर स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए व्रत का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप से मां तुलसी का विवाह किया जाता है।
सात महीने में 27.7 फीसदी बढ़ा इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात, पांचवे स्थान पर देश
विदेश व्यापार महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने कहा, सैमसंग और एपल जैसी कंपनियों के मोबाइल फोन के बढ़ते निर्यात से इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद क्षेत्र को बढ़ावा मिल रहा है।
देश से इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहले सात महीनों यानी अप्रैल-अक्तूबर अवधि के दौरान 27.7 फीसदी बढ़कर 15.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विदेश व्यापार महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने कहा, सैमसंग और एपल जैसी कंपनियों के मोबाइल फोन के बढ़ते निर्यात से इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद क्षेत्र को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा, भारत से निर्यात के मामले में कुछ साल पहले यह क्षेत्र 11वें या 12वें स्थान पर था। यह क्षेत्र अब वस्तु निर्यात में पांचवें स्थान पर आ गया है। सारंगी ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) निर्यात पर एक कार्यक्रम में कहा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मूल्य वर्धित कृषि उत्पाद, सौर पैनल और मॉड्यूल जैसे नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादों के साथ ई-वाहन जैसे क्षेत्र देश के वस्तु-सेवा निर्यात को 2030 तक दो हजार अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद करेंगे। 2022-23 में देश का वस्तु एवं सेवा निर्यात 776 अरब डॉलर रहा था।
नीट-यूजी की पात्रता शर्तों में बदलाव, अब नए नियमों के आधार पर होगी परीक्षा, जानें डिटेल्स
एमबीबीएस में दाखिले में एमसीआई ने पहले जो नियम बनाए थे, उसमें भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान या बायोटेक्नोलॉजी में कक्षा 11वीं व 12वीं में लगातार दो साल तक नियमित अध्ययन और अंग्रेजी विषय अनिवार्य था। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान या बायोटेक्नोलॉजी विषयों के साथ अतिरिक्त विषय के रूप में भी अंग्रेजी ली हो और मान्यताप्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की हो, वे अब स्नातक स्तरीय राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) में शामिल होने के पात्र होंगे।
हाईकोर्ट ने खारिज किए थे पुराने नियम
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मुताबिक, निर्णय उन छात्रों पर भी लागू होगा, जिनका आवेदन पहले खारिज हो चुका है। नए नियमों के तहत अब छात्र विदेशी संस्थानों में दाखिले के लिए पात्रता प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं। जबकि, देश के संस्थानों के लिए पात्र उम्मीदवार नीट-यूजी 2024 में शामिल हो पाएंगे।
एमबीबीएस में दाखिले में एमसीआई ने पहले जो नियम बनाए थे, उसमें भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान या बायोटेक्नोलॉजी में कक्षा 11वीं व 12वीं में लगातार दो साल तक नियमित अध्ययन और अंग्रेजी विषय अनिवार्य था। ओपन स्कूल या प्राइवेट छात्र पात्र नहीं थे।
जीव विज्ञान या बायोटेक्नोलॉजी या पात्रता के लिए जरूरी विषय की पढ़ाई 12वीं पास करने के बाद अतिरिक्त विषय के रूप में नहीं की जा सकती थी। इन नियमों को दिल्ली हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था। लिहाजा आयोग को नए नियम बनाने पड़े।

उत्तरकाशी टनल हादसे में फंसे मजदूरों को निकालने में लगातार देरी हो रही है। 12 दिनों से फंसे श्रमिकों तक पहुंचने में जुटी रेस्क्यू टीम को उम्मीद थी कि बुधवार देर रात तक ऑपरेशन पूरा हो जाएगा, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। आखिरी समय में ऑगर मशीन के आगे सरिया आने के कारण ड्रिलिंग में रुकावट आई है।
अब केवल छह मीटर की ड्रिलिंग बची
जानकारी मिली है कि अब मात्र छह मीटरकी ड्रिलिंग बची है जिसके कुछ ही घंटो में पूरा होने की उम्मीद है। आठ बजे चिनूक हेलीकॉप्टर चिन्यालीसौड हवाई अड्डे पर लैन्ड करेगा। मजदूरों को एयरलिफ्ट करने की जरूरत पड़ने पर मदद करने के लिए तैयार रहेगा।
मलबे में फंसे स्टील के टुकड़ों को काटकर हटाया
रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के सदस्यों में से एक गिरीश सिंह रावत ने बताया कि ‘रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग आखिरी चरण में है। उम्मीद है 1-2 घंटे में नतीजे आ जाएंगे। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए पाइपलाइन डाली जा रही है। मलबे में फंसे स्टील के टुकड़ों को काटकर हटा दिया गया है। इससे मजदूरों के जल्द बाहर आने की उम्मीद बंधी है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने की प्रक्रिया में बाधा आई है। ऑगर मशीन से तेजी से ड्रिलिंग के कारण बुधवार देर रात तक खुशखबरी आने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। ऑगर मशीन के आगे सरिया आने के कारण रेस्क्यू पाइप बिछाने के कार्य में बाधा आई है। इस कारण ड्रिलिंग को रोकना पड़ा है। अमेरिकी ऑगर मशीन के आगे सरिया आने के कारण बुधवार रात करीब 12 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया। आखिरी पाइप को डालने में सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद एनडीआरएफ और ड्रिलिंग टीम के सदस्य इस सरिया को काटने में जुटे हैं। इस कारण रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने में देरी होने का अनुमान जताया जा रहा है। माना जा रहा है कि गुरुवार सुबह 8 बजे तक टनल में फंसे मजदूरों तक अब रेस्क्यू टीम पहुंच सकेगी।
निराश नहीं हैं सुरंग में फंसे मजदूर, कही उत्साहजनक बात
कल दिन भर ड्रिलिंग के दौरान सुरंग के भीतर रहने वाले प्रोजेक्ट हेड हरपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने मजदूरों से कई बार बात की है। मजदूरों से बिल्कुल सामान्य बात की जा सकती है। सभी मजदूरों ने एकजुट होकर कहा है कि इस टनल को वही बनाएंगे। इस घटनाक्रम के बावजूद मजदूर हतोत्साहित नहीं हुए हैं।
करीब 48 मीटर तक हुई ड्रिलिंग
अभी ड्रिलिंग का काम जारी है। अब आठवां पाइप सुरंग में पूरा अंदर जाने के बाद 48 मीटर से ऊपर ड्रिल हो जाएगी। जिसके बाद करीब 10 से12 मीटर तक ड्रिल ही बेचगी। इसके बाद जल्द ही पूरा पाइप सुरंग में आर-पार हो सकेगा।
लोहे का पार्ट सामने आया, ड्रिलिंग रुकी
आखिरी चरण की ड्रिलिंग में लोहे का कोई पार्ट सामने आया है, जिससे ऑगर मशीन रुक गई है। अब गैस कटर से ऑब्जेक्ट को काटने के बाद दोबारा ड्रिल शुरू हो पाएगी। फिलहाल अभियान पूरा होने में थोड़ा समय और लगेगा। आठवां पाइप देर रात किसी भी समय मजदूरों तक पहुंच सकता है।
आज बड़ी सफलता का अनुमान
रेस्क्यू टीम उम्मीद कर रही है कि गुरुवार को उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है। टनल में टेक्निकल एक्सपर्ट के तौर पर काम देख रहे हरपाल सिंह ने दावा किया कि सुबह 8 बजे तक रेस्क्यू टीम ह्यूम पाइप डालने में सफलता हासिल कर लेगी। सरिया के बीच में आने के कारण दिक्कत हुई है। करीब 10 मीटर पाइप और डाला जाना है। ड्रिलिंग का कार्य पूरा होने के बाद एनडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम हेलमेट, ऑक्सीजन सिलेंडर गैस कटर के साथ पाइप से होकर मजदूरों तक पहुंचेगी। अंदर फंसे लोगों को अंदर और बाहर के हालातों के बारे में बताया जाएगा।
तुरंत नहीं निकाले जाएंगे श्रमिक
ड्रिलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तुरंत श्रमिकों को बाहर नहीं निकाला जाएगा। इसका कारण बताया जा रहा है कि मजदूरों को तुरंत बाहर लाने से उनके स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। टनल में मजदूर 12 दिनों से फंसे हैं। भीतर का तापमान अलग है। बाहर के तापमान से यह भिन्न है। ऐसे में उनके शरीर को बाहर के तापमान के अनुकूल बनाए जाने के बाद उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।
टेंपररी ट्रॉली भी तैयार
मजदूरों को कमजोरी होने की स्थिति में उन्हें निकालने के लिए टेंपररी ट्रॉली भी तैयार की गई है। एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम स्केट्स लगी ट्रॉली रखे हुए है। श्रमिकों को दिक्कत होने पर इन स्केट्स लगी ट्रॉली पर रखकर बाहर खींचा जाएगा। इसके बाद सभी 41 श्रमिकों को एंबुलेंस से चिल्यानीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा। वहां पर 41 बेड का हॉस्पिटल रेडी किया गया है। हॉस्पिटल तक पहुंचने में एक घंटे का समय लगेगा। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। जरूरत पड़ने पर मजदूरों को ऋषिकेश एम्स भी एयरलिफ्ट कर ले जाए जाने की व्यवस्था की गई है।
- उत्तरकाशी, उत्तराखंड: नेशनल वैक्सीन वैन घटनास्थल पहुंची। 12 नवंबर को उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से 41 मजदूर सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
- तेलंगाना: AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी द्वारा अपनी सार्वजनिक रैली के दौरान एक पुलिस अधिकारी को धमकी देने पर हैदराबाद के कमिश्नर संदीप शांडिल्य ने कहा, “अगर यह हमारी गलती है तो हम सबसे पहले माफी मांगेंगे…मामले की जांच जारी है…”तमिलनाडु: करूर जिले के वेलायुथमपालयम के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पर्यटक वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दो बच्चों समेत 23 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
इंडोनेशिया में आसियान-भारत मिलेट्स फेस्टिवल का आगाज, बाजरा के बारे में किया जा रहा जागरूक
आसियान में भारत के राजदूत जयंत खोबरागड़े ने कहा, ‘प्रधान मंत्री (नरेंद्र मोदी) ने 7 सितंबर को आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लिया। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान, अपनाए गए संयुक्त बयानों में से एक खाद्य सुरक्षा के बारे में था’। आसियान में भारतीय मिशन ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर बुधवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में पांच दिवसीय मिलेट्स फेस्टिवल शुरू किया। इस कदम का उद्देश्य 10 सदस्यीय समूह के बीच बाजरा और बाजरा-आधारित उत्पादों के लिए जागरूकता बढ़ाना और बाजार तैयार करना है।
आसियान में भारत के राजदूत जयंत खोबरागड़े ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर को आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लिया। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन खाद्य सुरक्षा को लेकर रखा गया था’।
आसियान-भारत संबंधों के समग्र ढांचे में बहुत अच्छा
उन्होंने कहा, ‘दो महीनों में हम मिलेट्स फेस्टिवल मना रहे हैं, जिसमें खाद्य सुरक्षा भी शामिल है। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी कितनी प्रभावी ढंग से काम कर रही है।’ बाजरे को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण तत्वों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह आसियान-भारत संबंधों के समग्र ढांचे में बहुत अच्छा है।
खोबरागड़े ने कहा, ‘बहुत रुचि है। इस मिलेट्स फेस्टिवल के लिए, हमारे पास न केवल भारतीय किसानों और उद्योगपतियों का प्रतिनिधित्व है, बल्कि आसियान सदस्य देशों का भी प्रतिनिधित्व है।’
भविष्य के लिए है भोजन विकल्प
राष्ट्रीय खाद्य एजेंसी (बदन पांगन नैशनल (बीपीएन)) इंडोनेशिया के प्रमुख, एरीफ प्रासेत्यो आदि ने जलवायु परिवर्तन की स्थिति में बाजरा को भविष्य के लिए किसान-अनुकूल और टिकाऊ भोजन विकल्प के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि आसियान-भारत बाजरा महोत्सव के पास बाजरा के पोषण संबंधी स्थिति और पर्यावरणीय स्थिरता से लेकर आर्थिक विकास तक के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर है।
लाइव कुकिंग वर्कशॉप बना प्रमुख आकर्षण
दक्षिण जकार्ता के एक प्रमुख शॉपिंग स्थल, कोटा कसाब्लांका मॉल में ‘आसियान-भारत मिलेट्स फेस्टिवल’ का उद्देश्य आसियान सदस्य देशों के बीच बाजरा और बाजरा-आधारित उत्पादों के लिए एक बाजार बनाना है।
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण 23 से 26 नवंबर तक चलने वाली लाइव कुकिंग वर्कशॉप होगी, जहां भारत और इंडोनेशिया के सेलिब्रिटी शेफ बाजरा की पाक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। आसियान के 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया हैं।
31 बच्चों को बांटे सुख आश्रय योजना के पात्रता प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला ऊना में 182 अनाथ बालक-बालिकाओं को चिह्नित किया गया है। चिह्नित 48 अनाथ बच्चों के मामले आर्थिक सहायता के लिए प्रदेश सरकार को भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला ऊना में 182 अनाथ बालक-बालिकाओं को चिह्नित किया गया है। चिह्नित 48 अनाथ बच्चों के मामले आर्थिक सहायता के लिए प्रदेश सरकार को भेजे गए हैं। योजना के तहत स्वीकृत 13 मामलों में लगभग 9.42 लाख रुपये की राशि अनाथ बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दी जा चुकी है। यह बात उपायुक्त राघव शर्मा ने खंड ऊना के 31 अनाथ बच्चों को सुख आश्रय योजना के अंतर्गत पात्रता प्रमाण पत्र वितरित करने के उपरांत कही।
चलने में असमर्थ रविंद्र को मिली ट्राई-साइकिल तो खिल उठा चेहरा
जिला रेडक्रास सोसायटी और अलिम्को के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को रविंद्र कुमार को एसडीएम कार्यालय गगरेट में मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल सौंपा गई तो उसकी आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। उपमंडल गगरेट की ग्राम पंचायत नकड़ोह के रविंद्र कुमार को करीब तीन साल पहले सड़क दुर्घटना में ऐसा जख्म मिला कि वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। उनकी दुनिया चारपाई तक ही सिमट गई। जिला रेडक्रास सोसायटी और अलिम्को के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को रविंद्र कुमार को एसडीएम कार्यालय गगरेट में मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल सौंपा गई तो उसकी आंखों में खुशी साफ झलक रही थी।
50 रुपये का सामान खरीदा और लाखों का चूना लगा गए शातिर
उपमंडल गगरेट के बड़ोह गांव में एक जनरल स्टोर पर ग्राहक बनकर आए दो शातिर रुपयों से भरा बैग उठाकर फरार हो गए। उपमंडल गगरेट के बड़ोह गांव में एक जनरल स्टोर पर ग्राहक बनकर आए दो शातिर रुपयों से भरा बैग उठाकर फरार हो गए। स्टोर के मालिक के अनुसार बैग में करीब डेढ़ लाख रुपये नकदी, 50,000 रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषण और अन्य जरूरी कागजात थे। स्टोर के मालिक ने इस संबंध में पुलिस थाना गगरेट में शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत के आधार पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
स्विगी और जोमैटो को 750 करोड़ का जीएसटी नोटिस, डिलीवरी चार्ज पर टैक्स न भरने का आरोप
कंपनियों की सफाई है कि डिलीवरी चार्ज डिलीवरी पार्टनर्स की लागत है, जो घर-घर खाना देने जाते हैं। कंपनियां ग्राहकों से वह लागत वसूलती हैं और डिलीवरी पार्टनर्स को दे देती हैं। ग्राहकों से डिलीवरी चार्ज के नाम पर कमाई करने और उस पर टैक्स न भरने के मामले में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने स्विगी और जोमैटो को 750 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। इसमें 400 करोड़ का नोटिस जोमैटो और 350 करोड़ का स्विगी को भेजा गया है। यह रकम जुलाई, 2017 से मार्च, 2023 के बीच की है। इनके डिलीवरी चार्ज पर 18 फीसदी का जीएसटी लगाया गया है।
हालांकि, कंपनियों की सफाई है कि डिलीवरी चार्ज डिलीवरी पार्टनर्स की लागत है, जो घर-घर खाना देने जाते हैं। कंपनियां ग्राहकों से वह लागत वसूलती हैं और डिलीवरी पार्टनर्स को दे देती हैं। सूत्रों के मुताबिक, टैक्स अधिकारी इससे सहमत नहीं हैं। 2022 में स्विगी व जोमैटो को सभी ऑर्डर पर पांच फीसदी जीएसटी लेकर जमा करने का आदेश दिया था। इससे पहले केवल उन्हीं रेस्तरां को जीएसटी भरना होता था, जो इस कर दायरे के तहत पंजीकृत थे।
10वीं की छात्रा से दुष्कर्म, कपड़े उतरवाकर बनाता था वीडियो, महीनों से कर रहा था शोषण
सीओ ने बताया कि शिक्षक की तलाश में दबिश दी जा रही है। मेडिकल परीक्षण के बाद महिला पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करेगी। इसके बाद कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।
कार्तिक पूर्णिमा मेला : आज से सात दिन तक हापुड़ की ओर नहीं जा सकेंगे भारी वाहन, रूट डायवर्जन जारी
ऐसे में लोगों की सुविधा के लिए हापुड़ पुलिस से समन्वय बनाकर गाजियाबाद पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है। बृहस्पतिवार से सात दिन तक हापुड़ की ओर भारी वाहन नहीं जा सकेंगे।
सुरंग में फंसे 41 मजदूरों ने आखिर 11 दिन बाद किया ब्रश, बदले कपड़े
मजदूरों के लिए जरूरी खाद्य सामग्री के साथ ही कपड़े और दवाइयां भी भेजी गई। एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद ने बताया कि चार और छह इंच के लाइफ पाइप से लगातार मजदूरों को खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। 12 नवंबर से सुरंग के भीतर फंसे 41 मजदूरों ने बुधवार को ब्रश किया और कपड़े भी बदले। मजदूरों के लिए जरूरी खाद्य सामग्री के साथ ही कपड़े और दवाइयां भी भेजी गई। एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद ने बताया कि चार और छह इंच के लाइफ पाइप से लगातार मजदूरों को खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को उन्हें रोटी, सब्जी, खिचड़ी, दलिया, संतरे और केले भेजे गए।
- उत्तरकाशी सुरंग अपडेट: ऑक्सीजन के साथ 41 बेड तैयार, आज रात ही बाहर निकाले जा सकते हैं मजदूरसिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूर आज रात में हीबाहर निकाले जा सकते हैं। ड्रिलिंग का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रात 7-8 बजे के करीब सुरंग के आसपास हलचल बढ़ी है। 41 बेड वाले अस्थायी अस्पताल में सारी तैयारियां पूरी हैं। ऐंबुलेंस बाहर स्टैंडबाई मोड में है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शाम में उत्तरकाशी आए। वह सिलक्यारा टनल में चल रहे राहत और बचाव कार्य का लगातार जायजा ले रहे हैं।
- उत्तरकाशी सुरंग अपडेट: ऑक्सीजन के साथ 41 बेड तैयार, आज रात ही बाहर निकाले जा सकते हैं मजदूर
- सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूर आज रात में हीबाहर निकाले जा सकते हैं। ड्रिलिंग का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रात 7-8 बजे के करीब सुरंग के आसपास हलचल बढ़ी है। 41 बेड वाले अस्थायी अस्पताल में सारी तैयारियां पूरी हैं। ऐंबुलेंस बाहर स्टैंडबाई मोड में है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शाम में उत्तरकाशी आए। वह सिलक्यारा टनल में चल रहे राहत और बचाव कार्य का लगातार जायजा ले रहे हैं।
- उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू हादसा: सिल्कयारा सुरंग में एम्बुलेंस तैयार हैं, जहां 41 लोग फंसे हुए हैं। उन्हें बचाने के लिए ऑपरेशन जारी है। इससे पहले स्ट्रेचर वहां पहुंच गए हैं। उधर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धानी में एक्स पर पोस्ट किया, ‘सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के निरीक्षण के लिए उत्तरकाशी पहुंच रहा हूं।’